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  • 3 days ago
दिल्ली शराब घोटाले में केजरीवाल-सिसोदिया बरी, हाईकोर्ट में चुनौती देगी CBI

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00:00बीच में और भी लगातर इस केस से जोड़ी भी खबरे सामने आ रही हैं
00:03CBI राउसेपनी कोट के इस फैसले को अब चुनाती देने की तैयारिया कर रहे हैं
00:07दिल्ली हाइ कोट में CBI इस मामले को चुनाती देगी
00:11क्योंकि सबसे एहम बात है CBI केस पर E.D. का केस भी टिका हुआ है
00:15सूत्रों का कहना है कि इस पैसले काम E.D. के केस पर भी असर पढ़ सकता है
00:18और वहाँ पर भी अबिन के जवाल को अब रहात मिल सकती है
00:20और कुछ दिन पहले हेमन सोरिन को भी बड़ी रहात मिली थी कोट के तरफ से
00:24जब E.D. मामले में जो इन्वेस्टिकेशन चल रही थे उस पर रोक लगाए गए थी
00:27तो लगा तर जो सेंट्रल एजनसी इसका काम करने का तरीका है
00:30उस पर सवाल उठ रहे हैं
00:53जब आगे जाने की बात कर रही है
00:55CBI तो ऐसे लगते हैं कि उनको बहुत उम्मीदे हैं कि उनकी जो एविडेंस है
00:58वो स्ट्रॉंग है और आगे फैसला पलट सकता है
01:04राजे उस CBI के पास में कोई रास्ता बचा नहीं है
01:06जिस तरीके से टिपडियां की गई हैं आज CBI कोट की तरफ से
01:09तमाम जो दलील CBI की तरफ से दे गए थे उसको सिरे से खारिस कर दिया गया है
01:13CBI के उपर आरोप लगाया है कि आपने एक narrative सेट करने की कोशिश की
01:16एक ऐसे इंसान के खिलाफ में जिसे लोगों ने चुनकर बेजा हुआ था
01:19तो अब CBI के पास में कोई रास्ता नहीं बचा हुआ है
01:22बता और इसके कि वो इस फैसले को हायर कोट में यानि कि दिल्ली हाई कोट में इसको चुनाती दे
01:28और आपने बिल्कुल सही बोला
01:30जो पैसला आज CBI की कोट ने दिया हुआ है जिसमें 23 आरूपियों को बरी कर दिया गया है
01:36इस पूरे मामले में उसी पूरे मामले को लेकर ED का मामला भी देखा जा रहा है
01:42क्योंकि इस मामले का जो गुन जो है वो ED कोट में भी सुनाई देगी
01:49क्योंकि अगर CBI कोट ये कहती है कि कोई अपराद हुआ ही नहीं
01:52किसी तरीके का घोटाला हुआ ही नहीं तो घोटाले का पैसा कहा से आगया
01:56जब घोटाला नहीं तो घोटाले का पैसा क्यों और ED का जो केस है
01:59वो money laundering के basis पर है money laundering तब ही साबित हो सकता है
02:03जब CBI ये साबित कर पाए कि किसी मामले में अपराद हुआ है
02:07तो कुल मिलाकर EDI, EDI का केस जो है
02:10वो CBI के केस पर पूरी तरीके से ठीका हुआ है
02:13और अब जब CBI ने इस तरह का फैसला दी हुआ है
02:16CBI के पास में कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता है
02:19सिवाए इसके कि वो दिल्ली हाई कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ में दर्वाजा कटकटा है
02:24दूसरा इसमें एक और बड़ी बात कहना चाहूँगा मैं राजी हूँ
02:28देखें कोई मामले की जब ट्राय शुरू होती है
02:31या फिर उस मामले में मुकदमा शुरू होता है
02:50मुनिश आपके पास लोटोंगा इस बीच में कपिल सिबल से हमें खास बातश्यत की है
02:54उन्होंने इस पूरे फैसले पर क्या कहा है आपको सुनाते हैं
03:02आदमे पार्टी को बहुत नुकसान पहुँचा दिल्ली के चुनावों में भी
03:05लेकिन आप जब फैसला आया है तो सारे आरोपी बरे हो गए और CBI पर प्रसंचिने खड़े हो गए
03:12मैं तो शुरुआत से ये कहता रहा हूं कि CBI और ED एक हथियार है सरकार के हाथ में
03:21और हुश हथियार का ये रोज के रोज दुरुप्योग करते हैं
03:25इसलिए बाकी भी चीफ मिनिस्टर के खिलाफ इन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनके कोई तफ्या नहीं है उनके पीछे
03:31कोई तफ्या नहीं है ये जूटे आरोप लगाते हैं
03:34लोगों को चीफ मिनिस्टर सो गिरिफतार करते हैं, कोशिश करते हैं, सरकारें गिराई जाए, फिर उनको बोलते हैं कि तुम
03:41पीजेपी जॉइन करो, कुछ नेता पीजेपी जॉइन कर भी लेते हैं, इसी डर्स पे कल सीडिया और एजी हमारे घर
03:48आ जाए दी, तो ये तो इन
03:51कैल है, इन्हों ने कानून को एक हत्यार बनाकर लोगों की जिंदगी बरबाद कर ली, उनके पुलिटिकल करियर बरबाद करें
04:00ली, तो ये तो ये तो कोड को पहले ही सोचना चाहिए था, क्योंकि क्या होता क्या है, लोगों को
04:17बेल नहीं मिलती, कहते हैं आरो बहुत ब़�
04:20पैशे इनोंने बनाए हैं, करोडों रुपए का मालमा है, ना कुछ इनके पास कोई एविडेंस है, लेकिन ये तो एक
04:30जेल बेजने की एक साजिश है, ताकि जेल बेजो, सरकार गिराओ, चुनाओ जीतो.
04:36पिल जी, बतौर वकील में आपसे जाना चाहूंगी, इतना बड़ा मामला था, ये सौ करोड के घुटाले का मामला था,
04:43इसको हलके में तो नहीं लिया जा सकता था, CBI को भी मालूम है क्या कानूनी दाव पेच है, तो
04:47अगर आप सिफ गवाहों की बयान उसमें बतौर सबूत �
04:50है, तो कहीं न कहीं, लाक्यूने तो है, तो आप इतना बड़ा के साधार पर बना रहे हैं, तो आप
04:57इस प्लिटिकल साज़िश के अधार के बनता है, इस किन की सरकार गरा था, हमने चनाव जीतने है, अरोप लगाओ,
05:09जूटे लगाओ, कोई लगाओ, कभी ना कभी तो, इ�
05:15एकनी देर में सरकार तो गित गई ना, चनाव को अम जीत गए ना.
05:19कपिल जी मैं ED की मामले भी पूछूंगा लेकिन से पहले मैं आपसे जानना चाहरा हूँ कि आप चुकि बड़ा
05:23फैसला है,
05:24CBI एक सेंटरल हमारी एजिंसी है, क्या उसकी जवाब देही नहीं होनी चाहिए,
05:28एक पूरा का पूरा मुखदमा खड़ा कर दिया गया, वहाँ सरकार गिरी,
05:32तमाम तरह के आरोप लगे, जेल की भीतर गए, उतना सर्में उनका जेल में बीता है कई कई लीडर्स का,
05:37क्या जवाब देही तेह नहीं होनी चाहिए CBI के?
06:07कर देहीं हो जाएंगे, जब CBI का केसी भी रहा तो इजी क्या रहे ज़ा?
06:11साथी, कभिल जी, मैं आपके जाना चाहूंगे की...
06:28पूरे केस को सबस्टेंशेट करने के लिए, अगर सौकरोर के शराब उटाले का मामला था, इतना हाई प्रोफाइल मामला,
06:33सीम, डिप्टी सीम का इंवार्मेंट था, किस तरह के सबूत पेश होने चाहिए ते, जो नहीं किये CBI ने, या
06:39थे ही नहीं?
06:39इसके पास कुछ ठाई ही नहीं, तबूत क्या देंगे ये? ये तो एक, मैंने शुरू से कहा है, कई बार
06:46कहा है, ये तो साजिश है, ये तो एक शडियंत रहे, एक हतिहार है इनके हाथ में, रहता कानून नहीं
06:53किस तरह से दुरुपियों कर रहे हैं, केज़िवा के खिलाफ
06:57नहीं, और एक के खिलाफ यही काम करते हैं, जी.
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