00:04ये है राजा महराजाओं के जमाने की राजस्थान चंग जिसकी आवाज आज भी जोदपूर के गली मुहलों में सुनाई दे
00:12रही है
00:13चौक चौराहों पर युवाओं की टोली देर राद तक चंग पर फाग गा रही है
00:18बदलते वक्त के साथ मनोरंजन के साधन बदल गए लेकिन चंग का क्रेज अभी भी बरकरार है
00:29लेकिन अब इसे बनाने वाले कम ही कारिगर बचे हैं
00:31सहर में करीब दस परिवार इसकला को बचाय हुए है
00:55बदलते वक्त के साथ चंग भी बदली है इसे आकरसक चित्रों के साथ सजाया गया है
01:00साथ ही चंग पर रंगोली भी उकेरी गई है
01:03चंग की डिमांड राज्थान के अलावा गुजरात तक है
01:29राज्थान में प्रचलित चंग डफली का बड़ा रूप है
01:32इस पर फाग गाने का सिलसिला महस्युरातरी से सुरू होता है
01:36जो होली के दिन तक चलता है
01:38चंग की आवाज के बिना राज्थान में होली अधूरी मानी जाती है
01:43एटिवी भारत के लिए जोदपुर से मनोज वर्मा की रिपोर्ट
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