00:01चाची प्रणाम जीते रहो चल उदर बैट चाची ओ यहां क्या करने आया तू अरे बगलवारे घर में काम करने
00:10आये ते चाय तपरी भी क्यों जाना फिर चाची का घर भी तो अपना ही घर है अपना घर तू
00:17क्या मेरे घर का जमाई लगता है जब भी इलेक्ट्रिशन की जर�
00:28जेगा नहीं जी माझे अभी इनके लिए भी दो कप चाय लिया अभी आई गया तो पी लेंगे नहीं चाची
00:49हम चलते आपकी बातों से ही पेट बर गया आमारा चल चलो
01:05मैं तो तुम से ये कहना चाहता था कि तुम सच में बहुत प्यारी हो भूल जाए पुरानी बातों को
01:13मुझे तो बस आपका प्यार चाहिए तो मुझे आज मिल गया मेरी बस इतना ही काफी है
01:30बहु बहु बहु मालू में हमें क्या चाहते हो
01:36मदोम बहु बाता है
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