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  • 17 hours ago
क्या NCERT की किताब में 'भ्रष्टाचार चैप्टर' के पीछे साजिश है? साहिल के साथ देखें दंगल

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00:01नमस्कार मैं हूँ साहिल जोशी दंगल में आपका स्वागत है
00:05आज सुप्रिम कोट ने NCRT से जुड़े मुद्दे पर कई सवाल खड़े किये
00:10सुप्रिम कोट ने कहा कि जिस तरीके से सबसे पहले तो NCRT की किताब में जो बुद्दे लिखे हुए थे
00:16उन मुद्दों को खारिज करने की मांगी उसके साथ-साथ NCRT की सारी किताबे हटानी का भी जिक्र उसमें किया
00:23गया
00:24उसके साथ-साथ ये भी कहा कि ये अनिंटेंशनल एरर नहीं हो सकता
00:28और इस पर सीधे-सीधे सवाल उठाते हुए सुप्रिम कोट ने कहा कि ये सारे मुद्दे NCRT को और सरकार
00:35को हटाने पड़ेंगे
00:36और उसके साथ-साथ उन्होंने ये भी कहा हुआ है कि इस पूरे मामले पर कहीं ना कहीं सरकार को
00:42भुमिका लेनी पड़ेंगे
00:43लेकिन उसके साथ-साथ सुप्रिम कोट के इस पूरे मुद्दे पर सुप्रिम कोट ने ये भी कहा है कि अगर
00:49ये कैल्कुलेटेट एरर के तौर पर NCRT के तरफ से इस बात को रखने की कोशिश की गए कि हमारे
00:55तरफ से कैल्कुलेटेट एरर हो गई
00:56लेकिन दूसरी तरफ सुप्रिम कोट ते कहा कि ये calculated error हो सकती है
01:01deep rooted conspiracy याने कही ना कहीं गहरी साजिश है
01:05ये भी बात रखने की कोशिश सुप्रिम कोट के तरफ से की गई है
01:10Solidarity General Tushar Mehta ने भी इस पर कहा है कि इस पर कारवाई होगी
01:15और जिन लोगों ने NCRT में शामिल जिन लोगों के तरफ से ये सारा मामला इसमें आया हुआ है
01:22उन पर किसी भी मंत्राले में काम नहीं दिया जाएगा
01:27ये intentional हो सकता और उस पर किसी भी तरीके से कारवाई किये जाएगी
01:33लेकिन एक तरफ ये पूरा मामला इसलिए भी उठा क्योंकि इस पूरे मामले में हम देख सकते हैं
01:38कि पूर्वराश्ट्रपती कलाम ने कहा था कि देश के प्रष्टा चार मुक्त तीन ही लोग इसे बना सकते हैं
01:45माता-पिता और शिक्षक और इनी शिक्षकों के हाथ में देश की सरकार ने एक ऐसी किताब थमा दी थी
01:52जिसे लेकर सुप्रिम कोर्ट दरसल आज बगुला हो गया
01:55क्योंकि ये पूरा मामला National Council of Educational Research and Training याने NCRT से के स्कूली बच्चों के लिए एक
02:03जो किताब छापी थी
02:18सुप्रिम कोर्ट ने कहा है कि पहले तो NCRT की कक्षा आंट की सामाजी की विग्यान वाली नई किताब तुरंट
02:24हर जगे से हटाई जानी किताब की हाट कॉपी, डिजिटल कॉपी, सॉफ्ट कॉपी, इंटरनेट हर जगे से हटाई जानी चाहिए
02:31याने बुक पर ब्लैंकेट बैन लगा दिया गया है
02:35दूसरे पब्लिकेशन, डिस्ट्रिबूशन और स्कूल में पहुचाई जा चुकी किताबों की केप हर एक प्रती फॉरण जब कर ली जाए
02:43और दो हफ़ते में अनुपालन की रिपोर भी दी जाए सुप्रिम कोड के साथ
02:47इसके बाद NCRT के डिरेक्टर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को नोटिस जारी करके पुचा गया है
02:53कि इनके खिलाफ अदालत की अव्मानना की कारियवाही क्यों नहीं शुरू की जाए
02:58मामले के अगली तारीक 11 मार्च को होगी अन्य अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी
03:02तब तक दो हफ़ते के भी तर NCRT के डिरेक्टर प्रोफेसर दिनेश प्रसाथ सकलानी
03:08और स्कूल शिक्षा विवाग के सचिव 1990 बैच के बिहार कैडर के ISF सर संजे कुमार को सुप्रिम कोट के
03:16नोटिस का जवाब देना है
03:18क्योंकि उस बार आठवी के बच्चों की किताब में न्याई पालिका को लेकर जो बाते लिखी गई थी
03:24वो सुप्रिम कोट को बेहत नागवार गुजरी
03:27चीफ जस्टिस की बैंच ने खुद से सुनवाई शुरू की है
03:31और कोट ने कहा कि इससे न्याई पालिका पर गोली बारी होई है
03:35न्याई पालिका एक रक्तरंजित की गई है
03:38सॉलिसिक्टर जनरल तुशार महिता ने भी कहा कि बच्चों को देर से न्याई मिलने की बात समझाने की बकसद से
03:44दरसल ये चैप्टर जोड़ा गया था
03:46दो लाग किताबे वापस ले ली गई है
03:48NCRT ने बिना शर्ट माफी मांग ली है
03:51कोट ने कहा कि जब सब कुछ ऑनलाइन आफलाइन जनता के सामने आ चुका है
03:56तब वापस लेने का क्या बकसद हो सकता है
03:59माफी पर बात में विचार करेंगे लेकिन हमें ये पता लगाना जरूरी है कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है
04:05और उन लोगों को सजाम बिलनी चाहिए
04:11किताब में इस तरह से एक सिंगल आउट करना
04:13ये एक अभियान का लगता है एक मुहीम है कि एक इंस्टिक्यूशन को बंदाम किया जाए
04:21ये यंग बच्चे हैं वो जब किताब पढ़ेंगे और उनको इस तरह की बात आएगी तो उनको लाएगा कि जुडिशरी
04:26तो बहुत गलत जगह है वहाँ तो उनको जाना भी नहीं चाहिए अच्छे बच्चे सोचेंगे कि भाई यहाँ तो वकील
04:31बनना या जज्ज या यह
04:32सोचेंगे कि जितने वकील जज्ज है सारी यही इस तरह का काम कर रहे हैं तो मतलब बहुत ही बहुत
04:37ही दुर्भाग्यपूर्ण है और इसमें क्रिमिनल कंटेम्ट होना चाहिए मैंने भी इसको पूरा समर्थन दिया है वही नहीं करने के
04:44मज़े से आज की दिन 40 प्रतिशत �
04:47जो पार्लिमेंटेरियन्स हैं या जो एमिलेज हैं वो सीरियस क्रिमिनल बैक्राउंड वाले हैं और पूरा देश की इस दिशा में
04:55जा रहा है उसकी हम लोग सबको समीशा करनी चाहिए तो आपको अगर कुछ करना है तो इस तरह की
05:00बात कीजिए जुडिशरी की बात करना है
05:02जुडिशरी एकर सारे अंगों में देखा जाए इस देश के सारे जो तीन पिलर्स हैं उन्हें जुडिशरी सबसे आगे हैं।
05:32जब भी नई शिक्षा नीती के पार में कहा जाता है 2020 को लेकर तब भी यही कहा जाता है
05:37कि हम तो व्यावारिक समझ बढ़ाने की कोशिश करें और तमाम किताबों में बदलाव इसके मद्दे नजर किये हुआ है।
06:02NCRT के डारेक्टर छपाई का आदेश उन्होंने दिया। अब 2.25 लाख किताबे छपकर बाहर आ गए। तो 21 फरवरी
06:11से यह बजार में उपलब्द हो गए।
06:13करीब करीब 38 प्रतिया बिग भी गई थी लेकिन 2.25,962 प्रतिया NCRT के कभजे में है आज की
06:21तारिक लेकिन तब तक आनलाइन प्रचार भी हो चुका था।
06:24और इस किताब में लिखी बाते लाखो करोडों लोगों तक पहुँच चुकी थी जिसे लेकर सुप्रिम कोर्ट ने सक्त एतराज
06:31जाता है।
06:32दरसल इस किताब में नियाई पालिका की चनौतियों का जिक्र करते हुए ब्रश्टाचार के बारे में लिखा गिया है।
06:39और इसे लिखा गिया है कि लोग नियाई पालिका में ब्रश्टाचार का सामना करते हैं, इससे गरीब और जरूरत मंदों
06:46के लिए नियाई मिलना मुश्किल हो सकता है।
06:48और इसलिए विवस्था पर भरोसा बनाये रखने के लिए ऐसे मामलों में तेजी से ये मामले खारिज हो या इस
06:55पर कारवाई हो इस तरीके से कारवाई सरकार कर रही है।
06:592017 और 2021 के बीच नियाई पालिका में ब्रश्टाचार की 1600 शिकायते आ चुकी है।
07:04देश के सुप्रिम कोर्ट में 81,000, हाई कोर्ट में 62,40,000 और निचली अदाल्तों में 4.70 करोड
07:13की इस लंबित है।
07:14ये सारी चीजों का जिक्र इस चैप्टर में किया गया था।
07:21कि ये बहुत ही आपत्ती जनक है या ऐसी रंग का चैप्टर नावालिक बच्चों के सामने ये परोसना बड़ा ही
07:30अनुचित है और इसका कहीं से कोई जस्टिफिकेशन नहीं हो सकता है तो बार भी इस पर आक्रोसित था और
07:36बार आक्रोसित है।
07:37तो सुप्रिम कोट की आपत्ती थी कि आठवी के बच्चों के मन में न्याई पालिका के लिए ब्रष्टाचार की एक
07:42पक्षिये बात बैठाने की साजिश की जा रहे है।
08:07अरजुन राम मेगवाल ने पिछले दिनों ये बात सामने रखी थी। पार्लिमेंट पे इस बात का जिक्र उन्हेंने किया था
08:12कि 2016 और दो जार पच्चीस के बीच में 8,649 शिकायते सेटिंग जजों के खिलाफ मिली है और इसमें
08:22सिर्फ एक साल याने 24 में 1170 शिकायते ची�
08:36जुडिशरी का करप्शन जो है वो एक बड़ा ही डिफरेंट तरह का मामला है वो सरकार या कोई और तैह
08:46नहीं कर सकता वो जुडिशरी इन हाउस प्रोसीजर से ही तैह करता रहा है करता रहता है कितने लोग सस्पेंड
08:52होते हैं कितने लोग निकाले जाते हैं कितने दो जु
09:06यह कहना कि जुदिश्री बिल्कुल उसके नरेक्शनल कारेक्टर के परे है, वो तो कहना बिल्कुल गलत होगा.
09:15हलागी इस विवाद के शुरू होने के बाद NCRT ने प्रेस रिली जारी करके बिना शर्त माफी मांग गए
09:20और उसमें साफ लिखा गया था कि न्याई पालिका के प्रती उसका पूरा सम्माद है और इस तरह के मामलों
09:26को अध्याय में जोडने की गलती इरादतन नहीं की गई इसके लिए वो खेट भी प्रकट करता है और नई
09:33किताब का उद्देश्य सम्विधानिक संथाओं के बारे म
09:36जागरुकता फैलाने का था और उसके बारे में जागरुकता करने का था इसी भी तरीके से इल इंटेंशन के तौर
09:41पर ये चैप्टर नहीं लगाए गया था रेकिन दरसल अब मामला सेफ इंसी आर्टी की किताब में न्याई पालिका के
09:47उपर हमले की कोशिश का नहीं रह ग
10:03जिस तरह से इंसी आर्टी की पाठ्य पुस्तोकों को दोबारा लिखा गया ये शर्मनाक है ये आरेसेस की कुचसित और
10:11दुर्भावना से प्रेरित चाल है असल में इस पूरे गिरो की जाच होनी चाहिए तो आज के दंगल में हम
10:17यही चर्चा करेंगे कि क्या देश में सा�
10:33प्रिन कोट कहता है कि चर्चा होनी चाहिए लेकिन बच्चों के मन में जान बूच कर गलत जानकारी डालना ठीक
10:39नहीं है तो हमारे साथ तमाम मेहमान भी जुडएंगे आगे जुड़ रहे हैं लेकिन इस वक्त की एक बड़ी खबर
10:44इस वक्त जो आरी है NCRT के विवाद को �
10:51अब बड़ा बयान सामने आया है धर्मेनर प्रधान ने कहा है कि किताब में ऐसा चैप्टर डालने वालों पर सक्थ
10:57कारवाई की जाएगी
10:59आठवी की किताब में न्याय पालिका में ब्रश्टाचार के उपर लगाए गए चैप्टर को बेहत गलत धर्मेन रप्रदान बता रहे
11:06हैं
11:06और इसमें दोशी लोगों पर कारवाई की बाद भी उन्हों ने कि
11:14उपर जो उलेख वाता ये अत्यंत चिंदा जनक है
11:24अधर इसमें जो आज माननीय नयाय पालिका में जो टिपने दिया है वह हमारे लिए माननीय है
11:32सरकार उसके प्रती दाइतोबान है मैं उसके लिए खेट प्रकट करता हूं पर इंसे आठी समंधित विक्तियों के ओपर कारवाई
11:40भी होगी और ऐसे
11:43परिस्ति की आगे ना बने उसकी सरकार चिंदा करें तो दर्में रप्रदान कह रहे हैं कि कड़ी कारवाई की जाएगी
11:49और उसके साथ साथ दुनों ने ये भी कहा है
11:51कि नियाए पालिका के प्रती वो कटिबद है उसकी गरिमा बनाये रखने के लिए वो कटिबद है लेकिन उसके बावजूद
11:56इस तरीके का चैप्टर नई एजुकेशन पॉलिसी के तहट सामाजिक विज्ञान के इस किताब में आता है इसको लेकर कई
12:04सवाल भी उठाए जा
12:20इस चर्चा में हिस्सा लेंगे तीन सवाल मैं इस पैनल के सामने रखना चाहूंगा पहला सवाल क्या NCRT की किताबों
12:27में नियाए पालिका में व्रश्टाचार का चैप्टर साजिश है क्योंकि बार बार चीफ जस्तिस ये कहने की कोशिश कर रहे
12:34थे कि ये अनिंटेंशनल �
12:35नहीं लगता ये जान बूझ कर साजिश के तहट ये चैप्टर यहां पर रखा गया है तो इसको लेकर भी
12:40सवाल उठता है और ये भी सवाल हम पूछेंगे दूसरा सवाल क्या स्कूली बच्चों को एक तरफा या तोड मरोड
12:45कर इतिहास पढ़ाने की कोशिश हो रही है क्य
13:00यही सवाल उठा गया और तीसरा सवाल क्या देश में ब्रश्टाचार से लडाई में न्याई पालिका की भूमिका संधे से
13:07परे हैं तो शुरुबात करेंगे सबसे पहले तूहिन से ना क्योंकि अभी अभी हमने देखा कि धर्मेंर प्रदान शिक्षामंत्री साफ
13:14शब्द
13:31कारवाई क्यों कि यह जा रही है
14:01कर्मचारीज के लिए जिम्मेदार है निश्चित रूप से उनके खिलाफ एक्षिन ली जाएगी अब ये साज़िश था या गलती हुई
14:08है ये तो समय बताएगा जाच होगी पूछताच होगी कैसे हुआ वो पता चलेगा आने वाले दिनों में
14:16लेकिन सवाल यहीं उटा है आपने कहा कि चिन्हित तरीके से किसी एक ही न्याएपालिका पर खास करके ब्रश्टाचार के
14:24मामले में कोई चैप्टर आना ये गलत था यह आप मान रहें इस बात को
14:27कही न कही नियाऊ पालिका कहने की कोशिश कर रहें चीफ जिस्तिस यही कहने की कोशिश कर रहें कि यह
14:32और तर् rh helpless
14:49justice कहने की कोशिश करें? मैं इस इस थिती में नहीं हूँ कि मैं साज़िश है या गलती है ये
14:56बता पहूँ. निश्च तूपशे जैसे जैसा कि मैंने कहा कि इस विशे पर पूरी तरह से हम नियाए पालिका के
15:02साथ खड़े हैं. पूरी आस्था है हमारी नियाए पालिका में और
15:29ये पॉर्शन जो है नहीं होने चाहिए थे.
15:49जिम्मेदारी है और कहीं न कहीं अगर सुप्रीम कोड की गरिमा आहत हुई है तो ये गंभीर विशे है लेकिन
15:54ये स्तिती पैदा कैसे हुई. अब चले जाते हैं पिछले दस वर्शों में क्योंकि इतिहास देखना पड़ेगा कि किस प्रकार
15:59पिछले दस वर्शों में लग
16:19दिया गया ये एक बहुत बड़ा एक्जामपल है. दोजार दो में जो दंगे हुए थे गुजरात में उसका जो उलेक
16:25था सिलिबस में उसको हटा दिया गया.
16:27महात्मा गांधी जै की हतिया के बात जो आरेसेस पर प्रती बंद लगाया गया तो उसके उलेक को हटा दिया
16:32गया. ये तो सभी कह रहे हैं कि किस प्रकार करिकुलम राश्णराइज़ेशन के नाम पर ये लोग सिलेक्टिव डिलिशन कर
16:40रही हैं. केहते हैं न प्रत्यक्ष क
16:42को प्रमान किया चाहे democracy diversity popular movements and struggles जन प्रतिनिदी जन आंदोलन इन सब को चाहे संसद में
16:50बातो संसद में जो विपक्ष की भुमिका है इन सब को हटाने का काम अध्याय को हटाने का काम भारते
16:56जन्ता पार्टी किस सरकार में हो रहा है और यह इस प्रकार जब पूरा तंत्र इनके
17:00नियंतरन में है तो यह इस प्रकार बगल से निकल नहीं सकते हैं क्योंकि जग जाहिर है कि किस प्रकार
17:06NCRT जो है वो केंदर सरकार के अधीन आता है वो कोई private institution नहीं है साहिल जी और सबसे
17:13important यह बात है कि सरकार भी इनकी है मंत्री भी इनका है और जो director appoint होते है वो
17:22भी इनी के
17:30इस किताब का जिक्र होगा तब तब तब new education policy 2020 का भी जिक्र किया जाएगा जिसका जिक्र जरसल
17:37निखद अबबास यहां पर करने की कोशिश कर रही है new education policy 2020 का भी जिक्र किया जाएगा और
17:42इसी policy के तहट NCRT को कुछ directions दिये गए थे शिक्षा विभाग के तरफ से शिक्षा म
18:00अपना हाथ खड़ा कर सकती है क्या specific direction सामाजीत विग्यार की इस किताब को लेकर या नियाई पालिकर को
18:05लेकर कुछ दिये गए थे
18:30को काटा गया तो उसका हम समर्थन करें इसका कदापी नहीं है कि इस विशे पर जहां जुडिशिरी को चिनहित
18:37तरीक के जुडिशिरी कहा गया है उसका समर्थन करें घड़ियाली आश्ट अगर आज वाकई Congress Party सम्मान करती है नयाई
18:49पालिकर का तो सामने आना चाहिए और ज
19:00को कि यह कविशे हूँ जिस प्रकार से उन्होंने कोर्ट पर संक्षा यहां तक तरी रहे हैं तो विदेश में
19:08जाकर बहुत है नहीं हमारे सारे इंस्टिउशन दबाव में काम कर रहे हैं तो सबसे पहले राहुल गांदी को बादी
19:13मांदी
19:14अब ये तो बड़ी और अलग ख़बर आ रही है देखे प्रधान मंत्री ने एंसी आडी की विवात को लेकर
19:20ये बड़ी ख़बर है दरसल कि प्रधान मंत्री मोदी ने पहले ही इसको लेकर नाराजगी जताई थी लेकिन उसके बावजूद
19:26सववा दो लाख कौपिया बज
19:40प्रिम कोट ने हिमांचु जिस तरीके से आज जाड़ा है सरकार को इंसी आर्टी को और साफ शब्दों में कहा
19:45है कि सोची समझी साजिश उनको नजर आती है और अब ख़बर ही आ रही है कि प्रधान मंत्री दरसल
19:50दो दिन पहले ही ये कह चुके हैं कैबिनेट की बैटक में
20:10कैबिनेट की मिटिंग में प्रधान मंत्री की तरफ से भी ये कहा गया कि जो कुछ पढ़ाया जा रहा है
20:16जुडिश्री को लेकर क्या है और इस पूरे मामले को कौन देखा गया तो एक तरीके से प्रधान मंत्री ने
20:23जो है वो नहराजगी भी जताई जिस तरीके से NCRT के अ
20:39कि अधिना कहीं सरकार को इस बात का इल्म था कि ये मामला बढ़ सकता है और सुप्रीम कोट ने
20:45एक और एक लाइन यहां पर चल रहे है कि प्रधान मंत्री ने पूछा कि ये सब कौन देख रहा
20:49है और सुप्रीम कोट आज यही बात पूछने की कोशिश करिए कि आखिरकार क
20:53कि या किसने है इसके पीछे लोग कौन थे आकिरकार किस वज़े से इस तरीके का चैप्टर सुप्रीम कोट के
21:00खिलाफ या नियाई पालिका के खिलाफ सामा जी विज्ञान के आठवी कक्षा के चातरों की किताब में आ सकता है
21:06आशुतोष हमारे साथ में आशुतोष सरकार क
21:09तरफ से बार-बार कहा जा रहा है कि हमारी कोई गलती नहीं है हमें नहीं पता कि एक किस
21:13तरीके से आया और जो लोग इसके लिए दोशिय उस पर कारवाई की जाएगी और जिसका मैंने जिक्र किया जो
21:17सवाल में तुहिन सिना को पूछने की कोशिश कर रहा हूं कि न्यू ए
21:39आ जाती कैरिकुलम में तो यह कम चकम मेरे प्रिशास के मुझे तो नहीं लगता है कैसा कुछ हुआ होगा
21:43मतपूर्ट सवाल क्या है कि NCRT में कोई भी चीज ऐसे ही नहीं आती है उसका प्रॉपर प्रोसीजर है उसका
21:49प्रॉपर प्रोटकॉल है और उसके थूरू ही आती है
21:52बहुत सारे एक्सपर्ट होते हैं वो एक्सपर्ट बैटके चर्चा करते हैं क्या चीज रखना है क्या चीज नहीं रखता और
21:57जो डुमेन एक्सपर्ट होते हैं उनसे कहा जाता उसको लिखने के लिए और फिर उस किताब को बाकादा पास किया
22:03जाता और तब वो चीज उसम
22:04आती है. तो यह कहना कि यह ऐसे ही कोई आ गया है, किसी एक व्यक्ति ने कर दिया,
22:08यह यह मेरे समझ के पर है. इसलिए सुप्रिम कोट ने जो यह कहा है कि कैलकुलेटेड तरीके
22:12से किया गया. यानि जान भूच कर इसको कैरिकुलर में लाने की कोशिश की
22:16गई है, तो सुप्रिम कोट की इस राय से मैं पूरी तरीके से इत्फाक रखता हूँ.
22:20यह कहना कि अचानक आगया संभाव नहीं है. अब पिसमें महतपूर सवाद इस बात को लेकर यह है कि आखी
22:25लिए आया कि क्यों?
22:26ने, ने, क्यों आप इत्फाक रखते हैं? क्यों आपको लगता है कि यह कैलकुलेटेड तरीके से किया गया है?
22:31क्योंकि मैंने कहा कि कोई आदमी अचानक बढ़के इन्सियार्टी के कैरिकुलर में बदलाव नहीं कर सकता है.
22:38कहीं न कहीं से इंस्रक्शन आये होंगे, कहीं न कहीं सकी ज़रूवत मेश्शूस की होगी, तभी तो इसको इसमें लाया
22:42गया है.
22:43कोई एक आद बैठके नहीं, एन्सियार्टी के किताबे को तैख करता है.
22:58और ये निस्चिक तोर पर कहीं से instructions आये होंगे, उसके बाद उसमें चर्चा हुई होगी, चर्चा होने के बाद
23:04उस पर एक call ली गई होगी और तब इसको add किया गया होगा, इसलिए अचानक बिलकुल नहीं है, मैं
23:10Supreme Court की एराय बिलकुल सही है, और जो बात एक चीज़ और ब�
23:33परस्पेक्टिव के हिसाब से, उसमें लगातार बत्लाव की कोशिशें भी करते रहते हैं, चाहे वो आजादी की लडाई हो, या
23:42फिर मुग्रों की लडाई हो, तब भी उस वक्त के कानून मंत्री जिस तरीके की भाशा का इस्तवाल कर रहे
23:47थे, जिक्र कर रहे थे, उसके �
23:48बाद उनको हटाय गया महां से, और सुप्रिम कोट ने भी इस पर अपत्ती जताय थी, और ये सारे मुद्दे,
23:53इतनी केसिस पेंडिंग है, इतनी केसिस उनके खिलाफ आरी है, सिस्टिम की ट्रांसपरंसी होनी चाहिए, सारे मुद्दे, जो इस आठवी
24:00कक्षा की किताब मे
24:01हमें दिखाई देती है, वो सारे मुद्दो का जिक्र सरकार के तरफ से भी हो चुका है, तो कहीं इस
24:06बार सीमा लांज दी गई, समझ में नहीं आया कि सुप्रिम को शायच सुमोट ले लेगा, रजट सेटी, ने ने
24:13साहिल जी, इतना ब्लैक और वाइट नहीं है, मैं अगर �
24:15आपको समझाओं यहाँ पर, तो कुछ चीज़ें पेंडेंसी की अगर आप बात करेंगे, तो मुझे लगता है चीफ जस्टिस स्वयम
24:21हम लोगों को हमारी हार्वर्ट की डेलिगेशन है, बहुत सारी विदेशी डेलिगेशन आती हैं, उनसे खुद चर्चा करते हैं, कि
24:40यह
24:40पूरी संस्था करप्थ है, या यह सरकार जो है, वो पूरी तरह से करप्थ है, सारे बिरोक्राट्स करप्थ हैं, तो
24:46आप एक एड हमिनम अटाक करते हैं, जो की गलत है, वहाँ पर आकर समस्याएं आती हैं, और रही बात
24:52आशुतोष जी कि जो वो एक पिक्चर पेंट करने
24:55हैं, कि बहुत सारे विचेशक के बैठते हैं, ऐसे कैसे लीक हो गई, ऐसे कैसे चली गई कोई बात NCRT
25:00में, अगर मैं इतिहास के पनने खोलूँगा, तो वो खुच शरमसार हो जाएंगे, 2012 में पॉलिटिकल साइंस की किताब थी
25:06NCRT की, उसमें नहरू चाबुक चलाते हु�
25:22और उससे निकाल रहे हो, खुद की क्या-क्या समस्याएं हैं, सिस्टमिक फेलियर्स हमेशा से रहे हैं, यहां पर इशू
25:29पेंडेंसी का नहीं था, यह एक पूरे कैरेक्टर असाइसिनेशन ने, पूरे इंस्टिउशन का जो किया गया, उससे समस्या थी, और
25:36उससे किसी भी
25:37वेल इंटेंशन आदमी को रहे हैं, तो इसका मतलब रजट सेटी मतलब यही हो गया ना, systematic failure में राज
25:43चाहे UPA का हो, या NDA का हो, Congress का हो, या BJP का हो, मतलाव कुछ नहीं हुआ है,
25:49systematic failure तब भी होता था और आज भी होता है, मैं वहीं बोल रहा हूँ कि कई लोग किस
25:55कारण बश
26:01की ideological biases को देखना पड़ेगा, और एक विक्ती की ideological biases को देखना पड़ेगा, कौन खाल खाल रहा है,
26:10निखत उसका जवाब देंगे, निखत को इसके बारे में कुछ कहना है, लेकिन इसके लिए यह मुद्दा उठकर आ रहा
26:15है, क्योंकि Supreme Court ने, जिन शब्दों का इस्तमाल किय
26:18हुआ है, specific दो शब्द में यहाँ पर रखना चाहूँगा, एक calculated error, यानि सोची, समझी, गल्ती, और दूसरा deep
26:25rooted conspiracy, यानि गहरी साजिश, रजट सेथी, यह तभी हो सकता है, जब कोई bias लेकर इस तरीके की किताब
26:33बनाने की कोशिश कर रहा हूँ, कोई specific directions के तेहत करने की कोश
26:40कर रहे हैं, सोचिए, जज चीफ जस्टिस इस केस में definitely आहत हैं, जिस तरह की भाशा का प्रयोग किया
26:46गया, अब बात तो यही रखेंगे कि कुछ सोची समझी, किसी के कोई ऐसे deep biases हैं, court system के
26:52against, या हो सकता कोई वेक्ती court system से उसको न्याय ना मिला हो, और वो writing panel में हो,
26:57जिसने
26:57कि एक chapter लिखने का प्रयास कोया, क्या है, यह चीज तो डाइग्नोस करने के बाद मालूम चलेगी कि जड़
27:02कहा है, लेकिन उसको political color कैसी दिया जा रहा है, मुझे मेरी तो समझ के पार है, निकत अब
27:07बस, systematic failure यह political color कहां से दिया जा रहा है, लेकि इतिहास में तो जितना जा�
27:24पता उचीन को, वो बड़े दुख की बात है कि लाल आख नहीं दिखा पाया अपने शिक्षा मंत्राले और धर्मेंद्र
27:29प्रधान जी को, और उनकी नात के नीचे इस तरह की गलती हो गई, दो दिन पहले cabinet की बैठक
27:34में भी उन्होंने कहा, और अभी तक वो सुधार भी नह
28:12अभी भी कांगरेस पार्टी को लगता है कि इसके पीछे कोई गहरी साजिश है और यहाँ पर पॉलिटिकल सवाल खड़े
28:18शुरू हो जाते है
28:20कि हिस्ट्री के चाप्टर्स को हटाना और उसके बाद ज्याए पालिका को लेकर सवाल उठाना यहीं से शुरू हो जाते
28:26हैं, तो इन से ना
28:29पर बोलने का अधिकार ही नहीं है, पूरे जीवन इन्होंने केवल और केवल इतिहास के साथ लिपा पोती की है,
28:35भले ही टीपो सुल्तान को री पैकेज किया हो या और इंजेव को री पैकेज किया है, इसलिए कॉंग्रेस को
28:39तो इन विश्यों से दूर रहना चाहिए, जो �
28:41आपने अभी ब्रेकिंग किया बीच में कि प्रधान मंत्री ने इस पर जो है विरोध जायर किया था, वो भी
28:46तो सोर्सेस के हवाले है ना, सोर्सेस के हवाले पर इतना मच जाहिए, देखें, निश्चित रूप से हम तो स्वीकार
28:51कर चुके है, एडुकेशन मिनिस्टर ने �
28:53बयान दे दिया है, कि जो हुआ है वो गलत हुआ, अब क्यों गलती हुआ है, उसकी जाच होगी, हमारे
28:57में वो इमानदारी है, वो इंटिलेक्शल ओनिस्टी है, हम कॉंवेस की तरह नहीं है, पहली बार कैबिनेट से सोर्सेस के
29:05हवाले से वो भी प्रधान मंत्री को कोट करत
29:19आपको तो पता है सोर्सेस की ख़बर में कितनी विश्वस नियता होती है, लेकिन बड़ी बात यही है कि एड्यूकेशन
29:25मिनिस्टर ने पूरी इमानदारी के साथ स्विकार किया है, कि गलती हुई है, अब जाच होगी, हम कॉंवेस की तरह
29:31नहीं है ना, कि अपनी गलती को �
29:33जो है, चुपाने के लिए और बड़ी-बड़ी गलतिया करते रहें देशकों तक, ने लेकिन फिर भी यहां पर एक
29:38बड़ा सवाद रहता है, ने कहीं ना कहीं प्रधान मंतरी के तरफ से भी कहा गया कि कौन देख रहा
29:44है, यानि शिक्षा मंतरी की जिम्मेदारी है ना ये,
29:47कि आप देखें कि अब तक क्या चल रहा था, इसलिए तो सवाल यहां पर, बड़ा सवाल तो यहीं उठता
29:52है, क्यूंकि यहां पर सवाल यहीं उठता है, कि नियाए पालिका को गुसा आया, नियाए पालिका को गुसा आया, नियाए
30:01पालिका को इस बात की अपने सुओ मोट
30:04तो इस पूरे बात का संग्यान लिया मेरे ख्याल से कपील हमारे साथ कनेक्टेड नहीं है लेकिन आशुतोष जो तुहिन
30:10सिना यहां पर कहने की कोशिश कर रहे हैं ठीक है और आपने भी रजट सेटी जो कह रहे थे
30:15कि सिस्टेमाटिक फेलियर है उसको पॉलिटिकल कलर देने
30:33तो उसने गुस्य में कर दिया हो काश इतना ही आसान होता अगर हिंदुस्तान की NCRT की किताब इतनी आसानी
30:39से लिखी जाती कोई आदमी गुस्य में जाएगा फिर किताब लिख देगा फिर पब्लिस हो जाएगा फिर उस पर हंगामा
30:43हो जाएगा तो फिर भगवानी मालिक ह
30:45इस देश में जो करिकुलम को जिस तरीकिस किया जाता है दरसल 2020 में एक National Education Policy आई उसके
30:51बाद एक National Education Framework बना और Framework बनने के बाद उस पे कई लेवल का Consultation होता है ऐसा
30:57नहीं कई लेवल के Consultations होते हैं कई लेवल के उसमें Reviews होते हैं और उसके बाद वो पास होता
31:03है और तब वो छप
31:15आजगी है उसको respect कर रहे हैं और ना ही है मानने के लिए तैयारी कर रहे हैं कि जानबुच्च
31:18की कि आप इसको किस तरीके से देखते हैं क्या आपको लगता है कि सरकार ने कहा होगा ने यह
31:25अगर सिस्टेमेटिक फिलियोर नहीं है अगर किसी की गलती से यह चीज नहीं हु�
31:45सारी चीज़े पब्लिक डोमेन में हैं मैं क्यों ही इस बात को कह रहा हूँ आपको अच्छी तरीके से आद
31:50होगा इस देश के लिए एक वाइस प्रेजरेंट है जगदीब धंकर उन्हेंने कोलेजियों सिस्टम पर ख्यारूप लगाया था जो जो
31:58जो जो पार्लेमेंट से �
31:59वा था उसको जिस तरीके से सुप्रीम कोट उसको खारिच किया था उसको कहा था कि यह पार्लेमेंट की सावरेंटी
32:05के खिलाफ है और यह दरसल भारत की जो पूरा प्रॉसेस है उसके भी खिलाफ है तो जो बेसिक फीचर
32:12अपर कॉंस्टिटूशन है इंडिपेंडेंस और �
32:14जब उस पर ही आप सवाल ख़ड़े करते हैं और देश के अंदर उपराश्च पत्ति के पत्तर बैठा वा सवाल
32:19ख़ड़ा करता है इसका मताब बहुत ही डीप रूटेड बायस जुटिशरी को लेकर है और यह पूरी कोशिस है जुटिशरी
32:26को आप कैसे सबाडिनेट कर सके
32:28एक्जेक्टिव के हाथ से यह कोशिश एक जमाने में इंदरा गांदी ने भी की थी और यह कोशिश आप देखने
32:33को मिलती है यह उसका रिफलेक्शन है और अब आपको जवाब देना होगा और अभी इंदिरा गंदी का जिकर खुद
32:39आशुतोशी कर चुके हैं तो हम लोग
32:55चल गया कि फलाने संगठन ने फोन किया थे NCRT की डिरेक्टर को और यह चिपवायता है मतलब यह ऐसे
33:00जंप कैसे कर सकते हैं कंक्लूजन में और तरक ऐसे टेड़े-मेले देंगे क्या यह कॉलेजियम की जो समस्या यूपीय
33:06ने नहीं उठाई थी क्या लगातार जजिस के �
33:09की उपर में एक्जेक्टिव का कितना रोल है पार्लेमेंट का कितना रोल हो इस पर बाते नहीं उठी थी क्या
33:14पहली बारे आया कानूल यह सॉवरेनिटी का तीन जो तीन या चार जो स्थम्भ हैं मूल वो मूल संभों के
33:20बीच में कैसे समनवे स्थापित हो यह तो एक डीप
33:35के पास जिम्मेदारी थी कि उसके उपर में वो अपने बिल्स ला सकते लाए उसको स्पाइक डाउन किया गया फिर
33:40से लाने का प्रयास किया जाएगा भविश्य में कोई और नेता होंगे जो कि प्रधान मंत्री होंगे नहीं क्याबिनेट होगी
33:46आज से दस साल बाद वो कु
33:48मुझे लगता है philosophical discussions को यहां नहीं लाना चाहिए यहां तो अशुत के पास evidence हो कि वो बोलें
33:56कि यहां मुझे पता है मैं फलाने डिरेक्टर से मैंने बात किया है उन्होंने बोला कि RSS का कॉल आया
34:00थे इस चीज़ के लिए क्योंकि वो जुडिशनी सिस्टम को नीचा दिखान
34:18में जिक्रा किया गया है जिस्टिस गवाई का क्योंकि जिस्टिस गवाई का एक कोट इसमें चपा हुआ है जिस बात
34:24को करॉप्शन को लेकर खास करके जुडिश अली में करॉप्शन को लेकर जो बाते लिखी गई है उसको सपोर्ट करने
34:30के लिए जिस्टिस गवाई का एक
34:31कोट भी इसमें रखा गया है जस्तिस गवाई कह रहे हैं कि उसको सिर्फ एक छोटा कोट
34:35इस्तमाल किया गया उसके बात जो बाते कही गई थी उसका जिक्राई ही
34:38नहीं किया गया है यानि तोड बरोड कर कहीं नहीं पेश करने की
35:18प्रशाद बुशन को भी कोट करिये का प्रशाद बुशन को भी कोट करिये।
35:26सुप्रिम कोट के फैसले के बाद भी प्रशाद बुशन यहां पर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं कि क्या गलत
35:31है अगर इस तरीके से बाते लिखी जाती है तो वो क्या दर्शाता है और उसके बाद आपको अच्छी तरीके
35:49से याद होगा किरन रीजीजू को क्यों हटाया गय
35:52जाके देख लिए उनका बयान सुप्रिम कोट को लेके क्या क्या बयान थे और जिस तरीके से जगडीब धंकर ने
35:58तो ब्लेटेट अटेक किया था सीधा अटेक किया था और लगातार यह साइट करने कोशिश की गई है कि जुडिशियरी
36:06में जगज़े से खिलाप किस तरीके
36:07किसे होते हैं लगातार साइट करने को लेकाल रहे है कि पार्टी के बड़े-बड़े नेता बड़े-बड़े मंतरी कप
36:13-कप क्या-क्या बयान दे चुके है उसके आधार पर आश्योतोष यहां पर बात रखने की कोशिश कर रहे है
36:18कि कही न कहीं कोई साजिश हो सकती है रज
36:37हर चीज जब भी यह बिल आया था जज़िस के सेलेक्शन का वो पूरा बकाइदा उसके उपर डिसकुशन देलिबरेट उसके
36:44पूरा कॉंसिटूशन बेंच बैठी ती उस पर चर्चा करने के लिए तो यह टीवी डिसकुशन डाइब का हलका डिबेट नहीं
37:04हो रहा था वह
37:04ज़ेटली जी हो रहे हो जब जब जब जब जब बड़ा करते हैं जब आप दोनों से एक बात समझे
37:13अच्छी था तमस्या सिर्फ यह है ठीक है आशुतोश ठीक है आशुतोश लेकिन आप ने इस बात का जिक्र नहीं
37:20किया प्रशान बूशन ने जो बात कही उसको लेकर आ�
37:35सुप्रीम कोड के का जो फैसला होता है उस पर क्रिटिसिजम का अधिकार हमारा सौमेधानम को देता है तो सुप्रीम
37:41कोड का क्रिटिसिम करना है अक अलग ठाई की होगी लेकिन अगर सर्कार के वरिष्ट पदोप और मैं तो वाइस
37:47प्रेशन का नाम ले रहा हूं जगदी�
38:03तो जब सरकार में Vice President के पत्वे, Law Minister के पत्वे बैठा हुआ वैक्ती
38:07पावर्फुल आद्मी जब इस तरीके की टिपड़ी करता है, इसका मतलब यह कि
38:10Judiciary को लेके Government के अंदर एक इन्हें पाया है, इस बात को साफ कर रहे थे हैं, यह बिल्कुल
38:17गलत बात है,
38:18जाहिज जी मैं आपको बता हूँ, ऐसे तो राश्रपती के ओफिस की उपर में भी Supreme Court ने बोला कि
38:23एक time bound तरीके से राश्रपती को भी निर्णा लेना है बिलों पर, उसके बार क्या हुआ, उसके बाद 14
38:29questions पूछे राश्रपती ने बड़े संगीन
38:31पूछे थे Supreme Court से, और ये भी बात उठी थी, कि अगर आप राश्रपती की उपर में अगर आप
38:35ये लगा सकते हैं, कि time bound तरीके से आप बिल क्लियर करिए, तो क्या ये Supreme Court नहीं उठना
38:40चाहिए, तो मैं ये बोल रहो, देखिए, philosophical question, detailed discussion हो सकता है उस पे, लेकिन बात है कि
38:46ये
38:46किताबें क्यों हटाई गई, उसमें सिर्फ एक मूल बात ये थी, कि जिस तरह से एक संस्था को काले पेंट
38:52से पेंट करके, आप जन्मानस का भरोसा उठा देंगे, तो जो हमारी व्यवस्था है, वो आगे नहीं चल सकती है,
38:59ये main समस्था है, लेकिन फिर सवाल ये भी उठ
39:13अगे नहीं होती है, साहिल जी, हर किताब पे हर एक वर्ड जो आड किया जाता है, पब्लिक डुमेन में
39:21उसकी चर्चा होती है, समस्या अलग है, समस्या जो सिस्टमिक समस्या कि मैं बात कर रहा हूं कि कभी भी
39:26किसी बिरोक्रेट को आपने कहीं पे भी सजा पाते हुए दे�
39:51देख रहा है, इसका जवाब मिल पाएगा?
40:12अजिता अगन जो है, ऐसे ऐसी चीजों में रोजवर्रा की चीजों में इन्वाल्व होते हैं, आशुतोष, देखे, मैं और और
40:22कितने में पढ़के सुना दू जगदीब धंकड का, वो कह रहा है कि, यू कांट डिस्क्रिप्ट जज्जमेंट इन लेजिसलेचर, और
40:30इन द
40:42ठेक है, लेकिन एक बात देरा समय खतम हो गया है, लेकिन एक बात तो साफ है, सुप्रिम कोट भी
40:46जब इस बारे में अपनी ओर्डर दे रहा था, तब भी सुप्रिम कोट ने साफ शब्दों में कहा कि, वो
40:51किसी भी तरीके से, अगर किसी चीज़ को लेकर क्रिटिक कोई अ�
41:06इंटर्वेंचिर करना पड़ने है
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