00:05बिहार के समस्तिपूर में 25 फर्वरी को एक अनोखी बारात निकली जिसने आध्वनिक जवाने में प्राचीन परंपरा को जीवन्त कर
00:13दिया
00:14लगजरी कारो और डीजे के जगा 35 सजी धजी बैल गाडियों का जथा सरकू पर चला जिसमें 70 बैल जुटे
00:21थे
00:24स्वर्ग होटल से निकल कर गजराज पैलेस तक गई यह बारात पूरी तरह प्रदूशन मुख थी
00:29दूलहा अलोक कुमार घोरी पर सवार था जबकि बाराती बैल गारियों पर सूफिक गदों पर बैठ कर लोग गीतों और
00:36सहनाई की दुनों का मजा ले रहे थे
00:52समस्पूर बीन अदृं भॉष परणुचरों युष मुष्ट पर्णी बैल गारे रहां ₹ रहे लेह बाय गानेसे मुषए पर्ण की दुन्स抑
01:18सबसे ही
01:20तो ने तो रेक हो और रहे – अपाराती दृम यह पाराती पर्णी बैल की तो है
01:22दूले के चाचा और पशु प्रेमी मेहंद्र प्रधान ने कहा यह विचार सोनपूर मेले से आया हम चाहते थे कि
01:29यूवा पेड़ी पुराने दौर की बारात देखे और पर्यावरन का संदेश भी दे
01:35वही कारिवान रामशी सुराय ने कहा प्रधान जी के हाँ बैल गारी से बारात जा रही है जमाना वीत गया
01:43लेकिन एक बार फिर वो दौर लौट आया है 35 बैल गारी है समस्तिपूर के स्वर्ग होटल से बारात निकल
01:49कर मत्धुरापूर में जगराज पैलेस को पहुँची है
01:56लोगों ने इसे असी के दशक की याद बताया सोशल मीडिया पर वीडियो वाइरल हो रहे हैं यह शादी पर्यावन
02:04सरक्षन और सांस्कृति विरासत का शांदार मेल साबित हुई
02:08इड़ी भारत के लिए समस्तिपूर से अमित कुमार की रिपोर्ट
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