00:07गुआ हाटी के इस छोटे से केंद्र में शनीवार और रविवार का दिन कुछ खास होता है
00:11यहाँ तालियों की गूंज और अभिनाय का जोश किसी प्रोफेशनल थियेटर ग्रूप से कम नहीं
00:17यहें दिव्यांग नाट्टे विद्याले देश के पहली ऐसी पहल जहां कला को इलाज और आत्मविश्वास का जरिया बनाया गया है
00:25इस मिशन के पीछे है राजीव कुमार सौर बच्पन में अपने दिव्यांग चाचा से प्रेरित होकर राजीव ने ठाना था
00:33कि वे इन बच्चों के लिए कुछ अलग करेंगे
00:35शिशु सार्थी जैसे संगठनों के साथ लंबे अनुभाव के बाद 2019 में उन्होंने इस ट्रामे के सफर की शुरुआत की
01:32यहां के वल आक्टिंग ही नहीं सिखाए जाती
01:34राजीव का लर्निंग मॉड्यूल इन्हें कुदरत के करीब ले जाता है
01:38नदी के किनारों पर पक्षियों की आवाजे सुनना और पेपर क्राफ्टिंग के जरिये बारीकी से काम करना
01:44इनके सरवागेंड विकास का हिस्सा है योग और ध्यान से इनके मानसिक स्वास्त में भी बड़ा सुधार दिखा गया है
01:52बदलाव की सबसी बड़ी गवाह इन बच्चों की माताएं हैं जो बच्चे पहले बोलने में कत्राते थे
01:58या जिने हर कदम पर सहारे की जरुरत थी वे अब मंच पर बेखौफ होकर अपनी प्रतिभा दिखा रही है
02:04इन बच्चों की टोली अब दिल्ली जैसे बड़े मंचों पर भी अपनी कला का लोहा मनवा चुकी है
02:33राजीव कुमार सौत किया कोशिश साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हो
02:38और सही दिशा मिले तो दिव्यांगता किसी भी सपने की राह में रोडा नहीं बन सकती
02:43गुआहाटी से कुलागिता सौत की रिपोर्ट
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