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  • 18 hours ago
जिनेवा में तीसरे दौर की बातचीत से पहले आजतक पर ईरानी विदेश मंत्री अराघची, देखें Exclusive इंटरव्यू

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00:07क्या इरान अमेरिका में युद्ध होगा जवाब इस इंटर्व्यू से मिलेगा
00:19क्या इरान के बास है परमाणू हत्यार
00:24बताएगा वर्ल्ड एक्स्क्लूजिव साक्षातकार
00:31जंग हुई तो क्या करेगा तहरान
00:38इरान के विदेश मंतरी खुद बताएँगे प्लान
00:41दुन्या भर में हर्प मीडिया की हेड्लाइन
00:49कोने कोने में तहल का मचाने वाला इंटर्व्यू
01:00जिनीवा में स्विद्जलिन में अपसे थोड़ी देर में
01:03इरान के विदेश मंतरी अमेरिका के साथ
01:06तीसरे दौर की बातचीत के लिए पहुँच रहे हैं
01:09ये करीब ये जो बातचीत है ये ताई करेगी
01:11कि अमेरिका और इरान के बीच अब युद्ध होगा या शानकी
01:16बड़ी खबर इस समय आ रही है
01:18दुनिया को बदल डालने वाली इस खबर पर सबसे पहले
01:22आज तक ने जो तहल का मचाया है वो इंटर्व्यू हम आपको दिखा रहे हैं
01:26ये इंटर्व्यू है इरान के विदेश मंतरी सैयाद अराग्ची का
01:31जिनीवा में तीसे दोर की बातचीत के लिए निकलने से ठीक पहले
01:34आज तक को तहरान में उन्होंने ये वर्ल्ड एक्स्क्लूसिव इंटर्व्यू दिया
01:50दुनिया भर की मीरिया इस इंटर्व्यू से निकली खबरों को हेडलाइन बना रही है
01:54क्योंकि यही वो इंटर्व्यू है जिसमें इरान ने अपना रुख आईने की तरह साफ करना
02:01युद के लिए इरान की तैयारी क्या है
02:04परमाणू कारिक्रम के उसने अपने अधिकार को लेकर क्या कहा है
02:08प्रदर्शनकारियों के दमन से लेकर भारत और इस्रेल के जो संबंध है
02:14हर बड़े प्रश्ट का उत्तर इस वर्ल्ड एक्स्क्लूसिव इंटर्व्यू में आप सुनने वाले हैं
02:29हम इस समय इरान के विदेश मंत्री अबास अरगची से बात कर रहे हैं
02:34मंत्री जी इस बातचीत में शामिल होने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद
02:38डॉनल्ल ट्रॉम्प ने एक बार फिर इरान को चेतावनी दी है
02:48सबसे पहले तो मुझे यहाँ बुलाने के लिए धन्यवाद
02:52आपके प्रश्न का उत्तर है बिल्कुल हम तयार हैं
02:56हम पूरी तरह से तयार हैं
03:00दोनों विकल्पों के लिए
03:04युद्ध भगवान न करे और शान्ती दोनों के लिए
03:11जैसा कि आप जानते हैं मैं जिनेवा जा रहा हूँ
03:14आज दोपहर अमेरिकी टीम के साथ हमारी बादचीत का तीसरा दौर होने वाला है
03:24और पिछली बार हमने कुछ प्रगती की थी
03:27हम कुछ हद तक सहमती तक पहुँचने में सक्षम रहे थे
03:33मुझे लगता है कि इस समझ के आधार पर हम सचमच कुछ सकारात्मक कर सकते हैं
03:38एक समझोते के रूप में एक डील
03:43मुझे लगता है कि एक निश्पक्ष, संतुलित और नियाए संगत सौदा संभव है
03:48और हम इसे कर सकते हैं
03:55बेशक हमारी सशस्त्र सेनाएं अपना काम करने के लिए तयार हैं
03:59और हम जानते हैं कि अपनी रक्षा कैसे करनी है
04:02और यही हमने पिछली बार किया था
04:04हमने पिछले युद्ध से बहुत कुछ सीखा है
04:06इसलिए हम और भी अधिक तयार हैं
04:08और इसका मतलब ये है कि हमारा लक्ष युद्ध को रोकना है, जब आप युद्ध के लिए तयार होते हैं,
04:14तो आप उसे रोक सकते हैं, वरना आप उसे अपने घर में हमंतरत कर रहे होते हैं, इसलिए हम पूरी
04:20तरह से तयार हैं, इसलिए नहीं कि हम युद्ध चाहते हैं, ब
05:08से अच्छा तरीका है।
05:18पर पहुचने की पूरी संभावना है।
05:38आज तक पर उन्होंने ये बयान भी उन्होंने दिया कि ये रुख वो साफ कर देना चाहिए।
05:45अच्छी कहा कि समझोता तो दूसरे पक्ष पर भी निर्भर करता है।
05:49मुझे नहीं लगता कि दूसरे पक्ष की जो मन्शा है वो समझोते की है।
05:54पिछली बार का हमारा अनुभव कड़वा रहा है।
05:57ये बहुत बड़ी बात है अब बासराक्ची का ये कहना अमेरिका के संदर्व में।
06:01पिछले साल जून से बातचीत हो रही थी।
06:05तब इसरेल ने हमला किया और अमेरिका उसके साथ शामिल हो गया।
06:09उसके जख्म अब तक नहीं भरे है और इसलिए इस बार इरान जादा सतर्क है।
06:19क्या आपको विश्वास है कि कोई समझोता हो जाएगा ये आप केवल समझोते की उमीद कर रहे हैं।
06:25देखिए मुझे उमीद तो है ही पर मुझे लगता है कि ये सचमुच संभव है।
06:30बेशक ये दूसरे पक्ष के रवये पर निर्भर करता है।
06:39सच कहें तो हमें पूरी तरह से यकीन नहीं है कि वो ऐसा करने के लिए वाकई दर्ड़ संकल्पित हैं।
06:45क्योंकि हमारे पास पिछली बार का कड़वा अनुभव है।
06:49हम पिछले साल जून में बातचीत कर रहे थे तब ही इसराइल ने हम पर हमला कर दिया और फिर
06:54अमेरिका भी उस हमले में शामिल हो गया।
06:56इसलिए वो घटना हमारे जहन में अभी भी ताजा है। उस हमले के घाओ अभी भरे नहीं हैं।
07:06हम ये नहीं भूल सकते कि एक समय हम अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे थे और फिर उन्होंने हम
07:11पर हमला करने का फैसला लिया।
07:13इस बार हम जाहिर तोर पर जादा सतर्क हैं और हमें चिंता है। लेकिन अगर उनकी तरफ से किसी नतीजे
07:21पर पहुँचने का सच्चा गंभीर इरादा हो तो मुझे विश्वास है कि ये संभव है।
07:43अगर आश्रोपती डॉनिर्ट ट्रम्प फेक न्यूस का शिकार हो रहे है। उन्होंने साफ किया कि इरान लंबी दूरी तक मार
07:51करने वाली मिसाइले नहीं बना रहा है।
07:53इरान ने जान बूच कर अपनी मिसाइलों की जो सीमा है वो दो हजार किलो मीटर रखी है।
07:59हम दुनिया में खत्रा नहीं पैदा करना चाहते। दो हजार किलो मीटर तक मार करने की क्षमता इरान की आत्मरक्षा
08:07के लिए है।
08:07आज तक पर अराक्षी ने बड़ी वाद ये भी की कि इरान परमाणू हत्यार ना बना रहा है ना बनाने
08:15की उसकी कोई मंशा है। सुनिये।
08:21मंतरिया राक्षी आप कह रहे हैं कि आप आशावादी हैं और आपको एक कमजोर ही सही पर इरादा नजर आ
08:28रहा है।
08:48कि राश्चुपती ने दावा किया है कि इरान ऐसी मिसाईले विक्सित कर रहा है जो अमेरिका तक पहुत सती हैं।
08:55और ये कि बातचीत की शर्त ये है कि परमाणू समवर्धन बिलकुल भी ना हूँ। तो ऐसे में मिसाईलों का
09:01दावा वास्तव में आया कहां से।
09:09देखिए राश्चुपती टरंप हमेशा से ही फेक न्यूस की शिकायत करते रहे हैं।
09:14तो मुझे लगता है कि ये स्थिती उल्टी हो गई है दुर्भागे से। इस बार वो खुद फेक न्यूस का
09:20शिकार हो गए हैं।
09:21हम लंबी दूरी की मिसाईलें विक्सित नहीं कर रहे हैं।
09:24और हमने जान बूच कर अपनी मिसाईलों की मारक शम्ता को दो हजार किलो मीटर से कम रखा है।
09:30क्योंकि हम नहीं चाहते कि कोई भी वैश्विक खत्रा बने।
09:39ये सिर्फ आत्मरक्षा के लिए हैं।
09:44हमारी मिसाईलों का उद्देश रक्षात्मक है।
09:46इनका उद्देश केवल प्रतिरोध ख्षमता बढ़ाना और आत्मरक्षा में हमारी मदद करना है।
09:52ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने पिछले जून के दौरान युद्ध में किया था।
09:59हमने उस युद्ध की शुरुआत नहीं की थी।
10:02उसकी शुरुआत पहले इसराइलियों ने और फिर अमेरिकियों ने की थी।
10:05हमने तो सिर्फ अपनी रक्षा की।
10:07उन्होंने जरूर उसे एक गेर कानूनी आक्रमर बताया लेकिन हमारे लिए वो आत्मरक्षा थी।
10:12और हमने इसे अपनी मिसाईलों के जरिये किया।
10:32पीडियों के नाम पहले ही प्रकाशित कर दिये हैं।
11:02और सारजनिक रूप से कहा कि अगर किसी को लगता है कि नाम इससे जादा हैं तो हमें सबूत थे।
11:08एक भी मृतक और हो तो बताएं। अब तक कोई नया नाम सामने नहीं आया है।
11:13इसलिए 32,000 का आकड़ा बिलकुल गलत है।
11:17तो मुझे उमीर है कि हम अपनी समझ को वास्तविक तत्यों पर आधारिक करेंगे।
11:27और तत्य ये हैं कि एरान परमानु हत्यार विक्सित नहीं कर रहा है।
11:32हमने हमेशा कहा है और मैं फिर से दोहराना चाहूंगा कि हमारा परमानु हत्यार बनाने का कोई इरादा नहीं है।
11:38और नहीं लंबी दूरी की मिसाइले बनाने का।
11:43और हमारा इरादा और द्रध संकल्प है कि हम पर्मानू प्रोध्योगी की के शांति पून उप्योग के अपने अधिकारों का
11:50उप्योग करें और उन्हें अमल में लाएं
11:57ईसमें एक बहुत बड़ा मुद्दा उरेनियम का समवर्धन या इंरिच्मेंट है इस पर क्या कहना है आज तक से इसमें
12:07इसराया गया
12:20अब बासराक्षे ने उम्मीद जताई कि इस मुद्दे पर डील अभी जिनीवा में हो सकती है
12:27शुनिए
12:30लेकिन क्या परमानू समवर्धन एक समझोता तोड़ने वाला मुद्दा नहीं है
12:48समवर्धन के बारे में कुछ कहते नहीं सुना
12:50हाँ, समवर्धन एक बहुत गंभीर मुद्दा है
12:53और हमने अपनी चर्चा के पिछले दो चरणों में इस पर बात की है
12:57और मुझे लगता है कि अभी भी समझोता होने की संभावना है
13:00बेशक मैं इस इंटर्व्यू के माध्यम से कुछ नहीं कहेंगा
13:04लेकिन मुझे विश्वास है कि समझोता संभव है
13:08तो उम्मीद की ये किरण है कि समझोता जनीवा में समय हो सकता है
13:14अभा सराक्षी ने आज तक से बाचीत में अमेरिका से इरान की मांग को बिलकुल साफ तोर पर सामने भी
13:21रखा
13:21अभा सराक्षी ने कहा कि इरान अपने परमाणू कारिक्रम पर भरोसा बनाने के लिए तैयार है
13:28लेकिन बदले में इरान के उपर जो पाबंदिया लगी है उन पाबंदियों को हटाया जाए तभी अगर समझोता होगा तो
13:37ये जायज समझोता होगा
13:39उन्होंने कहा कि इरान परमाणू अप्रसार संदी में शामिल है
13:44Nuclear Non-Proliferation वो परमाणू हथ्यार नहीं बनाएगा
13:48और इसकी वो सहमती दे चुका है फिर देने को तैयार है सुनिए
13:55काश की समझोते के बारे में आप सारी जानकारी हमसे साज़ा कर सकते
14:00आप उचित और न्याय संगत को कैसे देखते हैं
14:03इरान को क्या करने की इजाज़त मिलनी चाहिए और अमेरिका को क्या मिलना चाहिए
14:08हम सर्फ अपना अधिकार चाहते हैं
14:11अपने अधिकार का प्रयोग करने का अधिकार
14:14हम परमानु अप्रसार संधी यानी NPT के सदस्य हैं
14:18और हमने परमानु हतियार न रखने की प्रतिबधता जताई है
14:22लेकिन साथ ही हमें शांती पूर्ण उद्देशों के लिए
14:25परमानु प्रोध्योगी की का उप्योग करने का पूरा अधिकार है
14:28और हम उस अधिकार का प्रयोग करना चाहते हैं
14:31जैसा कि मैंने कहा अगर कोई सवाल है अगर कोई चिंता है
14:35तो हम उसका समाधान करने के लिए तैयार हैं
14:38ताकि हम विश्वास कायम कर सकें
14:40हमारे परमानु कारेक्रम पर
14:42और बदले में हम प्रतिबंधों को
14:44खत्म किये जाने की उम्मीद करते हैं
14:46इसलिए ये एक उचित समझोता है
14:48जिससे हम विश्वास कायम करते हैं
14:50और ये सुनिश्चित करते हैं
14:52कि हमारा कारेक्रम शांतिपून है
14:54और हमेशा शांतिपून बना रहेगा
14:59आपके विचार में राश्पती ट्रम्प के
15:01इरान विरोधी रुख के पीछे क्या है
15:03उनकी इस सोच के पीछे क्या वज़व है
15:06क्या इसकी वज़ा उनका सहयोगी देश इसराइल है
15:19दरसल ये सब शुरू हुआ
15:21इरान में इसलामी करांती से
15:23मुझे लगता है कि अमेरिकी इसे समझ नहीं पाए
15:26और विरोध में खड़े हो गए
15:27उन्होंने इसके खिलाफ शत्रुता शुरू कर दी
15:35पिछले 47 वर्शों में
15:38इरान अमेरिका की इसी विरोध से उपजी शत्रुता का शिकार रहा है
15:42इस दोरान उन्होंने हमारे विरुध सब कुछ आजमा लिया
15:46उन्होंने कई बार तख्ता पलट की कोशिश की
15:48उन्होंने सद्दाम हुसेन को हमारे खिलाफ
15:51आठ साल का युध थोपने में मदद की
15:53पिछले साल एक और युध
15:55हर तरह के प्रतिबंद
15:56उसके बाद दबाओ की नीती
15:58फिर भी वो असफल रहे
16:06क्यों? क्योंकि उनके पास
16:08इरान और इरानी लोगों के बारे में
16:10कोई वास्तविक जानकारी नहीं थी
16:12और उन्हें गलत सूचना अभियान से
16:14गुमराह किया जाता है
16:15जो ज्यादा तर इसराइली लॉबियों
16:17की ओर से चलाया जाता है
16:18इसलिए मेरा मानना है कि बादचीत का
16:20एक मात्र उपाये इरानी लोगों
16:22से सम्मान की भाषा में बात करना है
16:31और अगर वो उस भाषा का प्रयोग करते हैं
16:34तो उन्हें अच्छे नतीजे मिलेंगे
16:36हम भी उनसे उसी भाषा में बात करेंगे
16:38लेकिन अगर वो जोर जबरदस्ती की भाषा अपनाएंगे
16:41तो परिणाम बही होगा जो हम देख रहे हैं
16:47इसलिए उमीद करते हैं कि वो अपने दृष्टिकोन को बदलेंगे
16:50और फिर हम एक दूसरे के साथ ब्यभार का बहतर तरीका खोच सकते हैं
16:55आपके कंदों पर बहुत बड़ी जम्मेदारी है
17:00आज पूर एक शेत्र और दुनिया की शांती की है
17:03लेकिन अगर जिनेवा में बातचीत विफल होती है
17:05तो सैनने विकल्प मौजूद है
17:07और सर्वोच नेता भी निशाने पर हो सकते हैं
17:10वाशिंग्टन से आ रहे संदेशों में ये बात बिल्कुल स्पष्ट है
17:20हाँ सैनने विकल्प तो है ही
17:22उन्होंने हमारे चारों और एक विशाल सैनने उपस्थिती बना रखी है
17:34अगर उनका मकसद हमें धमकाना है
17:36ताकि हम आत्म समर्पन कर दें तो ऐसा नहीं होने वाला
17:39ये पक्का है
17:45हमने इसे साबित भी कर दिया है
17:47पिछली बार जब युद्ध में इसराईल ने हम पर हमला किया था
17:50शायद आपको याद होगा
17:52युद्ध के तीसरे दिन एक ट्वीट आया था
17:54बिना शर्थ आत्म समर्पन
17:56लेकिन ऐसा नहीं हुआ
17:57और बारा दिनों के बाद उन्होंने बिना शर्थ युद्ध विराम की मांग की
18:02और हमने इसे स्वीकार कर लिया
18:04क्योंकि ये बिना शर्थ था
18:12अगर आप किसी असफल अनुभव को दोहराते हैं
18:15तो आपको कोई बहतर परिणाम नहीं मिलेगा
18:17जैसा कि मैंने पहले कहा था
18:19पिछली बार की तुल्ला में अधिक तयार हैं
18:22इसलिए जीत नहीं होगी
18:24किसी के लिए भी
18:25ये है एक विनाशकारी युद्ध होगा
18:36इस क्षेतर में फैले हुए है
18:38तो शायद पूरा कşेतर ही
18:40इसमें शामिल हो जाए
18:41इसलिए ये एक बहुत ही डरावनी इस्तिती है
18:44मैं इसके बारे में बात भी नहीं करना चाहता।
18:50तो ऐरान बार बार ये चेतावनी दे रहा है
18:52कि ऐरान शांती चाहता है
18:54लेकिन युद के लिए भी पूरी तरह से तैयार है
18:57और इस बार 12 दिन से कहीं जादा ये युद बहुत विनाशकारी होगा
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