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Seher – Hone Ko Hai is an Indian Hindi-language television drama series that premiered on 2 December 2025 on Colors TV. Produced by Richa Yamini under Icecream Dreams and Aarambh Entertainment. It stars Rishita Kothari and Parth Samthaan.
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Short filmTranscript
00:05पर्वेज मियाँ
00:06स्वाम वाले कौँ वाले कुछ
00:08हरे किलाब
00:09आपने दर्वाजे तक आने कि सहमत क्यूंकि
00:11हम तो आई रहते हैं आपके पास
00:13हम अपने मेहमानों का खेर मगदम खुदी करते हैं
00:17जनान खाना इस तरफ है
00:19आईए आप इदर तर्श्रिफ लाइए
00:27अश्याल्ला इसा लगता है जिसे जननत में आ गए है
00:30परवेज मियाँ
00:32हमने सुना है कि जननत की चका चौन देख कर कभी कभी आखों की रोष्णी भी चली जाती है
00:39जी जी
00:41इसलिए निगाहें नीची ही रहें तो बहतर है
00:45अरे आप बहर क्यों खड़े हैं अंदर आईए हमने खाजी साप तक पैगाम पहँचाया है वो बस आते ही होंगे
00:51आईए जी सारी तारीखें आज ही ते हो जानी चाहिए इंशाओला आज ही कर देंगे ते
00:59हुसेनी ये सब ना मर्दाने में ले जाओ हाँ चलिए हम इदर राबिया क्या कर रही है जल्दी करो
01:09ये कौन सी जगे आगा है हम
01:14ये तो वही हिस्सा है जहां हम सुबग हो गए थे
01:18हमें भी ना बस आफ़प को दावत देना आता है
01:20बस अब अम्मी को पताना चले नहीं तो शामत आजाएगी
01:28अरे आप लोग खा क्यों नहीं रहें बिस्मिल्ला करें जी जी बिल्कुल सब ऐसे बहुत प्लज़त का लग रहा है
01:35हमारे यहां सब खान सामाई बनाते हैं जी
01:47कैसी हो बीबी
01:57हमने कहा थाना कलोटी कबाव ली कराना
02:03लाए हैं
02:08बहुत मुलाया मैं
02:09भी बहुत खूब खाला जान
02:12आप इचासत दी तो हम सहे कुमाहिट से मिलवा दे
02:16आपको कैसे मना कर सकते हैं जरूर
02:27जहर
02:32हम आते हैं
02:33हम आपने कर अब
02:45कर आप
02:50आप
02:54आप
03:02आप
03:05अपने हाथ से बनी चीज़े दाग पसंदा हुआ अपने हाथ के बना ये कबाब उने पेश करो वो खुछ हो
03:13जाएंगे देखना हम चलते हैं हमें कबाब में हड़ी नहीं बनना है
03:40हुआ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ बेफजूल है राबता
04:04आए अल्ला क्या चाहते हैं, अम्मीन एकनी मशक्कत से प्लान बनाया है, सब फ्लॉप हो जाए
04:10वासरे तो लाजमी थे
04:31इतने जुदा हो के भी कैसे होने लगे हम एक जहाँ
04:41क्यों कामखा ही बेवजा जुडने लगे हम इस तरह
04:51बे लख है हम बे जुबान बे फिजूल ये राबता
05:09बेवजूल ये राबता
05:18आप
05:19हम आपके लिए लाए
05:27अपके लाए
05:28ये कहा है गो कबाब गुलोटी कबाब लाए
05:32अब डिब ने गुलोटी कबाब लाए
05:40वो वो में कबाब बनाने तो नहीं आते लेकिन फर्म ने इंटरनेट पर रेसीपी देखी और बड़ी महनत से कबाब
05:46बनाए
05:46अम्मी कह रही थी कि इतने चटपड़े कबाब बने है कि लोग लग्याओं के मशूर्ट उन्दे कबाब को भूल जाएंगे
05:55आप कहा के देखी ना
05:56आप कि दूनल जाएंगे
06:15यह क्या आपमे
06:17कि अध्याओ
06:22कि आप
06:36झाल झाल
07:07जूरी गिर्ट चुकी है
07:09हाथ कटना लाजमी है
07:11माफ करना माहित
07:13हमने आपको तकलीफ दी
07:16लेकिन हम आपको किसी और का होते वे नहीं देख सकते
07:23हम आपको अपना गरीब खाना दिखाते हैं
07:26माशाआलला बहुत ही खुबसूरत घर है आपका
07:29मुझे हुमर देख नहीं है आप
07:31जी
07:31खास बहरीन से मंगवाए है हमने
07:33हाँ क्या पात है
07:36देखिए माहित को क्या हो गया है
07:38जल्ली आइए
07:39खास माहित को क्या हो गया है
07:49करो काजीसाब को ताथरो करो यापता गरता हूँ
07:53अभार्ड़व पुखिए माहित को क्या हो गया है
08:01माहित को कहीं परशे कोई द्वरा दोने पड़ यह
08:11झाल झाल क्वास ए
08:46हम्मी, महाहित भाइजान पर दोरही दिवानगी पड़ रही है, चुप, बेवकुफ।
08:53वह लेकिन ये महाहित ऐसे मिट्टी क्यों डाल रहा है?
08:57महाहित वह वह दरहसल महाहित को पोठ्री का शॉक है ना तो इसलिए सहर को शिखा रहा होगा, बता रहा
09:05है कि कैसे बनाते हैं?
09:17महाहित!
09:20महाहित!
09:23महाहित!
09:25महाहित!
09:26महाहित!
09:28क्या कर रहे हैं?
09:38वही करना तादा हुज़र जो आपने सिखाया था
09:41जब पुराने यादे परेशान करें तो उसे दफना देना चाहिए ना?
09:46वही तो करें थे हम
09:51कलोटी का बब
09:53अम्मे की याद दिला दे
09:56तो बस उन तमाम यादों को तफना दिया मेरा
09:58मिट्टी डाल कर
09:59हम बस दुआ किजे कि यादे कभी लोट कर वापस ना है
10:28जलिया है
10:34परवेज में हम लोग निकाह के तारिफ किसी और दिन रखेंगे
10:41दिन अच्छा नहीं है आज का
10:47जी
10:48जी
10:51इंशाल्लाः
10:52किसी और दिन आते
11:14किसी अच्छा निकाह तो रुक गया
11:16अब हमें अपना रास्ता बनाना है चल्दी
11:27किसी अच्छा नहीं अच्छा नहीं
11:27अरे यह अंगूर क्यों लायो फटाओ इसे
11:29माहे को खटे फल बिकुल भी पसंद नहीं
11:31वो शटूत लाओ
11:35मढशा को ज अच्छा काता है अच्छा नहीं
11:43इसे चोटे चोटे करने
11:51अच्छा कुल अच्छा हैं तुमने
11:53हम तुम सबको हज़ाद बार बता चुके यहहँ
11:57हम फिरभी हर काम हमें घटता है
11:59य데
12:00कि लिप्रिस का तेलगरम हो गया होगा ले आई उसे
12:09बाजी लाईए हम दे आते हैं
12:11नहीं, हम खुद लेकर जाएंगे
12:13वो छोड़ी छोड़ी बातों पर नाज हो जाते है
12:15कि तुमने गिरा दिया तो हमारी सारी कि सारी महनत जाया हो जाएगे
12:21जहरे पर किस अंदास की मुस्कान लेकर उनके सामने जाना चाहिए
12:25यह सिर्फ और सिर्फ हम जानते हैं
12:32हमें जिस बात का डर था, वही हो गया
12:37चचाजान, अज भिर आपकी बात सच साबित होगी
12:41सफर में रात वहीं पर होती है
12:42जहां पर डाको का खत्रा सबसे जादा होता है
12:46हमें हमेशा इस बात का डर सताता रहता था
12:49कि कहीं माहिद मिया का गुस्सा गलत वक्त और गलत जगे पर ना फूट पड़े
12:52और आज वही हुआ जिस घर में उनका रिष्टा लगने वाला है उन लोगों के साथ
12:57कि गजब हो गया हमें नहीं लगता कि परवेज मिया अब अपनी बेटी का रिष्टा माहिद से करवाएंगे
13:09कि रिष्टा तो तूट गया देख लेना
13:18अब आपको यह एसास होई गया है तो ऐसे खड़े हो कि आपको पेशिंगोई नहीं करने चाहिए
13:25अब जाएए और अल्ला से दुआ कीजे कि ऐसा हर्गिज ना हो यह आपके चचा हुजूर की इस्जत का सवाल
13:33तो
13:36हमने भरी मजलिस में सब के सामने बड़े फक्र से यह एलान किया था कि परवेज मिया की बेटी सहर
13:44का निका माहिद के साथ होगा
13:47चचा हुजूर अब हमें भी तो इसी बात की फिक्र से ता रही हैं आप इस शहर के मुफ्ती हैं
13:54आपने एलान कर दिया तो कर दिया पर अगर परवेज मिया ने इंकार कर दिया
14:07आपको परवेज मिया की फिक्र करने की जरूवत नहीं है परवेज मिया नेक बंदे वो हमारी ना फर्मानी का भी
14:14नहीं करेंगे यह आपका यकीन है चचाजान लेकिन बाहर जो दुनिया है वो यकीन के लायक नहीं है चचाजान परवेज
14:24ने माहिद को जिस हालत में देखा
14:25माहित को उस हालत में देखने के बाद परवेश तो क्या दुनिया का कोई भी बाप अपनी बेटी को ऐसे
14:31इंसान के गले में नहीं बांदेगा
14:34हमें रिष्टा तूटने का डर नहीं है
14:38अलहम्दोलिल्ला आप जिस तरफ हाथ उठाएंगे दस रिष्टे आ जाएंगे
14:43हमें डर सिर्फ इस बात का है कि वो परवेश कहीं सारी दुनिया के सामने हमारे माहित के पागलपन का
14:48धिंडोरा ना पीड़े सिर्फ यह थाबित करने के लिए कि उसने आपके हुक्म की नाफरमानी क्यूं की
15:01सुनो जो कुछ भी हुआ है मौलाना साप के गळ उसके बारे में अगर किसी ने भी धिंडोरा पीटा ना
15:06तो तो जुबारा बोलने के काबिल नी रहेगा बूल याओ कुछ नहीं वा है समझ गी ना किसी ने कुछ
15:14देखा है ना किसी ने कुछ सुना है अब क्या कहना चाहरे �
15:18अभी भी सेर की शादी इस लड़के से कराना जाते है तो आपकी क्या मर्जी है मालकिन जाहेबा है इती
15:25चोटी सी बात प्रिष्टा तोड़ दिया हम
15:28अरे मौलाना सहाब का जश्मो चिराग है माहिद लखनाओ का होने वाला मुफ्ति आजम चिराग लेके भी डूंडोगी ने तो
15:36मही से अच्छा ललका नहीं डूंपाओगे अपनी बेटी के लिए इस बात को न अपनी मूटी एकल में गुसा लो
15:40तो आपनी देखा न उसकी ह
15:54तुम्हारी बेटी की जिम्मेदारी होगी उसे खुश रखनी की शोहर की सिंदगी सुधारीगी तो अल्ला जिननत के दर्वाजे खोलेगा इसके
16:02लिए
16:05और हम ऐसे बाप हैं जो अपने बीटी का निकाना शेहर के सबसे आला खांदान में कर रहे हैं
16:11हम अपनी सेर की जादी पागल से नहीं होने देंगे
16:15अपर चार्ज अगर माहित के खलाफ एक शबडी बोला तो मितो हुदा कसम तुमारी जबान खीच लेंगे हम
16:21पागल नहीं है वो सुना पागल नहीं है वो
16:26सब्सक्राइब को अपनी तो लग रहा कि उसे पागल बनाया रहा है
16:37जरूर तुम्हारी बेटी के करामात होगी है
16:41मर्द को घुस्सा तभी आता है जब औरत भड़काती है
16:45पेट्रोल का काम करती है औरत
16:48कहीं ऐसा तो नहीं कि उस लड़की नहीं कुछ गलत
16:51पत्तमीजी करें ऐसा गुस्सा तो दुश्मन के सामने भी जाहर नहीं करना चाहिए और फिर तो वो वो लड़की तो
16:58माहिती होने वाले दुलन है
17:01जो कुछ भीवा जल्ती माहित की है
17:07अबू
17:09माहित कभी बेवजा किसी पर गुस्सा नहीं करते
17:14ज़रूर सेहर ने कुछ बत्तमीजी की होगी
17:16जिसकी बज़ा से माहित को गुस्सा आ गया
17:19कैसी बत्तमीजी?
17:20वो हमने सुना था
17:21वो माहित को अपने हाथों से बने गलोटी कबाब खिलाना चाहती थी
17:27अफो नासी मा
17:28तो वो बैचारी प्यार से बना कर लाई होगी ना
17:32उसे थोड़ी ना मालूम होगा कि
17:34गलोटी कबाब देखते ही माहित मी आपने होश को बैठेंगे
17:37हाँ मी पर ऐसी तो कई बाते होंगी ना जो उसे मालूम ही नहीं होगी
17:42वो बार-बार ऐसी कुछ ना कुछ गल्ती करती रहेंगी माहित को गुस्ता आएगा और वो अपना नुकसान करते रहेंगे
17:48दोनों की जिंदे की जहनुम बन जाएगी
17:50इसलिए तो हम चाहते हैं कि माहित की शादी ऐसी लग्की से हो जो से जानती हो
17:58जैसे कि हम
17:59हर लग्क हम हमें सब कुछ पता है हमाहित के बारे में उसकी पसंद माहित को फूश रंग पसंद है
18:15कौनसी कुश्बू पसंद है कौनसा खाना पसंद है
18:19कुछ आइट कौन सी होनी जाहिए ये भी हम जानते है
18:22और तो और जब उसका सर दर्द करें तो उसे कौन सा तेल लगाना है
18:26यह तक चानते हैं
18:29कि देखिए
18:36गुस्ताखी माफ तादा हुजूर
18:37हम आपकी फैसले की बहुत इज़त करते हैं
18:39लेकिन हमें लगता है कि आपको एक बार दुबारा सोचना चाहिए
18:42उन लोगों ने माहित का ये मिज़ाज तो देखी लिया है
18:46अब कर यह ऐसा नहो कि वो लोग हमारे बेज़ती करके रिष्टा खुदी तोड़ते
18:50उससे पहले दादा हुजूर आप ही रिष्टा तोड़ दीजे
18:55तोड़ दीजे सहर और माहित का रिष्टा
19:08अगर तुम्हारी किसी हमाकत के वज़े से रिष्टा चूटाना सहर तो हमसी बुरा कोई नहीं होगा
19:13ऐसा क्या बोला तुम्हें उसे कि वीचारा पगला गया हाँ
19:16बोलो वरना चम्डी कीज देंगे तुम्हारी बोलो
19:19क्यों चम्डी उदेंगे
19:27कभी तो अपनी बेटी की तरफदारी कीजिए यह क्या कर सकती है
19:31और उस पराय हाँ में के लिए आप अपनी बेटी को तुख से रे
19:40भाई जब बेटी के हरकते ऐसी होंगे तो भला आद्मी क्या करेगा
19:45और हमें तो पता ही नहीं चला कि कब ये हुसाइनपूर की शेहजादी फुर से उड़के माहिद मिया के सामने
19:50चली गई चेहकने लगी
19:52अरे हमसे कोई पूछा होता ना तो हम फोरान इसे रोक देते
19:58अब कुदा की खसम हमने कुछ नहीं किया है
20:03अब नाजीम अभी भी जवचस्ती हमें ले गई थी ती महीत को गुलोटी कबाब दे रहा हूँ हमें जैसे हमने
20:12कबाब दी उने गुछसा आगया और सारे कबाब उने फैंक दिये वाँ
20:17कि मा तो थी अवल नंबर बहाने बनाने में बहुत बड़िया बेटी को भी सिका दिया
20:25कि अरे भला कबाब देखकर माहीत को गुछसा क्यों आएगा हम सच कह रहें अभू उन्हें कबाब देखकर भुछसा आया
20:33था हा तो इसने बोला था कबाब बना के लिजाने के क्यों जिनाने से भार उखकर गई वही बैठे रही
20:39थी ती क्या परक पड़ता है पर्वेशाब
20:46कब आप ये लेकर गई है कोई और लेकर गया इसने बनाए है किसी और ने बनाए है तो आप
20:52चोड़िए अजली मुदे पर आये जल्दबाजी भी कोई करद वैसला मत ले लेजे जे जल्दबाजी अरे हम बहुत मुशकत कहरें
21:14कि ये
21:19इस इश्टी के लिए एक एक गोटी सही जगा रखने के लिए रात राद भर जा करें हैं रात राद
21:29भर जा करें हैं इसलिक ये बात ना पत्थर की लकीर है
21:37कि सहर अब मौलाना सहाब के घर की अमानत है
21:44जब तक तब तक इसका निकानी हो जाता और यह उस घर में लिए जली जाती आप तुम्हें जितना सर
21:51पीतना इन इस पत्थर पे पीटो और प्रसर फोड़ो
22:01जा आप इनिल्ला वह आरात।
22:07पम्मी
22:17कर दो कि अरे डॉक्टर साब सलाम वाले कुम वाले कुम असलाम आप यहां सब खेरियत आयन अंदर आई जी
22:29शुट्रिया एक्चली वो वो उनका नाम के हमें उनका अड्रेस जी था कॉसर कॉसर का
22:37वो अपने साथ हमारी अलमारी के चावी लेके चली गई है मुझे उनका अड्रेसी है प्लीज जी हम आपको मेसेज
22:45करते हैं जी भेज दिया परफेक्ट थैंक यू अब डॉक्टर साब आपका उनकी घर जाना ठीक नहीं होगा त्यों क्यों
22:59क्यों होगा वो अच्छली कॉसर ब
23:07अब बिल्कुल फिक्रों अट कीजें कॉसर भावी बहुत ही भरोसे मन अंसा है लेकिन अब तक हम क्या करेंगे I
23:13need my keys अगर आपी भावी कॉमारे काम ने किनना तो साफ साफ बोल देना चाहिए था हम को यह
23:18और हाउस है धून लेते है एक दिन आती है अगले दिन नहीं आती ह
23:22और तो उसके बाद चुट्ती हो जाती है उसके बाद आदे दिन के लिया यह फिर गय बजाती है जिस
23:27ब्रणिदी चाहिए ठीड़ के वेरी बड़ियर इसा नहीं है डॉक्टर साब उनकी जिंदगी में काफी उतल पुतल चल रही है
23:32ऑफिलाल वो दावत पर गई है क्या बा
23:52सेहर के अब बू परवेज भाईजा
23:55उसकी शादी तै कर रहे है
23:59ये क्या कह रही है अब
24:00उस छोटी सी पच्छी का
24:20मा हैं सेहर की
24:23हमें हक है उसकी शादी में रजामन्ती देने का
24:26और हम इस फैसले से राजी नहीं है
24:28भाड में गया तुम्हारा फैसला
24:35फुजूल में अपनी मौत को मत बुला हो रहा थ
24:38बात खातम होगे निकला या से
24:40मौत खातम नहीं होई है
24:42क्रॉसर दिमाग खराब हो गया कि तुम्हारा
24:45हमसे मुकाबला करने के जुरत कर रही हो
24:48हम पड़ी मनन्त उसे पाला हमने सेहर को
24:50अब के जिद और अनाखा बोच्छ
24:53हम उसके कुंदों पे नहीं लापने देंगे
24:55तो तुम्हें लगता है कि हम तुम्हारी जिद मानेंगे?
25:29माहेद?
25:33माहेद?
25:50माहेद?
25:52माहेद?
25:55माहेद?
25:59माहेद, आप जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं?
26:15माहेद, हमने आपका 1% तेल भी लाया है
26:18और टावल भी लेकर आया है
26:19हम जानते हैं कि आपका सरदत कर रहा होगा
26:33माहेद?
26:38माहेद?
26:40माहेद?
26:41माहेद?
26:42माहेद?
26:43माहेद?
27:06माहेद?
27:07माहेद?
27:08माहेद?
27:17माहेद?
27:28माहेद?
27:30माहेद?
27:31माहेद?
27:32माहेद?
27:33माहेद?
27:34माहेद?
27:38माहेद?
27:42माहेद?
27:46माहेद?
27:48माहेद?
27:53माहेद?
27:57माहेद?
28:06माहेद?
28:14माहेद?
28:24माहेद?
28:27तुम बेक पीवी के साथसाथ माह भी होना सपया।
28:31तुम तुम वेग पीवी वेगी साथसाथ माहेद?माहेद?
28:32तुम बच्चे
28:32की जिंदopl और दाओ पे लगेपे
28:335000 संब पीछे हाटोगी? तुम ओ जो पीछे होगी?
28:45एक माँ अपने बच्चे को महफूस रखती है आग तुफान और शेतान से, सबसे लड़ लेती है, तो ये तो
28:52इंसान है, या अलाह में हिम्मत देया इने अकल
29:26तुम हमें ये दर्वाजा बंद नहीं करने दे रही थी ना
29:32अब हम इस घर का दर्वाजा बंद करेंगे तुम्हारे मुँ पे
29:45हम अब हम जो निकलो इस घर से अबब छोड़े आम में को अब चाब इस और अब अबभा शोड़े
29:50आम में को अबब चाब इस ओरक वना सबग सिखा नहीं होगा अब अबभा आजा
30:24जब दरदर के ठोकरे खाएगी ना, तब अकल दिखाने आएगे तरी.
30:35अम्मी!
30:43पड़ी रो यहीं, यही जगह है तुम्हारी!
31:09सर्या
31:14है कहाने तुम्हारी
31:23मेरे मुर्षिदी
31:28है कहाने तुम्हारी
31:38तुम्हारी जद्धी ओरत का ना, कभी खर नहीं बस सकता
31:44तफा हो जाओ यहां से और दोबार अपनी मनुष्यक कर लेकर यहां पर वापस मताना, जाओ!
31:49बेशक नहीं आएंके, अल्ला की जमीन बहुत बड़ी है
31:55चल सहर
32:02सहर कहीं नहीं जाएगी
32:11सहर अंदर जाओ
32:14सहर हमारी बेटी है
32:17हमारी है सहर, हमारे साथ चाहेगी
32:20तुम्हारी बेटी थी
32:23अब हमारी बेटी है
32:27शादी के उम्र हो गई है इसकी
32:29किसी भी वकील के पास जाके अगर अपना माता फोड़ोगी न
32:31तो अभी फैसला हमारे हक में आएगा
32:33कि यूद के आम जान जे कि हमारी बेटी का मुस्तगिल और इसकी जिंदगी कैसे सवारना है
32:41और यह सब ना तुहार ही होते वे मुम्किन ने इस तरह तफाहो जाओ यहां से जाओ
32:46जाओ यहां से लो अंदर अमी अमी रहा है
32:51सहे!
32:52अला की पना?
32:53यह दोनों मा बेटियों ने तो परिशान करके रखा है आपको
32:57हात हो गई
33:07अबरदार जो खर के बाहर कतब में निकाला तो शेहर
33:11अब आप एक अच्छे शोहर तो बन नहीं सके
33:15नहीं आप एक अच्छे वालिद बन सके
33:18कम से कम एक अच्छा इंसान बनने की कोशिश तो कीजिए
33:26अब जिस कुरान और हदीसों के अवाले देते रहते हैं
33:29क्या उसमें यही लिखा है अबु जो आप कर रहे है
33:34आप एक बेटी को उसकी मा की खिदमत करने से रोक रहे हैं
33:38जिसके पाव से खून बह रहा है
33:42हमारे रसूल ने कहाए कि अगर एक कुत्ते के जख्म पे पट्टी लगा दी जाया
33:45तो भी सवाब मिलता है
33:47अम्मी तो इंसान है अबु
33:51लाला
33:52क्या गजभर की जबान हो गई है इसकी
33:54देख रहे है जी
33:55तुम तो ऐसे बात कर ज़ी हो जयससे तुहारे अबु ने कोई एकसानी नहीं किया है
33:58तुम्हेह पाला है, पोसा है, दीनो इसलाम की तालीम दिलवाई और क्या चीए तुम्हें
34:02शहर के शबसे आला का आरला खनान में तुम्हार रिश्टा ती एकी ऐ
34:07माहिजयका कोई और आलादी न, थिनके पाऊँ दो के पीती
34:10लायसी आलाद
34:11सफिया
34:15इसका इलाज करना हमें आता है
34:22माहिद हम जानते हैं आप अंदर ही है
34:28माहिद
34:32माहिद प्लीज जब आप दीचिये न
34:38माहिद
34:40और कुछ नहीं तो आप हमें डाठ ही दीजिए
34:42कम से कम आपका गुस्ता तो कम होगा
34:46माहिद आज जो आपके साथ रुआ न, बहुत गलत हुआ
34:49खुदा गारत करें उस सड़की को
34:51आज जो हरकत उसने की है न, उसके बाद आप उस सहर को कभी माफ मत कीचेगा
35:04जो लग्या आपके जसपार नहीं समझती आपका मेजास नहीं समझती वह आपके लायक ही नहीं है माहिद
35:09और आज तो उसने ऐसा तौफान आपके लिए जिस्से आपके दिल के टुक्रे टुक्रे हो गए
35:13आप तो क्या हम भी कभी उसे माफ ने करेंगे
35:15और हम उसे आपके करीब कभी भी नहीं आने दिंगे माहिद
35:22अगे रिचासत लिए हमारे कमरे में क्यो है
35:25माहिद हम आपके जहीं है
35:30क्या हमने गाँ जहीं हैं से
35:34माहिद हम आपका गमबाट में आपके पास
35:36हमें आपकी ज़रुद नहीं है
35:38हमें किसी भी औरोत की ज़ुरूत नहीं है, हमा के लिए अपने लिए काफी है, आपकी अगर ज़ुरूत पड़ी तो
35:42हम आपको बता देंगे, उससे पहले हमारे कारीब आने की कोश्री मत करिएगा, जाहिए आसे.
35:47माहिए.
35:47जाते हो तरवाज़ा बन करतीजिया.
36:17अबू, अबू, छोड़ दीजिये.
36:22हमने एक बाप का फर्स बखु भी निभाया है, सहर.
36:25लेकिन ये बात तुम्हाई समझ में नहीं आएगी, क्योंकि तुम्हाई दिल मेनत तुम्हारी माने हमारे खिलाफ जहर भर दिया है.
36:31पर अब तुम हमाई नजरिये से जिन्दगी को दिखोगी और तब तुम्हारी समझ में आएगा कि माहित से निखा करना
36:37तुम्हा लिए जरूरी क्यों है.
36:39अरे भूल जागो अपनी अम्मा को वो वो दोसक की आग में जलेगी.
36:42लेकिन तुम्हें सहर हम जीते जीब जन्नत पहुचा देंगे.
36:52अबू!
36:54अबू!
36:55अबू!
36:56अबू!
36:56अमी के पहते हैं अबू!
37:02अबू!
37:02अबू!
37:03अबू!
37:04अबू!
37:06अबू!
37:09अबू!
37:10खोल ये दर्मा का!
37:28अबू!
37:29अबू!
37:30सहर बेटा!
37:31अबमी के पासा!
37:34सहर!
37:35रवादा खोला, हमचा जाएंगे
37:37सहर हमारे साथ जाहेगी!
37:42कुली तरवादा अबू
37:47तरवादा खुलो
37:54तरवादा खुलो
37:56शेह
38:00शेह
38:01तरवादा खुलो
38:06शेह
38:16कुली तरवादा खुली उनके पांसे कुल मेरे
38:32कुली तरवादा
39:02कुली तरवादा खुबू
39:21के वामेब...
39:23ज्युटना!
39:26जवया…
39:27कोसराओ, मेरी बात को...
39:50काउसर, काउसर, काउसर आके खुलिए काउसर, क्या हुआ काउसर आपको, काउसर, इनके तो बहुत खून बह रह रहा है
40:28काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर,
40:33काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर, काउसर
40:35सजा तो तुम्हें मिलेगी, जो शातिर्पनाद ढमारी अम्मात उम्ही सिखा है न वह तुम में से निपढने के लिए
40:42को इसकी अम्मा हमेशा कहती फिरती है ना?
40:44अमारी बेटी चान्द है चान्थ तो आज इस चान्द पर इतना दाग लगा दीजै
40:49इसकी अम्मा गिंते गिंते किर पड़े
40:52अप्पी
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