00:09kapp chalata or chomain bannata ye yuak koiyy aam lda ka nahi hai
00:13balki yeh hai eek antarashitiy khiladi amardieb kumar
00:17ranchi kie west argoara chok ki galiyeo se nikli eek aeisi kohani
00:21joh hausle ki misal hai lekin dard bhi utna hih gaherah hai
00:40अमर्दीब कुमार एक नाम जो थ्रो बॉल के मैदान पर भारत का तिरंगा लहराता रहा है
00:45लेकिन आज ये कैप चलाते हैं और साम को भाई के साथ चौमिन की छोटी सी दुकान समालते हैं
00:52बचपन में माबाब के साथ सबजी बेची सपने बड़े थे और जेब खाली
00:56बिना कोच बिना सोईदा सिर्फ मेहनत और जुनून के बल पर अमर्दीब ने कई मेडल जीते
01:02कई देशों में तिरंगा लहराया
01:22इसके बाद लगाता थिलने के बाद फिर 2017 में हुआ था इंडो नेपाल
01:29नेपाल बार से चुलिया हुआ था तो उसमें भी गोल्ड लेक्या था
01:33इसरा हुआ था था जो बेंगलोर में हुआ था जो फेकंड जुनियर साथ एसिया
01:51लेकिन मेडल के पीछे की कहानी बहत दर्दनाक है
01:54अमरदीप की आर्थिक इस्तिती ऐसी है कि उन्हें कर्ज लेकर विदेशों में खेलने जाना पड़ा
01:59माता पिता आज भी सड़क इनारे सबजी बेजते हैं
02:02उनकी आखों में एक चमक और विश्वास है कि बेटा देश का नाम रौसन कर रहा है
02:07ऐसे में पीछे कैसे हटें
02:45दिन में ड्राइविंग, शाम को दुकान, रात में अभ्यास, दोहरी जिमेदारी, परिवार की भी और देश की भी
02:52लेकिन उनके और परिवार की दिल में एक कसक है कि थोड़ा सहयोग मिल जाए तो और बेहतर कर सकते
02:58हैं
02:58उनकी आवाज में दर्ध है, लेकिन हार नहीं
03:01चंदन भटाचारे, ETV भारत राची
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