- 17 hours ago
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यह पूरी तरह मार्केट अवेयरनेस और नॉलेज शेयरिंग के लिए है। इसमें दी जाने वाली जानकारी किसी भी प्रकार की Buy/Sell/Hold Recommendation, Assured Return, या Investment Advice नहीं होगी।
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00:00विज़ेश सरदाना जी से जो जो जो हमारे साथ जो व्यापार विशिशाग्या है सुप्रिम कोड के वकील है जो ट्रेड
00:07रिलेशन्स हैं और ट्रेड से संबंसित जो खानून है उनके अच्छे जानकर है विज़े आवाज मिल पारे हैं को मुझे
00:14आपकी आवाज मतलब हमारी
00:16कि आवाज आप तक पहुंच पा रही है बहुत बढ़िया तो अब आपसे यह समझना चाहेंगे कि कल सुप्रिम कोड
00:25का फैसला आया उसके बाद वाइट हाउस की तरफ से एक फैक्ट्री जारी हो गए राश्पति ट्रंप ने एक नया
00:32आदेश जारी कर दिया 10% का तो इन द
00:45इस नाम से मेरे का जा रहा है कितना टैरिफ लगने वाला है उस पर देखें टैरिफ के कई डायमेंशन
00:53से जो सुप्रीम कोड ने कहा है वो जो ट्रंप साब ने अपना प्रासेस यूज किया था एमर्जेंसी पावर्स का
01:01उसको नलिफाई किया है लेकिन जो ट्रंप साब की �
01:06तरफ से नया जो एक्जेकेटिव और आया है और जो पहले भी था पहले ये था कि जो डी मिनिमिस
01:14जो हम कहते हैं कि मिनिमम दस परसेंट तो लगेगा ही लगेगा लेकिन उसके लिए भी उनको कॉंग्रेस की अनुमती
01:22चाहिए अब जो कॉंग्रेस की अनुमती के लिए आप
01:26के पास 150 दिन का टाइम है मीनवाइल जो कल एग्जिकेटिव ओर्डर आया है उसमें एक
01:33इंटरस्टिंग ट्विस्ट है पहले ये होता था कि जब आप अमेरिका में कोई भी
01:39प्रोड़क्ट एक्सपोर्ट करते थे माल लीजी यहां से आपने अपने किसी
01:42दोस्त को शर्ट बेजी या आपने एड़ुटाइजमेंट कर रखा है वेबसाइट पर कि हम शर्ट बनाते हैं ज्विल्री बनाते हैं
01:49वगेरा वगेरा और अगर उसकी कीमत
01:53800 डॉलर से कम होती थी उस पार्सल की तो उस पर ड्यूटी नहीं लगती थी अब वो जो बेनेफिट
02:01था इस एक्जिकेटिव ओर्डर ने उसको हटाया इसका मतलब यह है कि अगर आप सेंपल भी भी भेजेंगे वहाँ पे
02:09चावसकी कीमत 5 डॉलर है तब भी आपको ड्यू�
02:23दूरी डी मिनिमस बोल रहे हैं वो अब आपको देना ही पड़ेगा तो इससे जो सबसे बड़ा जटका लगेगा वो
02:31उन स्मॉल स्केल कंपनीज को लगेगा जो हिंदुस्तान में बैठके ऑनलाइन सेल किया करते थे आगर हम ब्रॉडर कॉंटेक्स में
02:39कहें जो e-commerce बिजनस
03:00करता है क्योंकि अब यह एक सो पचास दिन की बात है अब यह कॉंग्रेस में जाके इसको इनको रेटिफाई
03:07कराना पड़ेगा अगर पर्मानेंट बनाना है क्योंकि जो टेक्स का अधिकार है वो सिरफ कॉंग्रेस को और सुप्रिम कोर्टे इस
03:13बात को रियम्फेसाइज की
03:14है यह बात भी क्लियर हो गए अब मुद्दा आता है भारत अमेरिक का व्यापारिक संबंधों को लेकर अब सवाल
03:24इस बात का है कि क्या भारत को इससे फाइदा होगा नुकसान होगा यह होगा वो होगा मेरा कहना बहुत
03:31सिंपल है
03:32जब भारत की तरफ से जब पहले टैरिफ जो था वो करीब धाई तीन परसेंट हुआ करता था तब हम
03:40एक्सपोर्ट कर रहे थे सो बिलियन के आसपास उनमें जिन चीजों के उपर हमें एक्जम्शन मिलावा था वो आज भी
03:47है अगर हम मेडिसन या फार्मसोटिकल की बात कर
03:57है और जो क्रिटिकल सप्लाइज भारत से वो लेते हैं वो एक्जम्टेट है जो बेसिक कंजूमर प्रडक्ट्स हैं जैसे आपका
04:06जैंसेंट ज्वैल्रीज है कारपेट से टेक्स्टाइल है एक्वा कल्चर है यह हम पहले कम ड्यूटी पे भेजते थे अब हमें
04:14जादा भे�
04:15लेकिन इंटरस्टिंग बात क्या है जो परसों आकड़ा आया है अमेरिका से उसमें जो भारत से एक्सपोर्ट है वो करीब
04:2510 बिलियन डॉलर बढ़ गया है और अमेरिका का ट्रेड डेफिसिट और बढ़ गया है और मर्चंडाइज गुड्स में अमेरिका
04:32इस समय अपने इ
04:45उसमें मैंने पूरा इनलिसिस किया है उसके में जो चाह रहे थे कि हम टैरिफ बढ़ाएंगे तो हमारा कंजम्शन इंपोर्ट
04:54जो है वो घट जाएगा इंट्रेस्टिंग यह हुआ कि इंपोर्ट घटा नहीं एक्चुली इंपोर्ट डाइवर्ट हो गया चाइना से इंप
05:15का में बहुत ज्यादा इंवेस्टमेंट हो रहा है समय आइटी को लेकर आर्टिफिचल इंटेलिजेंस को लेकर और वो सारी सप्लाई
05:22आती है विएतना अजब ताइवान से तो ताइवान का जो एक्सपोर्ट है वो डबल हो गया पिछले साल के मुकाबले
05:30तो डेफिसिट क
05:43लेकिन मर्चंडाइज एक्सपोर्ट काफी जो डेफिसिट हो काफी बढ़ गए तो यह स्थिती कॉंपलेक्स है धारत के लिए चुनौती एक
05:53रहेगी जो पहले थी और आज भी है आपकी प्रॉब्लम टैरिफ कभी नहीं थी लेट में वेरी क्लियर चो जो
06:01टैरिफ एग्रि
06:13क्वालिटी प्रॉडक्ट होता तो हम सौ बिलियन पर नहीं अटक जाते और जो हम एक्सपोर्ट कर रहे हैं वो बैसिकली
06:19कॉमोडिटी जो अमेरिका को चाहिए तो तो वैसे भी आप से लेगा जैसा मेडिसिन की हमने बात करी या बाकी
06:27प्रॉड़क्ट की बात करी जो नॉन
06:43और अगर आपने क्वालिटी अप्ग्रेड नहीं करी तो करने वाले अमेरिका से उसका कोई खास पाइदा हमें मिलेगा जे लेकिन
06:52फिलाल अभी सुप्रिम कोर्ट ने जो आदेश दिया उसके तहत क्या जो 25 परसेंट अभी चल रहा था प्रेम वर्क
07:00में उसको 18 परसेंट कर
07:17कि अरवा लागू हाइगा दी तो इस सीपरिफ होगे उनली पर दो यह औली वो ऐसा नहीं कि आज आप
07:35या उसके बैनीफित बिलने कुछ नहीं
07:38आज तारीक होगा 21 जी जो 10 परसेंट लगाया अभी ट्रम्प ने नया टैरिफ वो 10 परसेंट के किसी बेस
07:51के ऊपर है
07:51क्योंकि दो चीज़ आ रही है एक जो पहले खुद ट्रम्प ने अपना तुट सोशल पर मैसेज डाला अपना लंबा
08:02बयान डाला उसमें
08:03और और अब का इस्तेमाल किया गया या यानि पहले को बेस टैरिफ है उसके ऊपर अलग से यह जुड़
08:09जाएगा और जो वाइट हाउस की तरफ से जारी की गई है उसमें यह जैसा कुछ नहीं हो सिधा सिदा
08:16सिदा दस परसेंट लिखा हुआ है तो आपने चीज़ों को अगर
08:32है अगर आप देखोगे हम कभी किसांसेज एजुकेशन सेक्स ये सैस वो सैस हम दुनिया बर के खेल हम भी
08:39खेलते हैं अमेरिका में भी इस तरह से अलग अलग कानूनों में अलग अलग टैरिफ है जैसे आपका अगर कोई
08:46नेशनल सेक्यूरिटी के मुद्दे पे कोई टैरि
09:01है वो इस सुप्रिम कोट के आदेश से नहीं हटने वाला है क्योंकि वो तो सुप्रिम कोट ने भी कहा
09:07है वो तो सुप्रिम कोट के आदेश में ही क्लियर है कि स्टील वगरे पे जो टैरिफ लगा है वो
09:11उसको नहीं हटा रहे हैं उन्होंने वहीं हटाया है जो एमर्जेंसी
09:28ला रहे हो क्या नहीं ला रहे हैं अब जो बचावा एडिशनल टैरिफ है वो उस पर टॉप अप हो
09:33जाएगा आप यह समझे कि आपके जो भी ट्रेड हो रहा है आप पहले माल लिजिए कि आपका ट्रेड हो
09:39रहा था दो परसंट पे फिर आपने उसको किया जीरो या जो भी ह�
09:56आप जो भी बचे में हैं वो उसके उपर आप टॉप अप करके आप कैलकुलेशन है तो वो चीज हो
10:01गई जहां पर एक्स्ट्रा कोई अलग से ड्यूटी लगी हुई है लेकिन मालीजे हम टेक्स्टाइल की बात करते हैं टेक्स्टाइल
10:21सेक्टर बहुत ज्यादा सेंसिटि�
10:22रहेगा या वहां कुछ और चीज़ें जोड़ रही है शुद्रोप से अभी तक तो 10% है अभी जो हमें
10:29देख रहा है अभी अलावा आने वाले समय में हम देखते हैं कि कोई नया जो इशू आएंगे या कोई
10:37एग्रिमेंट में क्या बात निकल के आती है वो अलग है लेकिन
10:4010% तो है ही है अब सबसे बड़ी प्रॉब्लम हिंदुस्तान की क्या आप इस बात को समझे अगर आप
10:48जेनरिक प्रड़क्ट बना रहे हैं और आपकी कॉस्ट ऑफ मैनुफैक्चरिंग बंगला देश से वियत नाम से ज्यादा है और माल
10:56लीजिए कि आप कह रहे हैं मैं सिर�
11:12कि अगर वही चीज मैं 100 रुपे में बना रहा हूं तो 10 रुपे जुट रहे हैं तो पॉइंट टेकन
11:19है वह तो पचास में अगर आप बिलकुल आपको कॉम्टेटिव बनना पड़ेगा वह पॉइंट टेकन है शुमेश आपके मन में
11:28कुछ सवाल उठ रहे हैं जो चीज आ�
11:32यह चीज अभी विजय जी आपके सामने क्लियर करता है यह एक ही चीज विजय जी से पूछना चाहूंगा अभी
11:39जो उन्होंने एक्सपोर्ट डेटा बोला यह बेटर रहा है तो इसमें जो जब टैरिफ इंप्लिमेंट होने वाला था तो उससे
11:49में बहुत सारी फ्रंट लो
12:02इहांड पर यह बहुत सारी ट्रानशिपमेंट वाली तो बात इन वाले शसे बहुत सकती है लेकिन यहां पर एक जब
12:16टैरिफ लगने के पहले जो धुआधार एक्सपोर्ट हो रहा था तो मुझे लगता
12:24है कि हमें true picture समझ में आएगा कि कुछ impact है बिल्कुल सही है और यही चीज जब आप
12:32following
12:33month की बात करते हैं even Trump के लिए भी जो सदमे की बात है वो यही थी कि जब
12:38front loading हुआ था तो March के अंदर क्योंकि 2 April से tariff लगना था
12:44मार्च के अंदर trade deficit जो हुआ था वो 136 बिलियन डॉलर एक महिने जो
12:51जनरली 75 के आसपास रहना चाहिए तो डबल हो गया अब क्योंकि front
12:56loading थी तो गोडाउंस में माल भरावा था तो आने वाले समय में आपको लगा कि साब जो
13:02इंपोर्ट है वो थोड़ा सा कम हुआ ऑक्टूबर में जो इंपोर्ट था वो वन अफ दे लोएस रहा अमेरिका में
13:09तो ट्रॉम्प
13:10administration को लगा कि उनका जो यह formula है यह काम कर रहा है फ्रंट
13:15लोडिंग को इग्नोर करके लेकिन नवंबर आते आते वापस वो नॉर्मल लेवल पर पहुंच लेए क्योंकि इस बात को हमें
13:23समझना होगा कि नॉर्मल क्यों पहुंच जा क्योंकि दिसंबर में आपका
13:26Christmas भी है New Year भी और चुटिया भी है तो स्टॉकिंग होना जरूरी था तो जो पिछले साल होता
13:33था वो इस साल भी हुआ तो इसका मतलब जो
13:36फ्रंट लोडिंग था वो consume हो गया exhaust हो गया था and people who are waiting for new supplies जो
13:42नवंबर में आ जाती है
13:43अक्टूबर नवंबर में आने शुरू होती है पर Christmas depending on the material तो कहने का मतलब यही है कि
13:49देखिए यह जो डैनेमिसम है बाजार को आप इस तरह से
13:53control कभी कर नहीं पाएंगे क्योंकि consumption तो रहता है और अमेरिका ने जो सोचा कि हम जो सब कर
14:00लेंगे मेरे को इसमें एक खत्रा और लग रहा है जिसके भी चर्चा हम करेंगे आने वाले दिनों में और
14:05इस पर मैं थोड़ा सा analysis कर रहा हूँ
14:08हुआ कि आप इछले एक साल में जिसको बहुत गंभीरता से सोचना होगा है जो यह टैरिफ हाया इसमें अमेरिका
14:15और चाइना के बीच में जो टैरिफ था वो 32 घटा है करीब 100 बिलियन डॉलर के आल्मोस्ट आप यह
14:22कह सकते हैं कि 32 का मतलब यह आप करीब 100-200 बिलियन डॉल
14:37इसमें ने जाके वियतनाम में कैपसिटी एन्हांस करी या नई फैक्ट्रिया लगाई फटा फटा और आपको पता है कि हमारी
14:44तरह छे साल तो लगाते नहीं वो फैक्ट्री लगाने में उन्होंने मशीने उठाई शेड डाले और काम शुरू कर दिया
14:50अगला ओर उन्होंने
14:52वियतनाम से शुरू कर दिया वियतनाम में टरिफ चाइना से अदा है आदे से भी कंदरा के आसपास है कि
15:00जो कैपसिटी अफ चाइना ने पहले चाइना में थी और एक नई पिपसिटी अब वियतनाम में खड़ी हो गई
15:09तो हम जो सोच रहे थे कि भारत सो कॉल्ड चाइना प्लस वन बनेगा तो चाइना प्लस वन तो भी
15:16इतना बना और कैपेसिटी हो गई वर्ड में डबल डिमांड उतनी की उतनी है
15:23यह कि इंडरेस्टिंग पॉइंट है विजय जी लेकिन अब तो चाहे चीन हो या भारत हो या वियतनाम हो सबके
15:30लिए युनिवर्सल दस परसेंट हो गया है तो हमारे लिए हमारे लिए एक सेगेंड तरक्षा दस परसेंट यह डिपेंड करता
15:43है आपकी कॉस्ट प्रड़क्�
15:50यह नहीं है कि सब पर फ्लैट रेट दस रुपे नहीं है आप समझे परसेंट अगर आप सब्सौंद में माल
15:57भीजोगे तो आपको दस रुपे डिवटी देनी है मैंने वही माल साथ रुपें पर बनाया तो मुझे छे रुपे देनी
16:02है परसेंट है तो आप पे ड्यूटि �
16:06लगी दस रुपए मेरे पर लगेगी छे रुपए ये बात हम भूल रहे हैं हम सोच रहे हैं दुनिया में
16:11सब पर बराबर है ऐसा नहीं है जो एफिशेंट लोग है उनको ज़्यादा बेनेफिट है विजाविज इनेफिशेंट है बिलकुश नहीं
16:20साथ में यह पूछ रहा ह�
16:22अठारा से दस हुआ चीन के लिए तो यह और ज्यादा उल्चे स्तर पर था उनके लिए वहां से घड़के
16:27दस हो जाएगा तो उनके लिए यह ज्यादा बड़ा हो जाएगा यह सब टैरिफ लगने चाइना में इतना टैरिफ होने
16:39के बाद भी उनका ट्रेट डेफिसित हम से
16:40ज्यादा था ना जी टेरिफ एक साइकोलोजिकल बेरियर है कुछ नहीं है इसके लावा अगर आप इसको रिवर्स बेने सोचिए
16:49अगर आज आप प्रीमियम प्रोड़क्ट बनाते हो उसकी कीमत नॉर्मल प्रोड़क्ट से तीन गुना होती है उस पे आप माल
16:59लीजिए बीस �
17:01सब्सक्राइब है क्योंकि वह प्रीमियम है कस्टमर को चहीं वह डूटी पचास परसेंट भी देगा आज हिंदुस्तान में हम बात
17:09कर रहे हैं इंपोर्टेड वहिकल्स की सो परसेंट इंपोर्टेड कार पे डूटी फिर भी लोग खरीद रहे हैं ना मर्सीडिस
17:15भी और ब
17:36अब जैसे यह दस परसेंट का जो अड़िशनल टारिस लगाया ट्रंप ने वह पांच महीने की समय सीमा के साथ
17:43है लगबाज 155 दिन तो इसके अंदर-अंदर कॉंग्रेस से यानि उनको अपने संसत से मंजूरी लेनी है तो अगर
17:52यह संसत से पांच महीने के अंदर मंजूर
17:54नहीं ले पाए तो यह दस परसेंट भी चला जाएगा तो यह बाद दुनिया के बाकि सारे देशों को चाहे
18:00उन्होंने पहले से डील कर ली है या नहीं की है उनको एक नया बार्गेनिंग टूल देता है बार्गेनिंग पावर
18:06उनकी बढ़ाता है तो क्या सारे देश अब �
18:08फिर से अमेरिका के पास जाएंगी भाई यह आप तो चलो फिर से बैठ से एक वार टेबल पर होगा
18:13डिस्विट्स तो बढ़ेंगे यही तो प्रेशर है ट्रंप का अभी तक जो बार्गेनिंग पावर ट्रंप के पास थी वह बार्गेनिंग
18:21पावर अब शिफ्ट होके अ�
18:36आपको विदिन कॉंस्टिउशन खेलना होगा और विदिन कॉंस्टिउशन में यह आएगा बाइलेटरल पर अब वही बात आती है कि आपकी
18:45बार्गेनिंग पावर क्या है चाइना को कोई फरक नहीं पड़ता आप चाइना पर टैरिफ लगा होगे ठीक है आप लगा
18:51लो ट
19:05लें सकते हैं चीन पर शात पर संदानर के पास हमेशा का डिस्कॉशन लहता है जब
19:25आप कहते हो कि I will abide by the international norms like WTO Trump ने और
19:32उनके administration ने हर जगे यह कह दिया है कि globalization is a nonsense
19:38अभी आप Munich का security council में वहां के जो foreign secretary है
19:43security of state Marcos Rubio का अगर आप statement पढ़ें उनने दर साफ कह दिया है
19:49यह सब अकवास है globalization और यह और वो यह क्या तमाशा है यह हम नहीं
19:55करेंगे तो इसका मतलब यह कि अगर आपको व्यापार करना है तो WTO को अमेरिका के
20:01Constitution का हिस्सा तो नहीं है कि जो मानना है उन्होंने कह दिया WTO is a dumping ground
20:06हमें उससे कोई लेना देना नहीं है अब वो ठीक है वो ठीक है मुझे जी लेकिन लेकिन एक से
20:13इंतर मतलब अब दस परसेंट ही लगाएंगे ना आप उसके अलावा और एक्स्ट्रा क्या टैरिफ लगा देंगे जिसके चलते कि
20:22एक देश पर कम हो जाए किसी दूसरे देश पर ज्यादा हो जाएं अब अब जो सरकार है वो आपती
20:30सरकार से
20:31बात करेंगी उनका अपना एजेंडा है वो चाहें तो आप यह पचासपर सेंट लगा सकते हैं अगर आप एग्रिमेंटác साइन
20:38अब आपने इस लेलिट खेंट करती 10परशंट की मैं क्यों जाओंगा 5091 नहींये Chicago इस इस मिनिम闇ल में
20:54उस कानून में 15% maximum power है उनके पास 15% से ज्यादा लगाई नहीं सकते 122 में इसलिए
21:03वो उस 22 के अलावा भी तो रास्ते है ना आप Trade Act के अंदर बाकी जो प्रावजान है दुनिया
21:12भर के कानून है और नया कानून बनाने में किंती देर लगती है कोई यह थोड़ी है कि कोई गीत
21:26कानून बनाना है कि हाउ टू अट्रेक्ट इन्वेस्टमेंट इन अमेरिका उसके लिए मैं चाहता हूं मिनिम्म सतर परसंट टैरिफों कॉंग्रेस
21:34है प्रूव कर देगी कानून बन गया इसमें का लिगा कि नहीं कर सकते हैं पॉइंट वही है कि कांग्रेस
21:51के पास जाना प
21:52पड़ेगा और अगर में जस्टिफिकेशन है और अमेरिका की पार्लेमेंट को लगता है कि नहीं यह देश इत्में है तो
22:00क्यों नहीं सपोर्ट करेंगे हूं करेंगे अच्छा यह बताइए किसी दूसरे देश के साथ अगर उन्होंने पहले से डील कर
22:07लिया जैसे यूके क
22:20फैसले के बाद क्या वो डील का स्टेटस क्या रहेगा वो वैलिड रहेगी या वो कैंसल हो जाएगी वो कैंसल
22:27हो भी सकती है मॉडिफाई भी हो सकती है स्टेटस को भी रह सकता है डिपेंड करता है कि उस
22:34डील की लेंगविज क्या है क्योंकि यह कानूनी दस्तावेज है औ
22:38और अगर उसमें ये मेंशन नहीं है कि I am putting 18% or 20% under emergency provisions तो
22:46उस deal का इस Supreme Court के judgment से कोई लेना देना नहीं है, अगर ये कहा है कि we
22:51both countries agree that I will impose 18% and you will impose 0% and this is our new
22:58trade agreement, तब आपके हाथ में कुछ नहीं है because it is a mutual agreement, यहां पर सरकार के किसी
23:03कानून का कोई reference नहीं है, यह तो contract है between two countries.
23:08तो यह depend करता है कि आपकी negotiating ability क्या थी, लेकिन उस deal को भी, उस deal पर भी
23:18Congress की महर तो लगनी जरूरी रहेगी, तो अगर Congress की महर लग चुकी है तो वो valid होगा, अगर
23:23महर लगनी बाकी है तो फिर वहां जाकर करके अठकेगा, अठक सकता है, और लेकिन अगर दोनों देश राजी है
23:30तो Congress को क्या problem है, अगर भारत ज्यादा duty free access दे रहा है, तो Congress को क्या problem
23:36है, वाई देश फाइल पर इंडिया, सभी बात है, और अब अगर ऐसा देश खुदी जाकर के बोले कि नहीं
23:43वही, हमने आपकी साथ दील की थे, उसका context दूसरा था, और एक context मैं diplomats से ला रहा हूं,
23:50वो क
24:00है, जहां उन्होंने already deal sign कर लिए, किसी दूसरे देश के साथ, इसलिए देखिए, आपकी हमेशा ध्यान रखिए, जिसके
24:09पास bargaining power होती है न, terms and conditions वो ही decide कर लिए, आज चाइना के पास bargaining power
24:16है, तो चाइना कह सकता है कि मेरा पुराना agreement I am not interested, मेरा ये नई terms and conditions
24:21है, काम करना तो करो
24:23तो अमेरिका को नेगोशेट करना पर लिए चीन के साथ अभी final deal तो ही नहीं है न, वो arrangement
24:27सी चल रहे हैं, तो arrangement भी तो documented है न, deal का मतलब को deal word थोड़ी होता है,
24:33अगर मैं दो कागे sign कर देता हूं, तो this agreement है, एक FTA का या bilateral trade agreement का
24:39framework मतलब उसका स्वरूप अलग रहता है, और आप simple
24:43agreement करते हैंगे ठीक है, अभी हम एक temporary arrangement बना रहे हैं, स्वरूप जो बनाया जाता है न, templates
24:49जो बनाया जाते हैं, वो convenience के लिए बनाया जाते हैं, कहीं कोई rule नहीं है कि आपको इसमें ये
24:55छे condition डालने ही पड़ेंगी, it is mutually agreed between two parties, that is contract, अब आप उसको agreement बोलो,
25:04FTA बोलो, economic partnership बोलो, क
25:10पॉइंट ये है कि content क्या है, जी, ठीक है, तो अब हमारा framework बना हुआ है, मतलब उस पर
25:17अभी सहमती होई, लेकिन उसको आपचारिक जामा भी नहीं पहनाया गया था, और deal तो बात की चीज थी, तो
25:23अभी हमारे framework का, मतलब status क्या है, उसके स्थेते क्या है, क्योंकि जब Trump से �
25:29भारत की बारे में, तो उन्होंने का, nothing changes, यही है, कि हमने जो framework agree किया है, अब broad
25:37framework तो आप भटेंगे, तो इसका अंकलब, we are going away from the framework, which nobody will like it, and
25:43Trump will get mad, let's be very practical,
25:46अब समस्दारी हमारे negotiators की यह है, कि उस framework के अंदर जो sub clauses है, जैसे सरकार के अंदर
25:55क्या problem आती है, सरकार में यह कहा जाता है, कि government of India will facilitate investment, अब यहां के
26:02fully stop, अब facilitation में कितने bureaucrates के चक्कर काटने पड़ेंगे, यह कहीं नहीं लिखा जाता है, एक भी हो
26:10सकता है, और सौ भी हो सक
26:11है, आपको किस-किस तरह के document देने होंगे, यह भी नहीं लिखा है, वो बाद में बताएंगे, लेकिन हमने
26:18एक अंग्रेजी लिख दिये कि we will facilitate, आपको लगता है, बहुत अच्छी deal sign होगी, बाद में पता लगता
26:23है, यहां तो corruption है, दुनिया भर की bureaucracy है, छे महीने स्वाइल�
27:09भारत के लिए क्या बदला और क्या नहीं बदला?
27:11उसमें कहीं नहीं लिखा है कि India, we are imposing 18% duty on India under emergency clauses or provisions,
27:19आपने यह लिखा है कि we agree zero, India agrees 18, तो क्या बदला है, कुछ नहीं, तो आपका जो
27:26status है, जो आपकी terms and conditions है, वही यह तो वो बात है ना, कि मैं आपको घर बना
27:33के दूँगा.
27:34ठीक है, अगर भारत कहता है कि सुप्रिम कोर्ट के फैसले के बाद यह context बदल गया है, इसलिए अब
27:40हम इस framework को थोड़ा सा re-niversate करेंगे, नैसरे से विचार करेंगे, क्योंकि अगर हम इस framework में नहीं
27:46जाएंगे, तो आप क्या करेंगे, आप हमारे पास 10% tariff लगा रहे हैं,
27:49जो आपने बाकी सारी दुनिया पे लगाया है, तो जब बाकी सारी दुनिया पे 10% लगाया है, हमारे उपर
27:55भी आप 10% ही लगा सकते हैं, तो हम 18% पे क्यों जाएंगे, लेकिन उनका ये कहना है
28:01कि 10% तो सब पे लगेगा, पस किस पे लगा है, आप इसको समझ ये, जो पहले
28:0710% de minimis था, वो तो सब पे लगेगा, चाहिए वो मेरा दोस्त या दुश्मन है, ठीक है, ओवरेंट
28:13एवाउज जो हम नेगोशियेट कर रहे हैं, वो 10% के उपर की बात कर रहे हैं, आप समझेए, इसमें
28:21कैच ये है, कि हमने सिरफ अपना जो slab है, जो पहले 0 था, हमने उस प�
28:31थी, वो वही की वही है, हमने पूरे दुनिया का लेवल 10 मेटर उचा कर दिये, तो इसका मतलब क्या
28:37है, दस प्लस 18 हो जाएगा, अठाइस हो जाएगा, ये भी हो सकता, interpretation है, तो कि आपको benefit कब
28:46मिलेगा, आपको benefit तो तब मिलेगा, जब आपको differential मिलेगा, मैं 18 पे रहूं, औ
28:56और बाकी सब 10 पे आजाएं, विजेश, हमने आदे एंटे की ये बातचीत कर ली, और हम इस पे अभी
29:02मतलब crystallize नहीं हो पा रहे हैं, कि हमारे लिए आज से 10% है, 18% है, या 28
29:09% हो जाने वाला है, देखिए, जो 18% आपका लगा है, अगर उसमें de minimis included है, तो वो
29:17रहेगा, अगर
29:18Trump administration ये कहता है, नहीं, अभी clarity सी कि मोई भी बात करा हूँ, कि नहीं, de minimis is
29:23separate, and 18% is separate, then it becomes 28, ये interpretation of language है, तो ये सीजे अभी और
29:32आगे साफ होंगी, हम ये मान के चल रहे हैं, एक positive side जो इंडिया का है, कि जिस पे
29:38पहले 10% से कम था, अब उनको भी 10 देना पड़ेगा, हम 18 पी रह
29:44हम ये मान के चलते हैं, जैसे UK के साथ, UK के साथ, UK के साथ उनका FTA 10%
29:51का है, तो वो, अगर वो condition है, कि भी 10 ही रहना है, तो UK पे कोई change नहीं
29:58है, ओके, चले अभी बहुत सारी चीजें, अगर-मगर के साथ अभी भी बची हुई है, बहुत-बहुत देनेवाद विजय
30:07जी आप
30:10आपके मन में कोई सवाल बचा रहा गया हो? है, अचली है, दो सवाल हैं, पहले चीजे तो मुझे ये
30:20लग रहा है, अब मान लीजे कि ट्रम्प ने बोला कि 10% तो भी फ्लाट सबको लगना है, लेकिन
30:27कहीं न कहीं एक डील है हमारे पास, कि हमारे पास 18% का टैक्स लगना है,
30:34मेरा ऐसा अंदाजा है कि इतना ब्लाइंड प्ले तो शायद ट्रम्प नहीं कर सकते हैं कि 10 प्लस 18, 18,
30:4028 कर दिया जाए, एक लैंग्विज ये निकल के आएगी कि 10% बेस है, काप टु दी माक्सिमम अप
30:47अग्रीड रेट, तो अगर कहीं पे 10 के नीचे है, तो वो 10 तक पहु
31:03इंजस्टिस, इसमें एक चीज और जोड़नों शमिझ जी, कि फिर अगर ये डी मिनिमिस हो गया है, मतलब हर चीज
31:12पे 10% हर देश के साथ लग नहीं है, तो जो हमारे अभी तक जीरो पे जा रहे हैं,
31:16फार्मा बगेरा, क्या वो भी 10 पे आ जाएंगे, वो तो फ्लैट आना �
31:31नमबर है, तो प्रोड़क्ट कुछ हैं जो इसके बाहर वो इसमें नहीं आएंगा, वो आउट अप स्कोप है, वो स्कोप
31:37क्रीप है, वो नहीं आएगा, दूसरा अगर ऐसा हुआ, अगर ऐसा हुआ, तो I think all the deals will have
31:43to be renegotiated, वो जैसे विजज ने बोला, वो language फिर से चेंज कर
31:52पड़ेगा, मेरा एक यहाँ पर एक question विजज यह है, कि एक मेरी जो समझ आपके analysis से आती है,
31:58वो यह आती है कि US has the necessity to import and consume, जो हमारा November का export कहता है,
32:06अगर ऐसा necessity है to import and consume, टैरिफ तो बढ़ रहा है, यह साल तो कमा लेगा US, लेकिन
32:15कुसको consume करना है, तो जैसे भी है, टैरिफ उ
32:22assumption यह था, कि finally, it will be a short term gain and long term pain for the US, because
32:27inflation will shoot, ultimately हो महंगा ही किसको पढ़ने वाली है, किसके मत्य पढ़ने वाली है, US और US के
32:33जनता के हिसाब से, तो क्या यह conclude करना ठीक रहेगा, कि एक तो long term में inflation issue आने
32:40वाला है, point number one, दूसरी चीज, वहां के जनता पे और बोज बढ़ने वाला है
32:46and it will become a short term gain and long term gain, मैं इसी theory से चल रहा हूँ, यह
32:50ठीक है, विल्कुल सही है, क्योंकि अगर आप देखें हैं, तो जो New York का Federal Reserve है, उसकी एक
32:57report आई है, February 26 में, उन्होंने यह कहा है कि जो 94% जो tariff component है, वो अमेरिका
33:05की जनता पे बोज बना है,
33:08exporter's ने अपने rate कम नहीं किये, अमेरिका को तो वो माल चाहिए ही चाहिए, आपने tariff दे के वो
33:15माल खरीदा है, तो ultimately 94% जो लोड हुआ is tariff का, वो अमेरिका की जनता पे पड़ा है,
33:23और इसलिए जो आपका inflation है, आज अमेरिका में ज्यादा है, आज सुबह का ही मैं एक analysis देख
33:35हुए because of high tariff, करीब 80-88,000 जॉब कम हुए है, बड़े नहीं, तो स्थिती वहाँ भी समझ
33:45में आ रही है लोगों को, इसलिए ये मुद्दा Congress में गरमाया है, कि ये tariff खराब है, क्योंकि इसमें
33:50political angle है, employment का angle है, तो इसलिए अब क्योंकि mid term आने वाले हैं, तो उसलिए Democrats भी
33:59इस
34:05आदमी रहेगा और जब तक इसके पास power रहेगी, ये जीने नहीं देगा, इसलिए आप हमें vote दो ताकि हम
34:11इसको control करें, इस समय narrative यही चलगा है, चाहे हो Epstein file हो या tariff हो, कि जब तक
34:18Trump है, ये transparency नहीं आने देगा, ये objectivity नहीं आने देगा, ये मनमर्जी देगा, इसको control करने क
34:24के लिए strong Congress और सिनेट चाहिए, इसलिए उनका argument यही बनेगा, तो ये हमें जो देख रहा है, वो
34:31बहुत clear है, असर इसका local economy में पॉड़ रहा है, और ultimately देना किसको है, end of the day,
34:39जो सारी cost है, वो एक ही इंसान पे load होती है, वो है consumer, कोई भी व्यापारी जेब से
34:44तो test देता नहीं
34:45है, ultimately वो असूल करके ही जमा कराता है, जे, सभी बात है, और इसके clarification के लिए thank you,
34:52क्योंकि इसके हमारा assumption यही चल रहा है, कि by the time Trump जाएगा, US की economy को इस situation
34:58में छोड़ जाएगा, कि वापस कोई निकाल नहीं पाएगा, वहार से, situation बहुत खराब करके जा रहा है, इसके अलावा
35:04�
35:04एक चीज और देखिए, जो Trump का, मैं पहले दिन से बोल रहा हूँ कि जो Trump ने tariff plan
35:09बनाया, यह extremely defective है, इसके मैंने कई बार चल्चा करीए, मैरे videos दो है, मैंने यह कहा कि अगर
35:16Trump को वास्ता में investment करना था अपने country के अंदर, तो finished goods पे tariff लगाते हैं, raw material
35:21पे नहीं लगाते हैं, �
35:24ताकि raw material सस्ता आता, आप वहाँ बनाते, और जो import आता, उससे made in America जो product है, वो
35:29सस्ता पढ़ता, तो वहाँ पे investment भी आता, employment भी होती ही, factory भी चलती, लेकिन यह किस illogical आजमी
35:37ने इनको बता दिया कि तुम सब पे एक सा लगा raw material plus finished goods, क्योंकि इसको जो formula
35:42दिया गया, वो था trade deficit
35:45का, अब problem यह थी कि trade deficit सो है, उसमें दो है, एक तो है direct consumed product इसको
35:50आप इनको और एक है raw material, आपको raw material चाहिए क्योंकि आप उससे value addition create करके employment और
36:00सरकार के लिए tax दोनों generate करते हैं, लेकिन विज़े इतना भी आसान मुझे नहीं लगता कि वो कर पाना
36:07होगा, because हम बात कर रहे हैं, �
36:10भारत में $500 per capita GDP, चाइना में $700 per capita GDP, तो labor cost तो आप समझें कि 25
36:17% नीचे ही रहेगा, और हम बात करते हैं, $85,000 per capita GDP in US, तो वहां का labor
36:23cost और हमारा labor cost, इसना महेंगा हो जाएगा कि raw material सस्ता भी किया, तो भी finished work तो
36:30वहां सस्ता नहीं बन पाएगा.
36:31देखिए वो, मैंने क्या बोला आपको, दो चीज़े important है, दुनिया में, आज की तारिक में, सब कुछ होने के
36:39बाद भी, आप expensive हैं, आपका MSP दुनिया से ज़्यादा है, मानते हैं इस बात को, international prices 40%
36:47down है, ये भी आपको पता है, उसके बाद भी हमारे इंपोर्ट नहीं हो र
37:01negotiation के, मैं ये आज से नहीं, जब से भारत सरकार ने WTO sign किया है, मैं तब से ये
37:06बात क्या रहा हूँ, हम लोग जितना time calculation और taxation में लगाते हैं, ये सब waste of time है,
37:13इसको हटाना बहुत आसान है, इसका कोई मतलब नहीं है, ultimately जो खेल होता है, वो होता है non-tariff
37:20barrier में, उसको हटाने के ल
37:31जो है, वो तब ही सही बनेगा, जब आपके हाँ supply chain सही होंगी, technology सही होंगी, skill सही होगा,
37:38quality system सही होगा,
37:44जी, बिल्कुल, जरूरी है, मैं एक उधारन देता हूँ कि साब हमारा छोटा किसान है, सस्ती क्रॉप बनाता है, ठीक,
37:53हम उमेरिका को, जो वर्ड से वो, माल लीजिए, एक्स, वाई, जेट, फूट खरीदे हैं, उसके आधे दान पर दे
37:59देंगे, क्योंकि हमारा छोटा कि
38:00जाने सस्ताम कर देंगे, लेवर बहुत कम है, मुझे बताइए कि उसमें पेस्टिसाइड वराव है, लोगे आप, 50% डिसकाउंट
38:07पे भी लोगे आप, कुछ चीजे ना, लाइफ में नॉन नेगोशियेबल होती है, हमें उन पर फोकस करना है, हम
38:15टाइम बेस करते हैं, उन �
38:17की चीजों पे विच केन वी इजीली भी मैनेज़ बाइक उन स्ट्रोक ऑफ ए लाइन, जो ट्रॉम्प कर रहा है,
38:23जो भारत सरकार कर रहा है, हम क्यों नहीं एक्सपोर्ट बढ़ा पा रहे है, हमारा मेक इन इंडिया क्यों फेल
38:30हो रहा है, क्योंकि हमारा फोकस fundamental पे नहीं है
38:33हम लोग हावा में
38:37जी विजय जी बहुत बहुत धन्यवाद, काफी चीज़ें क्लियर हुईं और कुछ चीज़ें तो समय के साथ ही उनकी क्लिर्टी
38:43आएगी, उसका इंतिजार रहेगा, इस चर्शा में आप जुड़े, बहुत बहुत धन्यवाद आपका
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