00:00दिल्ली जो फसी हुई थी अपनी समस्याओं में उल्जी हुई थी उसका एक-एक सीरा पकड़ के सुल जा रही
00:05हूँ
00:05एक-एक सीरा मुझे रोज सुल जाना पड़ता है कि भाई ये क्या है ये क्या है इसको कैसे करना
00:11है
00:11जब रोजाना काम कर रहे हैं तो जो 11 साल की प्रॉब्लम थी जो 15 साल वाली थी जो 27
00:17साल के प्रॉब्लम थी आज उनको समाधान मिलना शुरू हुआ है और हर साल आपको बहतर दिल्ली दिखाई देगी इतना
00:25मैं विश्वात दिलाती है
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