- 2 days ago
Qadam Qadam Ishq Episode 21 - aPlus Entertainment
Qadam Qadam Ishq is a love story with twists and turns. Areeba plays the role of a university going girl raised by her brother & sister in law as her parents died when she was very young.
Director: Kashif Saleem
Writer: Adil Hafeez Rodani
Producers: Kashif Saleem and SH.M Asif
Cast:
Azfar Rehman as Raheel
Areeba Habib as Chand
Alyy Khan as Aftab
Maira Khan as Chand’s sister-in-law
Yasir Ali Khan as Sikander
Ayesha Gul
Sarah Alie,
Tabbasum Arif,
Khalid Bin Shaheen,
Sajid Shah,
Asma Khan,
Neha Jay
Qadam Qadam Ishq is a love story with twists and turns. Areeba plays the role of a university going girl raised by her brother & sister in law as her parents died when she was very young.
Director: Kashif Saleem
Writer: Adil Hafeez Rodani
Producers: Kashif Saleem and SH.M Asif
Cast:
Azfar Rehman as Raheel
Areeba Habib as Chand
Alyy Khan as Aftab
Maira Khan as Chand’s sister-in-law
Yasir Ali Khan as Sikander
Ayesha Gul
Sarah Alie,
Tabbasum Arif,
Khalid Bin Shaheen,
Sajid Shah,
Asma Khan,
Neha Jay
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TVTranscript
00:00इश्क अफ अफ अफ अफ अफ अफ थोड़ा थोड़ा चला
00:05वो नुमान के बेटे राहील में इंट्रस्टेड है
00:10और नौशीन भी यही चाहती है कि फरीया उसके घर की बहू बने
00:16अब अगर राहील और फरीया का रिष्टा हो जाए
00:20तो यह जो हमारी दोस्ती है यह रिष्टेदारी में बदल कर और मद्बूत हो जाएगी
00:29हलो हलो
00:47नहीं बैट जा रही है वो तो तुमने मुझे कहा तो मुझे रखा कि उससे फॉन उठा लिया है
00:52राहील को उसकी मुखबत का यह सिला नहीं मिलना चाहिए प्यार किया है उसने तुमसे विचारा डिसहार्ट है उसका दें
01:00तो जैसे इस दुनिया से टूट ही चुका है
01:02शार
01:27तरह यहां प्याने का सिर्फेर की मक्सद है
01:33लाकि मैं तुमसे माफिय मांग सकूँ
01:42सारी हरकतों के लिए उन सारी बातों के लिए जिससे तुम्हे बहुत जादा तकलीफ पहुंचे
01:50अब मैं वादा करता हूँ
01:54हज के बाद ऐसे कभी नहीं हो
02:01जो हुआ सो हुआ रहा है
02:03बेता होगा के यह सब भूल कर हम आगे बढ़ें
02:09और मैं तुम्हें दिल से माफ करते हूँ
02:18और उमीद करते हूँ कि तुमाइदा भी मुझे किसी भी शिकायत का मौका नहीं दे
02:38तुम्हें मैं चलता हूँ
02:45तुम्हें में दे है काते हूँ
02:59तुम्हें पर बुलाने की क्या जुड़ा थी?
03:03सिकंदर वो बदल चुका है
03:05और वो पहले जैसा राहिल नहीं रहा
03:10कोई बदल बदल यह नाटक कर रहा है बदल नहीं करना क्या जाता है
03:15मैं लोगों को परक ना जानती हूँ सिकंदर वो बदल चुका है
03:24उसका हर एक अंदास उसकी नजरे सबसे जाहिर होता है कि वो बदल चुका है
03:34मैं माती हूँ कि वो एक खलत इंसान है सका है
03:38खलत ही कहीं न कहीं मेरी भी है
03:42मेरे सख बड़ताओं की वज़ा से उसे अपना यह अंदास दिखाना है
03:52अगर मैंने उसके साथ अराम से सब खुल से बैटके बात कर ली होती ना
03:57तो आच यह नौबत ही ना है
03:59तुम्हारे दिल में इसके लिए कुछ जादा हमदर्दी पादाने होती
04:02तुम कहना क्या जाते मिए उसे काते है
04:07हां मैं मानती हूँ कि मेरे दिल में उसके लिए हमदर्दी हो गई
04:11हर जब से अश्वाग भाई ने मज़े उसके बारे में बताया है
04:15वह से तुम बागे मज़स के लिए हम रहती ही पहुत हुए तुम्हे क्यों इतरास हो रहा है
04:24मैं क्यों इतरास कर दो तुम मेरी मंगेतर हो जाए
04:45कर दों में ही एक दोधिया कायँ में तो तुम
04:55कर दो डुद से एक बागे जो में शीतर है
04:59पद्रकी कर दो दोधिया क्यों जाया है
05:10चो हुआ सो हुआने है
05:13बेता रोगा कि ऐसा बूल कर हम आगे बढ़ें
05:17और मैं तुम्हें दिल से माँ करते हूँ
05:21और उमीद करते हूँ कि तुम आइदा भी मुझे किसी भी शिरायत का माँ करना देदे
05:26आस की नभी से खाली प्यास ही मिली है
05:32छाओ भी दिखी तो वो भी दूप की जली है
05:38इश्क मन में वो अगन लगाएं तन की ओडनी से चुप नहीं पाएं
05:45याद में कोई उमर बिताएं दिन कटे मगर रात न जाएं
05:52इश्क को फला थोड़ा थोड़ा चला बड़ा समझाया इससे
06:01बड़ा समझाया, बड़ा समझाया इससे
06:19सुनो, वहां राइल बैठे है, वहां चलके बैठे है
06:22अगर तुम्हें इतराज ना हो तो
06:28मुझे क्यों इतराज हो दो, चलो
06:30तुम सच कह रहे हूँ, चलो वहां तो बड़ी अच्छी बात है
06:40क्या हम यह आपे बैठ सकते हैं
06:42अप्रीज बेठो
06:55प्रीज बेठो
06:58कुछ मलोग तुम्हें घाने के लिए
06:59हाँ, बिलकुल
07:02लेकिन एक शर्थ में, बिल तुम्हें पेकरना होगा
07:08नड़ी शुक्रिया, हाँ अपना ओडर खुदी करेंगे
07:11और बिल भी खुदी पेकरेंगे
07:12भाई अपना बिल तुम्हें पेकर लेना
07:14मेरा बी तो राहिल पे करेगा
07:28क्या चकर है
07:29कहीं नौरी चांद के दूमे राहिल के लिए जगा बनाने की कोशिश ता नहीं कर रहे
07:48अरे वाफ हाज राहिल और चांद एक ही टिबल पर बैठें कहीं मेरी नज़र धोका तो नहीं खा रहे है
07:56तुम वाकी चांद हो ना
08:01तुम्हारी नज़र बिल्कुल चीक है परिया
08:06यह सौफ इसत चांदी है
08:33अब वो सिकंदर को बहुत जादा चाहती है
08:36मैंने उन दोनों का प्यार खुद देखा है
08:39कहीं ऐसा ना हो कि तुम उसकी महबद का फिर से शिकार हो जाँ
08:43और मुझे नहीं लगता कि इस दफा तुम्हारी जान असानी से छूटे लिए
08:47नहीं सिकंदर
08:50मैं फैसला कर चुकी हूँ
08:52और यही मेरा आखरी फैसला है
09:01शेलों गुठी
09:03इसलों आखरी आखरी जाँ
09:20तुम्हें पता भी है शिकंदर यहां पर क्या हो रहा है
09:24क्या बात
09:25चांद और राहिल एक दूसरे के करीब हो गए
09:28क्या मतलब
09:28मतलब यह कि मैंने उन दोनों को साथ बात ही करते वह देखाया यार
09:32ना यह तुम्हारे हाट में बहतर है
09:34और ना ही मेरे
09:35नहीं ऐसी कोई बात नहीं है फरिया
09:38वो उस दिन अश्वागन करी ने कुछ ऐसी बाते कर दी थी जिससे
09:42चांद के दिर में राहिल के इनमदर्दी पैता हो तुम फिकर नहीं करो
09:48मैं जानता हूँ
09:49तुम ना तुम एक नमबर के इडियट हो
09:53पहले चांद उससे फाफला रखती थी सिकंदर
09:56और अब उसके साथ बेटती है
10:00राहिल को मैं बहुत अच्छी तरीके से चांगे
10:02अगर सब कुछ इसी तरह से चलता रहाना
10:05तो राहिल के लिए चांद का दिमाग बतलना बिलकुल भी मुश्किल नहीं है
10:09और एक बात याद रखा
10:11कभी-कभी हम दर्दी में भी मुखबत हो जाती है
10:14तो मैं क्या करना है?
10:15मैं चांद पर पाबंदी तो नहीं लगा सकता है
10:17तुम्हें लगानी चाहिए
10:18और अब ये तुम्हारा हग है, सिकंदर
10:21और वाके ही मैं अगर तुम चांद को पाना चाहते हो
10:24तो उस पर पाबंदी लगाओ के वो राहिल से ना मिले
10:26अच्छा
10:29सर चलो और आजाए तुम्हें बात करता है
10:33सिकंदर, मर्द को अपनी कमजोरी पहले और अरत के सामने कभी जायर नी करनी चाहिए
10:37इस तरह तो आगे की जिल्दगी गुजारना बहुत पुश्किल हो जाता है
10:41अब तुम यह मत सोचना कि मैं चांद के खिलाफ
10:45मैं बस औरत की पितरत समझती हूँ, इसलिए मैं तुम्हे समझा रही हूँ
10:49हाँ, मैं समझ गया
10:51अच्छा, मैं अब फोन रखती हूँ
10:53लेकिन सिकंदर बास सुनो, इस मसले को जल्दस जल्द सॉल्ट करो यार
10:58यह हमारे हक में बेतर नहीं है
11:00ना तुम चांद को खोना चाते हो, ना ही मैं राहील को
11:31राहील मैं देख रहे हूँ कि आजकल चांद तुम्हारे आसपास बहुत नजर आते है
11:35वाला कि तुम्हे तुम्हे उससे अब पासला रखना चाहिए ना
11:39क्यों?
11:41देखो अगर तुम उसके करीब रहोगे तो तुम्हे उसे भुलने में मुश्किल होगी
11:47मैंने बुलाय नहीं था उससे
11:49नौरीन और वो खुदाय थे मेरे पास
11:52और वैसे भी एक ही जगह पे पढ़ रहे हैं
11:55आमना सामना तो होगा
11:56मगर आज तो तुम दोना ऐसे बाते कर रहे थे
11:59जैसे तुम दोनों में कभी जगड़ा ही नहीं हुआ
12:02बुरा लगे तुम एसी कोई बात नहीं है
12:06मुझे क्यो बुरा लगेगा तो तुम्हारी खातिर कह रही थी
12:10देखो इतनी मुश्किलों के बार तुम अपने आपको संभालने के काबिल हुए
12:16मैं नहीं चाहती कि तुम्हारी हालत फिर पहले जैसी हो जाए
12:21चाहंद मुझे पहले जैसी नहीं लगती
12:27ची लगते है वक्ये साथ-साथ भो भी बदर हुए
12:30इसकी भी एक बच्जा है
12:32लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि वो तुमसे प्यार करेगी रही
12:37अब वो सिकंदर को बहुत जादा चाहती
12:39मैंने उन दोनों का प्यार खुद देखा है
12:42कहीं ऐसा नहों कि तुम उसकी महबद का फिर से शिकार हो जाओ
12:47और मुझे नहीं लगता कि इस दफ़ा तुम्हारी जान असानी से चूटेगी
12:52और याद रखना राही इस दफ़ा असर दोनों जिन्दगियों पर पड़ेगा
13:17उसका हर एक अंदास उसकी नजरें सबसे जाहिर होता है कि वो बदल चुका है
13:27मैं मानती हूँ कि वो एक गलत इनसान है सकता है
13:31गलत ही कहीं न कहीं मेरी भी है
13:34मेरे सक्ट बढ़ताओं कि वज़ा से उसे अपना ये अंदास दिखाना पर
13:42अगर मैंने उसके साथ अराम से सफुन से बैटके बात कर ली होती ना
13:46तो आची नौबत ही ना
13:50हाँ मैं मानती हूँ कि मेरे दिन में उसके लिए अंदर्दी हो गए
13:54कभी-कभी हम दर्दी में भी मोहबत हो जाती है
13:58राहिल को मैं बहुत अच्छी तरीकी से जानके
14:00अगर सब कुछ इसी तरह से चलता रहना तो राहिल के लिए चांद का दिमाग बतलना बिलकुल भी भुश्किल नहीं
14:06है
14:07इश्क ने माना तर्द न जाने
14:13इश्क ने माना तर्द न जाने
14:19तर्द न जाने
14:21जाने
14:22कर दो कर दो दो कर दो कर दो कि अच्छी तर्द कर दो जाने
15:00मैं चांद पर पाबंदी तु नहीं लगा सकता हूं
15:02तुम्हें लगानी चाहिए
15:04और अब ये तुम्हारा हाग कैसे कंदर
15:06और वाकिह में अगर तुम चांद को पाना चाहते हो
15:09तो उस पर पाबंदी लगाओ के वो राहिल से ना मिले
15:17कि मली है चाहोगी दिखी तो वो भी दूप की जली है
15:25इश्क मन में वो अगन लगाए
15:28क्या बात यसे कंदर तुम्हार कब से मूड ओफ है
15:34मेरे मूड ओफ होने से तुम्हें क्या फाल परता है
15:37क्या मतलब बात क्या यसे कंदर
15:55साफ बात यह चांट के बुझे तुम्हारी राहिल से हम दरदी अच्छी नहीं डगाए
16:02क्यों इसका जवाब तो तुम कुछ जानती है
16:04नई मैं नहीं जानती से करते हैं तुम बताओ तुम्हे क्यों इतरास
16:08जहां तक मेरा ख्याल है आज राहिल के साथ बैठके बाते भी किये हैं तुम्रे
16:17हाँ तो
16:19चानल चानल क्या हो गया तुम तो राहिल की शकल देखने से भी नफरत कर दी ती
16:24ऐसी कौन जी जुरूत होगी जो तुम उसके साथ बैठके बाते भी कर रही हो
16:27क्या हो ऐसे कंदर
16:29आज पे तुम्हारा एक नए रोप देख रही
16:33पहले तो तुमने कभी मुझसे इस तरह की बाती नहीं किये
16:35कि मैं कहा जा रही हूँ किस से मिल रही हूँ
16:38फिर आज क्यों
16:40चांज इस बात से हमारा नुकसान हुए
16:41अज नहीं तो बस उसे रोकने की कोशिश कर रहा हूँ
16:44एक मिनट सिका तुम्हें किसे पदद चला कि मैं रही है नहीं से बाते भी किये बैठकर
16:59चांज इस रिष्टे से मेरे इतना तो हगे के
17:03मैं पता कर सकूं कि तुम तहाँ पर
17:09तुम मेरी जासूसी करें
17:10मैं कहा जाती हूँ किस से मिलती हूँ क्या करती हूँ
17:13किसको लगाया हुआ तुमने मेरे पीछे
17:16जो तुम्हें मेरी पलपल की रिपोर्ट देता है
17:19ऐसे कुल बात नहीं चाहूँ
17:21अगर ऐसी बात नहीं है तो किसको पिछे लगाया तुमने मेरे
17:24कैसे बता चला तुम्हें ये सब?
17:26अब तुम बात को खामा खाम बढ़ा रही है
17:28बात को बढ़ाया तुम्हें असे कदर?
17:30मैं जानना चाती हूँ कि वो कौन शक्स है जो तुम्हें मेरी पल-पल की ख़बर देता है
17:40फरिया से पॉन पर बात हुटने
17:43क्या?
17:45तुम्हें फरिया ने ये सब बताया
17:48तो तुम्हें मुझे ट्रस्ट नहीं है से कदर
17:50जब हमारे रिष्टे में ट्रस्ट ही नहीं है तो क्या फाइदा है इसे रिष्टे का?
17:54चान बस ऐसे फोन पर बात हूँ थी तुम बात को खामा खाम बढ़ारी
17:57बस से कंदर
18:00मुचे आज एभसास हो रहा है कि
18:02मैं भी एक इनस्सान उसे का ज़्ट ने करूंगी
18:11आकि में भी जानती हूं कि मेरे लिए क्या सही है क्या गलत
18:15मेरे भाई ने जीनते जी आज तक मुच पर कोई शक नहीं किया
18:18और नहीं मुझे कभी किसी काम से रोका
18:21तो तुम कौन होते हूँ?
18:23चान ना ही मैं तुम पे शक कर रहा हूँ और ना ही तुम से कोई अख्यार चीमगे
18:26मैं तो सिर्फ यह कह रहा हूँ कि तुम राहील से नहीं मिलो ना जाके
18:29और चान मेरे इतना तो हग बनता है ना
18:31कि मैं तुमें कोई भी गलत काम करने से समझा सकूँ रोक सकूँ
18:39चान आज के बाद तुम राहील से कोई राप्ता नहीं रखोगे
18:42ना ही उसे मिलोगी और ना ही कोई बात करोगे
19:13तुम बात करोगे
19:19तब ना जा कि वे ना ही है
19:21इस दूम राहील से मिलोगी और तुम राही राप्ता राप्ता राप्ता राप्ता है
19:28तुम र लाप्ता है
19:33कर दो कर दो कर दो
20:10सिकंदर
20:21सिकंदर मुझे लग रहा है कि सिंदगी का ये सफ़र हम खुशी से नहीं तेह कर पाइंगे
20:27इसलिए मैंने फैसला किया है कि मैं ये रिष्टा खतम कर वे हुए
20:39क्या ये मैं तो मुझे अंदाजन नहीं था कि तुम इतना हट हो जाओगी
20:47सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी चोग आप से बूल जाओगी
20:57नहीं सिकंदर तुम्हारे आज के रवाइय ने मुझे बहुत डरा दिया है
21:04मैं कभी भी ऐसा नहीं चाहती थी कि मेरा हमसफर मुझे शर्क करें
21:09हुआ हम अच्छे दोस्तो हैं लेकिं अच्छे हमसफर दी
21:14चाहन दो चूटी मोटी बात है तो जिनलगई में चलती है नहीं
21:19घ्लती हो गही रिया है है अह इंदा से कुई आशी हर्कत निकरेंगा प्लीज
21:24प्लीज मुझे मुझे मुझे कर दिए
21:25नहीं सिकंदर है।
21:29मैं फैसला कर चुकी हो।
21:30और यही मेरा आखरी फैसला है।
21:39शेलों गुठी है।
21:47और आपने किसी के कहने में आखे अपना फैसला नहीं बसुती है।
21:56और आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने
22:10कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने
22:16कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आपने कि आप
22:26हाँ वई, कैसी चल रही है ये पढ़ाई तुम दोनों की?
22:31अंकल बहुत अच्छी जा रही है, एक्जाम्स होने वाले हैं तो उसकी प्रिपरेशन कर रहे है
22:36गुड़
22:40राहिल, मैं कई दिनों से एक बात करना चाह रहा था
22:44लेकिन टाइम इने निकाल पाया
22:46चलो अच्छा हूँ, इस वक्त तुम दोनों मौजूद हो
22:50क्या बात है देड़
22:52मैं और अश्वाख, तुम्हारा और फरिया का रिष्टा करना चाहते है
23:16क्या कहते हो इस बारे में?
23:20राहिल, वो एक्षिलिए यह
23:38क्या सोच रहो भी राहिल, मैंने तुम से कुछ पूचा है
23:43क्या बात है राहिल, देखो, अब तुम उस डड़की को भूल जाओ
23:48मैं वैसे भी उस रिष्टे के हाख में नहीं था
23:53तुम्हारे मजबूर करने पे मान गया था
23:57लेकिन तुमने तो वेवकूफी की इंतहा कर दी, उरसे किटनेप ही कर लिया
24:10ठेड़ आप, जो भी फैसला करेंगे मुझे कबोल हो का
24:22तो ठीक है फिर मैं अश्वाक से बात करता हूँ
24:26मैं चाता हूँ यह शादी जल से चल्द हो जाए
24:32रूह में लगे हैं काटे, आँख में अधेरे
24:39मेरे हाथ ही ना आए, खाब थे जो मेरे
24:45पास पास रह कर तन आए, पूछती है मिली क्यूं यह जुदाए
24:51रोक रोक जिन्हें अपनी सुनाई, क्या कर गे इन्हें समझनाई
24:58इश्ड आफ अफ लाँ, थोड़ा थोड़ा चला
25:05बड़ा समझाया, बड़ा समझाया, बड़ा समझाया
25:06सिंद्र मुझे लग रहा है कि सिंदगी का यह सफर हों खुशी से नहीं तैकर पाई
25:11इसके मिने फैसला किया है कि मैं यह रिष्टा काव करें
25:18तुम्हारे आज के रवाइये ने मुझे बहुत डरा दिया है
25:21मैं कभी भी ऐसा नहीं चाहती थी कि मेरा हमसफर मुझे शर्फ करें
25:27हम अच्छे दोस्तों रह सते हैं लेकिन अच्छे हमसफर नहीं
25:45आस की नदी से खाली प्यास ही मिली है
25:52च्छाओ भी दुखी तो वो भी दूप की जली है
25:58इश्क मन में वो अगन लगाए तन की ओड़नी से चुप नहीं पाए
26:04याद में कोई उमर बिताए दिन कटे मगर रात न जाए
26:11याद में लगाए तन की ओड़नी से चुप नहीं पाए
26:23याद में लगाए तन की ओड़नी से चुप नहीं पाए
26:41महले वाले तुम्हे इस घर से निकाल रहे थे इस मंगने की वज़से वो खामोशते
26:46क्या जबाब दोगी उनको
26:49क्या कहेंगे लोग फरिया लोगों की बातों में आके मैं अपनी जिन्दे की बर्बाद कर दू हाँ
26:55अगर मुखले वाले मुझें यहां से निकालना चाहते हैं तो निकाल दें पुछे कोई परबार नहीं
26:59चांद में सिकंदर की मंगनी के इंग उठी वापस कर दिया
27:02किर मजाग मत करो ऐसे भी मैंने चांद को पाने की तंबना चुटी
27:08मजाग नहीं कर रहे हूं सच कह रहे हूं
27:13तुम्हें किसने बताया है चांद में
27:17थोड़ा थोड़ा चला
27:28क्या चांद ने अंगुठी वापस कर दी
27:31सिकंदर ये तुम क्या कह रहे हो
27:34मैं सच कह रहे हूं फेरिया
27:35मुझे नहीं पता ये सब कुछ कैसे हो रहा है
27:38असल में गलती मेरी है
27:40जो भी हुआ
27:41उसे इतनी तो समझ होनी चाहिए
27:43कि रिष्टा जोड़ना और तोड़ना इतना असान नहीं होता
27:46फ्रिया मैं उसे खोड़ना नहीं चाहता हूं
27:49मैंने सी लिए तुम्हें फोन के प्लीज मेरी मदद करो यार
27:52देखो वो इस वक्त अभी गुस्से में
27:54वो मेरी कोई भी बात नहीं समझ ली तुम ही उसे समझा सकती हो
27:58देखो सिकंदर तुम उसके पास जाओ
28:01उससे सौरी करो और फिर उसे मनाओ
28:03यह चोटी मोटी बाते तो होती रहती है यार
28:06इसका मतलब यह थोड़ी है के रिष्टा ही खतम कर दें
28:09मैं सौरी कर चुक हूँ यार लेकिन वो मेरी बात सुनने को तयार नहीं है
28:13प्लीज वरिया तुम ही जाके उसे समझाओ प्लीज यार
28:16किसी भी तरह तुम उसे मना लो
28:18मैं तुमसे रिक्वेस्ट कर रहा हूँ
28:20अच्छा अच्छा यार तुम रिलाक्स हो जाओ
28:22परिशान मत हो मैं उससे बात करती हूँ
28:25लेकिन सिकंदर एक बात का खास ख्याल रखना है
28:28इस बात का नौरीन को नहीं पता चलना चाहिए और नहीं राहिल को
28:32वरना नौरीन राहिल को बता देगी यार
28:35हाँ वो सब ठीक है बस तुम मेरा काम कर दो यार प्लीज वरिया प्लीज यार
28:40मैं कुछ करती हूँ
28:41ओके प्लीज यार
28:50इसक ने माना तर्थ ना जाने
28:57इसक ने माना तर्थ ना जाने
29:15चांद और सिकंदर की मनी डूपने के बारे में अगर राहिल को पता चल जाए
29:21तो सब घरबर हो जाएगी राहिल भी से चांद को पाने के कोशिश में लगा रहेगा
29:30राहिल को फोन करके अंदाजा लगाते हूँ
29:44हलो
29:44हलो राहिल
29:46हाँ बोलो फरीगा
29:47मिस वक्त कहा हो राहिल
29:49मैं ड्राइफ कर रहा हूँ घर की तरफ जा रहा हूँ खेरियत
29:52हाँ सब ठीक है
29:54मैंने तुमें कमरे में नी देखा तो सोचा के फोन करके पूछी लो
29:58कहा हो वैसे
30:00मैं थोड़ी दर पहले एक काम से निकला था
30:02अब ही बस वापस आ रहा हूँ
30:03ओके बाई
30:05सिगेव
30:06सिगेव
30:15इससे पहले राहिल को पता चल जाए
30:19मुझे यह मामला हल करना पड़ेगा
30:28मुझे बाई
30:30मुझे बाई
30:31झाल
30:33वाई
30:35झाल
30:38मुझे
30:39प्रिए
30:42मुझे
30:43झाल
30:43मुझे
30:48मुझे
31:06झाल
31:08झाल
31:20वढ़े
31:21बाई
31:22मुझे
31:22मुझे
31:22मुझे
31:22आं पता की मेना नाम क्या है
31:30पूब कुष्चिन उस्टिन
31:32आप और नौरीन खड़ए बात कह रहते
31:33तो में करीं भी खड़ा हो ता हम के आपका नाम शुलिया
31:37बहुत हो सुख्या मेरी मधद करें नुचा
31:42बाइद बेर मेरा नाम शिक्रदेर अब तो अब किसी भी किसंकी मधद चाहिए अब
31:47मुझा आद केनी जेगा में आद है उझा आद किस अब नाद की सब्छा
31:52आपका बहुत हो सुख्या
32:06कर दो कर दो कर दो दो जब बेड दो
32:17कर दो
32:18कर दो
32:21कर दो
32:21दो
32:28नहीं फरिया एंने सोच समझ के आ फैसला लिया
32:32और मुझे अपने पैसले पे कोई पिशतावा ने
32:37जान तुम्हें हो क्या गया है लोग क्या कहेंगे यार तुम्हें पता है ना महले वाले तुम्हें इस घर से
32:44निकाल रहे थे इस मंगने की वज़े से वो खामोश थे क्या जवाब दोगी उनको
32:50क्या कहेंगे लोग फरिया लोगों की बातों में आके मैं अपनी जिन्दे की बर्बाद कर दू हाँ
32:56अगर मुहले वाले मुझे यहां से निकालना चाहते है तो निकाल दें तुछे कोई बर्बाद नहीं है
33:00अगर जाके रह लोगी और डाड डाड को क्या जवाब दोगी तो
33:09आई से मैं बात कर लोगी उन्हें मुतमें करना मेरा काम है
33:15ठीक है तुम यह सब कुछ कर लोगी तुम्हारी पढ़ाई का क्या होगा यार और आईशा आईशे को कैसे संभालोगी
33:22फरिया ऐसी बहुत सी ओरते हैं जो जॉब भी करती है और अपने बच्चों को बेबी केर में चोड़के वापस
33:28आके उन्हें समालती है
33:30मैंने भी कुछ ऐसा ही सोचा
33:33चान तुम अभी अकेले ये सब कुछ अफोट नहीं कर सकती हो
33:37बेवकुफ मत बनो और मेरी बात मान लो
33:39सिकंदर से अंगुटी वापस ले लो
33:42फरिया मैं फैसला कर चुक है
33:45सिकंदर मेरा दोस रह सकता है लेकिन शरीक्य है ये मेरा आखरी फैसला है
33:50आखर सिकंदर में कमी क्या है
33:52ये मेरा जाती फैसला है फरिया
33:55और मैं किसी को जबाब दे नहीं हूँ
33:57तुमने मुझे पहले क्यूं फोर्स किया था मैं ये नहीं जाना जाती
34:00और राहिल मेरे बारे में क्या सुचता है ये तुम जानो और वो जाने
34:06मुझे मेरे हाल पर छोड़तो और मेरे मामला से दूर हूँ
34:10मैं आपनी जिन्दगी के फैसले राख्ताने पर सूर समझ के करूंगे इस तरह से नहीं
34:16अगर राहिल तुमें परिशान कर सकता है अगर वो भी खामोश है ना तो उसकी बज़ा सिरफ ये मंगनी है
34:23और जब उसे पता चलेगा ना तो वो खामोश नहीं रहेगा
34:26अरिया राहिल आप पहले जैसा नहीं रहा वो बदल गया है वो अब मुझसे कोई बदला नहीं लेकर
35:03हेलोелаела शर्या क्या काचान नहीं है
35:07मैंने उसे समझाने की बहुत कुशिश की
35:09तुम्हे पता है नहें? रही जद्ध इह वो
35:12ये सब तुम्हारी वज़ा से वय फरिया
35:14तुम्हे मेरा दिमाग खलाब किया तोई और मैं तुम्हाही बातों में आ गया था
35:17तुम्हे एक्जाम नहीं दे सकते
35:19मैंने तुम्हें तरीके से और प्यार से समझाने के लिए कहा था सिकंदर
35:24सिकंदर तुमने अब इसे उस पर इतनी सक्ती करना शुरू कर दिये
35:27तुमें समझाया भी था
35:29हर चीजस का एक वक्त होता है और तरीका होता है
35:32इस सब के तुम खूँद ढारो
35:37देखो
35:38मेरा मश्वरा यही है कि तुम डाट से बात करो
35:41चान डाट की बात नहीं डालती
35:43वो ज़रूर सुनेगी
35:44मुझ मैं इम्मद नहीं उनसे बात करने की
35:46क्या समझेंगे? क्या सोचेंगे वो मेरे बारे में?
35:49देखो वो क्या सोचेंगे
35:51ये बिलकुल भी एहम नहीं है
35:52अगर तुम वाकी चांज से महबबत करते हो ना
35:55तो ये बात समझने के कोशिश करो
35:59और तुम डाट को यकिन दिलाओ
36:01कि दुबारा तुम ऐसी गलती कभी नहीं दो राओगे
36:05चाँ चाँ चाँ चाँ मैं सोचता हूँ इस बारे
36:07ओके बाई
36:13नौरी इसे बात क्यों ना करो
36:16सांथ उसके बात जरूर मान लेगी
36:28हलो नौरी
36:30यार मुझे तुम से अभी मिलना इसली वक्त
36:31हाँ कुछ इंपॉर्टन बात करनी है यार
36:33बस मैं अभी आ रहा हूँ
36:35हाँ यार मैं ठीक हूँ बस अभी आ रहा हूँ के
36:38झाल
36:40यार
36:50झाल
37:16हलो
37:17हलो राहिल कैसे हो तुम
37:19चांद की जुदाई के दुख से रहा हूँ और उसकी तस्वीर को बड़ी हस्रत से देख रहा हूँ बस मैंने
37:31उसकी यादों के साहरे जीने का पैसला कर दिया मेरे पास तुमारे लिए गुड़नियों से प्लीज और मुझे किसी भी
37:39गुड़नियों सुने की कोई हूं
37:43चांद में सिकंदर की मंगनी के अंगुठी वापस कर दिया मजाग मत करो ऐसे भी मैंने चांद को पाने की
37:51तंबना चोटी
37:53मजाग नहीं कर रही हूं सच कह रही हूं तुमें किसे बता है चांद नहीं सिकंदर आया था मेरे पास
38:03मेरी मिनत समाज़त करने लगा कि प्लीज तुम चांद को कायल कर लो के अंगुठी वापस पहन ले तो तो
38:10क्या चांद से मेरे इसी फोन पर बात हुई थी और तुमें �
38:22मैं जाओंगी कल उस से मिलने के लिए?
38:29हलो राहिल?
38:34मैं भाब भी बात करता हूं से
38:36ओके
38:38रिष्टु हो पल्ला
38:41थोड़ा थोड़ा चला
38:44बड़ा समझाया इससे
38:47बड़ा समझाया
38:50बड़ा समझाया इससे
38:53बड़ा समझाया
38:57इश्क ओपल्ला
38:59थोड़ा थोड़ा चला
39:02इश्क ओपल्ला
39:06थोड़ा थोड़ा चला
39:08ताहिल को पता चला
39:11चान की सिकंदर से मंगने चूड़ गया
39:13मुझे लगता है कि वो चान को फिर सिर्फ आनी की कोशिश करें
39:16चान मेरे वाद को नो
39:17तुम तो पहले दिन से यह सब कर जायो ना
39:19महरे तो फित्वरत में यह सब मेरे
39:21जिस शक्त से तुम नफरत करती रही हो और बदले में इजहार बनकर तुमसे महबत करता रहा है
39:25अगर अपनी मा के बाद उसने किसी को तूट कर चाहा है ना
39:28तो वो सिर्फ तुम है
39:30परिया को तुम पसंद नहीं करते तुम उससे शादी कर रहे हो
39:33जीत हमारी ही हुई
39:34तुम ने ऐसे क्यों किया नौरी मुझे जवाब दो
39:35कि सब कुछ में तुम दोनों के लिए करी है
39:37चांद मेरे लिए अब बिल्कल उस चांद की तना है
39:39जो आसमान में कहीं दूर बसना है
39:41जिसको मैं देख तो सबता हूं लेकिन ते हासल कभी नहीं किसे
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