00:00आज इस नारी शक्ती के बीच में अपने आपको मा दुर्गा की उपस्तती से नवाजी गई इस धर्ती पे आप
00:18सब बेहनों के बीच में पहुँचके मुझे दिल की गहराई से बहुत ही खुशी महसूस हो रही है
00:26ये बंगाल की पवित्र धर्ती जहां नारी के अंदर देवी का रूप देखा जाता है देवी के रूप में पूजा
00:39जाता है
00:40दुर्गामा विजे की महिमा गाती है दुर्गामा शक्ती की द्यों तक है और ये बंगाल ये बंगाल तो जननी है
00:57उस भारतिय चेतना की जहां से हमारा राष्ट गीत वंदे मात्रम आया है
01:07एक बार जोड़ार तालिया आप सब लोग अपने लिए बजाए
01:13मेरी मा दुर्गा की शक्ति प्रतिका मेरी बेहने
01:17जो इस हॉल में बैठी है
01:19जो किसी से डरती नहीं है
01:21जो ताकत रखती है
01:24जो साहस रखती है
01:26ऐसी मेरी बेहनों
01:28अपने लिए जो औरदार तालियां बजाओ
01:36शानदार है आपकी उपस्तिती
01:38हम सब की बहुती प्यारी अनुपूर्णा दिदी संगीता यादव जी, हमारे भाई शुविंदु अधिकारी जी, यहां प्रदेश की महिला मोर्चा
01:54की अध्यक्ष फालगुनी जी, देवोशरी चोदरी जी, जो प्रदेश की उपाध्यक्ष है, शशी अग्नियोहत्री जी,
02:08पाड़ी जी, मैं आज जब बंगाल की धर्ती के लिए दिल्ली से निकली, तो मैं सच में सोच रही थी
02:19की, बंगाल में दीदी है और दिल्ली में भाईया था, याद है ना, भाईया को तो भगा दिया, अब किसकी
02:31बारी है?
02:33किसकी बारी है
02:36दोनों एक जैसे थे
02:39वो भी ऐसे ही करते थे
02:40अब यह अनपूर्णा जी बता रही थी
02:42कि आयुश्मान लागो नी करना
02:45केंदर की योजना लागो नी करनी
02:47राष्टिय शिक्षानिती लागो नी करनी
02:51हर चीज पर अपना नाम चाहिए
02:53हमका नाम दो सब कुछ हमका नाम दो क्यों दे
02:58जनता का पैसा है
03:00जनता के हित में लगना चाहिए
03:03तुम कोनों खामका रोकने वाले
03:08आज मोधी जी लाखो करोड रुपे भेशते हैं
03:13बंगाल के विकास के लिए
03:15क्या गरीब जनता तक पहुँच पा रहे
03:19गरीब जनता तक उनके हक का पैसा पहुँच नहीं पा रहा
03:25बंगाल की जनता को विकास मिल नहीं पा रहा
03:30सारा पैसा जा कहा रहा है
03:35सब जानती हो आप लोग तो बहुत होश्यार हो
03:40इसलिए मुझे पूरा विश्वास है
03:43कि भईया गया अब किसकी बारी है
03:51कि बंगाल को भी हक है
03:54सम्मान के साथ रहने का
03:56मेरी इन बहनों को हक है
03:59इज्यत के साथ अपने इस राज्ये में रहने का
04:04इतनी बुरी हालत तो हमने कहीं नहीं देखे
04:08पूरे देश के किसी राज्ये में
04:11जहाँ एक महिला मुख्य मंत्री हो
04:15और वहां की बेटी सुरक्षित ना हो
04:19वहां की महिला की इज़त की कोई कीमत ना हो
04:24ऐसा तो पूरे देश में, पूरे विश्म में
04:29कहीं नहीं होगा
04:31जो इस बंगाल की धर्ती पे, मा दुर्गा की धर्ती पे
04:35ममता बेनर जी के रहते वे हो रहे
04:39बड़े शरम की बात है
04:41कितने सारे किस्से
04:43हमने बंगाल के बारे में सुने
04:48वो जो आर जी
04:49सर हॉस्पिटल था
04:53जहां उस डॉक्टर
04:55की चीक
04:57शायद आज भी
04:59वहां गूंजती होगी
05:01जिससे पूरा देश शुब्द था
05:04पर ममता बेनर जी
05:07के कानों पे
05:08जूं तक नहीं रहेंग रही थी
05:11याद है के नहीं याद है
05:13इतनी बुरी स्थिती
05:14उस उस डॉक्टर
05:17की हुई
05:19ऐसे ही जब
05:21दुरगापूर की बात हुई
05:22मेडिकल कॉलिज के सामने
05:25ही उस छात्रा के साथ में
05:29बद्तमीजी हुई
05:31शोशन हुआ
05:32और ममता बेनर जी कहती है
05:35कि रात को बाहर क्यों निकली
05:37शरम की बात है के नहीं है
05:40कितने शरम की बात है
05:43पापियों से कुछ नहीं पूछती हो
05:45उनके बारे में कुछ नहीं कहती हो
05:48और बेटियों के बारे में
05:52इलजाम लगाती हो
05:53ऐसी मुख्य मंत्री चाहिए क्या?
06:00कौन भूल सकता है कलकत्ता कैंपस की
06:04उस इंजिनिरिंग ठात्रा
06:06के उपर हमले की बात को
06:08भूल सकते हो क्या?
06:11जब
06:14नाबालिक बच्चियों के साथ में दुशकर्म होता है
06:17जब बुजूर्ग महिलाओं तक को भी छोड़ा नहीं जाता
06:21जब इनके नेता, इनके कारे करता
06:25महिलाओं के साथ, बच्चियों के साथ
06:27दुशकर्म करते हैं
06:30आज मैं पूछना चाहती हूँ
06:32जब घुस पैठियों की वकालत की बात आई
06:36तो ममता बेनर जी दिल्ली पहुच गई
06:39काला कोट पहन के वकालत कर रही थी
06:43सुप्रीम कोट में खड़ी थी
06:45जब इन बच्चियों की आवाज उटानी थी
06:47तो कहा चली गई थी
06:49ममता बेनर जी मैं पूछना चाहती हूँ
06:52तब इनके मुँ में एक शब्द नहीं आया
06:55तब इन्होंने इतनी सी आवाज नहीं निकाली
06:58और घुस पैठियों की वकालत करने के लिए
07:02दिल्ली पहुच गई
07:03सुप्रीम कोट में खुद
07:06मुख्य मंत्री जी खड़े हो करके
07:08वकालत कर रही थी
07:09कि इन गुस पैठियों को मत निकालो
07:12मैं चुनाव कैसे जीतूंगी
07:14इन्हें शरम नहीं आई
07:17आज
07:19बंगाल में
07:21रोजाना हजारों
07:23गुस पैठिये गुसते हैं
07:25किसका हक मारते हैं
07:27जनता का आप
07:29लोगों का हक मारते हैं
07:31आपके साधनों पे कबजा करते हैं
07:34जिस शिक्षा पे आपका अधिकार है
07:36जिस स्वास्ते सेवा
07:38पे आपका अधिकार है
07:40वो सारी चीजे वो लोग
07:42ले जाते हैं
07:43और हमारे अपने बच्चों के लिए
07:47सुविधाएं
07:48मिल नहीं पाती है
07:49मैं देख रही थी
07:51कि धेरो स्कूल
07:53यहां बंगाल में बंद पड़े हैं
07:57टीचर्स नहीं हैं
07:59कोर्सिस बंद हो गए
08:00ऐसी हालत बंगाल की
08:03वो एजुकेशन मॉडल की बात करते हैं
08:07पर यहां तो स्कूलों को ताले लगे हुए हैं
08:10फिर भी आपको शिक्षा निती की जरुरत नहीं है
08:15क्योंकि वो चाहती ही नहीं है
08:18कि बंगाल के बच्चे पड़े लिखे हों
08:22समझदार हों
08:24अपने पैरों पे खड़े हों
08:26यह वो नहीं चाहती है
08:28आज पूरे देश में सबसे ज़्यादा
08:32क्राइन कई ही है
08:35तो वो बंगाल में है
08:37आज पूरे देश में सबसे ज़्यादा
08:40मात और जच्चा बच्चा की
08:44जो मृत्यू दर है
08:46वो कहीं है
08:47तो वो बंगाल में है
08:49आज बाल विवा की सबसे
08:52ज़्यादा दर यदि कहीं है
08:55तो वो बंगाल में है
08:57क्या ये शरम की बात नहीं है
09:00ये सब बहुत आज के जमाने में
09:04जब देश की अजादी को 78 साल हो गए
09:08और ऐसे में
09:10बंगाल उस जमाने में जी रहा है
09:13कि जहां बच्चियों की शादी
09:17बच्चपन में कर दी जाती है
09:19उनको शिक्षा नहीं मिलती है
09:22वो कन्याश्री जैसी धोका धड़ी योजना में
09:28उनको वर्ग लाया जाता है
09:31पर सुविधा के नाम पे कुछ दिया नहीं जाता
09:35क्या ऐसी सरकार चाहिए?
09:38मैं आप से पूछना चाहती हूँ
09:40क्या ऐसी सरकार चाहिए आपको?
09:44नहीं चाहिए
09:46तो इस बार कमर कसलो
09:49इस बार ये आखरी धक्का लगा करके
09:53भाईया के साथ में
09:56दीदी को भी
09:58यहां से
10:00क्या करने?
10:04इन्हें बता दो
10:05कि बंगाल की बेटियों को
10:08बहाने नहीं सुरक्षा चाहिए
10:12अधिकार चाहिए, सिक्षा चाहिए
10:15ये बता दो
10:17ममतब एनरजी को
10:20कि तुमारे भ्रष्टा चार के दिन
10:23अब खतम हो गए है
10:24तुमारे आंतंक के
10:26आंतंकी राज के दिन
10:29अब
10:31अब
10:32मैं तुमें जाच रही हूँ
10:35कि दुर्गा वाली शक्ति तुमारे अंदर
10:37जगी के नहीं जगी
10:40जगी हुई है ना
10:42अभी एक वीडियो चल रही थी
10:44जब इस कारिक्रम में
10:46तो वो महिला मा दुर्गा के रूप में
10:49भाला ले करके
10:50खड़ी थी
10:52उसी ताकत को याद करो
10:54उसी स्वरूप में आना पड़ेगा
10:57क्योंकि
10:58अपने सम्मान की रक्षा
11:01खुद करनी पड़ेगी
11:04यदि अपने सम्मान की
11:06अपनी बेटी के सम्मान की
11:07अपने परिवार की रक्षा
11:10आप नहीं कर्सकोगी
11:12तो कोई और करने नहीं आएगा
11:15इस बात को गांठ बांध लेना
11:20एक महिला
11:22मुख्य मंत्री जिसका नाम मम्ता है
11:25क्या उसका नाम मम्ता रखने लायक है
11:30मम्ता विहीन है वो
11:32निर्दई है वो
11:34जिसकी आँखों के सामने
11:37बच्चियों से दुश कर्म हो रहा हो
11:41और वो चुप्पी साध ले
11:44उन अपराधियों का साथ दे
11:48उसका नाम मम्ता नहीं हो सकता
11:51उनका नाम
11:53जब सरकार के शेल्टर होम में
11:57बच्चियों के साथ दुश कर्म हो
12:00वहाँ के करमचारी
12:01वहाँ के अधिकारी
12:03उसकी अस्मत लूटें
12:04उसकी इज़त लूटे
12:06ऐसे राज्य की मुख्य मंतरी का नाम
12:11ममता नहीं हो सकता
12:13मैं आज
12:15आप सब बेहनों को ये कहने आई हो
12:18पूरा देश एक दिशा में चल रहा है
12:21आदर्निया मोदी जी के नित्रतु में
12:24विकास की बयार बह रही है
12:26सडके, फ्लाई ओवर, होस्पिटल, स्कूल, रेलवे स्टेशन, मेट्रो
12:32क्या काम नहीं हो रहे
12:34अर्थ विवस्थाएं आगे चल पड़ी है
12:36रोजगार के नए-नए
12:38साधन खड़े हो गए है
12:40पर वो बंगाल
12:42जो एक समय में आगे होता था
12:45आज वो सबसे
12:48ज़्यादा पिछड गया है
12:50क्यों?
12:51क्योंकि एक ऐसी सरकार
12:53यहां बैठी है
12:55जिस को केवल
12:58ये सत्ता चाहिए
12:59इस सत्ता के लिए
13:01वो कुछ भी कर गुजर सकते हैं
13:04मुझे अभी रास्ते में
13:05आते आते, शशी बता रही
13:08थी कि दीदी इतनी
13:09गुंडागर्दी होती है कि पूछिये
13:12मत मैंने कहा
13:13चिंता मत करो
13:15इस बार का चुनाव
13:17मेरी बेहने लडेंगी
13:19ये शक्ती रूपा
13:21ये मेरी बेहने लडेंगी
13:23हाथ में तिरशूल
13:25लेके लडेंगी और किसी
13:28भी गुंडे की
13:29मवाली की हिम्मत
13:31नहीं होगी कि
13:33इस बार वो गुंडागर्दी कर सके
13:36इस बार
13:37अती हो चुकी है
13:39अब सहन नहीं करेगी
13:41मेरी बेहने जो की
13:44बंगाल
13:45की गती रोकेगा
13:47जो महिलाओं के सम्मान
13:50को ठेस पहुँचाएगा
13:51जो हमारी बेटियों के साथ
13:54दुष्करम करने की
13:56सोचेगा भी
13:57उसको बंगाल से
13:59बाहर कर दिया जाएगा
14:02करोगी ना
14:03फिर किसी बेटी
14:06के साथ में उसका अपमान
14:08ना हो इसकी जिम्मेवारी
14:10मैं आज आप
14:12सब को देके जाती हूँ
14:13आज से ले करके
14:15जिस दिन तक
14:17आपका वोट डल ना
14:19जाए एक एक
14:21व्यक्ती से मिल करके
14:23इस बार ये मुहीम छेड़
14:25दो कि अपकी बारी
14:28हमारी
14:29कमल फूल की बारी होनी
14:31चाहिए इस बार
14:33बंगाल में कमल का
14:35फूल खिलना चाहिए
14:37क्योंकि देवी के चर्णों में
14:39तो कमल फूल से ही
14:41अर्चना होती है
14:46बहनो
14:47जिस बंगाल में
14:49इतना अप्राहद हो चुका हो
14:51जिस बंगाल में
14:53विकास ना हो
14:54जिस बंगाल में तुष्टी करण की
14:56राजनिती होती हो
14:58जहां हिंदू तहवारों को
15:00रोक करके
15:02किसी और धर्म के लोगों को
15:04आगे बढ़ाने के लिए
15:05ताकत लगा दी जाती हो
15:07जहां विदेशियों के लिए
15:10जहां गुसपैठियों के लिए
15:12खजाने खोल दिये
15:14जाते हों और जहां
15:15आम नागरिक अपनी
15:18छोटी छोटी जरूरतों के लिए
15:20तरस्ता हो क्या
15:21ऐसी सरकार चाहिए
15:23क्या ऐसी सरकार चाहिए
15:28नहीं चाहिए
15:30तो इस बार
15:31क्या बनना पड़ेगा
15:33क्या बनना पड़ेगा
15:36अच्छे से याद करा के जा रही हूँ
15:40डर तो नहीं जाओगी
15:43घबरा तो नहीं जाओगी
15:47घबराना नहीं डरना नहीं
15:50क्योंकि दुर्गा की शक्ती के आगे
15:53किसी की शक्ती चलती नहीं है
15:56मैं आपको विश्वास दिलाती हूँ
15:59और इतना कहती हूँ
16:01कि मिलती रहूंगी
16:02आती रहूंगी
16:04आप सब की हिम्मत बढ़ाती रहूंगी
16:07दिल्ली जीती है
16:09अब बंगाल की बारी है
16:14और फिर से एक बार बता दो
16:17भाईया को तो भेज दिया
16:19अब किसकी बारी है
16:22देखो एक नारा लगाना है
16:24पाल्टानो दोरकार
16:29पाल्टानो दोरकार
16:33बास्ते चाही
16:36हाँ तो याद रखना भई
16:38इस बार इनकी आखरी बारी है
16:42और इस बार इनको ये बता देना है
16:46कि जब बंगाल की बेहनों में दुर्गा जाकती है
16:50तो असुरी शक्तियां
16:53असुरी शक्तियों का
16:56भारत माता की
16:58भारत माता की
17:01वन दे
17:02वन दे
17:04वन दे
17:06दुर्गा माई की बहुत बहुत धन्यवाद
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