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00:07मां अच्छा
00:11हर पच्छे में के बारी ठुक्खे बढ़ा
00:24शेसब
00:26शेसब क्या है
00:28आखिर वरीशा को मेरी और शेफा की शादी से प्रॉब्रम क्या है
00:33नहीं चाहते वरीशा
00:35नहीं चाहते कि शेफा इस घर में आए बिटा
00:39लेकिन क्यूं
00:41ऐसा क्यूं चाहती है वो
00:43क्यूं मेरी जिंदगी बरबाद करने पर तुली हुई है वो
00:57मुझे नहीं बता
00:59लेकिन महक और वरीशा इस तरह मेरे घर की खुच्चियों के साथ नहीं खेल सकते
01:04यहीं तो मैं आपको समझा रहा हूँ मौँ
01:06आखिर कब तक खामूश रहेंगे
01:10सब कुछ जानते हैं मुझे सब कुछ याद है
01:14कितनी बेदर्दी और बेरहमी से चची वरीशा को दादों के हाथ से ले गई थी
01:19और कितनी हटदर्मी के साथ उन्होंने दूसरी शादी कर ली थी
01:21बावजूद इसके कि सब उनको मना कर रहे थी
01:23आज वरीशा इस घर में वापस आगे और अपनी चलाकी से उसने बाबा को शिचे में उतार लिए
01:29यहां तक कि वो चची जान को भी यहां लेकर आगई है ताकि वो यहीं सडल हो जाए
01:36बेटा में तुम्हारी उलचन तुम्हारी तकलीव को समझ सकती हूँ
01:40यह निस वक्त में छुप रहना पुड़ेगा
01:45अरा एक लफस बिना बीजान और बाबा की सलाफ चलाजाएगा
01:52तुम तुम जैसे वापस आते हो ना मेरा यखीन करो
01:56मैं तुम्हारी शादी के नान करतू भी
01:59और फिर मैं देखती हो कि कॉन पीच में आता है
02:03माता है बेरा
02:33आज तक महग मेरी खेंचीवी लकीर पर चलती रही है
02:40लेकिन अब ऐसा क्या हो गया क्या है
02:44ये बेवकूफ वारत अपने फैसले खुद करने लगी
03:02हलो
03:03हलो
03:04हाँ डर
03:06मरीशा
03:07अपनी माँ से मेरी बात करवाओ
03:09मुझसे बात क्यूने कर रही आखिर हुआ क्या है उसे
03:12आई रोन नो कि वो आप से क्यूने बात कर रही
03:14फिला रोन उनके ये बोला है
03:16कि मैं आपको चाकर बता दू कि मामा यहाँ पर कुछ दिनों के लिए रुके हैं क्योंके
03:20दिमार खराब हो गया इस औरत का
03:22तुमारी मामा तुमारे साथ उस घर में कैसे रह सकती है
03:26तुम्हें उस घर में रहने की इजाद़ सिर्फ इस दे मिली है
03:29कि तुम उनका फून हो
03:33महक को वो लुक कभी भी नहीं अपनाएंगे
03:35ठके मार कर घर से निकाल देंगे
03:38भोश में आजाएगी ये औरत
03:41दैड ये सब मुझे नहीं पता
03:44फिलहाल ममा बाहर लाउंज में सब के साथ बैठी हैं
03:46और ममा की काफी आओ भकत ओरी है
03:48जैसी वो कमरे में आती हैं
03:49सो अलास कर तु कॉल ये, टोन्ट वरी
03:52ओके भाई, सी उ
04:07तरह ऐसा क्या होगा है वहाँ पर
04:12कि सब महक किया भगत करने
04:16सा कौन सा जादो करती है उस
04:25अबरेशा तुमने बहुत अच्छा किया बिटा
04:27जो महक को यहीं ले आई
04:28वहाँ उसका कौन ख्याल करता
04:31महर उनिसा
04:33बिटा महक के लिए सूप बन वालू
04:35जी, कहती है मैंने
04:38महक तुम आराम से या रहा हो
04:40किसी किसम के फिकर करने की जरूरत नहीं है
04:46नहीं विजान
04:49वरीशा तो बच्ची है
04:52रिश्टों की बारीकियों को नहीं समझती
04:56मैं बला यहां कैसे रह सकती हूँ
05:00मैं तो बहुत पहले
05:02इस घर की जट के नीचे रहने का
05:06हग खो चुकी हूँ
05:10बहुत गमन से इस घर की देली सपार की थी
05:17मैं इस घर में रहने के काफिल नहीं हूँ भी जास
05:20मैं इस घर में रहने काफिल नहीं हूँ
05:24Oh God
05:26Why is she saying all this?
05:29भूल जा महिक
05:32पुराने बातों को भूल जा
05:35वरीशा बडेप्यार से और मान से अपना घर समझकर तुमको यहां लेकर राई है
05:42मुक्तार ने बताया कि अस्पिताल में वरीशा तुम्हारे लिए बहुत रो रही थी
05:47अब उसके खुशी की खातिर ही यहां रुक जाओ
05:50मगर बीजान मैं किस हक से यहां रहूंगी
05:55वरीशा के मा के हक से
05:57रजा एहमद की बेवा के हक से
06:01वाओ मामा क्या जबर्दस प्लैनिंग किया आपने
06:04सबकुछ बिल्कुल वैसा ही हुआ जैसा आप चाहा रही थी
06:12मगर बीजान मेहमूद मुझे यहां कभी रहने नहीं देगा
06:17और मैंने ही चाहती कि
06:20वो इस घर में आकर कोई तमाशा करे
06:24आप उसकी पकरना करें उस जैसे हराम को रोगो कैसे डिल करना है मैं ची तरह से जागती है
06:31अबरीशा बटाब अपनी मामा को अपने रूम में लेजाए
06:36अब भुद भी रेस्ट करो और इनको टाइम पर मेडिसन देगा
06:40जए ज़ए ज़ए ज़ए नहीं हराम करें
06:46अचे मामा चलते हैं आप तुरी तेरा राम कर लीजेगा चले
07:10अचे मामा कैसे कर लेती हैं आप ये सब कुछ
07:16क्या कहा था आपने कि इस घर के लोगों ने आपको यहां से ज़ए
07:20कि दहली स्पार्ट करने पर था कि देकर निकाला था इस ता बोलो मैं के कॉन पिलीफ दिवारों के भी
07:26कान होते हैं
07:28तुम मेरी बात गोर से सुनो
07:33ये जो तुमारे खानदान वाले हैं ना ये भेड के रूप में भेडिये हैं
07:40और इनका शिकार करने के लिए हमें भी भेड का रूप धारना पड़ेगा
07:51मजलूम, मस्कीन और बेचारी बन कर रहना पड़ेगा
07:57था कि ये लोग ये जो नेक और परहेजगार बने फिरते हैं ना
08:01ये हमारे गुनाद होने के चक्कर में हमें माला माल करते
08:06तुम सुर्णी मामा लेकिन ये नेक, परहेजगार और बेचारी
08:12हाँ, ये सब मैं नहीं बन सकती मामा, मेरा तो दिल चाहता है कि इन सब की आंकों में आंके
08:17डाल करना इनका मूह तोर दो
08:19अरे मेरे गुडिया, ऐसा ही तो नहीं करना
08:25जो भी करना है बड़े सपर और तहम्मूल से करना है
08:30जे, इस घर की शान और शौकत देख रही हूँ, इस पे सिर्फ और सिर्फ मेरा और तुम्हारा हाग है
08:41और पिर देखो, वहाज हमारी कितनी बड़ी जीत हुई है
08:46तो मैं सोच भी नहीं सकती थी
08:49अब इस एक साल में तुमने वहाज को अपना बनाना है
08:56ममा, फर्स्ट अफॉल, I don't like him
09:00वहाज से में प्यार नहीं कर सकती
09:02और ना ही मुझे वो एक आंक बात है
09:05और मैं उससे शादी तो बिल्कुल नहीं कर सकती हूँ
09:06और वहाज के दिल से शिफा के लिए महाबत निकाला है
09:09इस इंपॉसिबल, यह मुझे से नहीं होगा
09:12मैं नहीं उससे प्यार वेर कर सकती
09:14तो ऐसा मैं कब कह रही हूं मेरी जान
09:16कि तुम वहाज के इश्क में गिरिफतार होकर
09:19वहाज से शादी करो
09:22मैं यह चाहती हूँ
09:23कि तुम इस घर पर राज करने के लिए
09:27वहाज से शादी करो
09:30तुम अपने बाप का बदला लेने के लिए
09:34वहाज से शादी करो
09:36तुम अपनी माँ की बेज़ती का बदला लेने के लिए वहाज से शादी करो
09:51मैंने तो कभी नहीं कहा कि तुम वहाज से महुपत करो
10:08वैसे भाबी क्या छोटी भाबी भी अब यहीं रहेंगी
10:15मालूम नहीं
10:16वैसे भाबी मैंने भी सब कुछ अपनी आँखों से देख है
10:20और मेरी तो अकल हैरान है के अचानक से बीजान को हो क्या गया
10:26और कैसे ये सब भूल गए कि चोटी बापी ने कितना बुरा किया था इस घर के साथ?
10:30बड़े मामा आपने मुझे बुलाया?
10:32हाँ बेता, वाहाज के कमरे में खाना ले ब्लाओ, दोनों साथ मिलके खाना खा लो.
10:41क्या मतलब है वाहाज ने भी तब कुछ खाया नहीं?
10:46नहीं, और तुमने कौन सा खाया है?
10:52अब ना तुम उसकी जिवेदारी संभाल लो, अब मुझे चुटी ले दो, पस बहुत हो क्या.
11:00अभी काहां बड़ी मामा? अभी तो आपको पुरा साल वाहाज को समाल मैं.
11:09मैं तो... नहीं बिटा, जो तारीक तेह हुई है ना?
11:13उसे ना मैं मानती हुई और ना ही बहाजु.
11:17अस मसले हतनी मैं चुप रही हुई.
11:21यसी वो ट्रेनिंग से आज आता है ना, फिर मैं चुप रहने वाली नहीं।
11:25मैं पनी बेटी को चल्दी से बभू बना कर लिया हुई.
11:29आपके लिए सब इतना असान नहीं हुखा बड़ी मामा.
11:32तुम्हारे और बहाज के लिए कुछ भी करना में ले मश्के में.
11:37जो चल्दी से खाना ले जो, पिटास के साथ, कब से किम उसका मूझ सही हो जाएगा तुम्हें देखकर, हाँ?
11:42आफे करना करें, मैं उसे खाना के रा देती हूँ.
11:45जो मेरा बच्चा, जो शेला, जी भाभी.
12:15आप यहाँ पर रिखती हूँ, चाहें.
12:22पूरे घय में डूद चुकियों में, और शेजादे साब यहाँ खड़े हूँ.
12:30बड़ी मामा ने बरताया तुमने कुछ ही खाया, तो बस, मैं खाना यहीं पे लियाएग, आओ चलो खाते.
12:35सुनो.
12:40तुम खुश हो.
12:45हाँ, खुश हो. क्यों? नहीं होना चाहिए था?
12:49नहीं मतलब, खाम दोनों की शादी की टेट एक साल बात की तह हुई है.
12:55तुम्हे कोई अतराज नहीं है?
12:58एहाँ.
13:00नहीं, मुझे कोई अतराज नहीं है.
13:03क्योंकि मैं जानती हूं तुम ऐसा होने नहीं दूँगी
13:05हम आज जो कुछ भी वावाज
13:11मुझे तुम्हारी मौपट पे पूरा यकीन है
13:14मेरी मौपट मेरी ताकत
13:16मेरी खुशी सिर्फ तुम
13:20तुम मेरे साथ हो तुम बस
13:22अचर क्या चाहिए ये तारीख मेरा जो कुछ भी है
13:25इसे क्या फरक पड़ता है
13:28हमें
13:31कोई बेचो दानी कर सकते
13:35तुम इतना पॉजिटिवली हर फक्त हर चगा कैसे सोच लेती है
13:39बस टेक दीप रेथ एन हे एन एक से
13:44लेकिन मुझे
13:46जे इस आमज में नहीं आ रहा कि आखिर फरी शान ऐसे किया क्यों है
13:49उसका क्या मुक्सत हो सकता इसके पीछ ए
13:52इसके बीचे लिए बाग कर दो संब्सक्राएक
13:55वो क्या सोचती है और क्या निया सोचती क्या फरक पड़ता है
13:58हम तो ये है नकि में क्या सोचती
14:00तुम क्या सूचते हैं, राइट?
14:03तुम उस मेरे साथ चोड़, हम भाग के शादी कर लेते हैं
14:07जी जी बिल्कुल बिल्कुल
14:08एक जो ये तुम्हारा भाग के शादी करने वाला प्लान है ना फसवाएगा किसे दिन मुझे
14:13अरे ऐसे कैसे फसवादेगा?
14:15मुझे एक बात बताओ, तुनिया में कभी किसी अरेंज मैरेज की लव स्टूरी को अमर होते देखा हैं?
14:22नहीं, उसकी वज़ा ये है कि जो मुखबत करते हैं वो ही अपनी कहानी को अमर करवाते हैं
14:29सुचो कि इतना एक्साइटिंग होगा
14:31हम नोनों भाग कर शादी करेंगे, वापिस घराएंगे, घरवाल को बताएंगे कि हमने भाग कर शादी कर लिये
14:37और अब हमारी मुखबत के आगे कोई कुछ नहीं कर सकता, कोई खड़ा नहीं हो सकता
14:41जी जी बिवकर बिवकर ये ब्रेकिंग नियूस जब बड़े बाबा को बाबा को पता चलेगी तो फिर आपकी जो हड़ियां
14:47ब्रेकोंगी ना उसका भी बहुत मजाएगा, राइट?
14:50कोई कुछ नहीं बेगाड सिथा मेरा
14:52चलो, on this note, एक काम करते हैं, मूट को मजीद अच्छा करते हैं, let's go for a cup of
14:57coffee
14:59इस वक्त? इस हुलिये में?
15:02हाँ, हाँ, तु क्या हुआ? भई, तहीं अच्छी तो लग रही हो तो, और मैं हूँ ना तुमारे साथ?
15:06बेदे को, मैं, मैं सब को एक्स्पेन कर दूँगा के हमारी चादी होने वाली थी, लेकिन वे एक साल डिले
15:12हो गई, हम तयार थे, हमने सुचा coffee पी लेते है, अधुलन मेरी बहुत कुछ है, एक साल coffee पी
15:17पीते लेंगे, ठीक है?
15:20अधुलन में, मैं मारी बहुत कुछ है, लेकिन कौफी पी निहीं चलते है, वो जो उस दिन हमने मटका चाह
15:26पीथी ना मलाई मार के, पहां पर चलते है, लेच गो.
15:30बात मौूँ
15:34आलावत वक्त चाहे कितने ही मुश्किल कियो नग
15:37हमेशा इस बात काहित मेनान रहता है कि तुम हो मेरे साथ
15:43तुम्हारा ये रोशन चेहरान
15:45तुम्हारे दिल की सच्चाही
15:48हमेशा इसे काईम रख नमस
15:54हमेशा
15:56हमेशा
15:56हमेशा
15:57अरहा शेरा से कह देना एक खाना उठाले
15:59कमरे में से पर
16:00अजीब खाने की समयल आएगी
16:11किमा प्यों कर रहे है ये
16:14चूड़ दो बस अप्याद दे
16:16कुछ दिन के लिए ही सही
16:21देख रही है न आप
16:23आपको सब देख रहा है न जो मैं देख रही हूँ
16:28देख रहा है
16:30घर में क्या कुछ नहीं हो किया लेकिन
16:32इनकी महबत ही नहीं खतम हो रही है
16:35देख रही है आप
16:36देख रही है कैसे घूमने फिरने जा रहे
16:38यह आपे
16:40जाने दो, घूमने फिरने दो
16:44कल वहाज की फ्लाइट है
16:47फिर सब कुछ तुम्हारे हाथ में होगा
16:51ये आपकी भूल है मामा
16:53इतनी महबत करता है वो शिफासे वो कभी भी मेरे हाथों में नहीं आ सकता
16:57क्यों खुश्फेहमिया ही ने खतम हो लिया
16:59खुश्फेहमी ही सही लेकिन क्या मालूम
17:03ये खुश्फेहमी तुम्हारी सिंदिकी की सबसे बड़ी हकीकत बन जाए
17:11ठिंक पॉजिटिव
17:47पुश्फे
18:15झाल झाल
18:27आपे दवाएं खा लिए नब सोने की कुशिश करें
18:31काफी रात हो गई है
18:33महर उनिसा कहा है
18:34वो क्यों नहीं आई दवाई देने
18:36वो शेला के साथ
18:40किचन में
18:40शायद खाने मने का जमान में वेराज़ अमेट रही है
18:46तुम कहती हो दुमान लेती हो
18:50परना महर उनिसा खुश नजर नहीं आ रही है मुझे
18:56मतलब मैं समझी नहीं
18:59समझ में तुम मुझको भी नहीं आ रही है
19:01वो महर उनिसा जो
19:03गर को जोडने में जुदी रहती थी
19:05घरवालों के खुशियों का एसास था उसे
19:09पता नहीं उसके अंदर इतनी कड़वाट और नफरत कैसे भर गई
19:16नहीं नहीं बीजान आँ यह आप कैसे कह सकती है
19:21महर उनिसा भाभी और नफरत मुम्किन ही नहीं यह तो
19:27पिटा लगता तो मुझे भी ऐसा ही था
19:29कि नफरत और महर उनिसा दो अलग अलग बाते
19:34लेकिन महर और वरीशा के साथ उसका रवयाब मेरे लिए बड़ा हैरान कुन है
19:39वरीशा के लिए तो उसके दिल में ज़रा भी रहम नहीं है
19:43उसके तो समझ में नहीं आता कि वो पुरानी बातों को भूल क्यों नहीं जाती
19:48जबके तुम देखो मैं कितना बदल गई है बिल्कुल वैसी नहीं रही जैसे थी
19:54उसको अपनी माजी में की गए गलतियों का एसास भी है
19:59तो फिर हम उसके गलतियों को माफ क्यों नहीं कर सकते
20:07तुम से कह रही हूँ कुछ जवाब तो दो
20:12इतना सोचेंगी तो और बिमार हो जाएंगी आप सोने की कुछ शिश कीचेंगी दवाएं खा लिये ना बापने तो नहीं
20:19दाच रहेंगी
20:22और मैं बस इतना कहूंगी कि बीचान आप महरू भाबी के बारे में बोल रही है
20:32I'm pretty sure कि आपको ना कुछ खलत फैमी हो गई है
20:39अपने दिलों दिमाग से सारी नेगेडिविटी निकाल दीचें
20:45हम
20:47हम मैंने सब आभी की बात कह रहें जो हमेशा का कुछ चोड़ के रखती है
20:54अगर उन्हें पता चला
20:56तो दुख होगा
21:01रिकाल दें सारी बातें ऐसी
21:05चैने
21:07दीची मुझे अपनी चादर उतारें अपना चश्मा और सूने के तैयारी करें बस
21:12नो मोर्ट थिंकिंग
21:16ठीक है
21:25किसी ने ठीक ही कहा है
21:28जो औरत हर तरह की जिल्लत सैले
21:32उसे फिर किसी चीज़ का खौफ नहीं होती
21:36जो औरत रुस्वाई और बेजज़ती का तौक गले में लेकर फिरने की आदी हो जाए
21:43वो हर किसम का तौक अपने गले में डालने की आदी हो जाती
21:48बहुत चालाकी से महक ने रातो रात अपना ठिकाना ही बदल लिया ऐसे जैसे एक सुहागन पेवा बनने को तयार
21:58हो जाए
22:01वा महक वा तुम्हारा भी जवाब नहीं मगर इतनी आसानी से सब कुछ तुमें और तुमारी बेटी को हजम नहीं
22:10करने दोगा
22:11मेरे बगएर वहां का हैश तुम दोनों हजम नहीं कर पाओगे
22:32मैर निसा
22:41रात के इस बहर अब आप यहां क्या कर रही है तुर किसी तेज तुफान के आवाज मुझे सोने नहीं
22:55दे ली तुफान
23:00कैसा तुफान
23:05नफरत का तुफान जलन और हसत का तुफान जो बहुत साल पहले इस घर में आया और इस घर के
23:21बीटे को मनो मिट्टी तले दफना के आथ आज पिर वो इस घर की देलीस पर आकर खड़ा है पता
23:32नहीं अब किसके जान लेका
23:37कैसी बहकी बहकी बाते कर रही हैं आप कैसी नफरत कैसी जलन कहना क्या जा रही हैं
23:51कहने को बागी क्या रहा है
23:55अब तो बस असल परसिक पर्दा उठाना है वरीशा और महकी हकीकत आप और बीजान के सामने लाना है
24:05मुझे पहरमिसा खुदारा अपनी सोच को बदलिये वरना आपके अंदर का नफरत का ये दुफान इस घर को तबाह करतेगा
24:18क्या मेरे अंदर की नफरत का तुफान तामक्तार साम
24:27महक पर अचानक इतना बरोसा कैसे ये वही महक है जिसके सामने बाबाजी और बीबी जान गिर गिराते रहे लेकेन
24:37उसने वरीशा को हवाले नहीं किया था
24:42ये वही महक है जिसने आपके भाई के होते वे दोका दिया और इस घर के मुलाजिम से शादी कर
24:49ली क्या आप अपने भाई का वो लास्ट वाटसेब मेसेच में बूल गए पूछ नहीं बूला हूँ है
24:57कुछ नहीं बूला हूँ है मुझे सब कुछ ही आत है
25:00मैं बस इस नफरत के दुफान को हावा नहीं देना जादा दबाना चाहता हूँ
25:06पर सुबाद बीजान की मम्ता को तस्कीन दिये परीशाने और मैं पुरानी बातों को दोहरा कर उनको तकलीफ नहीं देना
25:15चाहता है बस इतना ही चाहता हूँ मैं
25:21अपनी माँ की खुशी के लिए जब आप सब कुछ भुला कर महक पर दुबारा बरोसा कर सकते हैं तो
25:29मैं भी तो एक माँ हूँ ना
25:34अगर मैं भी अपने बच्चे की खुशियों के लिए किसी से भी लड़ जाओंगी
25:40और जो खेल वरीशा और महक ने शुरू किया ना उसे मैं खतम करूंगी
25:47आप वरीशा और महक से कोई बात नी खरेंगी
25:51क्योंकि उन्हें इस घर में रखने का फैसला मेरा और पी जान का है
25:55और हमारे इस फैसले के खिलाव कोई नी चाहेगा कोई भी नी चाहेगा
26:01पता है मुझे
26:05जबार बार ये बताने की ज़रूरत नहीं
26:09उनके ही रहने पर मुझे कोई अधरास नहीं
26:13निकान अकर मेरे पच्छे
26:16यह उसकी खुशियों के बीच में कोई भी आया
26:20मैं उसे छोलूंगी ने
27:10इतनी खामोशी क्यूं है
27:12सब लोग सो कर नहीं उठे
27:14नहीं नी छोटी भावी सब उठ चुके हैं
27:16सबने नाश्टा भी कर लिया
27:18आपका और वरिशा भीबी का नाश्टा लगा दूं क्या
27:22हाँ लगा दो मैं वरिशा को ठाती
27:25अरे महक कैसी तबे था तुमारी
27:32ठीक है
27:33चनो बड़ी अच्छी बात है
27:34अच्छा डॉक्टर था बड़ी अच्छी दबा दी उसने तुमें
27:38रात तो रात तुमारी तबित भी संबल गई
27:41सालों बाद अपनों का प्यार मिला है
27:43ठीक तो मुझे होना ही था
27:48अपनों का प्यार छोड़ने का फैसला भी तो तुमारे ही था ना
27:52अपने पैरो तले रोन पर चली गई थी तुम इनका प्यार
27:56याद होगा ना तुमें
27:58जी भाबी
28:00इनसान खता का पुतला है
28:03मैं मानती हूँ के माजी में मुझे से कुछ गलतिया हुई है
28:07जिनकी सजा भी मैंने काटी है
28:11और अगर अब मुझे वो सुधारने का मौका मिल रहा है
28:18तो आप को इतनी तकलीफ क्यों हो रही है
28:22अरे नहीं नहीं मुझे कोई तकलीफ नहीं है
28:27माजी में तुमसे जो गलतियां हुई है
28:30उनको अगर तुमें सुधारने का ख्याल आ गया है
28:33तो यह तो बहुत अच्छा खियान है
28:36मैं तो बस ये कह गो रही थी
28:37कि घल्टियां सुदानली के
28:39चक्कर में मज़ीध
28:41कोई गल्टी नंजह मेरे साथ है
28:43और उल्बार भापी
28:45अब मैं भला गल्टी क्यूं करूंगी
28:48इस बार
28:49मैं कोई गल्टी नहीं करूंगी
28:51क्योंकि इस बार बी जान मेरे साथ है इसलिए आपको मेरी फिकर करने की कोई ज़रूरत नहीं और हाँ
29:07सालों साल आपने इस घर पर राज किया है
29:13बी जान को अपने इशारों पर नचाया है और अगर बी जान ने मुझे थोड़ी सी एहमियत दे दी तो
29:23आपको इतनी जलन क्यों हो रही है
29:27अपना तख्त उताज छिन जाने के खौफ से आपको तो शायद मीन भी नहीं आ रही है ना
29:40शेहला मेरा और वरीश्या का नाश्टा हमारे कमरे में ले आओ जी
30:08तुम्हें मुझ पर गुसा किस बात का है मेरे यहां रहने पर या पी जान के मुझ पर महरबान होने
30:15पर
30:16मुझे गुसा नहीं हैरत हो रही है तुम्हारे दिमाग में इतना कुछ चल रहा था और तुमने मुझे भनक तक
30:24नहीं लगने दी
30:24क्योंकि इस पार मैं तुम्हें अपने बल पर कुछ करके दिखाना चाहती थी
30:30कम अकल बेवकूफ और जस्पाती औरत समझ रहे थे ना तुम मुझे
30:36क्यों मैंने तो ऐसा कुछ भी नहीं का
30:40अच्छा तुम्हारे लहजे और तुम्हारे अंदाज ने तो कई बार बताया है मुझे
30:45कि मैं तुम्हारे लिए अब एक बेकार चीज हूँ
30:48तुम्हारे दिन और रात तो वो तुम्हारी परीजी के साथ गुजरते हैं ना
30:54वो ही खेल उसके साथ भी खेलना शुरू किया हुआ है ना तुमने जो सालों पहले मेरे साथ खेला था
31:02अच्छा अच्छा तो इतने दिनों से तुम मेरी मुखबरी कर रही थी
31:08लेकिन एक बात याद रखना कि जो भी गंद तुमारे जहन में चल रहा है ना
31:13अगर कुछ भी वरीशा को पता चला ना तो अच्छा नहीं होगा मैं
31:20मेहमूद मैं तुम्हें पहले ही बता चुकी हूँ
31:22तुम्हें अब वरीशा की फिकर करने की कोई ज़रूत नहीं
31:27उसकी फिकर करने वाले यहां बहुत से लोग है
31:31पी जान उसको अपनी हदेली का च्छाना बना कर रखती है
31:34वो इस घर की रानी है
31:36और उसकी मा होने के नाते मैं इस घर की मलिका हूँ
31:44मैं कितना घुरूर मत करो
31:47ये ना हो कि तुम अपनी आउकाद भूल जाओ
31:49यही तो मैं तुम से कहना चारी हूँ
31:51कि तुम अपनी आउकाद में रहू
31:54परीजी को तुम जैसों की कमी नहीं है
31:59ये जो तुम तबीयत खराब होने का ढोंग रचा कर वाँ रुकी हुई हो
32:03जब उन सब को इस बात का पता चल जाएगा
32:05कि तुमने ड्रामा किया था
32:07तब क्या करोगी
32:09मैं तो अब एश करूँगी एश
32:13हाँ अगर तुम चाहते हो
32:17तो तुम्हारा और वरीशा का और अपना
32:20मस्तकिल ठिकाना बना सकती हूँ मैं इस घर को
32:22क्योंकि इस वक्त
32:24भी जान और मुगतार भाई
32:27मेरी मुठी में
32:28और अगर तुम भी चाहो
32:31तो बेहती गंगा में हाथ दो सकते हो
32:35वो कैसे?
32:43यहां आकर
32:44सब के सामने
32:47मुझे तलाग देनी होगी
32:50क्या गैरी ओ महग तुम होश में तो हो?
32:55क्या हुआ?
32:56डर गए?
32:58मुझे तो इसलामाबास से ही शक था
33:00कि तुम्हारे और परी जी के बीच में कुछ चल रहा है
33:05लेकिन
33:06मैं खामोश रही
33:08मुझे तुम्हे बरताश्ट करना पड़ा
33:11हाला थी कुछ ऐसे थे?
33:13अरे अरे
33:14घबराओ नहीं
33:16मैं कोई सच में तुमसे तलाक नहीं मांग रही
33:18बस तुम्हे
33:20यहां आकर ड्रामा करना है
33:23खुद को जालिब
33:25और मुझे मजलूम साबित करना है
33:27ताके यह मुझे
33:29और वरीशा को
33:31मुकमल तोर पर अपना ले
33:34नहीं
33:35मैं ऐसा कुछ भी नहीं करूँगा
33:39क्यूं नहीं कर सकते तू?
33:41तुम अच्छी तरह जानते हो महमूद
33:43कि मेरा यहां रहना कितना जरूरी है
33:46यह फरीशा बच्ची है
33:49वो जोने इन लोगों का मुकाबला नहीं कर सकती
33:52तुम्हारा दिमाग खराब हो गया
33:54मुक्तार को जानती हो ना
33:56सीधा पुलिस के हवाले कर देगा मुझे
33:58तुम अपनी मर्जी से वहां कई हो ना
34:00अब अगर वहां रहना चाहती हो तो खुदी कोई रास्ता ढूड़ो
34:03मैं इस सिलसले में तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता
34:07ठीक है तुम मेरी भी एक बात कान खोल कर सुन लो
34:11एक थेला नहीं दूंगी तुम्हे
34:15और तुम वरीशा से भी दूर रहोंगे
34:38शकील साब ये कितनी इर्रिस्पॉंसिबिलिटी की बात है
34:41जब इन्हें आप से कहा था कि मोसिन और दावर के नाम पे
34:44ये डॉक्यमेंट्स बनाने हैं ताकि जाने से पहले मैं उन्हें साइन कर जाओ
34:47ये प्रोजेक्ट हैंड ओवर कर दूँ तो ऐसा क्यों नहीं हुआ
34:51प्रीज
34:53प्रीज मेक शोर के ये सब कुछ हो जाए अभी
34:55बाई
34:58क्या हुआ
35:01रोईंगे आप
35:03नहीं
35:04अब तुम जा रहे हो तो क्या मैं रोव भी नहीं सकती
35:07एंग
35:10इसा तो नहीं लग रहा मुझे
35:14आपके आखों के आसो ये उदासी
35:18आपके लब्सों को सुपोर्ट नहीं कर रही है
35:21सच सच मत आईए
35:23क्या हुआ
35:24एक तो तुम ना वहाज
35:28बंदूग लेकर खड़े हो जाते हुआ
35:29मेरी बात को एक नूर ना करें
35:31बाबा ने कुछ कहा है ना आपको
35:32अब से अभी बात करता हूँ
35:34पर शुच्छ नहीं कहा बाबा ने
35:39यकीन करो
35:43बाबा ने कुछ नहीं कहा तो फिर क्यों रो रही है आप
35:47मुझे अच्छा नहीं लग रहा है
35:48मेरा दिल बुरा हो रहा है
35:49बताएए क्यों रो रही है
35:52चाहरे हो ना पस इसलिए रो रही है
35:55और कुछ नहीं
35:57जाता तो मैं पहले भी हूं आप
36:00एले तो कभी आपको हैसे रोते नहीं देखा, आप क्या हुआ है?
36:09भाज, मैंने पहले कभी इसना अगीला मैं सोच नहीं कि अपने अपने अपने अपने अपने मुझे लगता है कि अप
36:18मैं इस घर के लिए, यहां के लोगों के लिए परायों का इसी बाते कर रही है, हाँ?
36:29अपने बातों से मुझे साफ साफ साफ दिखाई दे रहा है कि दादो ने भी कुछ कहा होगा आपको, और
36:34आपकी जो इज़त, आपका जो मकाम था वो, वो हमेशा सबसे उपर रहेगा इस घर में, आप जानती है, मैं
36:46आपका बेटा हमेशा आपके साथ रहूंगा, दादो न
36:58काल की दुखने मेरे लिए ऐसी नहीं रहेगी, तो नहाँ रहेगी, क्या फर्क पढ़ता है, मुझे पताई इस घर में
37:06कोईभी क्या सोच रहा है, मुझे आपको क्या फर्क पढ़ता है, तुन्ह तो एक साथ हैने, और मैं ये ट्रिप
37:15कैंसल कर दो, अरे, दुमाग साई है त
37:27किस कै सकते हो?
37:29कोई भी अपिजूनिटी, मेरी माँ के आँचों से जयदा कीमते नहीं हो सकती.
37:35जबाती बात नहीं कर।
37:41लेकिन मैं..
37:42मैं जिसने अपनी माँ की आंकों को हमेशा मुसकुराते देखा
37:47आज इतने यहां सों के साथ, इतनी उलासी के साथ कैसे छोड़ के जा सेत।
37:53तो अपटर नाई हो मैं एफरीदिंग
37:57मेरो बच्चा नाई
38:15तो अपटर नाई हो मैं एफरीदिंग