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दिल्ली में एक साल में कितने चुनावी वादे पूरे-कितने अधूरे? देखें CM रेखा गुप्ता एक्सक्लूसिव
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00:20पुछले साल पहली बार ऐसा हुआ कि भारतिय जनता पार्टी दिल्ली में लौट कर आई
00:26और उसके साथ ही परिचाय सबका हुआ रेखा गुपता जिसे बहुत सबागय थे आपका वाम
00:34मुख्यमंत्री कार्याले में एक साल पूरा हुआ है हम कार्याले से बाहर लेकर आए है
00:38और मुझे लगता है इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि एक लैंडफिल साइट पर जैसे लोग कूड़े
00:43का धेर कूड़े का पहाड कहते हैं
00:45वहाँ पर एक मुख्यमंत्री का इंटव्यू की शुरुवात हो रही है लेकिन हम उस लैंडफिल साइट पर पहुँचने से पहले
00:51जो आपने अपने एक साल का रिपोर्ट कार्ट देते हुए कहा कुछ चीजें कही कागज कम काम ज्यादा वाली सरकार
00:58है
00:58यह शुर नहीं समाधान वाली सरकार है आरोप नहीं उत्तरदाइत्व वाली सरकार है यह मैं नहीं हम की राजनीती वाली
01:06सरकार है
01:06आप सच-सच बताइए कि आप अपने एक साल के कामकाज से कितनी संतुष्ट हैं अपने आपको कितने नंबर दे
01:13रही है
01:15मैं अपने आपको नंबर देने वाली कोई नहीं हूँ
01:18नंबर देने वाली जनता है
01:20और दिल्ली की जनता जो चाहे मुझे नंबर दे सकती है
01:23पर मुझे इस बात की संतुष्टी है कि मैंने
01:28अपने समय के एक एक पल का उपयोग
01:32दिल्ली की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए उनकी सेवा के लिए किया है
01:38और इस 365 दिन में जितना काम मैं कर पाई उसके लिए एक बेटर प्लैनिंग, साइन्टिफिक रोड मैप
01:52और समस्याओं का आइटिफिकेशन कि किस-किस समस्या का actual में क्या समाधान है, क्या वर्क प्रोसस है और उस
02:00पे क्या-क्या काम किया जाना चाहिए
02:02Step by step आगे बढ़े, मैपिंग करी, टाइम लाइन टाइक करी और उस दिशा में मैं आगे बढ़ी हूँ
02:09तो मैं यह कह सकती हूँ कि इस 365 दिन का सही उपयोग करते वे मैंने हर दिल्ली की लीगेसी
02:16प्रोब्लम से लेकर के day to day प्रोब्लम को समझा और दिल्ली को समाधान देने की कोशिश की
02:22अब लेगेसी प्रोब्लम में तो सबसे बड़ा एक और चीज मैं बताऊंगे कि यह उखला का landfill site है जहां
02:28पर पहले भी मैं आई हूँ लेकिन यह पहाड जो है अब जमीन हो गया एक ही पहाड है जिसके
02:32खनन से लोग खुश होते हैं और यहां पर भी हम देख रहे हैं लगात
02:50आज लगबग 3,000,000,000 के करीब इसमें बचा है तीस लाक मीट्रिक टन से तीन लाक और इसमें
03:02जो कूड़ा बचा है अब वह भी आप देख रहे हैं लगातार यह सारी मशीनरी काम कर रही है डे
03:08टू डे नाइट काम कर रही है यह मशीनरी बायो माइनिंग को हमने आप समझ �
03:13यह की साथ हजार अगर टन पर डे था बायो माइनिंग का प्रोसेस उसको हमने तीनों लेंटिल साइट का मिला
03:22कर के 30 से 35 हजार TPD को लेकर के जाने का काम किया है जो उसमें वेस्ट निकलता है
03:29यह जो मशीने यह ट्रॉंबल मशीने जो है वो जो गोल यह पूरा दिखाई दे
03:43केंद्र सरकार के साथ मेल करके NHI के साथ मेल करके इन सारे मेटीरियल्स का क्या उपयोग सांटिफिकली हो सकता
03:52है उस दिशा में काम किया MOU साइन किये इसमें ट्रांसपोर्ट मुनिस्ट्री ने हमारी बड़ी मदद की तो एक बड़ा
03:59काम यह था कि यह जितना भी इसमें से �
04:02निकलता है उसको सही जगह पे इसको पहुंचाया जाए ताक कि जगह रिकलेम हो यह पूरा का पूरा प्रिमिस जो
04:08था वो बासट एकड का था इसमें से 15 एकड जमीन आप देख रही है कि हमने रिकलेम कर लिए
04:15यह पूरा जो खाली दिख रहा है आपको यह सब खुड़े का प
04:32प्रेश वेस्ट है और आप इसको समझने की कोशिश कीजिए और दिल्ली वालों को भी इसको समझना पड़ेगा कि दिल्ली
04:39का जो रो जाना का पूरा निकलता है जो वेस्ट जनरेशन हमारी दिल्ली में होता है वो लगबग साड़े बारा
04:47हजार टीपीडी है पर डे आपका
04:50साड़े बारा हजार टन निकलता है कुड़ा है
04:53प्रोसेस कितना हो पा रहा था
04:54लगभग छे से साथ हजार
04:57टीपीडी कुड़ा
04:58जो वेस्टू एनरजी प्लांट
05:00जो तेखेंड में नरेला बवाना
05:02और गाजीपूर में है
05:04इनमें ट्रीट हो पा रहा था
05:06मतलब लंफग आधा
05:09यानि कि जो बैकलॉग है
05:10वो बढ़ता जा रहा है
05:11तो रोजाना जब 6,000 में ट्रीक टन
05:14कुड़ा आपका खड़ा हो रहा है
05:15रोजाना सालों से
05:17कब से मतलब की शुरू से
05:20जब वो खड़ा होता गया
05:22होता गया तो ये कुड़े के पहाड बन गए
05:23तब 15 साल वाली
05:25कॉंग्रेस के सरकार ने ना इसके बारे में
05:27सोचा ना जो
05:2911 साल की आमादमी पार्टी की सरकार
05:31गई है उन्होंने भी नहीं सोचा कि ये रोजाना
05:34का कुड़ा जो खड़ा हो रहा है जो
05:35धीरे धीरे पहाड बनता जा रहा है
05:37इसका क्या समादान है
05:39आज जब हमारी सरकार
05:42बनी है तो 100%
05:43डे टू डे आपका जितना
05:45फूडा जनरेट हो रहा है वो प्रोसेस होना
05:47चाहिए वेस्टो एनरजी प्लांट की
05:49कैपिसिटी बढ़नी चाहिए
05:51उसके लिए हमने 15,000
05:54TPD की योजना बनाई है
05:56हम जो है
05:58तेखन की भी कैपिसिटी बढ़ा रहे हैं
06:00हम गाजीपुर की
06:01कैपिसिटी बढ़ाने के लिए काम कर रहे है
06:05अब भी चार प्लांट हमारे नए
06:08जो हैं जिसमें से
06:09दो नए हम नरेला बवाना में
06:11बनाने के लिए एक उखला में
06:132000 कैपिसिटी का बनाने के लिए
06:15उस पे हमारी वर्किंग पूरी
06:17चल रही है उसकी एनोसीज
06:19उसके लिए लैंड ये सारी काम हम कर चुके है
06:22और
06:23मुझे लगता है कि 2027 तक
06:25हम नए अपने
06:27वेस्टू एनर्जी प्लांट खड़े कर पाएंगे
06:29और तब हम ये कह सकते हैं
06:31कि रोजाना का जितना दिल्ली का
06:33कूड़ा जनरेट हो रहा है वो प्रोसेस हो पाएगा
06:35जा कहां रहा है ये कूड़ा
06:37क्या कर रहे हैं आप लोग कूड़े का
06:38जब वेस्टू एनर्जी प्लांट में जाता है
06:40तब तो बिजली बन जाती है
06:41परन्तों जब तक नहीं जाता ये पाहाड बनता रहता है
06:45तो ये अगर उस समय की सरकारे
06:47ये इस पे काम कर लेती
06:49तो ये कूड़े के पाहाड नहीं लगते
06:50आज हम पुराना कूड़ा प्रोसेस कर रहे हैं
06:52ये सब पुराना है
06:53पर नया खड़ा हो रहा है
06:55आपका ये बच गया है 3 लाक
06:57और ये हो गया 12 लाक
06:58तो ये जब तक खड़ा रहेगा
07:00जब तक की वेस्टू एनर्जी प्लांट
07:02जिसको हमने आने के बाद प्लाइन किया
07:04जिस पर हमने पूरी अपनी कारवाई की
07:07वो वर्किंग कंडिशन में जब आएंगे
07:10जब वो प्लांट प्यार हो जाएंगे
07:11तब हम दिल्ली को प्रॉपर पूरा समाधान
07:14की रोजान क्योंकि
07:15तब हैम जन को नई पता कि यह पुराना कुड़ा और यह नया इसथैंग
07:19और आखे तो ढूर्रा जितना कुड़ा जबर्गा फ्लस करने ही तो क्या आरपार कशुन
07:36इससे बड़े से बिजली बन रही है अन्चेया और बेहत कम आपकी शमत के थी
07:43आज जितनी हमारी कुड़ा है वो 100% प्रोसेस हो जाए वेस्टो एनर्जी प्लांट की कैपसिटी बड़े इसके लिए हम
07:52काम कर रहे हैं
07:52और सडक में भी आज यह कुड़ा है वेस्टो एनर्जी के अलग जिसको हम वेस्टो एनर्जी में प्रोसेस नहीं कर
08:02पारे जो कुड़ा यहां आके खड़ा हो गया इसमें से जो यह ट्रॉम्बल मशीने काम कर रही है यह जो
08:07गोल गूम रहा है इसमें से मिट्टी अलग हो जात
08:22हैं वो C&D वेस्ट अलग हो जाता है तो यह तीन परकार का इसका जो डिस्पोजल होता है वो
08:26होता है और उसको जहां जहां उसका उप्योग है जैसे जो RDF है वो पहले लेके जाये जाता था
08:34मद्यप्रदेश की सिमेंट फेक्ट्री में तो इतना तो ट्रांस्पोटेशन खर्च हो जाता था उसको लेके जाने में परन्तु अब हमने
08:41यह सारा जो है मुझफर नगर की जो पेपर मिल्स हैं हमने उनके साथ जो MOU हुआ उसके बाद यह
08:50बहुत ही नजदीक यहां से उठ
08:51जाता है और वो कंपनिया मतलब अब तो इनके ट्रांस्पोर्टेशन भी बियर करके वो लोग इसको यहां से लेके जाने
08:59के लिए त्या है आपने भी तो बहुत महत्वा कांशी अपना टाइम लाइन सेट कर दिया है आपने सितंबर सितंबर
09:05आपने कहा है कि दो हजार चब�
09:10करने के से कोड़ा फ्री करने के लिए काम कर रहे हैं डे नाइट काम कर रहे हैं हमने यहां
09:16ट्रॉंबल मशीने भी बढ़ाई है वर्किंग कैपिसिटी भी यहां के बढ़ाई है और यहां से निकलने वाला यह जो मैटीरियल
09:23है यह नहीं के साथ में जो अनुबंध हुआ है �
09:26उसमें सडकों में ये काम आ रहा है, RDF अपनी जिगह जा रहा है,
09:30C&D Waste के भी हम नए प्लांट लगा रहे हैं,
09:32ताकि ये C&D Waste जो है, वो प्रोसेस होके उसकी टाइल बन जाती है,
09:37ये अलग-अलग मेटीरियल बन जाता है, जो आपके अलग जो प्रोजेक्ट में काम आ सकता है,
09:42चलिए आम तौर पर यहां से देखने में ऐसे करके देखना पड़ता था,
09:45थोड़ी निगाहें नीची हुई हैं, मुमीद करते हैं, सितंबर तक ये सब,
09:49हमने पीछे यहां पर प्लांटेशन किया था, मास प्लांटेशन लगाए थे,
09:55ताकि ये दुबारा से यहां कूड़ा ना डलना शुरू हो,
09:58तो लगातार बिल्ली के अलग-अलग कोनों से जितना कूड़ा हमारी तीनों साइटों पर आ रहा है,
10:03तीनों पर ही बहुत ही अच्छा काम इससे में चल रहा है,
10:07बहुत टाइमली हम लोग उसको अब्जर्व करते हैं,
10:11क्वार्टरली उसकी रिपोर्ट ली जाती है कि कितना कूड़ा जो प्रसेस हो,
10:15क्योंकि बारिश के सीजन में ये काम अश्लो हो जाता है,
10:17क्योंकि ये कुड़ा गीला हो जाता है, तो फिर प्रसेस और आपने फॉरन बारिश के बाद वाला डेडलाइन दिया है,
10:22सप्केंबर, तो इसलिए हम लोग बहुत इसको क्योंकि आपका शायद पहली बार आना हुआ है,
10:58पर महग गोड़े के पहाड़ पर बहुत बार आचिकने हैं,
10:59इसलिए हम दक्षिन दिल्ली के उस जगे पर चलते हैं, जिसे कहा जाता है वो जिम्मेदार है वाटर लॉगिंग के
11:06लिए दिल्ली में ये सुनेहरी पुल नाला है और इसका भी एक बड़ा इतिहास रहा है कि क्यों आखिर वहाँ
11:14पर जैसे कूड़े के पहाड़ का इतिहास
11:16है वैसे उसका भी इतिहास है वहाँ हम चलते हैं रास्ते में भी कुछ बाते होंगी और वहाँ पहुंचकर आगे
11:21बात करते हैं
11:39आपने अपना रिपोर्ट कार्ड दिया है लेकिन और आपने कहा कि जनता रिपोर्ट कार्ड देगी उनका अपना नंबर होगा पर
11:46साथ वादे आपने किये थे जब चुनाव लगा हैं तो पांच उनमें से उस पर काम हुआ
11:50दो ऐसे रहे जिसको लेकर आपसे सवाल पूछे जा रहे हैं और मैं भी जानना चाहती हूं कि वो जो
11:55धाई हजार रुपए प्रतिमा गरीब महिलाओं को देने की बात थी या फिर जो पेंशन की व्रिद्धी थी उस पे
12:01क्या काम हुआ है अभी क्योंकि वो लग रहा है भी �
12:17सरकारे इंडल्ज थी उसके कारण से पूरा फैनेशल सिस्टम कोलैपस था डीटीसी आपका सतर हजार करोड के लॉस में है
12:26जल बोड आपका लॉस में है करमचारियों को तंखा नहीं मिले लोगों को पैंशन नहीं मिला लोगों को कोविड तक
12:33की भी जो फैनेशल हेल्प हमा
12:46पैमेंट्स नहीं हुई हर चीज का फैनेशल सिस्टम जो है पिछली सरकार में इतना अपसेट कर रखा था कि उन
12:53सब को संभालने में समेटने में सजोने में मुझे ये समय लग रहा है कि भी चीजों को मैं पहले
13:00ठीक कर लूँ क्योंकि मेरे लिए ये बहुत बड़ी प्राय
13:07है कि दिल्ली को पानी मिलना चाहिए और निश्चेत रूप में महिला महिलाओं को जो हमने कहा है महिला समरिधी
13:16योजना के लिए मैं उसे पूरा करूँगी दूसरी चीज सडक मतलब सडक मैं सडकों की क्वालिटी की बात उतना नहीं
13:23कर रही हूं जितना ट्राफिक की वज�
13:36दिल्ली तो रुख जाती है जैसे ही काम शुरू होता है क्या शुचार की दिल्ली ना छोटी सी दिल्ली है
13:43दिखने में आज जिन सडकों को हम बना रहे हैं जिन फ्लाइवर को बनने की जुरुवत थी वो पिछली सरकार
13:51की कारेकाल में आप 11 साल में बताएगे कितने फ्लाइ
14:04हमने दिल्ली में निकाले, उसको कैसे ठीक करना है, उसमें क्या-क्या
14:09एमेंडमेंट्मेंट्स होनी चाहिए, उसके लिए हमने टेंडरिंग करी, हमने वाटर लॉगिंग के जितने
14:16मिन्टो ब्रीज तो आप लोगों का फेवरिट जिगह थी जो आप लोग नियूज में दिखाते थे, लगातार बार बार आपका
14:24बेमल काता
14:43पुराने ड्रेनेज मास्टर प्लान पे काम, पचास साल पहले का, मतला आज उन ड्रेन की कैपिसिटी खतम हो गई है,
14:49आज हमारी रिक्वार्मेंट बढ़ गई है, पॉपुलेशन बढ़ गई है, तो आपका ड्रेन बड़ा होना चाहिए, आपका सिस्टम उतना होना
14:57चाहि�
15:10220 क्रोड लागत से हमने किराडी की जो ड्रेन है, वो बना रहे है, यहाँ पे नजब गढ़ की ड्रेन
15:16को हमने बनाना शुरू किया, अबÓ की विक्वार्मेंट लगत Crimson Co video
15:48आप मुझे रोज जज किजिए, I don't mind.
15:52अगर लगे कि रेखा गुपता काम कम कर रही है, तो जज किजिए.
15:57अगर आपको लगता है कि रेखा गुपता ने सही निर्णय नहीं लिया, तो आप जज किजिए.
16:03मैं इस सालों की दिल्ली जो फसी हुई थी, अपनी समस्याओं में उलजी हुई थी, उसका एक-एक सीरा पकड़
16:10के सुल जा रही हूँ.
16:12मुझे रोज सुल जाना पड़ता है कि भाई यह क्या है, इसको कैसे करना है, जब रोज आना काम कर
16:19रहे हैं, तो जो ग्यारा साल की प्रॉब्लम थी, जो पंदरा साल वाली थी, जो सताइस साल के प्रॉब्लम थी,
16:25आज उनको समाधान मिलना शुरू हुआ है और हर साल आपक
16:37क्या किया तो यह थे प्रिए पर यह तो यह तो यह तो यह तो यह तो यह पुरा सौट
17:02डेली का जो पूरा इस नाले के कारण से
17:12सब पानी में डूबी रहती थी क्योंकि ये सारी सिल्ट जो थी ये नाला भरा हुआ था बिलकुल 15 साल
17:19से 2010 में ये ड्रेन बना था और 2025 में जब हमने आने के बाद में इसका डीसिल्टिंग किया है
17:25उससे पहले 15 साल में डीसिल्टिंग हुआ ही नहीं था ये नाले में से निकला
17:29ये भी पहाड से कम नहीं है 25,000 मिट्रिक टन सिल्ट निकलिये सिर्फ एक इस नाले से 25,000
17:36मिट्रिक टन और अब भी इसमें और 25,000 होगी ऐसा अजंसी का कहना है पर आपको लग रहे है
17:42कि इस साल से फिर ये कम से कम यहां जो साउट डेली की कॉल नहीं भरेगा नहीं भरेगा
17:51नाला जो है अपना वार्किंग कंडिशन में आ गया तो पूरी तरीके से वहां पर जो हैड सिल्ट अब नहीं
17:59है और पानी नहीं भरेगा तो आपने यही किया कि आइडेंटिफाय करकर के इलाकों की समस्याओं को उसको शुरू किया
18:06है जहां वाटर लॉगिंग हो रहा है व
18:21अपर देख पा रहे हैं जमीन दिखने लगिया ऐसे ऐसे जमीवी थी पूरी से और इसके ओपर पूरा पानी भ़रा
18:27हुआ था तो इस पूरी घंदगी है सालों की जमीवी शेल्ट अब पतथर बन गए थी इस सब को हमने
18:33निकलवाया बहां से पूरा जैसे जमीन दिख रिया
18:51को खोला गया और इसमें फिर मेट्रों ने अपना बहुत ही मौडरन मशीन के साथ में इसकी डिसल्टिंग कि पहले
18:58साल की जो बरसात हुई थी मतलब आपकी
19:02पहली बारिश का सीजन उसमें आपको बहुत जज़ भी किया गया है कि अरे देखो वापस तो ऐसी तस्वीर दिख
19:08रही है वापस वैसी दिख रही है इस साल आपको लग रहा है बेटर जज्जमेंट होगा पिछले साल की बारिश
19:14में भी हमने बहतर किया था और इस बार उससे
19:18भी बहतर होने वाला क्योंकि फरवरी में सरकार बनी और बारिश से पहले हमने डिसिल्टिंग की तो मिंटो ब्रीज आइटियो
19:26चॉंक ऐसे बहुत सारी जगहों पर इस बार वाटर लॉगिंग नहीं हुई उसको हमने केर टेकिंग की बाकी के जितने
19:34पॉइंट सतर वाटर �
19:36के पॉइंट हमने अडेंटिफाइड किये उन में क्या-क्या रेमेडियल होना चाहिए उसको हमने टेंडरिंग किया और इस साल उससे
19:44बहतर रिजल्ट हम दिल्ली को देंगे जब इस तरह के प्रोजेक्ट पे हमारी सरकार काम करी है अब खुद देखिए
19:50ना जहां पे इतनी
19:51बड़ी बड़ी सिल्ट निकल रही है नालो में से तो इसके रिजल्ट दिल्ली को दिखाई देंगे और हमारा लक्षा है
19:59कि दिल्ली की समस्याओं को समाधान देना वाटर लॉगिंग एक बड़ी समस्या है पर उसके लिए जो कंस्ट्रुक्टिव काम होना
20:06चाहिए नई ड्
20:09बड़के ठीक होनी चाहिए वो सब करने के बाद ही रिजल्ट दिखाई देंगे अब पिछली सरकार ने जितना जो किया
20:15किया परन्तु आज हम सिंसेरली उस समस्या के समाधान पर काम कर रहे हैं और प्रफेशनली कर रहे हैं मतलब
20:23DMRC को जैसे हमने यहां का काम दिया तो वो �
20:28टेक्निकली इतनी एफिशेंट एजनसी है कि उन्होंने अपनी लेटेस मशिनरी को इसमें उतारा और उसके कारण से इतनी बड़ी डीसिल्टिंग
20:35संभव हो पाई
20:37पर जिस तरह से बरसात का पैटर्न भी बदल रहा है बहुत भारी बारिश होती है दिल्ली के आसपाथ जो
20:44NCR का एरिया में और जादा समस्याएं होती है ट्राफिक का बैग लॉग उन जगों से भी इस तरफ रहता
20:51है बारिश का मौसम तो एक नाइटमेर की तरह हो जाता है �
20:55रिखा जी दिल्ली में आपको अपनी प्लाथ मिकताय सेट करते हुए यह कितनी बड़ी समस्या लग रही है डिल्ली की
21:05समस्याएं जितनी भी है वो कहीं मौसम से संबंदित है कहीं POPULATION से संबंदित है क्योंकि चोटी सी दिल्ली पर
21:15इतना प्रेशर है और रिंफरा-स्ट्र
21:53कि एक-एक करके उन समस्याओं पर हम काम करें
21:54गूल पर भी काम करें और हम दूए पर काम करें हैं दूएक हम ने ऐицंजे अपने पूरे ट्रांस्पोर्टेशन को
22:16ईवी पे ले के लिए
22:18के लिए जो steps उखा है आज दिल्ली में देश के हर राज्ये से जादा EV बसे हैं चार अहजार
22:25EV बसे हैं दिल्ली के पास हमारी जिसमें से
22:282000 बसे हमने अपने कारेकाल में जोड़ी है यानि कि आम आदमी पार्टी ने अपने 11 साल के कारेकाल में
22:352000 बसे और हमने अपने
22:48जो भी order placing है वो हमने आज ही PME drive में कर चुके हैं
22:53last mile connectivity पे हम लोग काम कर रहे हैं
22:56metro के expansion पे हम लोग काम कर रहे हैं
22:59automatic testing station जो हैं वो दिल्ली में हो
23:03ताकि बहतर जो fitness हमारे दिल्ली के vehicles की हो सके
23:09उसके लिए हम काम कर रहे हैं
23:11तो हर वो चीज जो pollution को affect करती है
23:16सौरभ भार्दवाज ने कहा नहीं क्यामरा ले जाकर दिखाया
23:19कि देखो वहीं पर चल रहा है जहां पर pollution meter लगा हुआ है
23:23यह सिर्फ ठगने का काम कर रही है दिल्ली सरकार
23:27हमें तो यह मालूम है कि 11 साल में जो काम वो लोग नहीं कर पाए
23:33लगातार दिल्ली की समस्याओं को समाधाम देने का और एक साल की सरकार
23:37समाधाम दे रही तो थोड़ा पेट में दर्थ तो होगा भई उनको लग रहा है कि भाई यह वाटर लोगिंग
23:42खतम हो रही है
23:43पॉलिशन पर काम चल रहा है कैसे हो पारा है तो कुछ तो लोग कहेंगे आज मैं यह पूछना चाहती
23:50हूं कि जो होट
23:51सपोट होते हैं होट सपोट उस जगे को बोला जाता है जहां सबसे ज्यादा केयर टेकिंग की जुरुत है जहां
23:57सबसे ज्यादा डस्ट
23:58कि जरोत है और ऐसे सभी जगहों पर यदि water sprinkling हुई या water निस्ट प्रे हो रहा है तो
24:07उनको कुछतों के ने water sprinkling हो रही थी तो उन्होंने कहा दिया कि देखिए data
24:19तो दिल्ली की समस्या का समाधान यदी उनके पास कोई हो तो वो अपने समय में कर सकते थे अभी
24:25किम से कम हमें काम करने का स्पेस तो दें या हर चीज में उनको टांग अड़ा के रखनी है
24:31अब देखिए ना इना लोको यह देखिए यहां से
24:36यह इस तरीके से कभी आपने ड्रेंस का डीसिल्टिंग होते हुए देखा है यह ऐसे काम कर रहे हैं वो
24:43देखिए सब यह डीसिल्टिंग अब क्याते ना वो हाथ कंगन को आर्सी किया पड़ेलिके को यह सामने दिख रही है
24:50जो चीज क्या उसका कोई और तर्क हो सकता है कि इस
24:55तरह के से जो डीसिल्टिंग हमने अपने समय में करवाई यह जो नाला पूरा उपर तक ओवर्फ्लो था आज उसकी
25:02बिल्कुल लेयर जमीन से दिखाई दे रही है यह सारी बड़ी-बड़ी मशीनरी उसमें अंदर का काम कर रही है
25:11यह जिस तरीके से प्रोफेशनली इसको क
25:24लाए यह जा रहा है यह सारा से इतना बड़ा नाला यह यह जो यह पूरा कवर करके यह पीछे
25:38से बारा पुला ड्रेन से जोड़ता हूँ हो वह तक जा रहा है और कभी सफाई नहीं इस नो आज
25:44इन मशीनरी तो सही थी इस ड्रेन को बनाने की लेकिन उसको शाए प्लान नह
25:48किया गया आगे आपको यह तो देखना पड़ेगा कि भविश्य की प्लानिंग क्या है आपकी क्या कभी उन्होंने सोचा था
25:56जैसे केजरिवाल जी कहते थे हमको तो कोई जीवन में हराई नहीं सकता इसलिए वह अपना सब कुछ त्यारी करके
26:04बैठे उन्होंने पोस्टर ल
26:17रही है तो दिल्ली से उनका अगर इतना प्रेम प्यार होता तो दिल्ली में रहके काम करते हैं न हम
26:23मानते हैं उनको काहें को वह जो उनके लिए स्पेशल प्लेन आता जाता है पूरे देश में घुमाता है उनका
26:30मोह जो मुझे लगता है केवल कुर्सी से था सत्ता से था सु
26:46हमका वला मैंने आवास निलिया नाहिन मुझे जुरत है जब मुझे रहना ही दिल्ली की सड़कों पे है जुते कसके
26:54लोगों के
26:54बीच में काम करना है तो मुझे शीशमहल कोई जुरुत निया क्योंकि उस Liberty रहेगा वह जहां गीर
27:16नालियों की सफाई देख ली लेकिन अब हम थोड़ा खाने पीने वाली जगे चलते हैं, आज रुपए में बड़ी अच्छी
27:21व्यवस्था है, हमें बताये गया है, बिल्कुल, ठक गए हैं, अब आपको नाश्टा गराते हैं
27:36यह नालियों की सफाई की चीज़ हमने देखी है, आपने एक और चीज़ कहा कि यमुना में अंट्रीटड सुँज नहीं
27:42जाएगा, यह कैसे संभव हो सकता है?
27:45क्या है कि यमना जी में गंदगी है क्योंकि दिल्ली के जितने ड्रेंस हैं, तो आटोमेटिकली जाकर के वहां कनेक्ट
27:55कर दिये गए हैं, सारा का सारा सीवेज जो है, अन्ट्रीटिडली यमना जी में जाके गिरता है
28:02अभी तक दिल्ली में 37 सीवेज ट्रेटमेंट प्लांट पहले से लिखे अब तक बने हुए थे, जो कि पूरी तरीके
28:12से वर्किंग कंडिशन में भी नहीं थे, हमने आने के बाद उन सारे सीवेज ट्रेटमेंट करने का काम किया, नए
28:21डिसेंटरलाइज सीपी जहां जहां प
28:31जितना भी यह सीवेज है वो सब ट्रेट हो करके पहुंचना चाहिए, तो 100% नालों को टैप करनी की
28:38जगा है, 100% नालों पे काम करनी की जगा है, तो कहीं पे हमने पूरत का पूरा उसका ड्रोन
28:44सर्वे करके, उसका सिल्ट का मेजरमेंट्स लेकर के, कहां कहां Sट्द बनने �
28:53पूरी होलिस्टिक अप्रोच के साथ में दिल्ली पे यमनाजी पे हमने काम शुरू किया है तो यह सारा सीवेज और
29:01आपको बता हूं मैं दिल्ली में जैसे यह बड़े-बड़े
29:03पौम हाॉसेज
29:05इनके यहां कोई सीवर लाइन तो है नीगा तो ये लोग क्या करते हैं कि प्राइविट यू लेते थे कि
29:10भी हमारा सीवेज यहां से लेके जाओ वो कुछ इनका
29:13अमांट लेता था और
29:14वो सारे वेंडर उस सीविज को वहां से उठा करके उनके उपामाउसी से सीधा जा करके नदी में डालाते थे
29:21यमना जी में हमने इन सब पे बैन किया है हमने यह भी सखी कि मिनकाले कि भाई आप हमें
29:27इंटिमेट कर दीजिए सरकार को सरकार 3 में आकर के आपका सीविज महां से
29:31हटाएगी ट्रेटमेंट प्लांट पे डालके आएगी कम से कम यमना जी में वो सीविज नहीं गिरना चाहिए यह बताए रेखा
29:37जी कि पीने का पानी कब सबको मुहया मुझे यादे पिछले चुनाओं में बहुत बड़ा मुद्दा था बहुत सारे ऐसे
29:44नल थे बहुत सारे म
30:01पिछली सरकारों के राज में टैंकर माफिया इतना जादा हावी था टैंकर के माध्यम से कलोनियों में पानी जाता था
30:09वहां मारधार मचती थी जो फोटो अकपारों में चपती थी कि सौयों पाइप डल करके टैंकर में से लोग पानी
30:15निकाल रहे हैं तो दिल्ली में जरु
30:17पुरानी वाटर लायन को रेप्लेस करने की सीवर नंव लायन की और हमारी सरकार ने अपने इस टेन्योर में बहुत
30:28बड़ी मातरा में इन पानी की
30:31pipeline ओको डालने का काम शुरू किया है जो WTP है water treatment plant उनको
30:39रिवाइव करने काम शुरू किया, नए WTPs बनाने काम शुरू किया, हर्याणा में अपकी सरकार से फायदा होगा है कि
30:46वो हतनी कोन पर हमेशा जो रोपने की सब्सक्राइब हो यह नहीं होता है, वो हमें दे रहे हैं, हर
30:54राज्य में पानी की दिक्कत है, मुझे लगता है कि ज
31:08जो हमारे एंड पे करने वाला काम है कि water leakages खतम हो, water का distribution बहतर हो, pipeline से
31:15ही जाए, पानी की चोरी ना हो, पानी की wastage ना हो
31:19एक स्कूल काउद घाटन हुआ, EIA, CM Shree, CM Shree School, क्या है कि पिछली सरकार ने शिक्षा मॉडल का
31:31धिंडोरा तो बहुत पीटा, पर जितना बजट उन्होंने शिक्षा के लिए नहीं लगाया, उससे ज्यादा पबलिसिटी में लगाया, यह यू
31:38कहें कि कि करप्शन के माध्य
31:42स्कूल में उनके बड़े थे, पर स्कूल में इंफ्रस्ट्रक्चर नहीं था, अभी जो मॉडल हमने परस्तुत किया कि दिली के,
31:49दिली सरकार के हर स्कूल में, स्मार्ट क्लासीज हो, डिजिकल लाइब्रेडी हो, कंप्यूटर लैब हो, यह सारी फेसलिटीज इंटीग्रे�
32:03का एक मॉडल है, तो हमने इस साल 75 CMC स्कूल दिली को देने का लक्षे रखा था, अभी एक
32:11काउध घाटे मों है, बाके सब में काम शुरू हो गया, हमने 75 में ही काम शुरू कर दिया, तो
32:17यह जो स्कूल सब स्पेशलाइज एक्सलेंस था, कि इजरिवाल जी का, उससे कितना �
32:21अलग है, क्या अलग है असना, देखे आपको खुछ जा करके देखना पड़ेगा कि क्या अलग था, वहाँ पर आपने
32:27अपना बोर्ड अलग कर दिया, कि आप CBSE पैटरन को ही नहीं मानेंगे, आप देश की शिक्षा निती को ही
32:33नहीं मानेंगे, आप अपना ही कुछ चलाना
32:36चाहते हैं, और उसको कहते हैं, हमने तो स्पेशलाइज किया है, जो हमारे विचार है, वही विचार जाएंगे, ऐसा नहीं
32:41होता, पूरे देश में जो शिक्षा निती है, हम उस शिक्षा निती को फॉलो करते वे, अपनी एक्सिलेंस को स्थापित
32:48करें, आज देश की राध
33:04मंत्री है, ये बताइए कि जो केजरिवाल कहा करते थे न, कि पुलिस हमारे नियंतरण में नहीं रहती है, उससे
33:13मुश्किल होती है, कानून व्यवस्था, सवाल तो आप से ही होंगे, कोई भी क्राइम अगर यहां पर होगा, तो आप
33:20से भी पूछा जाएगा, ये कसक रहती
33:33आप अपने हाथ में लेना चाहते हैं, वर्क डिस्ट्रीबिशन में विश्वास नहीं करते हैं, मल्टिपल अजंसियां जो बनी होई है,
33:39उसको पावर को आप मानते नहीं है, आज दिली यूटी है, तो यूटी है न, आक यूटी की जैसे हमें
33:46रहना पड़ेगा, यूटी क
34:03सहयोगी के नाते जो हमारी जिम्मेदारियां, वो हम करेंगे, जिम्मेदारी सभी सांजी है, इसमें कहीं पे किजी, मेरे हाथ में
34:11हो, मुझी, आरे जो चीजे आपके हाथ में थी, उतना उनको आपने क्या कर लिया भाई, आपके हाथ में दिली
34:17सरकार थी, प्रशाशन था, �
34:19आपके हाथ में इंफ्रस्ट्रक्चर था, सब कुछ तो था, क्या किया उसमें आपने, केवल उसको बरबाद किया, परन्तु ये एक
34:28छोटी सोच है, सबसे टकराव की राजनिती, क्योंकि आपका मन इतना छोटा था, और इंटेंशन्स जो मेलाफाइड थी, आपको लगता
34:36था
34:36कि सब मुझको ही मिलना चाहिए, सारा पावर, तो भई, आपको किसी और राज्ये का, जहां पे आपका स्टेट ऐसा
34:43हो, तो इसलिए शायद वो पंजाब जाके आप स्तापित होगे, उनको लगता है, यहां मेरे पास में जादा पावर है,
34:49चलिए, आपने डिसेंट्रलाइ�
35:03और बेहतर बोजन उनका, आपने इसको एसको जोड़ा है?
35:32क्या कारण रहा कि एक पांच रुपे का अपने तैकिया की पांच रुपे में भर पेट खाना ना जाने कितनी
35:45लोग बाहर से आपने रोजगार, वेपार, इलाज, पढ़ाई और मजदूर लोग हैं जो की परिवार गाउं में रहता है यहां
35:56रहते हैं खाना बनाने में दिक्क
35:59पूरा दिन का नोकरी करके आता है, रात को खाना बनाता है, बुजर्ग लोग हैं, किसी कईयों के घरवार नहीं
36:06है, आये हैं यहां पर तो वो सारा जो एक वर्ग है, मैं यह समझती हो कि हमारे राज्जे में
36:11कोई भूका ना सोई इस मन्शा से और क्या होता है पेट की इस आ
36:29लोग को भोजन कराना, यह हमारा लक्ष है, और जब यह फैसलिटी शहर में है, तो मुझे इतना विश्वास है
36:36कि कम से कम अपनी भूक के कारण कोई विखती, ना अपनी जान गवाए और ना गलत राह पे जाए,
36:43उसको यहां भोजन मिल पाए, परिवार के जैसे, घर के जै
36:58हैं, पूरा दिन आप भूम रहे हो, यहां के बैट के भोजन कराना, और डिस्पोजेबल मेनी स्टील की धालियों में
37:06भोजन कराना, पंखा लाइट तब, इसमें पचीज रुपे की सबसीजी सरकार की तरफ से, जितने का भी है अपमारा, हम
37:18रेक्ती पांच रुपे देगा
37:20हम तो पूरा इंट्रा स्ट्चर यह वो खाने पर जितना कर्चा है, वो सब सरकार देगी, पांच रुपे तो मात्र
37:27हमने इसले लिया है कि कोई व्यक्ती सम्मान के साथ भोजन ले सके और वेस्टेज ना, क्योंकि अच्छा, आपके नाम
37:37में रिखा है, तो हमने अपना एक �
37:43अच्छा, प्रशन पत्र जो हमारा है उसमें दिल्ली की राजनीती में है, यू मैं कहूं कि राजनीती पर वो कौन
37:50सी लक्षमन रेखा है, जो रेखा गुपता कभी नहीं लांग सकते है, एमांदारी, जो कभी ब्रश्टा चाहते है, सवाल ही
38:00पैदा है, अब दूसरा प्र�
38:09जो दोबसाय पचीस की जो विजय रेखा थी, वो बीजेपी की रची हुई रेखा थी या फिर आपकी मिठती हुई
38:17रेखा थी, यह जन्ता की विश्वास की रेखा थी, जन्ता ने मोधी जी के नितरत्म पे विश्वास दिखाया और हमें
38:26जिम्धाई त, अच्छा, दिल्ल
38:29दिली की भाग्य रेखा है, वो यमुना से जोड़ी है या फिर सडकों से, दिली की भाग्य रिखा, असरदार निर्नों
38:42से जोड़ी है, वो निर्ने जो दिली के हिक में है, असरदार सहासी निर्ने, दिली को लेने की जुरत है,
38:51इसके कारण से हमारा शेहर शर्वाइब करता है
38:55शम्हनी सेवाई के नीचे, लोगों के लिए जो आपकी योजनाय हैं
38:59ये जो अटल कैंटीन में आप प्रियास कर रहे हैं
39:02ये समाधहान है या केबल सियासी वराइस
39:08ना समाधहान है, ना सियासी ह्यह
39:10ये वूकियों सेवा है, लोगों की सेवा
39:13जो देश की राजधानी दिल्ली में रह रहे हैं, जुड़े हैं, उनकी सेवा रेखा हमारे ये प्रजेक्ट है.
39:23रेखा गुपता, अपनी रेखा यानि अपनी लखीर लंगी खिंचने में यकीन रखती है या दूसरी की रेखा को छोटा करना
39:30है?
39:34मैं दिल्ली के विश्वास के रेखा को लंबा करना चाहती है, ना अपनी बड़ी ना दूसरे की छोटी, मेरा कुछ
39:44अपना नहीं है, तेरा तुछ को अपन, क्या लागे मेरा?
39:47तो दिल्ली की जनता के द्वारा दी हुई जिम्मेदारी है, और उनको ही मुझे सौपली है, तो मेरा अपना इसमे
39:57कुछ भी नहीं है, मुझे एक जिम्मेवारी मिली है, जो मुझे ने भानी है, अच्छा वो डेड्लाइन्स की बारे में
40:02मैंने पुचाता ना, कि आप डेड
40:07बिल्क लेकलुह में मुझे है तो इसम जताइज मूझे शचाता मुझे ने तो छीरगे ना, जली एक इनला, करut सौंटकुवनान्स
40:20की पत्थर की लकीर हुई लक्षय मुझे, जुभा दो यह एक लख्षय सामने रखं़े जब आप बढ़ते हों तो आपको
40:34ये ध्यान रहे
40:35कि मैंने अपने आप से क्या commitment की है और मुझे उस लक्षे तक पहुचना है वो कहीं ना कहीं
40:42एक
40:42आपको यह बताता रहता है कि आपको यह पहुचना है और कितने संवे में पहुचना है तो इस लक्षे रेखा
40:48को पूरी करनी की रेखा यह कोशिश में लगी रहता है अज़िए चूज दे करेक्ट आंसर तो प्रोदूशन या राजनीति
40:57सुभए उठकर किसका जहर साफ करना �
41:00पड़ता है जहर हमारे सिस्टम का साफ करना पड़ता है जो सिस्टम में कमया है जिसको करने की जुरत है
41:15जिस से राजनीती भी साफ हो जाएगी और परदूशन भी साफ हो जाएगा
41:21दूसू या विधान सभा ज्यादा जोश कहां पर रहता है।
41:24दूसू. वो महाल स्टूडेंट लाइफ का, बच्चों के बीच, युवाओं के बीच, एक अलग ठीके का महाल में, तो मुझे
41:35लगता है कि वो अलग समय था।
41:38दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू.
41:52दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू. दूसू
42:09अच्छे क्या सुनने में ज्यादा अच्छा लग रहा है दिल्ली की बेटी या दिल्ली की मुखी बनती है
42:15दिल्ली की बेटी, दिल्ली की बेहन, दिल्ली मेरा परिवार है, और हर विक्ति से मैं जूड़ी हूँ, आत्मा से, मन
42:29से, और यहीं समझतियों कि यह मेरी जुम्मेवारी है, और उसी लगाव के साथ मैं काम करते हैं.
42:36पांच बर्शों की बात अपने पूरे कारेकाल की किया है, जब तक पूरा करूंगी कारेकाल अपना, जब तक क्या दे
42:43कर जाओंगी, तो दो हजार पीस तक दिल्ली स्मार्ट सिटी या साफ सिटी?
42:49स्मार्ट ली साफ सिटी.
42:52मार भी होगी, साफ भी होगी, हरी भरी भी होगी, विक्सिर भी होगी, दिल्ली वो होगी, जो दिल्ली वालों के
43:00दिन में है, और जिसमें रहे करके हर दिल्ली वासी का दिल खुश हो.
43:05आखिर में ये कि दोवजार पचीस में जब सताइस साल बाद भारतिय जंदा पार्टी जीती है, दोवजार टीस तक कौन
43:15सी ऐसी चीज आप एक अपनी लेडिसी के तौर पर करना चाहती है, कि ये जीत के वल एक कुपका
43:22न हो और बीजेपी के और सरकारे आए.
43:27मैं दिली के हर सिस्टम को ओटोमेटिड मोड पर डालके डिजितलाइज करना चाहती है, जहां करप्शन का पूरा स्कोप कतम
43:37हो जाए, जहां चीजे ओटोमेटिक अपरोज के साथ में आगे बढ़ें, जहां समस्या भी ज्यान हो और समाधान भी संभव
43:49हो, उस तरीके से दिली
43:51को डवलप करना है कि कोई हडल बीच में ना रहे, कोई बैरिगेटिंग नहीं हो मुझे लगता है कि बाकी
43:58के एंटव्यू एक तरफ, लेकिन हमारे प्रशन पत्र में आपने बड़े अच्छे नंबर हसिल किया, और ये खाना तो बहुत
44:05लाजवाब, इसी के साथ हमारी बात
44:20के लिए दिल्ली की जन्ता बहुत सांसे ठाम कर इंतजार करेगी कि ये सब फूरे हो, जो सियासतदान है, राजमीतिक
44:28दुरोधी है, वो अलग रिजन से इंतजार करेंगे, लेकिन दिल्ली की जन्ता अलग रिजन से इंतजार करेंगे, मैं दिल्ली को
44:33विश्वात जलाती हू
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