00:00लाल राठावर है, मेरे पिता का नाम गुलजारी लाल राठावर है, मैं कखावा पत्बे में लोतस अस्पताल के समित रहता
00:07हूँ, मेरी बड़ी बेटी सीमा, उमर 22 वर्स मेला देखने 20 फरवरी को भाई वहनों के साथ गई थी, वहाँ
00:16पुरानी बाजार से लापता हो गई,
00:18देर राठ चलास करने के बाद जब वह नहीं लोती, दस बज़े तक नहीं मिली, तो हम पूलिस चवकी सुबह
00:30है, 21 फरवरी को गए, वहाँ थाना बेनी गन पर रहने की बाद कहें, मुझे बेट जिया, वहाँ हमने चाहरी
00:41रीड़ी बेटी बेटी को इतार रवाई नहीं ग
00:51अज जब 22 फरवरी को गया है, तो आप से पुलिस वालों ने क्या कहा?
01:04क्या कहा पुलिस वालों ने?
01:06आज जब हम थाना देनी गन गए तो आप पुलिस वालों ने कहा तो खाना गए है लेकिन कोई शंतुश्टी
01:14भरा आपको जवाब दिया की नहीं दिया?
01:16एफ हाई आर लिखने की बात पुलिस वालों ने कही की नहीं की?
01:19नहीं की
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