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  • 1 week ago
बिहार का एक ऐसा गांव जहां स्कूल और सड़क जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं है, ऐसे में यहां कोई अपनी बेटी का ब्याह करना नहीं चाहता-

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00:04आजादी के 77 साल बाद भी गया का गुलाबी गाउं बुनियादी सुविधाओं की बाट देख रहा है यहां ना तो
00:11स्कूल है ना ही सडक और पंचायद भवन गाउं की दूरदर्शा ऐसी है कि गलती से भी कोई यहां लड़की
00:18देखने आता है तो वो उल्टे पाउं ही लोट
00:28सब्सक्राइब करने से कुटम थारता है तो किया विकास करेगा हमको पोता-पोती होगा तो का विकास करेगा है
00:56रोजगार, सिक्षा और शादी ना हो पाने की कारण यहां के ग्रामिन अपनी किस्मत को कोसते हैं
01:02सिक्षा कस्तर इतना नीचे है कि मुश्किल से कोई मैट्रिक कर पाता है बार्मी करना तो सपने जैसा है
01:09ऐसा नहीं है कि यहां के लोग पढ़ना नहीं चाहते
01:12लेकिन नौनी हालों के सपने मजबूरी की चक्की में पिसकर जमी दोज हो जाते हैं
01:17बच्चों को पढ़ने के लिए दो किलोमिटर दूर दूसरे पंचायत के स्कूल में जाना पढ़ता है
01:41क्यों नहीं आते पढ़ने के लिए
01:49क्यों नहीं आते पढ़ने के लिए
01:52सत्तर परिवारों के घर और तीन सो पचास लोगों की आबादी वाले इस गाओं के लोगों की डिमांड है
01:59कि उन्हें और उनके बच्चों को सिक्षा का मौलिक अधिकार मिले ताकि अपनी किस्मत चमका सकें
02:04और बद इंतजामी की दूरदशा से बाहर निकल सकें
02:08गया से ETV भारत के लिए रतनेश कुमार के रिपोर्ट
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