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यह वीडियो लखनऊ में 27 जनवरी को रात 11:30 बजे आयोजित सत्र के बाद हुई बातचीत से लिया गया है, जिसका विषय था, जलवायु परिवर्तन का मूल कारण क्या है?
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Transcript
00:00इसके लिए वही जगहें गंदी रह जाती हैं जहां आपके कर्म की पहुंच होती है पर आपकी दृष्टी की नहीं
00:06जिस जगह पर ना आपका कर्म पहुंच सकता ना आपकी दृष्टी पहुंच सकती वो भी साफ रहेगी जैसे जंगल
00:13जस जगे आपका करम तो पहुंशचता है इस जज़े आपका करम तो पहुंच सकता हैं वह बीज़े साथ हो जाएगी
00:18क्योंकि तुम्हारा
00:18कर्म він है लिए इंग निची पर लुटी पर तुम जा कि तुम्हारा कहने ले टॉ Dlatego कर बेने मारे
00:31करम का तुरा हो रहा है
00:39पर तुम्ही डिखाई नहीं देती करम पहुंच रहा प्रद वरे दृए पहुंच रहे घृ यही से थाइट काले रंग hy
00:47up
00:52शक्यकों के यह करिंग धक्रम पर नदर
01:01दृष्टि पहुंचनी जाहिए जिसी को आत्मों लोकन कहता है अपने कर्म पर नदर रखते हैं यह देखो यह उसर पूरा
01:12साफ है वहां पर कर्म पहुंच रहा है पर दृष्टि भी पहुंच रही है वह पूरा साफ है यहां पर
01:18लोगा करके ऐसे ऐसे अपना गंदगी डाल �
01:21तो लोगों कर्म हाँ पहुंच जाता है लेकिन किसी के नदर रहा नहीं पहुंचते हैं
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