00:00अमेरिका में संसाधन बहुत ज्यादा है तो वो देश भीक्सिद भी है और अध्यात्मिक भी है और वहीं फिर जब
00:07हम अपने देश के वारें बात करते हैं जब तयारी करने वाले इस्टूडेंट से बात करते हैं तो इस्टूडेंट बोलते
00:15हैं कि अगर पैसा कमाना है तो ज
00:21जादा जारखन गया है, ऐसा थी।
00:25जरास था, इंग्लेंड, उसके पास कौन सी प्राकृतिक संपदा थी, और भारत वर्ष, दुनिया भर की प्राकृतिक संपदा, तुम तो
00:37बस जारखन गी बात कर रहे हो, सोचो पूरे भारत में कितने संसाधन होंगे, हर तरीके के संसाधन मौजूद है,
00:45ओल एन गैस नहीं है
00:46उसकी उस समय कोई जरूरत भी नहीं थी, बाकी सब है, उसके बाद भी वहाँ से आकर के चड़ा बैठे,
00:52जीत गए, राज किया, संसाधन से थोड़ी होता है, बलकि यहीं के प्राकृतिक संसाधन ले जा करके, उन्होंने फिर उसमें
01:01वैल्यू एडिशन करके, मैनुफेक्�
01:13गया हो, तो संसाधन तो वो पैदा कर लेता है, और इंसान न जगा हो, तो उसके अपने संसाधन ही
01:21उसका बोज बन जाते हैं, क्योंकि तुम्हारे ही संसाधनों के लिए कोई और आएगा, तुम्हारी जमीन पर कबजा करेगा, तुम्हारे
01:27जंगल काटेगा, और तुमको ही
01:30गुलाम बनाएगा भारत के पास ना होते प्रचुर संसाधन तो एक नहीं पाँच पाँच यूरोपी ये देश यहां पर आकर
01:40कोलोनाईज नहीं करते और यूरोपीयन से पहले अरब, मुगल, तुर्क सब एक उसबेक एक के बाद एक चले आ रहे
01:49हैं अफगानी क्यों आये थ
01:55सुना अउगले, वहां रेत है, बात बात तो सहिए, हां कि मिट्टी भैतर थी, तो आपके पास संसाधन थे, तो
02:05उन्हीं संसाधनों कारण फिर आप गुलाम भी बने, ये होता है जब संसाधन होते हैं पर चेतना नहीं होती, तो
02:12संसाधनों का होना तो दुधारी तलवार है
02:16जिसके पास संसाधन है उसके पास फिर उन्ही संसाधनों जैसी सम्रुद चेतना भी होनी चाहिए
02:23नहीं तो वही संसाधन फिर तुमारे शोशन का कारण बनेंगे
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