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गयाजी के चितरंजन शंभू के पास है 2.75 करोड़ से अधिक मधु मक्खियां, जिनकी मदद से करते है लाखों की कमाई

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00:28MADHU MAKKHI PALAN
00:30MADHU MAKKHI PALAN करके किसानों की आयतो बहुतरी होती है
00:33गया के कई ऐसे किसान हैं जिनोंने इस फिल्ड में महारत हासिल की है
00:37और बड़े अस्तर पर उनकी पैदवार भी होती है
00:39हमारे साथ एक ऐसे ही किसान है जिनके पास लगबख दो करोर MADHU MAKKHIयां है
00:44और सालाना 25 तन से अधिक सहसाथ की पैदवार होती है
00:50चितरंजन शहत के साथ 7 MADHU MAKKHIयां का भी व्यापार करते हैं
00:55दो करोर MADHU MAKKHIयां को अच्छी क्वालिटी के फूलों का रस्मल सके
00:59इसके लिए वो समय समय पर स्थान बदलते रहते हैं
01:02इसकी मदद से वो सालाना 25 से 30 तन मADHU का उत्पादन कर लेते हैं
01:07पर चितरंजन दो करोर से जादा MADHU MAKKHIयों की गिंटी कैसे करते हैं
01:11इसे ऐसे समझ ये कि एक बकसे में 10 छटे होते हैं
01:15हर छटे में 4000 से 6000 मADHU MAKKHIया होती हैं
01:19एक छटे में 4000 के हिसाब से एक बॉक्स में 40,000 मADHU MAKKHIया होंगी
01:24चितरंजन के पास अभी आक्टिव लगभग 700 मAKK से हैं
01:28शहद का उत्पादन कितने तरीकों से होता है इसे लेकर चितरंजन बताते हैं
01:33इसे जो पेंड पर लगाता है वो मADHU MAKKHIयां
01:36चोटी मADHU MAKKHI होती है एक भारा मADHU MAKKHI होती है
01:40ये दोनों मADHU MAKKHI के शहद का उत्पादन हम लोग इसकम है
01:43ये इतालियन मADHU MAKKHI के शहद सा उत्पादन अच्छा है
01:47ये आस्तन लगभग 70-80 केजी सलाना उत्पादन इसको मना गया है
01:53अगर सीजन अच्छा चले तो ज्यादा भी हो जाता है
01:56तब होता है जब ये मADHU MAKKHI को फूल पे नुशा है
01:59हम लोग इसको अस्थानांतरन करते रहते हैं
02:02जैसे मार्स में हम लोग लीची में चले जाए
02:03अभी हम लोग गया में हैं
02:11बड़े पैमाने पर शेहत का उत्पादन चितरंजन तो कर लेते हैं
02:14लेकिन वो बाजार उपलब्ध नहीं होने से मायूस भी है
02:18विक्री की बहुत बड़ी शमश्या है
02:20शमश्या यह है कि आज हम लोग खुदरा तो नहीं बेश पाते हैं
02:24बहुत कम खुदरा विक्री है
02:25फोक मार्केट में इसका रेट आज की स्थीति में बहुत खराब है
02:28आज हमसे जो फोक व्यापारी है वो 80-90 रुपे भी नगत खरीदने को तयार नहीं है
02:34यह हमारे बाजार के सबसे बड़ी शमश्या है
02:55चितरंजन शब्भू की माने तो जब तक सरकार बाजार उपलब्ध नहीं कराएगी
02:59तब तक राज्य में शेहद उत्पादम की शमता और नहीं बढ़ सकेगी
03:05यहां बाजार सरकारी सता पर नहीं मिल रही है जिसके कारण ये इस्तिती बनी है
03:10हलाके इनके अस्तर से बड़े पैमाने पर मदुपलन किया जाता है
03:15मदुवक्खी का पलन किया जाता है
03:16और इन्हों ने धारकान समेथ गया जिले के कई मज़़ूरों को इसके लिए रोजगार भी ले रखा है
03:22एटीवी भारत के लिए गया से सता जामा देए
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