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ये वीडियो संत संरिता, 3rd दिसंबर - 2025 (लाइव सत्र) से लिया गया है
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Transcript
00:00एक फिल्म देखी थी मैंने, एक बुढ़ा सा वेक्ती है, और अब उसको बचाया नहीं जा सकता, और वो जीवन
00:08भर मजाकिया किसम कर रहा है, अभी वो बहुत दर्द में है, वो सब आ आ करके उससे बाते कर
00:15रहे हैं, और कोई आँस उट अप का रहा है, लोग मुझ लटका ए
00:18खड़े हैं, तो वो भी उनके ही जैसा मुझ करे लेटा हुआ है, अब फिर धीरे धीरे जब कहानी आगे
00:24बढ़ती है, तो पता चलता है कि वो जो नर्स है, जो उसकी खातिरदारी करती है, वो उससे आशे की
00:30पका रहा है, सुबह सुबह नर्स उसके पास आती है, तो बुलत
00:48चलुगे, मुझे यजा इच्छी नहीं लगतिए, मुझे यहा नहीं चाना, ओ फिर स्वेश्टा रहताई उसके दोनों पाउं कटे हूए, मोई
00:57कहीं जा यहीं सकता है, नर्स भी जानती है, तो नहीं जा सकता, वो मरने से एक घंटा पहले नर्स
01:03को प्रपोस कर रहा है, और �
01:07कह रही है, मैं भरोसा कैसे करूँगी, तुम जंदगी भर मेरा साथ दोगे, वो कह रहा है, आप कैसे
01:11शक कर सकते हैं, कि मैं आपको प्रपोस कर रहा हूँ, तो जीवन भर आपके साथ
01:32भी नहीं है, यमराज भी खोपड़ा खो जाएं, कि कुछ तो मेरे खौफ की इजदत रख लो, एकदम ही नहीं
01:40डर रहे, क्या बना लिया मुझे, आमाया जोक टू यू, मौत की कलपना, वो विशह होती है, जिससे अच्छे-च्छे
01:52थर रहते हैं, जो इस विशह से भी न्यार
01:55हो गया, कि ये विशह भी अमें छूता नहीं है, दोनों के ही चहरे पर कातरता और भय और ग्लानी
02:04का कोई लक्षण नहीं है, मौज के लिए हमेशा तयार, मौत भी बाहर-बाहर ही रहेगी, मृत्य से भी न्यारे,
02:13मृत्य से भी न्यारे,
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