00:00Penetration ज़रूरी बिना Entry Exaculation रेप नहीं
00:0336 गढ़ हाई कोर्ट ने बलातकार से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है
00:08कोर्ट ने सफष्ट किया कि महिला जन्नांग में Penetration यानी कि Entry के बिना अगर Exaculation हो जाए
00:14तो ऐसे कृत्य को कानूनन बलातकार नहीं बलकि बलातकार का प्रयास माना जाएगा
00:18इसी आधार पर अदालत ने निचली अदालत द्वारा दी गई रेप की सजा को संशोधित करते हुए
00:23आरोपी को रेप की कोशिश का दोशी ठहराया है ये करीब 20 साल पुराना मामला है
00:27जिसमें ट्राइल कोर्ट ने आरोपी को IPC की धारा 376 के तहट दोशी माना था
00:32हाई कोर्ट में अपील के दौरान मामले के तत्यों और सबूतों की दोबारा जांच की गई
00:36खंड पीट ने पाया कि अभियोजन ये साबित नहीं कर सका कि घटना के दोरान वास्तविक रूप से पेनेट्रेशन हुआ
00:41था
00:41जो IPC की धारा 375 के तहट बलातकार की परिभाशा के लिए अनिवार्य तत्व है
00:46कोर्ट ने कहा कि केवल पुरुष जन्नांग का महिला के प्राइवेट पार्ट से संपर या बिना एंट्री के एजेकुलेशन होना
00:51बलातकार की श्रेणी में नहीं आता
01:08कोर्ट ने कहा कि सजा तै करते समय अपराद की गंभीरता के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों का पालन भी जरूरी
01:13है
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