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  • 4 hours ago
क्या SC की गाइडलाइन से नफरती भाषण पर रोक लग सकेगी? देखें

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00:00आज के दंगल में हम ऐसे मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं जिससे देश की अमन, शान्ती, भाईचारे और लोग
00:07तंत्र को खत्री का सवाल बना हुआ है
00:09क्योंकि देश की सबसे बड़ी अदालत में पिछले दो दिनों में लगातार जन्हित याचिकाई दाखिल हुई
00:16इन याचिकाई में शिकायत तो असम के मुख्यमंत्री हेमन पिश्मसर्मा के एक वीडियो को लेकर की गई थी
00:23जिसमें असम बीजेपी ने पिछले दिनों पोस्ट किया था और फिर डिलीट भी कर दिया था
00:28कल की अरजी में सुप्रिम कोट ने याचिका करताओं को हाई कोट जाने को कहा था
00:33आज जब दूसरी अरजी पर सुनवाई हुई तो अदालत ने नेता विशेश के खिलाफ अरजी नहीं दे कर सामान ये
00:40अरजी दायर करने को कहा
00:42ताकि देश में नेताओं की और से दिये जा रहे हैं नफरती भाशन को रूकने के लिए गाइडलाइन्स बनाई जा
00:48सके
00:49सुप्रिम कोट ने कल टिपनी की थी कि चुनाव में अदालतों को भी अख़णा बना दिया जा रहा है
00:53आज कहा कि दरसल नफरती भाशन ही विचारों से पैदा होता है और जिस पर कंट्रूल करना मुश्किल होता जा
01:00रहा है
01:00फिर भी अदालत गाइडलाइन बनाने को तयार है
01:03हाला कि हेट स्पीच को लेकर सुप्रिम कोट ने 2022-23 में ही पुलीस को खास करके
01:09सुओ मोटो F.I.R. दर्च करने का अधिकार भी दे रखा है
01:12और कारवाई में देरी को कोट की आउमानना भी माना जा सकता है
01:15लेकिन पिछले कई बरसों से देखा जा रहा है कि पुलीस खुद से
01:21मा दर्च नहीं करती
01:23दर्च करती भी है तो कोई निर्णायक नतीजा इससे नहीं निकलता है
01:27और ये किसी एक दल या सिर्फ एक नेता तक सिमित नहीं है
01:31चुनावी फाइदे के लिए आज कल हर दल, हर क्षेत्र, हर धर्म, मजब के नेता इसी तरीके के भाषण डे
01:39रहे है
01:39इसी तरीके की टिपनी भी कर रहे है
01:41देश में ऐसे नेता है जो चुनाव लड़ चुके है और जिन पर
01:46हेट स्पीच एन नफरती भाषण देने का आरोप लगा है
01:50ऐसे में आज के दंगल में हम चर्चा यही करेंगे
01:52कि क्या कोड की गाइडलाइन से देश में नफरती भाषण पर रोक लगा जा सकेगी
01:57चर्चा में हमरे साथ कुछ कानूनी जानकार भी होंगे
02:00और बाकी तमाम मेहमान भी होंगे
02:02लेकिन पहले यह रिपोर्ट देखते है
02:15क्या देश में हेट स्पीच बढ़ती जा रही है
02:18क्या राजनेता नफरती भाषण को बढ़ावा दे रहे है
02:22क्या नेताओं पर कारवाई नहीं कर रही पुलिस
02:26क्या हेट स्पीच के खिलाब बने कानून सिर्फ आम लोगों के लिए
02:31क्या सुप्रिम कोट की गाइड लाइन से हेट स्पीच रुखे की
02:35असम के सीम हिमनता विस्वा सर्मा के एक वीडियो के खिलाब
02:38सुप्रिम कोट में पिछले दो दिनों में दो बार चर्चा हुए
02:41सोलब फरवरी को सीपी आईएम एनी राजा और चार असमिया नागरिकों के अरजी पर सुप्रिम कोट ने सुनवाई की
02:47कोट ने कहा कि पुराने आदेश का पालन किया जाए और याची का करता हाई कोट जाए
02:52स्त्रवरी को फिरेक अरजी आई
02:54बारे प्रभुद नागरिकों के अरजी पर सुप्रिम कोट ने कहा कि बिना किसी का नाम लिये
02:58सामानी अर्जी दाखिल हो तो कोर्ट गाइडलाइन बनाने को तयार है
03:02दरसल असम बीजेपी के ट्वीटर हैंडल से राजी के सीम का वीडियो और अनिमेशन पोस्ट किया गया था
03:07मुसल्मानों को पॉइंट ब्लैंक रेंड से टार्गेट पर लेने का मैसेज देने वाले इस पोस्ट को बीजेपी ने डिलीट भी
03:13कर दिया
03:13लेकिन तेलंगाना में O.S.C. और करनाटक में कॉंग्रेस ने शिकायत दर्ज करा दी
03:18उधर सुप्रीम कोर्ट में नामजद दर्जी हुई लेकिन सुनवाई के लिए बिना नामवाली अर्जी मांगी गई
03:25हिमन्ता विस्वाप ने बयान को हेटी स्पीच नहीं मानते और नाहीं असम के मुसल्मानों के खिलाफ मानते हैं
03:30हिमन्ता का विरोध घुस पैठी है मुसल्मानों को लेकर हैं लेकिन हिमन्ता के जिस वीडियो के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में
03:50अर्जीयों की जड़ी लगी
03:51सत्रा फरवरी को कहा कि सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन बनाने को तयार है
03:55कोर्ट ने सुला फरवरी को कहा था कि समवैधानिक पत्पर बैठी व्यक्ति के आचरण से देश के धर्म निर्पेक्ष तानिबाने
04:01को नुकसान नहीं पहुँचना चाहिए
04:03कोट ने 17 फरवरी को कहा कि भाशन की उत्पत्ती विजारों से होती है और उन्हें पूरी तरह नियंत्रित करना
04:09कठीम है
04:09फिर भी कोट ने हेट स्पीच के मामले में एक बार फिर से गाइडलाइन बनाने को कहा है
04:14जब कि इससे पहले भी हेट स्पीच पर सुप्रीम कोट आदेश दे चुका है
04:19साल 2022 में अक्टूबर में दिल्ली, यूपी, उत्राखंड में हेट स्पीच के मामले में सुप्रीम कोट ने कहा था
04:25कि पुलिस बिना किसी ओफचारिक शिकायत के स्वत्र संग्यान पर फिर अप्रेल 2023 में सुप्रीम कोट ने इस आदेश को
04:32पूरे देश में लागू किया
04:33सुप्रीम कोट ने कहा था कि पुलिस का रवाई में देरी करती है तो इसे कोट की आवमानना माना जाएगा
04:39लेकिन किसी नेता के भाषन को खुद से हेट स्पीच मुकरर करना पुलिस के लिए मुश्किल है और जब मामना
04:45राजी के मुख्य मंतरी का हो तो पुलिस की ओर से खुद से केस दर्ज करना तकरीबन नामुम्किन जैसा है
04:51फिर भी सुप्रिम पोर्ट के आदेश के बाद से हालात ये है कि देश में पिछले पात साल में 480
04:56सी नेता चुनाव लड़े जो हेट स्पीच के आरोपी रहे
04:59देश में 8 मंतरियों के खिलाप हेट स्पीच के मामले दर्ज हैं देश में कुल 107 सांसद विधायक ऐसे हैं
05:06जिन पर हेट स्पीच के मामले थे इनमें 23 सांसद और 74 विधायक हैं
05:11हेट स्पीच के मामले वालों में बीजेपी के 42 सांसत विधायक, कॉंग्रिस के 15, आम आदमी पार्टी के 7, बीमके
05:17के 5, समाजवादी पार्टी के 5 और YSR कॉंग्रिस के 5 नेताशामिल है और राज्जियों की बात की जाए तो
05:23UP के 15, तेलंगाना के 13 और विहार के 12 जन प्रतिन
05:27हेट स्पीच के मामले वालों में हर दल, हर राज्जी, हर धर्म के नेताशामिल है, लेकिन पिछले कुछ परसों में
05:40ये सिल्सिला तेजी से बढ़ता जा रहा है, संजक शर्मा, दिल्ली आज तक
05:47कुछ सवाल मैं इस पैनल के सामने रखूँगा, पहला सवाल, क्या गाइडलाइन बना कर हेट स्पीच रोकने का सुप्रिम कोर्ट
05:53का सुझाव कारगर साबित होगा, क्योंकि सुप्रिम कोर्ट खुद भी कह रहा है कि गाइडलाइन्स तो हम बना देंगे, लेकिन
05:59उस गाइ
06:15क्या सक्त कानूनी कारवाई के अभाव में देश में हेट स्पीच के मामले बढ़ते जा रहे हैं, और तीसरा अहम
06:21सवाल, क्या हेट स्पीच के मामलों में राज्यों की पुलीस स्वता संग्यान लेकर F.I.R. नहीं कर पाती, करती
06:29तो है, लेकिन आहम लोगों के खिलाफ, ब�
06:34तौर पर हाथ धरे बैठी रहती है, ये भी ये आरोप लगा रहता है.
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