00:00संक्षिप पे दोनों से जवाब क्या आपको लगता है कि आज ये स्थिती पैदा हुई है
00:05480 नेता आज की स्थिती में है जिनके खिलाफ 8 स्पीच के मामले दर्ज है
00:10जिस पे सांसत भी है जिस पे विधायक भी है और इस पे से किसी को भी गिरफतार नहीं किया
00:16गया है
00:16आज तक मामला आता है लेकिन आगे नहीं बढ़ता चुनाव आयोग ने इन में से कई लोगों पर
00:22दो-दो दिन चुनाव प्रचार करने पर रोग भी लगाई है लेकिन फिर भी कोई कारवाई नहीं हो पाई है
00:32क्या आपको लगता है कि सुप्रिम कोट को गाईडलाइन्स बनानी चाहिए और इस गाईडलाइन्स का
00:38इस्तमाल सभी राज्यों में कानून पालन करने वाली जो संगिट्टाएं हैं संस्ता हैं उनको करना चाहिए
00:56उस पर अमल करना चाहिए ताकि यह पीछ रोग सके क्या यह स्थिति आज की दिर में पैदा हुई है
01:04सुनरा आजपूर जी जल्दी से आपका स्वी इसके बाद अमित आप से न बोलेंगे
01:11संबल जैसी जैगों को बढ़ावा देती है कॉंग्रेस पार्टी के रही है कि गाइड लाइन्स देने से कोई फाइदा नहीं
01:18हो देखिए मैं
01:42के सामने के सामने कांटेंट बोल रहा हूं उस वक्त इन्होंने मीAS में इनका
02:02मेनिफेस्टों था उस में उन्होंने लिखा कि हम बाइवल के गॉस्पल ऑफ गॉड के बाइवल के हिसाब से बॉस्पल आफ
02:09टुर्थ के हिसाब supreme
02:10कारणी चाय यह करनी चाहिए नहीं करनी चाहिए गेला है
02:18चाहिए नहीं होगा वगाईडलाइन से कुछ नहीं होगा आसी तोश्ट आप दोनों की बाते सुन रहे थे तिक है ठेक
02:28है � these
02:29नहीं नहीं Gra 위 Rice तो है गाईडलाइनस टो है तहसीन पुनावला
02:34अदालत में गहते defined 2018 में उसके बाद सुर्म कोरशे साफ़
02:37चब्दों में कहा कि इस पर कोई गाइडलाइन्स होनी चाहिए ये भी कहा कि पुलीस को स्वैम संग्यान लेना चाहिए
02:43सुवो मोटो इस पर एफायार दर्च करना चाहिए लेकिन उसके बावजूद पुलीस के तरफ से स्वैम एफायार कभी दर्च नहीं
02:49हुए ये भी कहा ग
03:07समाज में कुछ चेंज हो रहा है जिसके वज़े से एट स्पीच बढ़ रहे हैं कि मीडिया पर भी सिपल
03:12यहां पर कहने की कोशिश करें कि उन पर भी थोड़ा सा रिस्टेंड होना चाहिए करें
03:19साहिल जी जब अभी थोड़ी देर पहले आपके टीवी चैनल पर जो कुछ छोड़ा था वो क्या था
03:27वही तो हेट स्पीच है आप एक कमुनिटी विशेश को लगाता टार्गेट करते रहे ये शुरू संतर तक टार्गेट करते
03:35रहे ये
03:36कहीं उनके खिलाफ लब जिहाद के आरोप कभी लैंड जिहाद के आरोप कभी एक बिचारा मजबूत हिंदू जब वो किसी
03:44गुंडों के खिलाप खड़ा हो जाता है
03:46तो उस पर रिपोर्टिंग करने के लिए किसी पत्रकार कवा नहीं जाने दिया जाता इस अब क्या हो रहा है
03:53मौत का सौधागर वाली बात अच्छी है
03:55लेकिन उसके पहले किसने जर्सी काउ कहा था
03:58किसने हड्रिड बच्चा कहा था
04:00उससे चार सार पहले ये बाते कही गई थी
04:03तब सब चुप थे
04:06ये गाइडलाइन बना लो क्या फरक पढ़ने वाला
04:09जब तक हम एक कम्यूनिटी के तौर पर एक देश के तौर पर एक नेशन के तौर पर यहीं नहीं
04:14समझेंगे
04:14कि हम क्या कर रहे हैं
04:17हम अगर एक सिविल बाचीत भी आपसे बिना एक दूसरे को गाली गलोच किये वे नहीं दे सकते
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