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Ramadan 2026 Moon Date: सऊदी अरब में चांद की तारीख तय, भारत में कब से शुरू होगा रोजा?
इस्लाम धर्म में Ramadan का महीना बेहद पवित्र और खास माना जाता है। यह worship, संयम, dua और आत्मशुद्धि का महीना होता है। Ramadan की शुरुआत इस्लामी चांद (hilal) के दिखने पर निर्भर करती है, इसलिए हर साल इसकी date अलग होती है। दुनिया भर के मुसलमानों की नजर खासतौर पर Saudi Arabia में चांद दिखने पर रहती है, क्योंकि वहीं से अक्सर Ramadan की official announcement होती है। इस बार भी Saudi Arabia की Supreme Court ने लोगों से 17 फरवरी की शाम चांद देखने की appeal की है।

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00:30रहती है क्योंकि वहीं से अक्सर रामजान की आधिकारिक घोशना होती है इस बार भी सौधी अरब की सुप्रेम कोट
00:36ने लोगों से 17 फरवरी की शाम चांद देखने की अपील की है अगर उस दिन चांद नजर आ जाता
00:42है तो वहाँ पहला रोजा 18 फरवरी 2026 को रखा जाएग
00:47और अगर चांद नहीं दिखता तो 19 फरवरी से रामजान शुरू होगा भारत पाकिस्तान और अन्य दक्षी ने शियाई देशों
00:54में भी रामजान की शुरुआत चांद दिखने की बाद ही तै होती है आम तोर पर सौधी अरब में एक
00:59दिन पहले रामजान शुरू हो जाता
01:01है ऐसे में भारत में 18 फरवरी की शाम चांद देखा जाएगा अगर उस दिन चांद नजर आ जाता है
01:07तो भारत में पहला रोजा 19 फरवरी 2026 को रखा जाएगा और अगर चांद नहीं दिखा तो 20 फरवरी से
01:13रामजान की शुरू आत होगी यही वज़ा है कि मुसल्मान बेस
01:28जर की नमाज से पहले सहरी करते हैं और सूरज डूबने तक कुछ भी नहीं खाते पीते सुर्या अस्त के
01:34बाद इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है पांच बक्त की नमाज के साथ साथ रात में इश्या के बाद
01:40तरावी की नमाज आदा की जाती है इसके अलावा जकात औ
01:43और स्तदगा देना भी इस महीने में बेहद एहम माना जाता है। जरूरत मंदों की मदद करना, जादा से जादा
01:49दूआ और इबादत करना और बुराईयों से दूर रहना रमजान की खास पहचान है।
02:13जारा से बारा घंटे के बीच रहेगी जो महीने के अंत तक थोरी बढ़ जाएगी। धार्मिक मानेता के अनुसार इसी
02:19महीने में पैगंबर हजरत मुहमद पर कुरान की पहली आयते नाजील हुई थी इसलिए रमजान को रहमत और बरकत का
02:26महीना कहा जाता है। और शेयर मार्
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