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  • 9 minutes ago
पहलगाम हमले में पिता को खोया, 10 महीने के बाद भी नौकरी न मिलने पर क्या बोली बेटी

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00:00दस मेहने हो गए पहल गाम के हमले को इस आतंगादी हमले के बाद जो फैमिली इस सब में से
00:06गुजरी है उनकी एक्जैटली क्या हाला थे वो देखने के लिए मैं भी आया हूँ पूरे में
00:10एहमपुर्ण बात यह है कि उसमें जो आतंगवादी थे उनका इंकाउंटर करने का उन्हें मार दिया गया है इस तरीके
00:17का क्लीम इस से पहले हुआ
00:18सरकार की तरफ से थोड़ा बहुत शरेवाद भी होने की उन पे आलोज ना हुई
00:21लेकिन एहमपुर्ण बात यह है कि जो इस सभी पूरे प्रोसेस से गुजरे है जो इस दुख से गुजरे है
00:27उनके अब क्या परिसीती है उन्हें सरकारी नोकरी का आश्वासन मिला था क्या वो पूरा हो चुका है असावरी जगदाल
00:32है हमारे साथ जो अपने पापा के साथ
00:35वहाँ गई थी और वापस आते वक सिर्फ मा के साथ ही उन्हें आना पड़ा क्योंकि उनके पापा उस हमले
00:41में नहीं रहे असावरी आपको आश्वासन मिला था सरकारी नोकरी का क्या वो पूरा हुआ है नहीं अपरिल में मेरे
00:49पापा की डेथ हुई मतलब वो शहीद हुए
00:53आतंकी हमले में उस चीज को भी दस महने हो गया है एपरिल के बाद मुझे कई मतलब हमारे सरकार
01:00के इसमें काम करने वाले कई बड़े लोगों ने हमारे घर पे सीएम हो डेप्यूटी सीएम हो उन सब ने
01:07हमें विजिट किया हमसे बात की उस वक सब ये बोल रहे थे कि वो हम
01:13परिवार का ख्याल रखेंगे मुझे सरकारी नोकरी दिलाएंगे पर अभी उस बात को 10 मैंने हुए और 10 मैंने भी
01:20मेरा काम अभी तक नहीं हुआ है अभी भी मेरी फाइल इस डेस्क से उस डेस्क पर घूमी रही है
01:25और कहा है अभी तक किसी को पता नहीं वहलब इसका कोई �
01:29एक प्रॉपर आंसर ही नहीं दे पा रहा है कि फाइल कहा है किस चीज के वज़े से इतना डिले
01:34हुआ है या फिर कौन से डिपार्टमेंट के पास है किसके डेस्क के उपर वो इतने दिनों से पड़ी हुई
01:40है फाइल तो उसके उपर कोई आंसर नहीं है और 10 मैंने से हम लो�
01:59है कि satisfaction मिले कि हाँ ठीक है यह मतलब अगर कोई आपको बोले कि 6 महने लगेंगे तो भी
02:05understand कि अभी 6 महने रुकना है बट हर महने में हाँ 10-15 दिन में हो जाएगा 10-15
02:10दिन में हो जाएगा ऐसा करकर कि आज 10 महने हो चुके है और अभी भी उनके पास कोई जवाब
02:15नहीं है उसक
02:17के बाद एक एक ऐसा मुवमेंट आता है कि जब इंसान फ्रस्ट्रेट हो जाता है कि अल्ड़ी हम लोग मेंटली
02:23इतना डिस्टरब्ड है मेंटली इतना ड्रेंड है हम लोग फिर भी हम हमें उस चीज के लिए फॉल अप करना
02:28पढ़ रहा है हर किसी के किसी से बात करनी पढ�
02:45तो मतलब अभी ऐसा सिच्वेशन है कि होप सी नहीं बच्चे कि क्या होगा या नहीं यह सिच्वेशन में अभी
02:55हम लोग पहुच गये कितने अफसर थे जिनके आपके साथ बात हुई और कौन-कौन से नेतागण है जो आपको
03:01आश्वासन देके चले गए थे
03:02सी एम और डेप्यूटी सी एम की तरफ से यह अश्वासन दिया गया था कि वो सरकारी नोकरी मुझे दिलाएंगे
03:10और मंत्राले में जो जैसे कि आयस ओफिसर होते हैं सच्चिव उपसच्चिव है उनसे
03:17तो पहले यहां से पुने महानगर पालिका से पूरी प्रसस हुई जिसमें जो आयुकत है उन्होंने पॉजिशिन्स लिखे जो उपन
03:25थे और जो मेरे एडुकेशन को रिलेट कर रहे थे उसमें से ट्लास टुअफिसर के लिए उन्होंने सज़स्ट किया था
03:30प्रायॉरिटी
03:31पे और यहां से फाइल मेरी mostly जून जुलाई मन्त के फर्स्ट वीक में यहां से मंत्रा ले गए थी
03:38तो जुलाई से लेके अभी तब वो मंत्रा ले में ही है और यहां पे हमें बहुत सपोर्ट मिला यहां
03:45पे बताने गाइड करने वाले कई सारे लोग थे पूने महानगर पालि
04:09स्टेट से गुजर रहे हैं या फिर जो मेंटल स्टेट हमारी कार में पहले ती जो
04:14की बहुत ही गंदी ती उस वक्त ये लोग हम से एक्सपट कर रहे थी कि हम वहाँ पर दू
04:19मे और मेरी मम्मी वहाँ पर जाहें और उब वहां पर जाके ये
04:23पूछताच करें कि मेरी फाइल किस डेस्क पे तो मुझे लगता ये बहुत ही शर्म की बात है कि अगर
04:28हमारे CM और deputy CM हमारे घर में आके ये दुख के समय ये बोलते है कि हम आपका काम
04:36करेंगे आपको कही जाने की जरुरत नहीं है आप मेरी बेटी जैसे हो और उसके बाद चार
04:53मारे साथ आप भी इस Proces में गयी होगी किया आप भी मंत्रा दील की ऊ- All गया आ
05:13अपके गहर के किसी जैस को मंत्रा ले में
05:15भेजू तो बहुत सारे यानि की एक नाज चन्दी जी के पीए जो थे या फिर निलम ताई के पीए
05:23जो थे एक जो थे वो हमें को अपरेट कर रहे थे पर दूसरे पहले वाले थे उन्होंने हम से
05:28दो तीन बार बोला कि आपको मंतराले में जाना चाहिए पर हम लोग तो इतनी
05:33सिंपल फैमिली से कि हमको नहीं मालूम है कि मंतराले में जाकर किसे बात करनी है या फिर हमारा कौन
05:39सा डिपार्मेंट में ये फाइल गया है इतना बड़ा मंतराले में हम बड़े मंतराले में कहा धुन देंगे किसको तो
05:46ये बहुत शर्मनक बात है और दूसरी बात तो मु�
06:02बहन हो यह मेरी बैटी जैसी है तो फिर आज वो बहन के आपको याद क्यूं नहीं है यह बैटी
06:08की याद क्यूं नहीं है उसकी जॉब के लिए इतना लेट क्यूं हो गया है दस मेहने का पिरेड बहुत
06:13बड़ा होता है और यह अधिवेशन वह अधिवेशन यह इलेक्शन वह
06:18इसके वज़े से हमारी बाद जो जिनके डिपार्मेंट से इसको इसको नोखरी मिलने वाली है जो अपने डेपिडिसी में एकनाशिंदेदादा
06:27उनके किसी भी पी ने हमारी बाद एकनाशिंदेजी से नहीं करवाई मैं उनसे बार-बार रिक्वेस्ट कर रही थी मेरे
06:35मैंने �
06:36WhatsApp में सब को या जो जो आधिकारी है,
06:39जो सची हूँ है, उपसची हूँ है,
06:41जो जो आधिकारी है, जो जो पीए हैं,
06:44उन सबसे बात की उनको ये सब घठना फिर से लिग कर दी की
06:48मैं कौन हूँ, मेरी बेटी कौन है,
06:50सब बता कर भी हमारी बात उन से करवानी नि,
06:53तो ये क्यों किया है, किसलिए किया है मुझे मालूम नहीं है, पर मैं उनसे ये रिक्वेस्ट करोगी कि लेपिडी
07:01सीएम और सीएम ये मामले में खुद जाज करें और मेरी बेटी को ने आए दिला है और मुझे जॉब
07:07कर दिला है।
07:23वो भी आपको पूरी करनी पड़ेगी और ये वही बोल रही है। महाराश्ट की जितनी भी लाडली भेना है वो
07:28इस सरकार पर भरोसातों रखती है लेकिन खुद आसावरी है, उनकी माह है, उनका कहना है कि आपने जो वादे
07:33किये थे बस वो निभाव। कैमरा परसन गोपाल ह
07:36करने के साथ हुगारवाब ले, आज तक पुणे है।
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