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  • 1 hour ago
माथे पर तिलक, हर-हर महादेव का जयघोष...मुस्लिम महिला बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा पर निकली

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00:01और अब आपको महबत, बगावत, अबादत और मन्नत की एक ऐसी तस्वीर दिखाते हैं जिसने धर्म के ठेकेदारों की नीन
00:08दुड़ा दी है
00:08ये कहानी एसंभल की तमन्ना मलिक की जो मुस्लिम परिवार से तालुक रखती हैं कुछ साल पहले उन्होंने अपने गाउं
00:15के ही रहने वाले अमन्तियागी से प्रेम विवा किया तो हिंदू धर्म को मानते हैं
00:21और अब वो हरिद्वार से कावड लेकर चली तो हर कोई रुक कर देखने लगा क्योंकि खुद को तुलसी कहने
00:27वाली तमन्ना ने बुर्का पहना हुआ था माते पर तिलक लगाया था और उनके कंधे पर कावड थी जिसमें हरिद्वार
00:34से रुद्रा भी शेक के लिए गंग
00:51उसे शादी कैसे की यहां तक तो ठीक अब वो खुले आम बुर्खा पहन कर कावड लेकर कैसे निकले संभल
00:58शहर में 85% मुस्लिम आबादी है तमन्ना के लिए यात्रा यासान नहीं रही दूसरे धर्म में शादी करने की
01:05वज़ज़ से उनका काफी विरोध हुआ था
01:06मुस्लिम बहूल संभल में ऐसा करना बहुत से कटर पंतियों को नागवार गुज़रा शादी के बाद उन्होंने गाँ छोड़ दिया
01:13था फिछले साल ही ये वापस गाँ लोटे तमन्ना की सुरक्षा को देखते हुए और किसी तरह महौल खराब नहो
01:20इसके लिए उनकी या
01:36कोई थी लोग उनका उत्सा बढ़ाने लगे सेल्फी लेने लगे तमन्ना मलिक ने समाच के खलाफ जाकर दूसरे धर्म में
01:42शादी की थी जिसकी वज़े से बहुत से लोग उनकी दुश्मन बने उन्होंने अमन्त्यागी से शादी के बाद मन्नत मांगी
01:48थी कि अगर उनकी �
01:50सफल रही तो हरिद्वार से कावड ले आएंगी इस मन्नत की पूरी होने पर तमन्ना महा शिवरात्री पर कावड लेकर
01:56आएं और शिवाले में पहुँचकर अपने पती के साथ जलाबी शेख भी किया
02:00बुर्खा पहन कर कावड लाने को कई लोगों ने बुर्खे का अपमान भी बताया है कहा कि उन्हें अपनी नई
02:06पहचान के साथ कावड लानी चाहिए थी
02:08उनका तर्क है कि इसलाम में अल्लाह के अलावा किसी और की अबादत की मना ही है
02:12बुर्का इसलाम की पहचान है और उसका उपयोग किसी दूसे धर्म की यात्रा के लिए करना मज़भ का अपमान
02:18संबल से समाजवादी पाड़ी के सांसत जियावर रह्मान बर्क ने कहा कि तमन्ना हमारी धर्म गुरू नहीं है
02:24और हम कम ग्यान के कारण उन्होंने घलत कदम उठाए
02:28बुर्के में कावर लाने को लेकर उठ रहे सबालों पर तमन्ना ने कहा कि जिन बहनों का मन हो वो
02:32बेख़ौफ जा सकती है
02:33बुर्के में कावर ला सकती है उन्होंने कहा कि यहां इस तरह की कोई बंदिश नहीं
03:05जिस तरीके से तुलसी आप एक लंबी दूरी तया करके कावर उठा करके लेकर के आ रहे हैं तो क्या
03:10किसी तरह की परिशानी आपको
03:12करें हैं अब नहीं हमारे साथ साथ मैं कोई दिख्रत नहीं हैं अब तो बहुत है हमारी मतलब हैल्प की
03:23जा r 겠ा
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