Skip to playerSkip to main content
  • 4 hours ago
Hardoi के बेहटा गोकुल क्षेत्र से सामने आई यह कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। साल 1961-62 में डकैतों द्वारा डकैती के दौरान 15 वर्ष की नवविवाहिता ‘मिठनी’ का अपहरण कर लिया गया। परिवार पर हमला किया गया और गौना होने से पहले ही उनकी जिंदगी अंधेरे में धकेल दी गई। जंगलों में भटकाने और मारपीट के बाद उन्हें Aligarh में छोड़ दिया गया, जहां सोहनलाल यादव नामक एक पहलवान ने उन्हें मुक्त कराया और नई जिंदगी शुरू करने में मदद की।
समय के साथ मिठनी ने नया जीवन बसाया, आठ बच्चों का परिवार खड़ा किया, लेकिन मायके की यादें कभी धुंधली नहीं हुईं। सकाहा के शिव मंदिर की घंटियां, गांव की गलियां और अपने भाइयों के नाम उनके दिल में हमेशा जिंदा रहे।

Category

🗞
News
Comments

Recommended