00:06परशिम बंगाल की सियासित में एक बार फिर ऐसा जटका लगा जिसने मम्ता बेनर्जी की सरकार और प्रशाशनिक तंत्र को
00:12कट घरे में खड़ा कर दिया
00:14चुनाव की तारीखों के एलान से पहले ही चुनावायोग ने वो कदम उठा लिया जिससे संकेत तो साफ हो गया
00:19संकेत मिल रहा है अगर समय रहते दखल ना दिया जाता तो ऐसा या यानि की Special Intensive Revision मतदाता
00:27सुची के विशेश गहन कुनरीक्षन में बड़ा खेल हो जाता
00:30चुनावायोग की सक्ति को सीधे तोर पर मम्तसरकार के सिस्टम पर अविश्वास के तोर पर देखा जा रहा है क्योंकि
00:37जिन अफसरू पर कारवाई हुई वे वही कडिया हैं जिनको जरीए मतदाता सुची जैसे समवेदन शील प्रक्रिया को प्रभावित किया
00:44जा सकता था
00:45चुनावायोग ने पशिमंगाल में साथ अधिकारियों को ततकाल प्रिभाव से मिलंबित कर ये साफ संदेश दिया कि चुनावी प्रक्रिया के
00:51साथ किसी भी तरह की चाला की या लापरवाही अब बिल्कुल नहीं चलेगी
00:56आयोग का मानना है कि SIR जैसी प्रक्रिया केवल कागजी अपचारिकता नहीं है बलकि लुक्तंत्र की रीड है इसी प्रक्रिया
01:03के जरियत होता है कि कौन वूट देगा और कौन नहीं अगर इसी स्तर पर बड़ी गड़़ी हो तो वो
01:09पूरे चुनाव के निश्पक्षतक सव
01:25नहीं है बलकि गंभीर कादाचार और शक्तियों के दुरूपियों का एक संगीन मामला है जन अधिकारियों को रिलंबित किया गया
01:32उनमें अलग लग विधान सबाक्षेत्रों के ए यारो शामिल है जिनके भूमिका मतदादा सूची में नाम जोडने हटाने में बीहद
01:39एहम
01:39होती है मुशितबाद के समसेर गंज से लेकर फरका मैनागुडी सूती कैनिक पूर और देवरा तक फैली ये कारवाई बताती
01:46है कि मामला किसियेक इलाके तक सीमित नहीं है और यही वचा है कि राशनतिक गलियारों में ये चर्चा 30
01:52है कि अगर समय रहते चुनावायोग ल�
02:07उनके कैडर स्तर पर तुरंत विवागय कारवाई शुरू की जाए और इसकी जानकारी बिना देरी के आयोको समपी जाए आयोको
02:14स्पष्ट किया जाए अब इसका मतलब यही कि अब राज्य सरकार के पास मामले को हलकी में लेने की कोई
02:20गुंजाईश नहीं है गुंजाईश
02:3640,000 के आसपास वो आंकड़ा मीडिय रिपोर्ट्स में आपको घूमता नजर आएगा अब जाहिर तोर पर आयोक ने दो
02:43टूक कह दिया कि चुनावी काम में किसी भी तरह की आन्यम दिता बरदाश नहीं की जानी है अब इस
02:48पूरे घटना करम को ममतब एनरजी के लिए बड�
03:04काम में लगी थी वहीं प्रशाशनी खलकों में इसे चुनाव आयोक का अब तक का सबसे सक्त संदीश माना गया
03:10आने वाले विधानसवा चुनावों से पहले ये कारवाई ये भी दिखाती है कि आयोग इस बार किसी भी राज्य में
03:15कोई जोखिम लेने के मूर में कता ही नही
03:32करता है कि कहीं भी लूकतंत्र के प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ ना हूँ बश्य मंगाल में हुई कारवाई ये साफ
03:37कर देती है अगर कहीं भी गड़बड़ी की आश्यंका हुई तो चुनाव आयोक बिना किसी दबाव के सीधा एक्शन लेने
03:43से पीछे नहीं अटेगा ब
04:01कर एक्रिया वे।
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