00:00आज सिवर आत्री है बाबा भोले की बारात निकलेगी और महिलाए समेत जो सरधालू है उन्होंने वरत किया है और
00:09गिरिडी में इस वरत के दोरान किसी चीज की मांग होती है तो वह जिलेवी है आलू की जिलेवी हम
00:17दिखा रहे हैं कि देखें यह आलू है और वो सामगरी तय
00:21प्यार की जा रही है हम दिखा रहे हैं वहीं समागरी इसी आलू से जिलेवी बनती है और देखें जिलेवी
00:29यहां बनाई जारी जिसे छानने के बाद चासनी में डाला जाता है हम समझेंगे कि क्या क्या चीज़ मिलाते हैं
00:36इसमें इसमें आलू और आरा रोट रहता है सिर्�
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02:11जो भी बाबा भोले के भक्त हैं उनके लिए या आलू की जिलेवी किसी परसाद से कम नहीं समझा जाता
02:20है जो महिलाए हैं वो बेसबरी से इंतजाज करती है कि कब उनके महले में उनके सहर में गरेडी सहर
02:27के गलियों में या जिलेवी पने और फिर उनके पास पहुचे
02:32कहा जाए तो इस जिलेवी का स्वाध काफी निराला है अमार नासिना एटीवी भारत गिरिडी
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