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  • 22 minutes ago
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर के नेवासा के सौंडाला गांव ने  सामाजिक बदलाव का एक नया अध्याय शुरू किया है. ग्राम सभा ने 'जाति-मुक्त गांव' बनाने के लिए एकमत से एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पास किया है. गांववालों ने साफ कर दिया है कि यह प्रस्ताव सिर्फ एक डॉक्यूमेंट नहीं है बल्कि गांव के रोज़मर्रा के कामों में बराबरी, भाईचारा और इंसानियत लाने का पक्का इरादा है. सौंडाला गांव की आबादी करीबर ढाई हजार है. जहां सभी जातियों और धर्मों के लोग रहते हैं. 5 तारीख को चुने हुए सरपंच शरद अरगड़े की देखरेख में ग्राम पंचायत ऑफिस के सामने ब्लड डोनेशन कैंप लगाया गया. जिसमें सोशल एक्टिविस्ट प्रमोद जिंजाड़े की अपील पर  गांववालों ने 'मेरी जाति-इंसान' की भावना से ब्लड डोनेट किया और ग्राम सभा ने इस प्रस्ताव को एकमत से मंजूरी दी. ये प्रस्ताव रजिस्ट्रेशन के लिए सरकार और संबंधित डिपार्टमेंट को भेजा जाएगा. गांव में जातिगत मेलजोल, बराबरी और भाईचारे को लेकर पब्लिक अवेयरनेस प्रोग्राम चलाए जाएंगे.सभी पब्लिक जगहें-पानी सप्लाई सेंटर, मंदिर, श्मशान, स्कूल, ग्राम पंचायत ऑफिस, सभी के लिए बराबर हक के साथ खुले रहेंगे. साथ ही सोशल मीडिया पर जातिगत नफरत और भेदभाव वाले मैसेज पोस्ट नहीं किए जाएंगे. सरकार की बराबरी और सोशल जस्टिस स्कीमों को असरदार तरीके से लागू किया जाएगा. सौंडाला गांव पहले भी सामाजिक समरसता को लेकर कई फैसले ले चुका है. पिछले साल बारिश में किसानों की फसल खराब होने पर ग्राम पंचायत ने किसानों पर पढ़ाई का खर्च कम करने की पहल की थी. साथ ही दहेज लेने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया. वहीं शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक मोबाइल बैन को लेकर चर्चा में रही हैं. सौंडाला ग्राम पंचायत ने नेशन फर्स्ट की सोच को जगाने के लिए एक और पहल शुरू की है. हर सुबह 10 बजे गांव राष्ट्रगान बजाया जाता है. जैसे ही राष्ट्रगान शुरू होता है, खेतों में काम कर रहे और सड़क से गुजर रहे नागरिक जहां भी होते हैं, वहीं रुक जाते हैं और राष्ट्रगान का सम्मान करते हैं. भेदभाव के माहौल में अब ग्राम सभा ने गांव को 'जाति-मुक्त गांव' बनाने के इस फैसले की हर जगह तारीफ हो रही है.

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00:30जहां सभी जातियों और धर्मों के लोग रहते है।
01:00जुने हुए सरपंच सरद अरगडे की देखरेख में ग्राम पंचायत ओफिस के सामने ब्लड डोनेशन केम्प लगाया गया।
01:30सप्लाइ सेंटर, मंदीर, समसान, स्कूल, ग्राम पंचायत ओफिस सभी के लिए बराबर हक्त के साथ खुले रहेंगे।
01:36साथ ही सोसल मेडिया पर जातीकर नफरत और भेरभावाले मैसेज पोस्ट नहीं किये जाएंगे।
01:42सरकार की बराबरी और सोसल जश्टिस इक्स्कीमों को असरदार तरीके से लागु किया जाएगा।
02:06साथ पब्लिक इंट्रेस्ट के मामलों पर प्रस्ताव पास करने का अधिकार है।
02:10उस अधिकार का इस्तमाल करके गाउं लेवल पर समाजिक एक्ता और बराबरी कायम करने के लिए यह प्रस्ताव लाया गया।
02:28ुपुटले ही पोश्ट।
02:48जैसे ही राष्टगान सुरू होता है, खेतों में काम कर रहे और सडक से गुजर रहे नागरी, चाह भी होते
02:53हैं वहीं रुख जाते हैं और राष्टगान का सम्मान करते हैं।
02:57भेद भाओ के महाल में अब सोडाला ग्रामसभा के गाओं को जातिमुक्त गाओं बनाने के इस फैसले की हर जगा
03:04तारीफ हो रही है
03:05Bureau Report ETV भारत
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