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  • 56 minutes ago
सवाईमाधोपुर. मोरेल डेम की पूर्वी नहर की मोरी का गेट खराब होने से किसानों की फसल पर संकट गहरा गया है। नहर से पानी की निकासी बंद हो गई और गेहूं की फसल सूखने लगी। किसानों की लगातार मांग और दबाव के बीच जल संसाधन विभाग ने मुंबई से गोताखोर टीम बुलाकर मरम्मत का काम शुरू कराया। शुक्रवार को दिनभर विभागीय कार्मिक गेट को ठीक करने में जुटे रहे।

पूर्व में नहर की मोरी का गेट गत 31 जनवरी को खराब हो गया था। अब इसे खोला जाना था, लेकिन जंग लगने से गेट जाम हो गया और पानी की निकासी रुक गई। स्थानीय स्तर पर कई मिस्त्रियों को बुलाया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके बाद मुंबई से गोताखोर टीम को बुलाया गया।

सूखने लगी गेहूं की फसल

किसानों की हालत बिगड़ती जा रही थी। गेहूं की फसल पानी के इंतज़ार में सूखने लगी और किसान प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगाने लगे। हालात इतने गंभीर हो गए कि जिला प्रशासन को तात्कालिक कार्रवाई करनी पड़ी। गोताखोर टीम ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत शुरू की और भरोसा दिलाया कि नहर जल्द ही खोली जाएगी।
आंदोलन की दी चेतावनी
किसान सभा के जिला अध्यक्ष कांजी मीणा ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समय पर पानी नहीं मिला तो किसान आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला रासायनिक पानी रोकना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि इससे खेती बंजर हो रही है और ग्रामीणों में कैंसर जैसी बीमारियां फैल रही हैं। किसान सभा की मांग है कि डेम का गंदा पानी खाली किया जाए और नहरों से लगातार स्वच्छ पानी छोड़ा जाए। मौके पर कनिष्ठ अभियंता अंकित कुमार मीणा भी मौजूद रहे।

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इनका कहना है

नहर की मोरी का गेट पूर्व में बंद किया गया था। अब इसे खोला गया तो गेट जाम हो गया। स्थानीय स्तर पर कई मिस्त्रियों को बुलाया गया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसके बाद मुंबई से गोताखोर टीम को बुलाकर गेट को ठीक कराया जा रहा है। संभवत: शनिवार को नहर खोल दी जाएगी।
चेतराम मीणा, सहायक अभियंता, जल संसाधन विभाग लालसोट

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