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  • 4 hours ago
अमेरिका से हुई भारत की ट्रेड डील पर कौन फैला रहा 'झूठ'? देखें दंगल

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00:00नमस्कार मैं हूँ साहिल जोशी दंगल में आपका स्वागत है
00:03आज का दंगल हम इस पुट्टे पर कर रहे हैं कि यूएस डील को लेकर जूट और भ्रम की राजिय की कौन करना है
00:09और इसलिए हम बोल रहे हैं कि जूट बुले कववा कर
00:13इस बुंदेल खंडी लोगोक्ती का मतलब है कि जूट बुलने वाले को शर्मिंदा होना पड़ा
00:18और पिछले दिनों हुई राजडिती की चर्चा करें तो विपक्षी और सरकार दोनों के दोनों
00:24एक दूसरे पर जूटा होने का आरोप लगा रहे है और एक दूसरी को जूटा खेराने की कोशिश कर रहे है
00:29राहूल गांधी कह रहे है कि सरकार ने अमरिका के हातों भारत के किसानों का सौदा कर रहे है
00:34सरकार कह रही है कि राहुल जूट पहला रहा है ठम पहला है
00:38देश को बद्णाम करने की कोशिश कर राहुल कह रहा है कि ट्रंप तेप प्ये मुधिक के को दबाव डाल कर ऐसा सौधा कराया
00:47जो भारत के किसानों के लिए खतरनाख है उनके खिलाफ है
00:50भारत में अब कपास, मक्का, जुवार, सोयाबीन के किसान बैमौत बारे जाए
00:56जबकि केंडरी क्रिशी मंतरी गिना चुके हैं
00:59कि फलाफला अमेरिकी अनाज के लिए भारत के दर्वाजे बंद रखे गए
01:03केंडर की ओर से क्रिशी मंतरी, बानिज्य मंतरी, राश्टी प्रवक्ता
01:08लगातार बता रहे हैं कि अमेरिका के साथ जो डील हुई है
01:11उस पे भारत के किसानों, पशुपालों को, मसाला उत्पादों को लेकर मचुआरों तक का सभी का खयाल रखा गिया
01:19अलगि डील की कई बारी किया, सामने आना पूरी तरीके से सामने आता, दरसल बाकी है
01:25क्योंकि ये इंटरीम डील के डीटेल्स इस वक्त सामने आ रहे हैं
01:28और इसी के वज़े से भ्रम जादा फैल था
01:30खबर है कि डील का फाइनल दस्तावेश तयार होने में अभी भी एक मेने का और वक्त लग सकता है
01:36लेकिन जिस तरह विपक्ष्टे संसद में इस डील के विरोध में अंगामा किया
01:41जिस तरह देश के किसानों को नुकसान की आशंका जताई जारी है
01:45उसे लेकर भ्रम और भै का माहूल भी बढ़ता जाए
01:48संयुक्त किसान मुर्चा जैसे संगटन विरोध शुरू कर चुके
01:52और इसलिए आज के दंगल में हम यही चर्चा करेंगे कि आकिरकार
01:56यूएस से हुई डील पर जूट या भ्रम कौन फैला रहा है
02:01इस चर्चा में हमारे साथ विशेश में भी जुडेंगे लेकिन पहले यह रिपूर्ट देंगे
02:31अनाज सुरक्षित रहना चाहिए
02:3228 जनवरी से शुरू हुए संसत के बजट सत्र का पहला चरण आज खत्म हो गया
02:37लोग सभा के अंदर 25 घंटे से ज्यादा व्यवधान
02:4057 करोड रुपे का नुकसान उस घमासान के कारण हुआ
02:43जो संसत के अंदर से पाहर तक मचा है
02:45कभी जनरल नर्वणे के किताब यूएस डील तो कभी लेवर पोर्ट को लेकर कॉंग्रेस हमला वर है
02:50जिसमें भारत के तेल खरीट पर अमीर की शर्तों
03:01अमेरका के क्रिश उतपादों के लिए भारती बाजारों को खोड़ ले
03:04और भारती उतपादों पर अमेरका में 18 तेरीफ लगाने का विरोध कॉंग्रेस जोर शोर से कर रही है
03:10उन्होंने कपास की किसानों को, सोया की किसानों को, सेव की किसानों को, फल की किसानों को बेच दिया है.
03:20He has broken all records of speaking falsehood and made baseless allegations.
03:29He is misleading our farmers with his fake narrative and trying to provoke our annadatas.
03:38He has never cared for our motherland, nor can we expect him to ever work for a strong and prosperous future
03:49for India.
03:50Gahul Gandhi जूटे हैं, उन्हें देश से कोई लैना दाना नहीं है.
03:58डेश के किसानों से कोई लैना दाना नहीं है.
04:03किसानों की मजबूती उन्हें कभी रास नहीं आई.
04:09मक्ता, कपास, सोयाभीन और फल ये शुरूगात है.
04:12नरेंडर मोधी पूरी कृष्णी मार्केट के दरवाजे खोलेंगे.
04:15The interests of farmers have been kept paramount and fully protected.
04:24In this agreement, all major crops of farmers, including wheat, rice, pellets,
04:36soya meal, corn, GM food products, spices, potatoes have been fully safeguarded.
04:47राहूल गांदी कहते हैं कि देश का सौधा हुआ.
04:52स्तरकार कहते हैं कि देश का है.
04:54खुद पुरधान मंत्री ने इस डील को किसान के हित में बताया है.
04:57केंद्र के आधा दर्जन मंत्री, कई प्रवक्ता, रोज, देश को बता रहे हैं
05:01कि डील किसानों के हित में कृष्री मंदरी ने तो दावा किया है
05:04कि अबल तो छीले हुए आनाज, आटा, केहु, मक्का, चावल, बाजरा, आलू, प्यास, मटर, बीन्स, खीरा, मश्रूम, दाले, फ्रोजन सबजियां, संतरे, अंगूर, निम्बू, स्ट्राबेरी और मिक्स डिपाबन सबजियां अमेरिका से भारत नहीं आएंगी
05:21इतना ही नहीं, लिक्विड दूद, दूद पॉडर, क्रीम, दही, छाच, बक्खन, खी, बटर ओयल, पनीर और चीज, इनने से किसी को भी भारत में एंट्री नहीं मिलेगी
05:31मसालों में काली मिर्च, लॉंग, सूखी हरी मिर्च, डालचीनी, धनिया, जीरा, हीन, अदरक, हल्दी, अजवाएन, मेथी, तेसपत्ता, सरसों भी अमेरिका नहीं बेचेगा
05:43और अगर कुछ क्रिशुत बाद अमेरिका से भारत आएंगे भी, तो उन्हें भारत के बाजार में बिना टैरिफ के नहीं आने दिया जाएगा
05:51मतलब स्वयाबीन, मक्का, चावल, गेहू, चीनी, मोटे अनास, पोल्ट्री, डेरी, केला, स्ट्राबेरी, चेरी, खट्टेफल, हरी मटर, छोले, मूम, तिलहन, इथनौल और तंबाकु पर अमेरिका को भारत में कोई टैरिफ जूद नहीं होगी
06:08मोटे जी ने देश को बेच दिया है, किसानों को बेच दिया है
06:13अभी उन्होंने एक वीडियो में जूट बोलने के सारे रिकार्ट तोड़ दिये
06:19वो जूट बोलकर देश में भ्रम फैलाने की कोसिस कर रहे हैं
06:29सरकार का कहना है कि जिस देश के एक कृशित पादों का निर्याद बाजार
06:44445 करोड डॉलर को पार कर चुका है
06:47वहां अमेरिका से हुई ये डील उसमें और रफ्तार भरेगी
06:50हालत यह है कि जो चर्चा संसद में होनी थी वो सोचल मीडिया पर हो रहे है
06:55जो बयान संसद में होने थी वो ट्ट्वीटर पोस्ट पर हो रहे हैं
06:58इस प्रस्टाइम इंडियन हिस्ट्री आवर फार्मर्स आर फेसिंग अ स्टॉर्म
07:06एट मी तेल यो मिस्टर आउल गांदी
07:09no matter how much lies you peddle or attempt to mislead our farmers or even attempt to discredit the country
07:18a proud, prosperous, powerful, self-reliant and developed India is assured under Prime Minister Srinarendra Modi ji's leadership
07:32मक्का, सोयबीन, लाल जवार, कपास, you have opened the door
07:40राहुल जी, जूट बोलकर कभी किसानों का भला नहीं किया जा सकता
07:46किसानों का भला होगा, सच्चे और किसान हितैसी फैस्टों से
07:53you have opened the door to crush our poor farmers, it is, it is disgraceful
07:59ये जुबानी दावे तब हो रहे हैं, जब मोदी ट्रम्प की फोन पर हुई बातचीत के बाद से
08:06डील के ट्राप को अंतिम रूप दिया जा रहा है, काम अभी बाकी है
08:10खबर है कि आखरी दस्तावेस तैयार होने तक मार्च का भी दो हफ्ता गुजर सकता है
08:14लेकिन राजनीति का शंकाएं ऐसी हैं कि संसत सत्र की सियासत के चक्कर में मजदूर किसान यूनियन प्रोदर्शन तक करने लगे
08:21राहूल गांधी कहते हैं कि अमेरका बांगलादेश का टेक्स्टाइल जीरो टैरिफ पर बिचेगा
08:25और भारत के मुफ्त टैरिफ वाले उत्पाद भी 18 फिजदी पर बिचेगे
08:29जबकि सरकार का दावा है कि भारत के किसानों के मसाले चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, सुपारी, काजू, वेजटेवल वैक्स, एवोकाडो, केला, अमरूत, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मश्रूम, सब, जीरो टैरिफ पर अमेरिका में विकेंगे
08:45दरसल अमेरिका से अभी जो डील हो रही है, उसमें आधे अधूरे तत्थियों के साथ ट्रंप ने तोशल मीडिया पर डील की डीन गया हाग दी, मजबूरन पीम मोदी को भी बयान देना पड़ा
08:55डील के पूरे दस्तावेज आना भी बाकी है, लेकिन इस बीच अमेरिका ने खोशना कर रखी है कि भारत अमेरिका से जाने वाले कई खादि पदार्थों क्रिशी उत्पाद पर कम या जीरो टैरिफ करेगा
09:06अमेरिका का दावा है कि इसमें सूखे डिस्टिलर अनाज जिन से शराब बनती है, उसके अलावा पशुचारे के लिए लाल जुआर और सूखे मेवे, ताज़े फल, प्रोसेस्ट फल, स्वेया बीन तेल, वाइन, स्पिरिट्स और अन्युत पाद शामिन है
09:19अलागे अमेरिका ने साथ फर्वरी को डील में जिन उपादों को लेकर दावे किये थे, उन्में से अमेरिकी डालों डीचल सर्विस पर से भारत ये टैरिफ हटाने के प्रावधन को बदल दिया है, यानि भारत इन पर टैरिफ वसू लेगा, इसके अलावा पांस सौर अर
09:49क्लारिटी नहीं मिल पारी है कि आखिरकार भारत और अमेरिका के बीच में एगरिकल्चर प्रोड़क्ट्स को लेकर क्या चीज़ेते हुई है, भारत सरकार का दावा है, आज भी दावा है और उसकी पूरी एक फैरिस भारत सरकार के तरफ से दी गई है कि कौन से ऐसे एगर
10:19भारत की किसानों की मुश्किले बढ़ा सकते हैं, तो इस पर हम चर्चा करेंगे और मैं सभी महमानों से, जो मेरे साथ जुडने वाले हैं, मेरे साथ सहीद जफर इसलाम, भारतिय जंता पार्टी के प्रवक्ता जुड रहे हैं, डॉली शर्मा, कॉंग्रिस की प्रवक्ता �
10:49देश में चल रही है, किसानों में कही न कही इस बात की चर्चा है कि आकरकार जो फार्म प्रोड्यूस के लिए उन्हें पैसे मिलते हैं, क्या उसी तरीके से, क्योंकि MSP को लेकर पहले से ही किसानों में कई समस्याय रहती हैं, और ऐसे में इस डील के बाद उनके उपच पर
11:19जूट और भ्रम फैला रहे, जो खास करके भारतिय जनता पार्टी के तरफ से और वारिज्य मंतरी और क्रिशी मंतरी का आरोप इस पर लग रहा है, दूसरा सवार, क्या नई डील के बाद भारत में अमेरिकी चावल, गेहू, मक्का, बाजरा की नो एंटरी होगी, ये भी �
11:49सवाल, कॉंग्रेस पार्टी उठा रही है कि इस ट्रेड डील के पहले अमेरिकी टारिफ तीन प्रतिश्चत लगता था, लेकिन अब 18 प्रतिश्चत लगेगा, बले रेसी प्रोकल टारिफ ना हो, लेकिन 18 प्रतिश्चत टारिफ जो ट्रेड डेफिसिट अमेरिका का था, �
12:19और जिसके वज़े से ये डील हुई और इससे किसानों का नुकसान होगा तो किन मुद्दों पर आप ये कह रही है कि इससे किसानों का नुकसान होगा आपने देखा होगा कि वानिज्यमंतरी आकर कह चुके हैं कि कौन से ऐसे प्रोलक्ट्स है जिनकी नो इंट्री होगी बार
12:49पिर आगे की बात करूंगी, अगर भूमी अधिगरहन बिल लाकर किसानों को उनकी जमीन को बेचने का हख उनकी मर्जी से, अगर किसी ने दिया, तो राहुल गांधी जी मन की बात नहीं करते, किसानों के हित की बात करते हैं, देश के हित की
13:04बात करते हैं, वो किसान के खेत में जाकर उसका दर्द समझते हैं, वो उनसे मिलते हैं, उनकी पीड़ा समझते हैं, तब ये बात करते हैं, और रही बात, जो उन्होंने अभी टैरिफ की करी, पहले 50% लगवाओ, फिर 18% को अपना
13:16मास्टर स्ट्रोक बताओ, जो कपास बंगला देश को 0% पे मिलेगा, वो भारत को 18% पे मिलेगा, आप बहुत सारी बाते हैं, अभी मैंने वानेजय मंत्री को सुना, उन्होंने कहा पॉल्ट्री और डेरी पे नहीं लगेगा, लेकिन उन्होंने फसलों की बात नहीं की, उन्ह
13:46साड़े साथ सो किसानों की शहादत हुई, तब भी भारतिया जंता पार्टी को यह ऐसा ही एक काला कानून लाई थी, जिसे बहुत मास्टर स्ट्रोक बड़ी-बड़ी बाते करकर के, उन्होंने दिखाया था, साड़े साथ सो किसानों की शहादत हुई, उस पर शोक तक कि �
14:16सीले बिचाता है देश की कैपिटल में कि वह आकर अपनी बात अपने प्रधान मंतरी से नहीं कह सके, अरे कौन सा ऐसा प्रधान मंतरी है, जो सिर्मन की बात करता है, देश के किसान की, मजदूर की, बेरोजगार युवा की बात ही नहीं करना चाहता है, रही बात टारिफ क
14:46जाएगी. यह सरकार की अलोच ना है, देश की अलोच ना नहीं है. अगर हम सरकार की नीतियों पर सवाल उचाथे हैं, तो यह सरकार की
14:53सवाल था, शर्मा जी, सहीत जफर इस्लाम इसका जवाब देंगे, लेकिन मेरा स्वाल था, मैं एक बार फिर आपको सवाल
14:59दोरा था हूँ लेकिन इस बार कुछ आकड़े तथ्या आपके सामने रखकर सवाल दोराने की कोशिश करता हूँ
15:04सरकार के तरफ से ये आरोप लगने के बाद क्योंकि पहला जो जॉइंट स्टेट्मेंट आया था
15:10अमेरिका और यूएस का उसके बाद कई सवाल उठने लगे कि आकिरकार क्या अगरिकल्चर प्रोड़क्ट्स हम इंपोर्ट करेंगे
15:15और उसमें 500 बिलियन का आकड़ा भी दिया गया था उसमें अगरिकल्चर अवियेशन और बाकी तमाम चीज़े उसमें लिखी हुए थी
15:22लेकिन जो सरकार के तरफ से उसके बाद सफाई दी गई उसमें उन्होंने स्पेसिफिक लिका हुआ हुआ है
15:27और जो चीज़े में आपको पढ़के बताऊंगा उससे आपको समझ में आएगा
15:30उसके बाद मुझे ये सवाल आपसे दोराना है कि कौनसी चीज़े भारत में नहीं आ सकती जो ट्रेड डील के बाहर रखी गई है पूरी तरीके से
15:37तो आनाज में उनोंने स्पेसिफिक नाम दिये गए हैं ये हूँ कॉपरा उसके बाद बाजरा ओट्स मेडा मक्का चावल जो जो़ जवार ये सब आनाज के नाम उसमें दिये गए हैं कि ये अनाज जो है ये नहीं आ सकते
15:52उसके बाद डेरी लिस्ट की भी एक पूरी लिस्ट दी गई है उसके साथ साथ हम यहाँ पर चला भी रहे हैं कि आलू, प्याज, मटर, बीन्स, कीरा यह नहीं आ सकते
16:01संत्रे, अंगूर, नीमबू, स्टॉबेरी, डिबबा बन सबजिया नहीं आ सकते अमेरिका से भारत में
16:06दूद, दूद, पाउडर, क्रीम, दही, चास, मकण, घी, बटर, पनीर, चीज नहीं आ सकते
16:11काली मिर्च, लॉंग, लाल मिर्च, डालचीनी, धनिया, जीरा, हिंग, ये भी अमेरिका से भारत में नहीं आ सकते
16:17इनके लिए नो इंट्री है, ये बात साफ रखी गई है, उसके बावजूद आपको लगता है कि किसानों की उपज के लिए खत्रा पैदा होगा, किसानों को आमदनी नहीं मिल पाएगी, किसानों का जो उपज है वो भारत के बजार में नहीं बिक पाएगा, जो खत्रा आ�
16:47और इसके अलावा भी बहुत सारी ऐसी प्रोडियूस है, जो हिंदुस्तान में, जिसे अमेरिका भेज़ेगा, अमेरिका के तो वहां से प्रवक्ता बोल रहे हैं वाइट हाउस से कि हमने ये बड़ी बहुत बड़ी डील क्रैक कर ली है, और बहुत बड़ा हमने भारत को, �
17:18तबी भी इनके नेता बड़े बड़े बोल, करन बोल पंजी प्रोड़ी का दिर टेका आपको डर करें हैं, कि आपको दर ब्रॉक्त के वज़े से बहारती किस को ने बहुत से इस्पर सवाल पूछों।
17:45साहिल जी राहुल जी ने भी कहा सोया पर सेव का क्या हाल है बाहरी सेव जब से हिंदुस्तान में आने लगा है हमारे देश के सेव के किसानों का क्या हाल है यह आप जानते है यह पहले की ही बात है यह आप कोई नहीं बात नहीं है लेकिन आप जिस तरीके के टारिफ आप एक
18:15कुछ अनर्गल बयान देते हैं।
18:45साहिल भाई सबसे पहले बात के इनको यह समझना पड़ेगा कि यह वही लोग है जो देश की अर्थ ववस्ता को डेड़ एकॉनमी कह रहे थे।
19:15कितनी बड़ी लिस्ट में कितना समान होता हूँ, मैं आगरा करूँगा उन से कॉंग्रेस की प्रवक्ता से और कॉंग्रेस के जो जो मुख्या है खरगे जी या असली में जो उनके मुख्या है राहूल गांदी जी, इनसे की पूरी लिस्ट पढ़ ले पहले, पढ़ ले, सही
19:45के हित में ले आ गया है, यह बिल्कुल गलत बात है जो पहला रहे है, हर तरह से उनके इंट्रेस को सेवगार्ड गया गया है, हर चीज़ चाहे हो, खाने पिने के समान हो, सबजिया हो चाहे, चावल दाल, सब चीज़ पे, बहुत सारी चीज़े तो पहला रहा रहते हैं कि 500
20:15धरी के धरी रहे जाएंगे, जब पूरा इनके सामने ये पढ़ लेंगे और पूरे तोर से एग्रिमेंट जब सामने आएगा, तो इनके सारी बाते गलत साबित होगे, यह इनका तरीका है, कि लोगों को भढ़काना, इनका तरीका है, कि इनके पास मुद्दाहीन पार्टी
20:45कि जो economy है उससे हमने trade deal sign किया है इन्होंने trade deal किया थोड़ा सा मैं लोगँ यृण ने ट्रेड deal किया था
20:53असियान कंट्री से चाना का देखिए बाल यहां टा पूरत इनके वज़द से इसलिए कि सारे competitive
20:58countries है जो हमसे compete कर रहे है इस बार हमारा जो deal हुआ है हमारे competitive
21:03कंट्री जो जिससे हम कॉम्पीट कर रहे हैं चाहे ना हो चाहे वो आज जो किसान यूनियन के नेता राहुल गांदी से मिले पार्लिमेंट के भीतार और उन्हों ने वहां पर काए कि एक निशन वाइट इसके खिलाफ एजिटेशन किया जाएगा क्या आपको लगता है कि एक
21:33नहीं होगा यह इस तरह के स्टेंट राहुल जी को बैकफायर करेंगे इसलिए कि ये सिर्व गुमरा करने की जब हम भी हम भी किसानों के पास जाएगे ना उनको हकीकत बताएंगे ना किसानों को किसान भा Tan動画 को बताएंगे कि हमने आपके हित्मे के एडिसन यह तो सिर्फ
22:03प्रिदर जो इनकों पहकाने के कोचित करें उनकों पूरे तौर से बेड़काब करें। जवाब दीजे और फिर मैं दो रहाँगा, वो सारी लिस्ट एक बार फिर मैं आपके सामने रखें। अभी भी आपको समझना चाहता हूं कि इसके अलावा आपको कौन से एग्रो प्रो
22:33आप मुझे बोले जिजे प्रीजी एप से बोले जो इसके बेटिया आपसे आप मैं बैठी हूं मैं बैठी हूं कौन, मक्का, मक्का, सोया बीन, सोया मील, कपास, ड्राइफरूट, बादाम, अखरोट, सेब, पहले है आपने मार लिया सेब के किसानों को और कितनी इतुछ �
23:03तो बीच में बोले जाता, उसको भी हम लोगों ने ऐसे फैसले कि है कि टर्की सिर्ट जी मैं ऐसे डिवेट नहीं करूंगे, तो मैं नहीं करूंगा, लेकिन डॉली शर्मजी आपका जवाब दीजिए, चली, मेरे नेता ने भी कहा, सोया बीन, कपास, ड्राइफरूट, बा
23:33और भी बड़ी लंबी लिस्ट है, आप मुझे बताईए, साहिल जी एक बात, यहां राहूल जी को भ्रम फैलाने के बात कर रहे है, अगर इनोंने काला कानून लाया था, तो वापस क्यों लिया, क्यों कहा मोधी जी ने, क्यों कहा प्रधान मंत्री जी ने, कि मेरे से कुछ
24:03गांधी देश के हितके और देश के किसानों के मन की बात करते हैं, मजदूर के मन की बात करते हैं, आप किसकी बात करते हैं, अपने उद्योग पती मित्रों की, या ट्रम्प के मन की बात करते हैं, आप कह रहे हैं कि कपास, अमेरिकी कपास भारत के भीतर आना चाहिए कि नह
24:33सब्क्रिकों क्रिशनला कि कर दो फोड़े हैं मेधूस्ताने सब्सक्राइब यह लेकर सबसे बला इंट्रेस्टिंग सवाल यही पर खड़ा होता है
25:03भारत पूरे दुनिया का दो नंबर का ऐसा देश है मतलब अगर हम लोग उसमें देखे तो सबसे जादा कपास प्रोडक्शन में दूसरे नंबर पर भारत आता है और ऐसे में अमेरिकी कपास को अमेरिकी उत्पात को भारत में क्या आपको लगता है बांगला देश भी हमसे क
25:33जो कपास और जो धागा वहां आएगा यूएस से उससे जो कपड़ा तयार होगा वो जब यूएस में विक्री के लिए जाएगा तो उस पो जीरो परसेंट टैरिफ होगा उसी तरीके से जैसे बंगला देश के साथ डील हो रही है और ये चीजें हिंदुस्तान भी आख बन क
26:03में जो भी है चीजें सारी देश के सामने होंगी भारत इतने कमजोर इस सिती में कैसे मान लिया जाए मैं कैसे स्विकार कर लो कि बंगला देश को जीरो परसेंट पर वो एक्सपोर्ट होगा अमरीका के कपास और भारत में अगर अमरीका का कपास और दागा इंडियन टेक्
26:330% मैं कन्फरम कर रहा है इसकी गोश्टा हो चुकी है मैं आपको वही बताना चाह रहा हूँ जिरो परसंट के टेक्स्टाइल को भी अमेरिकी मार्केट के लिए ओपन कर दिया गया है और 0% टारिफ उस पर भी लगेगा समार यहां पर यह है कि अमेरिकी कपास क्या भारत के भ
27:03भारत में आएगा तो यह कॉंपिटिशन नहीं बढ़ेगा आपको लगता है कि वह भारत में आना चाहिए जिस तरीके से बंगलादेश उसको अलाउट कर रहा है
27:09देखे अगर आपको कपड़ा एक्सपोर्ट करना यूएस में तो उनकी शर्तें जो आपके सामने हैं वो इंडियन टेक्स्टाइल इंडस्टी को देखनी है कि 0% पे उनको कितना फाइदा है
27:25जब हमारी भारत की कपास के उत्पादन का सवाल है हमारी जितनी डिमांड है अगर उसमें शॉर्ट फॉल होता है तो फिर आयात करना हमारी भी मजबूरी हो जाती है इसमें कोई दो राय नहीं है जरोत के अनुसार आयात हमने पहले भी किया एक बास साहिल जी मैं कहना चाह
27:55कांग्रेस ने ही किया था वो गलती अगर हुई थी तो राजीव जी से हुई थी उस समय और बिना संसद के एप्रूवल के वो गलती हो गई थी ऐसे सलहकारों ने कराया था उस समय ये भी नहीं पता था हम लोगों को के सबसीटी का बेस पीरियट 86-87 मान लिया गया और सबस
28:25दॉली शर्माजी जिवाब दीजेगा इसमें दो राए नहीं है तो डवली टियो का डील जो 2013 में किया गया था और उसका सबसे बड़ा कारण उस डील में जो बाली में हुआ था उसका सबसे बड़ा कारण डॉली शर्माजी यही रखा गया था कि गलोबल ट्रेड को जल्�
28:55चल्दी से जवाब दीजे फिर अलुराग बदोरिया बात करेंगे देखिए मैं मेरा मानना है कि अगर एक भी चीज वो भारत के किसान को नुकसान देती है तो कॉंग्रेस पार्टी आवाज उठाएगी इन्होंने यहां पर कॉंग्रेस की गलतिया गिनवाई कॉंग्रेस क
29:25कॉंग्रेस पार्टी का ही वो कारेकाल था कॉंग्रेस पार्टी ने हमेशा देश को मजबूत करने का काम किया किसी भी किसी भी राष्ट्रपती की यह हिम्मत नहीं हुई कि कभी भी हमारे देश के प्रधान मंत्री के बारे में इस तरीके के बयान जैसे आज ट्रंप दे र
29:55अनिल दूबे
30:25साहे उसके वज़े से एक हामी आज़ा भुगतना पट रहा है अनिल दुबे आपने सारी लिष्ट आपने बता दी कि ये लिष्ट है और भारत के वारिजी मंतरी ने भारत के क्रिसी मंतरी ने ये कह दिया कि देश के किसानों का हित जो है सुरच्छित रखा जाएगा यहां त
30:55और इसके बावजूद और दूसरी चीज़ है कि अभी जो उसका डाप्ट है वो हमारे सामने नहीं आया है बगेर डाप्ट को देखे भारत सरकार कह रही है कि हमने किसानों के हित को सुरच्छित कर रखा है अमेरिकी पतनित कह रहा है कि भारत की सरकार ने किसानों के हित में
31:25किसانوں को गुम्राह करने का काम कर रहे हैं
31:28और सबसे बड़ी बात कि किसानों के उपर
31:30जो अभी किसानों के लिए हमदरदी की बात कर रहे हैं
31:34पॉर्परोगता ये जब इनकी सरकार थी
31:38तो स्वामी नातनायोक की रिपोर्ट कियो नहीं ये लागो कर दी
31:40थी उस समय किसानों का हिट कहा चला गया था देश के किसान सुर्गी
31:44चौदी चौदी चरनल सिंग को भारत रसने देने की मांग कर रहे थे उस समय सरकार
31:48चालिस चार दस्टक तक इनकी सरकार थी उस समय ये कहा किसानों के
31:51तैसी के जब उनके लिए अबहार पर आप सीधे इस डील में जुकने का जो आरोप लगा रहा है थोड़ा सब्र करिये देखिए क्या-क्या उसमें लिस्ट है सरकार ने तो पूरी लिस्ट जा नी कर दिये उसके आपको अपने सरकार पर द्हां देना चाहिए ना
32:15अनुरा पहदोरिया जी जिरो आठारा सुनिए एक बात तो साहिpp आए टा है ना जीरो आटारा अब जीरो बढ़ाए ना जीरो अठारा अब जीरो बढ़ायो यदो साफ पूरे देश को पता चल गया वो आरे यह जीरो पर बैचए हमने उनके लिए जीरो टारिफ लगाया है �
32:45मैं कहता हूं लेकिन 18% तो दोने लगाया है कि नहीं लगाया है चलिए एक दो चीजों पर छोड़ा लेकिन 18% टैरिफ रोन लगाया है क्यों लगाया है भई क्या हमने उनकी किस प्रोड़क्ट पर 18% लगा के रखा है यह बता दीजे मुझे पहले मैं पूछना चाहता है दू
33:15हो गर्मी हो या तूफान हो बारिश हो कभी नोंने किसानों की चिंता की वो तो विपच लड़ रहा था तब आपने किसान मिल बापस ले इसे साब जायर होता आपकी मान सकता क्या है किसानों के परती आपकी कोई दया नहीं है आपको अपनी सत्ता की लालच रहती है सत्ता क
33:45लेंगे लेको सोयाबीन का तेल तो लोगे न आप बता दो नहीं लोगे सोयाबीन का तेल मक्का नहीं लेंगे मक्का का हम बने हुए पॉडक्ट लेंगे क्या खेल चल रहा है भाई माने आपने जिन चीजों को रोका है मक्का के बने हुए पॉडक्ट को तो आप लोगे सोया�
34:15हमारे यहाँ पे तो हमारे लोग क्या करेंगे? एक बात, उनके एगर कल्टर सिक्रेटरी बुर्क रोलिंस वह कह सकती हैं कि यहाँ पे
34:22किसान, हमारे अमेरिकन किसानों को बड़ा फायदा होगा, इसलिए उन्हें अमेरिकन गुर्णमेंट को
34:27तेंक यू बोला आपके किरसी मंतरी जी ने क्या बोला जरा मुझे बता दीजे क्या किरसी मंतरी नहीं बोल सकते थे आके कि वह जो कह रही है नहीं उनके किसान खुशाल नहीं होंगे हिंदुस्तान के किसान खुशाल होंगे अमेरिका के किसान खुशाल नहीं होंगे हिंदु
34:57परफ से साफ शब्दों में शिवराज सिंग चौहार ने लिस्ट जारी की है और कहा है कि इन अमेरिकी प्रोडक्ट्स को भारत पे एंट्री नहीं मिल पाएगी वो भारत पे नहीं बेच पाएगे और जिसमें मसाले हैं जिसमें टेरी प्रोडक्ट्स हैं जिसमें अनाज हैं �
35:27पूछाए यह बात अलग नहीं है वो बात उसी में तीस जो आपने सवाल पुछा इस पेसिफिक जवाब दे रहा हूँ एक तो एक अंत्रिम है यह ट्रेड डील जो हुई है अंत्रिम ट्रेड डील आ जाने जी एक दूसरी बात फिर आपने बोला कि किर्शी मंत्री ने यह लि
35:57जब तक यह नहीं बोलेंगे कि उनके खिसान दुखी होंगे हमारे खिसान खुश होंगे तब तक आप नहीं मानेंगे इसको चीट ठीक है इंटरिम डील है वही तो कहने कि कोशिश चैनल पूरा हो जाने कि पूरी लिस्त वापके पास आई जाएगी उसके बार बोल रही है
36:27हमारे खिसान खुश होंगे उनके नहीं होंगे शाहिल बाई मैं वहीं कह रहा हूँ यह पूरे तरह से बेरिकाब होने वाले हैं पूरे तरह से जवाब दीजे आप
36:36जवाब देगे और एग्रिमेंट साइनों के इनके सामने रखे इनके चुपी उस वक्त चुपी पुछिए गैसे कि इनके चुपी क्यों रही एग्रिमेंट पूरे तोर से साइन रही है इंदुस्तान के किसानों के हर इंट्रस को प्रोटेक्ट किया जिया है और 95% प्रोट
37:06देश की जलताव, आप उसको कोरे ती से नहीं बढ़ी रहे हैं आप नहीं बढ़ी रही हो, जारा ले तरी कारे ज्दार हों जबर हो गरे हैं अपर आशेत तो चाहिए, आशेत जी आपको तो पता है कि नमबर्स तो जूट नहीं बोलते हैं किसी भी तरीके से, बाकि वादे द
37:36निकाले थे कि agricultural products भारत में अमेरिका से इंपोर्ट जो हो रहे हैं उसकी उसके जो नंबर से वो घटे हैं या बढ़े हैं तो यूपीए एरा में देख लीजेगा
37:45यूपीए में 2004 में अगरिकल्चर इंपोर्ट होता था 2.5 बिलियन डॉलर्स का जो बढ़कर 2013-14 में 18 बिलियन डॉलर्स का हो गया थे
37:56याने अगरिकल्चर इंपोर्ट के इंपोर्ट यूपीए सरकार के समय भी बढ़े हैं आपको भी पता है कि 2012 में पल्सिस को लेकर खास करके डालों को लेकर कितनी बड़े अंदोलन हुए थे किसानों के कि हमें दाब नहीं मिल पा रहे हैं उसका एक सबसे बड़ा कारण ये
38:26244 मिलियन डालर्स तक वो पहुँच चुका है याने करीब करीब 138 प्रतिश्ट की ग्रोथ उसमें हुई है तो यूपीए के दोरान भी अमेरिका से आने वाले अगरिकल्चर प्रोड़क्ट का इंपोर्ट बढ़ा है और मोधी सरकार के समय भी बढ़ा है तो आज की स्थित
38:56यह फैक्ट शीट है जो साब तोर पर लिखके बताता है कि इंडिया एंडिया एननाउंस है हिस्टारिक ट्रेट डील मेरे लिए यही एक डॉकुमेंट है जिसके आधार पर चर्चा उनकी है बाकी क्या मंत्री कहते हैं मुझे से को देना देना नहीं इसका पैराग्राफ च
39:26इंक्लूटिंग ड्राइड डिस्टिलर गेंस, रेट सॉर्गम, ट्री नट्स, फ्रेस और प्रोसेस फ्रूट, स्वया बीन, ओयल, वाइन, स्परिट्स, एडिशनल प्रोड़क्ट, सिर्फ यही चीज मैं याद रखूँगा अब इसमें यह लिख रहा है कि वाइड रेंज
39:56अगर इसी तरीके के फैक्ट शीट जो अमेरिका ने जारी की है, क्या भारत ने ऐसी कोई फैक्ट शीट अफिशिली जारी की, नहीं, नो, दूसरी बात में आपको बताना चाता हूं कि यह राइड रेंज अव फूट, नहीं आशितोष, जो चला रहे है, नहीं नहीं आशि
40:26नहीं, प्रेस कॉंफरेंस ने फैक्ट शीट जारी की है, यह तो फैक्ट शीट ही है राइड डील की फैक्ट शीट, तो क्या यह अमेरिका अमेरिका ने जो जारी किया, वाइट हास ने क्या यह गलत है, क्या यह गलत है, क्योंकि अभी कोई इस पे स्पेसिफिक प्रोड़क
40:56इसमें चार बार इसी जगा लिखी हुई है अधर पार्ट नमबर वन पार ग्राफ पोर अडिशनल गूट से लिखा हुआ यह क्या है एक्स्प्लेंड नहीं है दूसरी बात क्या है इस पूरी फैक्ट शीट में जो अमेरिका ने जारी की है भारत के उपर एक्क्यूजेशन कि
41:26कनक्लूटिंग अभ्यूटिंग डेट्राइगरेश्च अगरिमेंट तो लॉक दा बेनिफिट फ़र अमेरिकाज वर्क्स बिजनेसे यानि वो कह रहे हैं कि हमने जो बेनिफिट है वे अमेरिकांब बिजनेसे के लिए किया है फिर कहता है एड़च दा इंटेंट आफ इं�
41:56सवाल यही उटता है कि एक एक फैक्ट शीट आप अमेरिका ने जारी की हुई पढ़ रहे हैं जो आपने पढ़के बताई ठीक है उसको लेकर सवाल उटे थे
42:08उसके बार भारत सरकार ने कमोडिटी की लिस्ट जारी कर दी और उसके उन्होंने भूमिका रखी कि इन प्रोड़क्स को अमेरिका भले ही दावा करे उन्होंने हला कि कमोडिटी की लिस्ट नहीं दी थी भारत सरकार यह कहने की कोशिश करी है कि इन प्रोड़क्स को भारत के �
42:38इसके पहले बीच में अचानक आ गया था सर्टेन सर्टेन और पल्सेस वो हट गया लेकिन इसी में जो फाइनल इसमें ये भी डाल दिया गया है कि भारत में अमेरिका की फैक्ट सीट है उसको कोड़ कर रहे अशुतोष लेकिन भारत सरकार ने जो लिस्ट जारी किये उस पर �
43:08अमेरिका के बारे में जो कोड़ कर रहे हैं उसके बाद भारत के वानिजी मंतरी ने पधाप्ते प्रेस कउनफेरन्स परलेमेंट Tob बें जा लए उनको बोलने नहीं नहीं दिया गया बदाप्ते
43:17प्रेस कॉनफरेंच करके हर चीज़ की तफ्सील दी है और यह अमेरिका भी देख रहा है सरुक अमेरिका नहीं देख रहा है को एक
43:24contradiction है कि अमेरिका से अवेरी जय मंत्री ने कहा है 95 परसेट जो है अग्रिकल्चर प्रोड़़् इंडिया में नहीं
43:32सकते तो उसका क्या आप संग्यान नहीं ले रहे हैं मैं फिर पढ़ के सुना देता हूँ आपको कोई कॉंट्रेडिक्शन आया है कि भारत सरकार के तरफ से स्टेट्मेंट आने के बाद कोई कॉंट्रेडिक्शन अमेरिका से नहीं आया हुआ
43:52कहने की कोई को है अच्छों तो है अच्छों तो पर रहा हूँ अरे अब यह अब यह पर इंक पर इंक्रूडिक्शन एंक उसी की लिस्ट कौन से प्रॉडक्ट उस पर शामिल नहीं होंगे
44:19वही तो कहने की कोशिश कर रहे है भारत सरकार के तरफ से वही तो लिस्ट जारी की गई है कि कौनसे प्रोडक्स उस पे इंवाल्ब नहीं होंगे उसको इंक्लूड नहीं किया जाएगा
44:32कौन से प्रोडक्ट उसको उसको उसके रक्षा दी गई है, सवरक्षित रखे हुए, सिक्योर रखे गई है, इसकी पूरी लिस्ट दी गई है, हला कि अभी भी एक महिना लगेगा, यह इंतरीम डील के डीटियल्स यहां पर निकल करा रहे, अंतिम डील क्या होगी, कौन से प्
45:02यूस यूस यूस यूस
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