00:06बहुत दूर, पहाडों और घने जंगलों के बीच बसा था एक छोटा सा गाउं धनपुर
00:20इस गाउं की सुभा लक्डी की खुश्भू से शिरू होती थी और शाम थकान की चुप्टी में डूप जाती थी
00:48ुश्यादा नहीं थी
01:06उसके पास था बस एक पुरानी कुलहाडी, एक जोपरी और एक बीमार मा
01:21केशब रोज सुभा सूरज निकलने से पहले उठता, मा के पैरों को छूता और जंगल की ओर चल पड़ता
01:28मा हर रोज कहती, बेटा, जंगल से ज्यादा मत लेना, जंगल भी हमारी तरहा जीता है, केशब मुस्कुरा देदा
01:40पर अंदर से तूट चुका था
01:47एक दिन गाउं में खबर भैली, शहर से बड़े लोग आने वाले हैं, वे लोग लकडी खरीदने वाले थे, बहुत
01:54ज्यादा दाम पर
01:55गाउं की लोग हुश थे, पर केशब चुप था, उसे पता था, जहां ज्यादा पैसा आता है, वहां लालज भी
02:02आता है
02:11उस रात केशब सो नहीं पाया, मा की दवा खत्म हो रही थी, पैसे नहीं थे, और जंगल, जंगल ही
02:18एक मात्र रास्ता था
02:30अगली सुभा केशब जंगल के उस हिस्से में पहुँचा, जहां वो कभी नहीं गया था
02:52पेड बहुत उचे थे, हवा अजीब सी भारी थी, जैसे ही उसने कुलहाडी उठाई
03:10अचानक हवा थम गई, इक गहरी आवाज भूंजी
03:18केशब के हाथ काप गए
03:24उसके सामने खड़ा था एक बूढ़ा आदमी, सफेद दाढ़ी, आखें चमकती हुई
03:29वो बोला
03:32ये जंगल अब आखिरी सांसे ले रहा है
03:38केशब डर गया पर बोला
03:43मुझे मजबूरी है
03:45बूरा आदमी मुस्कुराया
03:50उस दिन केशब को जंगल से अजीब लकडी मिली, हलकी पर बहुत मजबूत
04:09शहर में उस लकडी की कीमत थी सोने से ज्यादा
04:12केशब ने पहली बार जिंदगी में इतना पैसा देखा
04:16मा की दवा आ गई, जोपडी ठीक हो गई
04:28पर केशब का मन अब शान्त नहीं था
04:30वो रोज उसी जंगल में जाने लगा
04:43और हर दिन जंगल थोड़ा और सोना होता गया
04:58जब जंगल रोया
05:04जोर की आंधी आई, पेड गिरने लगे
05:07गाव में पानी भर गया
05:09रोड बोले
05:10यह सब केशव की वज़ा से हुआ है
05:14यह सब केशव की वजह से हुआ है
05:22केशव शर्म से जुगगया
05:25उसी रात वही बूढ़ा आदमी फिर आया
05:31He said,
05:33You have to make love from the jungle.
05:35Now it's the soul.
05:39And then he said,
05:40Keshav proves it.
05:42He jumped to the soul.
05:44He didn't know it.
05:47He was stone-making.
05:53He said,
05:53He is a good person.
05:55He is a good person.
05:57He is a good person.
05:58He is a good person.
05:59He is a good person.
06:01He is a good person.
06:07Keshav's face two paths.
06:09Paisa,
06:10Shahat,
06:11Aaram,
06:12Jungle,
06:12Balidhan,
06:13Satchai.
06:14Keshav's face is a good person.
06:15Keshav's face is a good person.
06:17And he said,
06:18If the jungle will be,
06:20I will be able to save.
06:27पेशव ने गाउं वालों को सच्चाई बताई, लोगों ने पेड काटना बन किया, शहर वालों को वापस भेज दिया गया,
06:38सालों बाद, धनपुर हरा भरा था, और जंगल के बीच एक पत्थर पर लिखा था, गरीबी इनसान को मजबूर कर
06:48सकती है, लेकिन लालच इनसान को
06:51अंधा कर देता है, जो समय पर रुख जाए, वही असली अमीर होता है.
Comments