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  • 2 days ago
बिहार में एक स्कूल परिसर में दो स्कूल चलते हैं लेकिन दोनों के पास बिल्डिंग नहीं है. बच्चे पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं.

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00:07तूटी छट लटकते सरिये और दरकती दिवारें ये खंधर नहीं स्कूल है जहां नौनिहाल शिक्षा ग्रहन करने आते हैं
00:17जरजर भवन की वज़ा से डर के मारे ये बच्चे खुले आसमान की नीचे पड़ते हैं धूप हो तो च्छाओं
00:26की उम्मीद में इसी पेड की नीचे तालीम लेते हैं ठंड हो तो यही पेड आसरा है और अगर बारिश्वी
00:34तो घर लौड जाते हैं
00:47बगल में एक आंगर बाड़ी उसमें चल जाते हैं और छुटी भी हो जाती है यही पेड हमारे लिए एक
00:54सहारा है सरकार्च हम लोगों की यही मांगना है कि हमारे लिए एक विद्धाले बन मारे और हमारे लिए कुछ
01:00भी दिगत नहीं होता है
01:01पहश्यम चंपारन जिले के बगहा दो प्रखंड अंतरगत राजकिये प्रात्मिक विद्याले सबेया मुसाई मुसहर टोला के इस स्थापना साल 2000
01:13में हुई थी
01:14स्कूल में पहले से ही अनेको समस्या थी बिल्डिंग का अभाव था लेकिन 2018 में एक और स्कूल को इसमें
01:24मर्ज कर दिया गया
01:25जिस वज़ा से पेड के नीचे चबूत्रे पर स्कूल चलाना मजबूरी बन गई है
02:10बच्चे कहते हैं कि सर्दी के मौसम में बाहर बैट कर
02:14पढ़ने में बहुत तकलीफ होती है
02:17बरसाथ के मौसम में तो बारिश की तरह हमारी परहाई भी धुल जाती है
02:23ऐसे में सरकार से हाथ जोर कर गुजारिश करते हैं कि हमारे लिए इसकूल बनवा दें
02:59बहुत बच्चे तो इसके चलते भी नहीं आते होंगे
03:00खुद प्रधान शिक्षक भी परेशान है वे शिकायती लहजे में कहते हैं कि जब बेल्डिंग नहीं होगी तो बच्चों को
03:08कैसे पढ़ा पाएंगे
03:10कई बार आवेदन दे चुके हैं लेकिन कुछ नहीं होता
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