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  • 2 days ago
झारखंड में मोती की खेती का भविष्य अच्छा दिख रहा है. इससे कम लागत में ज्यादा कमाई हो सकती है.

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00:00खनीज और जंगलों के लिए पहचान रखने वाला जहारखंड अब मीठे पानी के मोती उत्पादन के छेत्र में नई पहचान
00:06बना रहा है।
00:08हजारिबाग राची और सरायकेला खरसमा जैसे जीलों में तलाब आधारित मोती फार्मिंग तेजी से फैल रही है और ग्रामीन अर्थवेवस्था
00:16का उभरता अस्थम बनते जा रही है।
00:19राज्य में इसकी सुरुवात बर्स 2019-20 में पाइलेट प्रोजेक्ट के रुप में हुई थी। बेहतर परिनामों के बाद इसे
00:26संगठित रुप दिया गया।
00:27प्रधान मंत्री मतस्त संपदाई उजना के तहट 22 करोड रुपे की लागत से हजारी बाग को मोती उत्पादन कलस्टर घोसित
00:35क्या गया।
00:36जिससे प्रसिक्षन तक्निकी, सहयोग और मार्केड लिंकेज को गती मिली।
00:42सबसे पहले ये मोती पालन का जो विसे हैं, हम लोगे बिजी विग्ञान में हैं, प्राक्टिकल तोर पे ये बहुत
00:50हद तक कॉलेज के विद्धाथों के पहले नहीं था, प्राक्टिकल तोर पे धीरी जरू पढ़ते थे.
00:55So my mind came that college in college
00:58practical
00:59and I had my parents
01:02and I got my own training
01:05and then I had my own
01:06and after I had my own
01:08pilot project
01:09for me I had my own
01:12college to have a
01:13and I had my own
01:16and I had my own
01:17and when I went
01:19I had my own
01:20I had my own
01:24I had my own
01:25students have in to form the course down course
01:29to start the course.
01:32When I started my entire time,
01:34when I started my work
01:35and I should make this part
01:38of my business.
01:39My husband,
01:41I have realized that
01:44when I was in the business,
01:46I would like to help me.
01:50My husband,
01:52ुदुजाच्जाच्वाइस के बाद से मैं किसानों के साथ भी जूड रहा हूँ और उनको मैं प्रसिशन दे रहा हूँ उनके
02:00ठ्योरी और प्रैक्टिकल अश्पेर्ट में कि किस तरह के मोती का पालन किया जा सकता है
02:04मीठे पाने की सिप में सर्जिकल प्रक्रिया से नाभिक प्रत्यारूपित कर 12-18 महिनों में मोती तयार किया जाता है
02:12एक सिप से एक मोती प्राप्त होता है जिसकी कीमत 100-1000 रुपिय या उससे अधिक हो सकती है
02:19लगभग एक लाक रुपे से कम निवेस में यह वेवसाय तीन-चार बरसों में कई गुना मुनाफा देने की छमता
02:27रखता है
02:27राची का पूर्ती एग्रोटेक प्रसिक्षन केंदर इस्चेतर का प्रमुख हब बन चुका है
02:32यहां से 132 से अधिक किसार प्रसिक्षित हो चुके है
02:35NIT जमशेदपूर से इंजर्णिंग की पढ़ाय कर चुके बुधन पूर्ती गोल मोती उत्पादन पर विसेश जोर दे रहे हैं
02:42जिसकी बाजार में अधिक मांग है
02:45संजेवियर्स कॉलेज राची ने भी मोती उत्पादन में सर्टिफिकेट कूर्स शुरू किये है
02:50बात ऐसे है इंजिनियर का तो जो इंजिनियरिंग किये हैं या कर रहे हैं उनकी तो पहले जो रेगिंग होती
02:58थी रेगिंग में ही उनको यह सिखाया जाता था
03:00that you will not be able to do it, you will not be able to do it, you will be
03:04able to do it.
03:05I am a mechanical engineer, I am a RIT, I am asked to ask myself,
03:09and I feel the future here in Mehti Pallan has been very good, and I feel very good.
03:16When I was working in the U.S.I.E.L., I felt that I was being able to do
03:22it.
03:22And today, I don't have enough freedom to be able to do it.
03:25So, today, I am a mechanical engineer with us in 2014 and today, we have been able to do it
03:36with MBA and some of the tools and tools and tools.
03:42We have been able to do it with 6-7 engineers in Mehti Pallan.
03:46And we are doing this process, that we will provide the whole world with technology.
03:53foreign
04:27। । । । । ।
04:58। । ।
05:24। । । । ।
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06:10। । । । ।
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06:16। । । । । । । । । । । । । । । । ।
06:34Not you.
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