00:00बीहार में मैथली ठाकुर ने समाज विभाग के दावो के पोल खोल कर रख दिय है
00:04बीहार के समाज समंतली ने विदान सभा में दिये जवाब में घलत साبित हुए है
00:08अली नगर विधान जभा के एस्पताल के इमारतों की बेहर जर जर हालत का खुलासा हुआ है
00:13तारा डीहे प्रखंड के उस हॉस्पिटल के पर्दाल में विधायक मैत्री ठाकुर के दावों की पुछ्टी हुई है
00:19आपको उन तस्विरों को दिखाते है
00:21इन इमारतों के खालत खासा हुल है
00:27और नदियामी अलाके आव आप इन तस्विरों को देखिए और इन तस्विरों का खाल देखिया
00:31क्या जर जर जर इमारते हैं
00:33क्या यह सर्या तक दिखाए दे रहा है
00:34यह आपको मलवा ही मल्वा दsembाए देगा
00:46आप देखिए ये हालत है बिहार के दर्भंगा के अस्पतालों की और ये रियलिटी है वहां के स्वास महकमे की पूल खोलते हुँ इन तस्वीरों को देखिए और एक नहीं हम कई तस्वीरें आपको देखा रहे है तो अस्पताल के भवनों के ये हालत है वहां के वाहनों के �
01:16देखिए ये हाल है मां का और ये सारी तस्मिरिया आप विसार से देखिए ये दर्भंगा, जिले के, अली नगर के नदियामी में बने हुवे हॉस्पिटल परिसर के भवनू के हालत है
01:26इन कमरू की दीवारें, छत, फर्ष, खिड़की, दर्वाजे, कुछ भी, साबुत नहीं बचा है
01:33अस्पिटल के भवनू के अंदर कहीं पर जानवर कचार रखा हुआ है, कहीं पर पेड़ पौधे होगाए हैं, कहीं पर आप देखें जड़े दिखायते रहे हैं
01:41अस्पिटल के छतों के प्लास्टर गिड़ चुके हैं, दिवारे जड़ चुकी हैं, यह मारतने पहले अस्पिटल हुआ करते थी
01:47यहां पर दो MBBS डॉक्टर्स, दो IUS डॉक्टर्स भी पत पर थे, यहां पर अस्पिटल के डॉक्टर्स, कमपाउंडर, A&M और दूसे करमचारियों के रहने के लिए कौर्टर थे, लेकिन आज उसके हलत साफ देखी जा सकती है
02:00और इसी अस्पिटल को लेकर विधायक मैथली ठाकूर ने विधान सभा में सवाल उठाया, तो स्वासमंत्री मंगल पांडे के ओर से उन्हें गोल मोल जवाब दिया गया, आगे अस्पिटल का पूरा सच देखने से पहले मैथली ठाकूर का विधान सभा में उठाया गया स
02:30एक बार मंत्री महोदय इबर पुना अवलोकन कराएं क्योंकि मैं खुद जा करके देखी हूँ भवन जरजर सिती में है
02:37वहाँ पे एक छोटे से कमरे में स्वास विवस्था कसंचालन हो रहा है
02:41MBBS चिकितसक नहीं है पूर्व में वहाँ पर दो-दो MBBS चिकितसक थे लेकिन अभी नहीं है
02:46उत्तर में लिखा है कि युजर आयोस चिकितसक है जिससे मैं सहमत हूँ
02:49लेकिन हमें वहाँ पे दो MBBS डॉक्टर्स की आवश्यक्ता है
02:53मैथली ठाकुर ने विधान सभा में बताया कि दो प्रखंडों के दस पंचायतों से लगभग 50,000 लोगों के इलाज की सरकारी विवस्था है
03:03वो किस खदर खस्ता हाल पड़ी हुए है
03:05और सरकार के काकजों में तो वहाँ इंतजाम दुरूस्त है
03:08जिस कुर्सो नदियामी में कभी पाँच बेड का हस्पिटल हुआ करता था
03:13दो-दो MBBS डॉक्टर हुआ करते थे
03:16इस अस्पताल में पहले महिला के लिए प्रसफ सुविधा भी थी
03:19परिवार नियजन के लिए यहाँ पर ऑपरेशन भी किये जाते थे
03:22अस्पताल परिसर में ही डॉक्टर्स के लिए क्वाटर था
03:24स्वास कर्मियों के रहने के लिए आवास थे
03:27लेकिन आज वर्शू से यह सुविधा यहाँ पर बंद पड़े हुए है
03:30और आज हेल्थ एंवेलिंस सेंटर तो यहाँ पर चल रहा है
03:33लेकिन पुराने अस्पताल का नाम वो निशान तक नहीं बचा है
03:36अस्पताल में कोई भी MBBS का डॉक्टर नहीं है
03:38सुविधा ना के बराबर है
03:40अब यहाँ पर अस्पताल के नाम पर सुबह 10 बज़े से 2 बज़े तक दिन में
03:44आयूश डॉक्टर मरीजों को देखते है
03:46यहाँ पांच बेट का जो होस्पिटल है
03:51यह पी एस्सी अतिरिक प्राथ्मिक स्वास्थेम कुर्शो नदियामी
03:54यहाँ जो है दो पोस्ट MBBS के लिए है जो यहाँ पर अभी एक भी नहीं है
04:00और दो पोस्ट आयूश डॉक्टर के लिए हैं जिसमें एक हम में कार्यत है और यहाँ पेशेंट की जो पर डे की कैपिसिटी है
04:11वो लोग वह पचास से शाट की है
04:14तो सफिशेंट है आप इतने लोग को देख पाते हैं या कखिनाई होती है
04:20इसमें कटनाई होती है यहाँ उचित जाच की बेवस्ता हो लैब का जो करमचारी लोग है वो लोग आएं बाहल शकर की तरफ से
04:31एन्म की यहाँ पे कमी है एन्म को दिया जाए
04:34साथ ही डॉक्टर्स और यहाँ पे करमचारी लोग जो हैं उनको रहने के लिए वेवस्ता किया रहे हैं
04:42एक अकेला आयुश डॉक्टर यहाँ पर रोज पचास से साथ मरीजों का इलाज कर रहा है
04:47गनिमत है कि मरीजों को यहाँ पर जरूरी बेसिक दवाईयां मिल जाते हैं
04:51बाकि ना तो पैथालोजी सेंटर है ना ओपरेशन थेटर चालो हालत में है
04:55ना तो यहाँ पर किसी नर्स की तेनती है और ना ही उनके रहने सेहने का कोई इंतजाम है
05:00फिर भी यहाँ पर मरीज आते हैं जिसके इलाज के जिम्मेदारी सिर्फ एक आयूश डॉक्टर निभाते हैं आपन दस अलगाई
05:07बहुत कठाई जिर्णा पर रहा था
05:09हम लगवाज दस वर्फ से इसमें प्रियास में लगे थे पिछले भी जिराहे को बोले वे थे
05:14लेकिन उन नहीं कुछे कर पाए लेकिन माथ्ली ठाकूर जी पर्थम पर्थम हमारे उप्येसिक कुर्शों नद्यानी का आवाज उठाए तो उनको कोट कोट का धनवात दे रहे हैं जो मारे होस्पिटल का दिम्दसा बदल जाए वेवस्थित हो जाए बीस गों के आदमी �
05:44हमारे लिदी को मा बान को नहीं होना चाहिए हमारे तरफ से उसको यहां सब उप्लाद होना चाहिए
05:52खंड हर हो चुके अस्पताल परिस्सर के अंदर ताश खिल रहे गाउं के लोग बताते हैं कि 1990 के अस्पास इस अस्पताल में तमाम इंतिजाम थे लेकिन धीरे धीरे इमारते जरज़त होती गई
06:0325 साल पहले कीरती जहां आजाद ने भवनों के मरम्मत करवाई थी लेकिन आज वो एक बात फिर से बुरी आवस्था में पहुँच चुके हैं
06:10हमारे संबादाता ने इस अस्पताल में आने जाने वाले लोगों से बाच्चीत की उनका क्या कहना था वो आप सुनिए
06:16हम उसी जगह पे हैं ताटी परखंड का ये स्वास्थ के नदर आज सबसे पहले तस्वीर देखे जो बिल्डिंग की उन्होंने चर्चा की
06:25कि जो जरजर हाल में है ठीक हमारे वह सामने में है हम कुछ लोगों से यहीं बात करेंगे कि क्या है आखिर वाकई इस बिल्डिंग की कहानी यह बिल्डिंग तो आपके सामने है जरजर है आज से दस साल पहले बना है वह भी जरजर हो गया है
06:39यह देखे यह वह गणामीन लोग है जो चाहते हैं कि कहीं न कहीं अस्पताल की इस्थिती ठीक हो और जो भवन आपको देखाएं वह अस्पताल नहीं बलकि लोग इसे खुद चारागा बता रहे हैं
07:01और चारागाह के तरह परियोग भी कर रहे हैं रहलात कुमार आज तक धर्भंगा
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