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  • 1 hour ago
सांसद मनोज झा ने बजट पर सुनाई कविता

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00:00मन्य सभापती महद है फिर एक बजट प्रस्तुत किया गया कागजों पर सैयत सदन में उम्मीद की भाशा कहा गया आम आदमी का बजट है और मैं आमों खास में परिसान हूँ लेकिन आम आदमी आज भी कतार में खड़ा है राशन के लिए इलाज के लिए और काम की प्रतिक्
00:30पर यह नहीं बताया गया यह प्रगती किसे साथ ले जा रही है और किसे बहुत पीछे चोड़ रही है सर एक अबोध बालक की जिद समझे बस 20 सकें चंद पड़े घरानों के बढ़ते मुनाफे रास्री औ पलब्धी जबकि किसान मजदूर और बेरोजगार हुआँ की जि
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