00:00कयामत के दिन तक भी कभी कयामत का दिन तो कभी आना ही नहीं है और इसलिए बाबरी धांचे का फुर्णर निर्मान कभी होना ही नहीं है
00:09जो कयामत के दिन आने का सपना देख रहे हैं ऐसे ही सडगल जाएंगे कभी वो दिन आने वाला नहीं है
00:21जब संकट आता है तब राम याद आते हैं
00:25और बागी राम को बिश्मित कर देते हैं
00:29राम को भूल जाते हैं
00:32इसलिए भगवान राम भी अब उनको भूल चुके हैं
00:36हम लोगों ने कहा था न
00:37कि राम लड़ा हम आएंगे मंदिर वही
00:43कोई संदे है
00:52कोई संदे है
00:54और हम आज फिर इस बात को कह रहे हैं
00:58कि कयामत की दिन तक भी कभी कयामत का दिन तो कभी आना ही नहीं है
01:02और इसलिए बाबरी धांचे का फुर्नर निर्मान कभी होना ही
01:06जो कयामत के दिन आने का सपना देख रहे है
01:14ऐसे ही सड़गल जाएंगे
01:18कभी वो दिन आने वाला नहीं है
01:21और उनके सपनों तो ऐसे ही
01:24हम अपनी विरासत को सम्मान देते है
01:27भारत की गौरवसाली परंपरा को
01:31सिनातन धर्म की परंपरा को
01:33जैसे प्रधान मंतरी जी ने
01:3725 नौंबर को युट्याधाम में आ करके
01:39सनातन के प्रतीक
01:43सिराम मंदिर में
01:46भब्य केसरिया ध्वच का
01:49आरोहन किया था
01:50ये केसरिया ध्वच हमेशा ही
01:53भारत के इस गौरव को
01:54सनातन के इस गौरव को आगे बढ़ाने का
01:57कार ये सी मजबूती के साथ करेगा
02:00वेन और भाईयों
02:03आप याद करिए ना आयोध्या में
02:06पांच सो वर्सों के बाद
02:07एक गौरोव साली छण हमारे सामने आया
02:09इन पांच सो वर्सों में
02:15अनेग राजा महराजा आए
02:18अनेग सरकारी आए होंगी
02:221947 में भारत आजाद हुआ
02:271952 में पहली चुनाओं के बाद सरकारे बनी
02:34लगातार हर चुनाओं के बाद सरकारे बनती थी
02:39फिर चुनाओं होते थी सरकारे बनती थी
02:42अयोध्या में
02:45अयोध्या में भग्मान राम का
02:49उनकी जनम भोने पर भव्य मंदिर के निर्मान का कार्य भो आखिर ये उनकी मन में क्यों नहीं आया आज को हर बेखती कहता है कि साथ राम हमारे के हैं हमने का सभी के हैं राम तो सब के हैं भेग इसमें है ये नहीं लेकिन कुछ लोग हैं
03:11जो आउसर बाधी रवया अपना करके जब संकट आता है तब राम याद आते हैं और बागी राम को बिस्मित कर देते हैं
03:25राम को भूल जाते हैं इसलिए भगवान राम भी अब उनको भूल चुके हैं अब अब उनकी नईया कभी पार नहीं होनी है उनको कभी आगे नहीं वड़ना है
03:41इन राम ग्रोयों के लिए अब कोई जगे नहीं जो राम भक्तों पर गोली चला रहे थे राम काज में बाधक थे इन लोगों के लिए अब कोई जगे नहीं और जो लोग अभी सपना देख रहे हैं
03:57उन्हों से बाबरे ढाचे का तो उनको हम भी बता देना चाहते कि कयामत कर दिन कभी नहीं आने वाला है और कभी नहीं आये गई
04:07कयामत के दिन के लिए मत जीओ
04:17हिंदुस्तान में काइदे से रहना सीखो
04:20काइदे से रहना सीखो
04:21यहां का कानून मानो
04:27कानून मानोगे
04:31काइदे से रहोगे
04:33तो फाइदे में रहोगे
04:36और नहीं तो आगे का रास्ता तो फिर कहां के लिए जाता है, वहां फिर कानून कोई तोड़ेगा, तो आ रास्ता सीधे जहन्नुम की तरभी लेके जाता है, क्यों और की तरभी लेके जाता है, कानून तोड़कर कोई जन्नत जाने का सपना देख रहा है, ते सपना उसका कभ
05:06झाल झाल
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