00:00बारिश से पहले मौसम विभाग को कैसे चल जाता है, पता?
00:02IMD का प्रेडिक्शन, मॉडल कैसे काम करता है
00:05जानिए, IMD के पास देश भर में कई X-Band और S-Band Doppler रडार है
00:09ये रडार बादलों से आने वली बारिश, हवा की गती, तूफान और ओले जैसी चीजों को
00:13150 से 200 किलोमीटर दूर तक देख सकते हैं
00:15ये रियल टाइम में बादलों की आवाजाही, बारिश की तीवरता और दिशा बताते हैं
00:19इससे अब कास्ट, यानि अगले एक से तीन घंटे का पूरवानुमान बहुत सठीक होता है
00:23जैसे अचानक तेज बारिश या गरज के साथ बोचार का पूरवानुमान
00:26IAMD-0 के इंसेट सैटलाइट का इस्तिमाल करता है
00:29ये सैटलाइट बादलों की तस्वीरें, तापमान, नमी और हवा के पैटरन को अंतरिक्ष से भेजते हैं
00:33ये पूरे भारत और आसपास के इलाकों की लगतार मॉनिटरिंग करते हैं
00:37सैटलाइट ही पस्ट्रमी विक्षोग, यानि वेस्टन डिस्टरबेंस, जैसे बड़े सिस्टम को बहुत पहले ट्रैक कर लेती है
00:42IAMD का सबसे मजबूत हत्यार है
00:44Numerical Veda Prediction यानि NWP इसमें सुपरकंप्यूटर पर वायुमंडल के नियमों को डालकर हविश्य का मौसम सिमूलेशन किया जाता है
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