00:00अब मुस्लीम इसाय लोगों को कैसे समझाना आप समझाने के जंजट में पहले मत पढ़िए
00:04दोस्ती हो जाने दीजिए आपका विश्वास उन पर उनका विश्वास आप पर
00:13ऐसा होने के बाद आप समझाएंगे उन पहले समझ लो इसायत क्या है
00:19इसायत और इसलाम दोनों में जो शाश्वत है और जो बाद में जुड़ गया है वो सुसंगत नहीं है
00:31इसलिए
00:34इसलाम कहते कि शांति का है
00:36फरन्तों शांति तो कही दिखती नहीं
00:39क्योंकि
00:40सब दुनिया के सब
00:41religions के पीछे एक
00:43spirituality है, अध्यात्मिक्ता है
00:46वो
00:47अध्यात्मिक्ता से जब religion
00:49दूर जाता है, तो फिर
00:51वो नाश का कारण बन जाता है
00:53विकृत बन जाता है
00:55dominating बन जाता है
00:56aggressive बन जाता है
00:57जब अध्यात्म पर अधिश्थित है
01:01religion
01:01तो वो चित्तो शिद्यगत भगवान के और ले जाता है
01:05तो मुझे लगता है
01:07कि आज जो सुरुप दिखरा है
01:08इसायत और इसलाम का
01:11वो पेगंबर साब का
01:13इसलाम या इसा मसे की
01:15इसायत नहीं है
01:16उसमें जो राजनीची जुड़ गई
01:19तुरंत बाद में
01:21रोम के समराट
01:23पहले पोप बने
01:24और इदर खलिफा की गद्दी को लेकर
01:27जगड़े शुरू हुए
01:28उसके बाद जो आया है
01:31वो पॉलिटिक्स है ज़ादा
01:33वो प्रभाव वर्चस्ववाद है
01:36तो इस जंजाल से निकल कर
01:38सच्चे इसलाम को
01:39सच्ची इसायत को समझो
01:41तो रामकृष्ण परमाहुस कहते है
01:43जो तो मत तो तो पत
01:44पहले आप ये समझो
01:46दोस्ती करो
01:48उसके बाद उनको बताओ
01:51कि भई धर्म सबका एक है
01:53मानव धर्म है
01:54वो सनातन है
01:55और आजकल उसी को हिंदु धर्म कहते है
01:58तो बदलना कुछ नहीं है
02:00सच्चे धर्म पर आना है
02:02इसलाम छोड़ने की इसायत छोड़ने की जुरुरत नहीं
02:06सच्चे इसायत इसलाम पर आओ
02:09वो तुम करोगे तो ये सब जंजट चली जाएगी तुम्हारे मंद से
02:14लेकिन ये दोस्ताने के बाद भी बता सकते
02:18तो पहले आप दोस्ती करो
02:22दोस्ती के लायक उनको बनने दो
02:24हम बने बाद में ये बात हो सकती है
02:27और पहले पहले बात मानना दुनिया में रिवाज है, लोग शक्ति को मानते है, सुनते उनी का है, जिनके पिछे कोई ताकत है, है न, मैं अभी अमेरिका में जाने वाल हो अगले साल, इस सताब्धी कारिकम गेत, तो आँ मैं भी भाषन की शुरुआत करूंगा, मैं अमेरिकन
02:57कहने वाले विवेकानन्द है, तबलक प्रिनाम होता है, तो हिंदू को सबके अपने पन की और शांती की बात कहनी है, लेकिन दुनिया पहले हाथ में डंडा है कि न, ये देखती है,
03:12तो हिंदू के बारे में इतना हो जाए कि इनका बाल बाका कोई नहीं कर सकता, फिर भी ये दोस्ती की बात कर रहे है, तो इसमें कुछ दम है, फिर दुनिया सुनेगी.
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