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  • 18 hours ago
अमेरिका के साथ ट्रेड डील से भारतीय निर्यातकों को कितना फायदा, एक्सपर्ट ने बताया

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00:00रागो जाडली जी सबसे बड़ी बात तो ये है कि ये कहा जा रहा है कि इससे भारतिये एक्सपोर्ट को सबसे बड़ा फाइदा होगा क्योंकि अमेरिका आखिरकार एक बहुत बड़ा मार्केट है
00:10अमेरिका के साथ भारत का trade surplus था
00:12सबसे ज़्यादा export भारत से होता है तो अमेरिका में होता है
00:16उस पर अगर ध्यान दे तो कितना बड़ा फाइदा ये भारती एक्सपोर्ट को इस deal के वज़े से होने वाला है
00:22नोशकर सभी को
00:26साहिल जी निश्चिती सबसे पहले तो मैं मानुए पर्धान मंत्री जी का हमारे मंत्री
00:35वाडिज्य मंत्री प्यूश गुवल जी और पुरी भारत सरकार का धन्यवाद करना चाहूंगा
00:42on the behalf of All India Food Processor Association कि ये जो पहले
00:47mother of all trade deal हुई और अवे father of all trade deal जो कहीं जा रही है
00:53इससे निश्चित ही हमारे MSME सेक्टर और फूट प्रॉसेस फूट इंडिस्टी को
00:59definitely बहुत ही फाइदा होने वाला है जिसके चलते देखे यूएस का
01:05मार्किट करीब करीब दो बिलियन डॉलर का है प्रॉसेस फूट सेग्मेंट में और
01:09सेग्मेंट में और जिसको लेकर करके कहीं ना कहीं कंसर्ण थे कि क्या होगा जो इंडिस्टी अपने प्रेंशन प्लान कर रहे थी या आगे जो प्रॉग्रस कर रहे थी उसमें कहीं ना कहीं
01:21सबसे बड़ा फाइदा यह हुआ है कि अभी हाली में भारत में यूरोपियन के साथ में भी ट्रेड एग्रिमेंट किया है
01:37अमेरिका के साथ में टैरिफ कम होने का यह डील हो गया है और अभी जैसे कि आप कुछ दिर पहले बताया सकते हैं कि
01:47मलेशिया के साथ में भी हमारे ट्रेड एग्रिमेंट हुआ तो जो हो रहे हैं वो हमारी इंडस्री के लिए हमारे किसानों के लिए बहुत ही फाइदे मंद होने वाले हैं
01:56निश्चित ही हमारे लिए इंडस्टी के लिए बहुत ही खुशी की लहर है और मैं सभी को इस बाप की बढ़ाई देता हूँ इंडस्टी के भी हाफ पर
02:04दो चीजे मोहिट सिंगला जी इस पर आपका उपनिंग कमेंट मुझे चाहिए क्योंकि सबसे बड़ी बात इसमें फार्मेसोटिकल्स हो एरक्राफ्ट हो एरोस्पेस कंपोनेंट्स हो जेम्स ज्वैलरी एरक्राफ्ट पार्ट्स यह सारे को यूएस बार्केट का एकसेस इसस
02:34आटो मॉबाइल सेक्टर की बात करें तो क्या इस डील के वज़े से भारत एक ग्लोबल आटो मॉबाइल मैनुफेक्चरर के तौर पर उभर सकता है क्योंकि हमारे पास एक ऐसा डील है कि जिसके वज़े से भारतीय प्रोड़क्ट्स अमेरिकी बजार बेजा सकते हैं क्या �
03:04इंक्रीज होगी उसका डिफिनिटली हमें मार्केट में फाइदा मिलेगा और जो एक्राफ्ट प्रोड़क्स एक्राफ्स के उपर जीरो परसंट द्यूटी दी गई है यह एक स्ट्राटेजिक इनिशेटिव है जो कि हम देख रहे हैं कि आने वाले कुछ समय में
03:17अमेरिकन कंपनिया इंडिया के अंदर मैनिफैक्ट्रिंग करेंगी मैनिफैक्ट्रिंग बेसिस को बढ़ाएंगी और उसकी एंसलिरी इंडस्ट्री को यहाँ पर डेवलप करेगी यह देखने वाली बात है कि एरक्राफ्ट इंडस्ट्री एक बहुत ही कॉंप्लेक्स इं�
03:47आने वाले समय के अंदर जो ये एक इसका जो असली मतलब होगा वो आने वाले कुछ सालों के अंदर दिखेगा जब हमारा एक पूरा एको सिस्टम क्रियेट होगा
03:56for development of ancillary equipments जो हमारे उनके harnesses हैं, उनके fuselages हैं, उनके electronic circuits हैं, उनकी chips हैं
04:04और उनका overall motors and electrical and electronic components हैं, जब हम उनको develop करेंगे तो उनकी requirement वापस अमेरिका के अंदर
04:12zero duty जब वो जाएंगी तो एक बहुती बड़ी competitive force create होगी और चाइना के against हमें एक अमेरिका को भी एक बड़ा एक रहत मिलेगी
04:22कि कोई दूसरा competitor खड़ा हो पाएगा जो की competitive price के अंदर उनको समान दे पाएगा
04:27सबसे बड़ी बात तो इसी बात की की जारी है ना कि क्या हम एक global automobile hub इस से बन पाएंगे
04:35क्योंकि जिसका जिकर आप यहां पर कर रहे थे कि कई सारे sector जो है खास करके auto products है या aircraft के जो अलग अलग parts है उसको जो भारत में manufacturing का push मिलेगा
04:48उसका भी कही ने कई फाइदा होगा तो manufacturing sector के लिए भी इसका फाइदा हो पाएगा आपको लगता है कि इससे manufacturing sector के लिए भी इसका फाइदा होगा
04:55भारत में प्रधान मंतरी हाली में जो budget का speech हुआ उसमें भी manufacturing पर जोर की बात की जा रही थी
05:01और जारा तरिया auto parts हो है या बाकी सारी चीज़े वो MSME में आती है कई सारे ऐसे लोग है जो अलग-अलग industrial units में ये parts बनाते हैं
05:11तो MSME sector के लिए भी इसका एक push खास करके देखा जा रहा है
05:14Exactly जो अगर हम बात करते हैं ancillary units की वो सारे के सारे units MSME का ही part बनते हैं
05:22और large industries जो OEM industries है वो इन parts को consume करती है अगर हम देखे हैं कि आज की date में already इंडिया के अंदर
05:30automobile manufacturing अपने आप में बहुत बड़ा ecosystem बन चुका है
05:34world की almost सारी कंपनिया है अपने products की manufacturing, गाडियों की manufacturing करती है
05:40assembly lines लगाई है और जो components जो आज भी हम थोड़ा बहुत इंपोर्ट करते थे वो अब technology
05:47transfer जो कि एक बहुत बड़ा एक हमारा issue था जो technology transfer नहीं हो पा रहा था
05:52इस trade deal के तहट वो technology transfer भी हमारा ease out होगा
05:56micro small and medium enterprises के पास में एक opportunity create होगी कि वो बड़े OEMs के आसपास
06:03अपने चोटे units लगाके उस technology transfer को assume करके और products बनाएंगी और उनको export भी कर पाएंगी
06:10China के अलावा मुझे लगता है कि Hindustan अपने आप में बहुत बड़ी power बनके सामने आएगा
06:16और auto industry और auto ancillary industry को इसका बहुत बड़ा फाइदा होगा
06:20यह बहुत बड़ी बात है क्योंकि technology transfer के आधार पर ही जो future ready हम कह सकते है वो products हम बना सकते हैं जी आपकी बात कटब करें
06:30को जो अभी एक special राहत मिली है इस trade deal के सहत है जैसे हम देख पा रहे थे कि यॉरप के अंदर carbon border adjustment mechanism के अंडर
06:44copper और aluminium के ओपर extra duty लगाई गई है भले ही deal हमारी हुई है EU के साथ में but US के अंदर aluminium और copper को special dispensation दिया गया है
06:55और ये एक बहुत ही मैं समझता हूँ प्रधान मंतरी जी का बहुत ही बहुत आगे तक की सोच है ये जो कि भारत के उद्योग जगत के लिए बहुत बड़ा कारगर साबित होगी
07:05कि आने वाले समय के अंदर आने वाले वर्शों के अंदर हमारा उद्योग और हमारा जो overall raw material industry है उसको बहुत बड़ा push मिलने वाला है
07:13ये बहुत बड़ी बात है जैसा जिसका मैंने जिक्र किया यहाँ पर और future ready के लिए भी हमें उसका फाइदा होगा क्योंकि अब तक technology transfer ये सबसे बड़ी रुकावट होती थी
07:23आगे technology नहीं होने के वज़े से हमारे products क्या बाजार में competitive हो पाएंगे नहीं हो पाएंगे उसका असर परता था
07:31प्रीतम शाह हमारे साथ में हैं उनके पास जाने से पहले क्योंकि सबसे बड़ा सवाल इस बात को लेकर उठाये जा रहा था कि क्रिशी इतपात का क्या होगा dairy products का क्या होगा जरा एक बार ग्राफिक्स पर नज़र डाल देते हैं क्योंकि उसको लेकर भी कई बाते चल रही
08:01देते हैं कि भारत और अमेरिका व्यापार समझोते में अनाज के जो प्रोडक्स है वो सबसे पहले में आपके सामने रखना चाहूंगा कि उसमें dairy products की पहले बात कर लेंगे देखिए सबसे पहले किन प्रोडक्स को भारत में नो इंट्री है वो जब आप स्क्रीन पर देख
08:31इंकम पाने के लिए तो वो है दूद, क्रीम, योगर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, खी, चीज, जिसमें मोटरोला, ब्ल्यू ब्लेंड, ग्रेटेड, पाउडर्स, आधी सभी उसमें शामिल है उसमें बटर ओल है, पनीर है और अन्य उत्पाद भी उसमें शामिल है और उसके स
09:01यानि भारतिया किसानों को उससे दिक्कत नहीं होगी, तो ये जरा नजर डालिएगा, डेरी प्रोडक्ट, फ्रोजन सब्जिया, अनाज और मसाले, एक एक करके जाएंगे हम, अब देखते हैं कि अनाज, कौन से अनाज मन्जूर नहीं होंगे भारत के बाजार में, उस पर
09:31अमेरिका में होता है, वो मका का होता है, तो उनके किसान कोशिच कर रहे थे कि मका भारत में आ जाया, लेकिन मका भारत पे नहीं आएगा, चावल नहीं आ पाएगा, रागी, गेहु, उसके साथ-साथ बाजरा, ओट्स, मैदा, आटा, चिलकंए रहित, अनाज, जवार, जो
10:01उसके साथ साथ आगे हम देखें तो मसाले भी है उसमें, क्योंकि कई सारे मसाले हैं कि जिनको पूरी तरीके से रक्षा मिल चुकी है, जिसमें काली मिर्च है, लॉंग है, सूखी हरी मिर्च है, दालचीनी है, धनिया है, जीरा है, हिंग है, अदरक है, अजवाइन है, हल्दी
10:31हुआ करती थी कि अगर हमारी उपज के सामने अमेरिकी उपज आएगी तो उसका दुक्सान हमें भुगत्ता पड़ेगा जो इससे पूरी तरीके से समरक्षित रखा गया है
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