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  • 2 days ago

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बेहतर ऑडियो परिणाम के लिए कृपया ईयरफोन/हेडफोन का उपयोग करें। धन्यवाद। मैं अपनी आवाज़ में मशहूर हस्तियों के गाने गाता हूँ, मैं उनकी आवाज़ की नकल नहीं कर सकता मुझे ऑर्केस्ट्रा में गायन करने की इच्छा है। अंधेरी से बोरिवली क्षेत्र में किसी भी मराठी या हिंदी (केवल फ़िल्मी गीत) ऑर्केस्ट्रा में यदि मुझे उनके समूह में शामिल किया जाए, तो मैं उनका बहुत आभारी रहूँगा। वर्तमान में मेरी आयु 76 वर्ष है।
Transcript
00:00बीवारों से मिलकर रोना अच्छा लगता है
00:21हम भी पागल हो जाएंगे ऐसा लगता है
00:32दिवारों से मिलकर रोना अच्छा लगता है
00:43हम भी पागल हो जाएंगे ऐसा लगता है
00:54दिवारों से
00:59लोगता है
01:29दुनिया पर की यादें हमसे मिलने आती है
01:47दुनिया पर की यादें हमसे मिलने आती है
01:59शाम ढले इस सुने घर में मेला लगता है
02:10हम भी पागल हो जाएंगे ऐसा लगता है
02:32दीवारों से
02:40कितने दिनों के प्यासे होंगे यारों सोचाँ तो
03:04कितने दिनों के प्यासे होंगे यारों सोचो तो
03:16शबनम का अत्रा भी जिनको दरिया लगता है
03:26हम भी पागल हो जाएंगे ऐसा लगता है
03:36हम भी पागल हो जाएंगे ऐसा लगता है दीवारों से
03:50दीवारों से
03:54किसको पैसे लगता है
04:24किसको कैसर पत्थर मारू कौन पर आया है
04:31किसको कैसर पत्थर मारू कौन पर आया है
04:42शीश महल में एक एक चहरा अपना लगता है
04:53हम भी पागल हो जाएंगे ऐसा लगता है
05:04हम भी पागल हो जाएंगे ऐसा लगता है
05:16दीवारों से
05:20दीवारों से मिलकर रोना अच्छा लगता है
05:27हम भी पागल हो जाएंगे ऐसा लगता है
05:38दीवारों से
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