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भानगढ़ के किले में भूतों का बसेरा! देखें आजतक की पड़ताल

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00:00नमस्कार मैं हूँ श्वेता सिंग दर की दुनिया को जानकारी से रोशन करने का प्रयास अधुत और विश्वस्निय और कल्पनिय में जारी आज बारी गौरव तिवारी के आखरी इंवेस्टिगेशन की पर उस वक्त किसे पता था की गौरव की आखरी इंवेस्टिगेशन �
00:30होता था तो वो भी सीधे सीधे बता देते थे हम शूट करने में जितना समय लगाते थे उससे ज्यादा वक्त उन विज्वल्स को उन तस्मीरों को उन पर चर्चा करने में बिताते थे
00:41कुल्धरा में हमने एक इंवेस्टिगेशन की अब हम दूसरी टॉप हॉंटेट जगे जिसे माना जाता था भानगर वहां पहुचे ये मई 2016 की बात है
01:11हम आए अर्णाथ को तो कुई जाता है नहीं डर तो लगता है पर उन दोज़ते हैं है
01:21कि अधर नाथ को तो कोई जाता है नहीं डर तो लगता है पर किया करें दीखता नहीं आवाज याती है
01:44क्या भानगड के इस किले में वाकई भूतों का अड़ा है
02:05क्या सचमुच यहां एक रात गुजारने वाला अगली सुभे नहीं देखता
02:09क्यों रानी के महल से आती है घुंगरूओं की आवाज
02:17क्यों जिन्न के मंदिर में हर पल किसी रहस्य की आहट है
02:24क्या सूरज ढलते ही जिन्दा हो जाता है तीन सौ साल पहले मर चुका यह शे
02:43कि अंदर से सार डराबना सा फटा है अगर के इस किले से एक दो नहीं ऐसे अंगिनत रहस्य जुड़े हैं
03:09और यही अविश्वस्निय राज हमें खीच लाए थे उस जमीन पर जहां अंधेरा होते ही पांव रखने पर भी पाबंदी
03:19कहा जाता है जो पूरा सच होता है वो रोश्नी में नजर आता है लेकिन कई सच ऐसे होते हैं जिन्हें जानने के लिए हमें घुप अंधकार में जाना होता है
03:36राजस्थान, राजस्थान का अलवर जिला, अलवर जिला में भानगड और भानगड का वो किला
03:44क्या सचमुच वहां भूत रहते हैं और अगर नहीं रहते तो इतने सालों से इस तरह की कहानिया सब के सामने क्यूं आती है
03:51हमने फैसला किया है कि जिन जिन चीजों के लिए यहां मना किया जाता है
03:56हम उन चीजों को करके कोशिश करें
03:58ये जानने की कोशिश करें कि क्या वाकई भानगड के इस किले में भूत है
04:04क्या यहां पर आत्माई भटकती है
04:06ये अनुभव डरावना भी हो सकता है
04:10और हो सकता है एक ऐसा सच लेकर आए जिसके लिए हमें सवेरे का इंतजार न करना हो
04:15हमारी पड़ताल रात के अंधेरे में शुरू हुई
04:22लेकिन इस कहानी की शुरुआत दिन के उजाले में होती है
04:25आज से करीब 500 साल पहले जब 1573 में आमेर के राजा ने भानगड का ये किला बनवाया था
04:34और इस शहर को बसाया था
04:36भानगड का जो ये हैबिटेशन है ये अक्चुल में 16 सिंचरी से स्टार्ट होता है
04:43और तीन तरफ ये पहाड़ी से घिरा हुआ है
04:45तो नीचे जैसे ही डॉन में आते हैं
04:48इस उसार से उन्होंने किया है कि एक तरफ ही उन्हें फाटिफिशन वाल लगानी पड़ी
04:52तो ये उसके बाद जो दूसरे जो हुए है
04:58कहते हैं तीन सौ साल पहले एक श्राब की वजह से भानगण पूरी तरह नश्ट हो गया था
05:16ये कहानी कितनी सच्ची है पता नहीं पर है बेहत दिल्चस्प
05:21कहते हैं यहां की राजकुमारी रतनावती बहुत खूबसूरत थी
05:28एक तांत्रिक का दिल उन पर आ गया और उन्हें पाने की लालसा में उसने जादूई तेल की एक बोतल उनके पास भिजवाई इस तेल को जो भी लगाता तांत्रिक के मोह में पीछे-पीछे चला आता
05:40गलती से राजकुमारी से बोतल तूट गई और सारा तेल एक चटान पर जागिरा और राजकुमारी की जगह वो चटान उसके पीछे पड़ गए
05:50तांत्रिक कुचल कर मारा गया पर मरने से पहले भानगड को परबादी का श्राप दे गया
05:56अब वक्स आ गया है उसे इस बदनाने से बचाना होगा नहीं तो मैं एक ही प्रशन इंखाता हूँ
06:06अगर सींग्या पापी था तो उसके शब्द में इत्वी शक्ति कैसे आई कि पूरा शहर ये उज़र गया एक पाप एक अत्याचार के पीछे एक अत्याचार के पीछे इस बानगड कर उधा रहा
06:20भानगड के डेमिस होने का कारण ही एक अत्याचा है, सिर्फ एक अत्याचा
06:27भानगड की परबादी की एक दूसरी कहानी भी है
06:34इसके मुताबिक भानगड और अजब गड़ की लड़ाई में भानगड तबाह हुआ था
06:39चुकि इसका कोई अतिहासिक प्रमाण नहीं है
06:42केवल इन धांचों को देखकर उस दौर की हकीकत को समझने की कोशिश की जा सकती है
06:47भानगड का किला मशूर है, लेकिन भानगड एक शहर की तरह भी था
06:54जहाँ पर हम मौजूद हैं, यहाँ पर कभी बाजार लगा करते थे, कभी बहुत रौनक हुआ करती थी
06:59यहाँ पर कई तरह की मान्यताएं हैं, उनमें से एक मान्यता ये है कि यह बाजार कई दिनों एक साल में गुल्जार हो जाता है
07:11अपने आप यहाँ पर ऐसा लगता है जैसे की जिन्दगी आ गई है और इसी वज़े से यहाँ पर और भी कई कहानियां किस्से जुड़ते चले जाते हैं बानगर्प से
07:21हम यहाँ पर इसलिए मौजूद हैं क्योंकि हम उन किस्सों का सच तलाशना चाहते हैं
07:26यह बाजार क्या वाकई गुलजार होते हैं क्या वाकई यहाँ पर एक जिन्दगी से आ जाती है इन सवालों का जवाब ढूनना बहुत जरूरी है
07:34इसलिए भी क्योंकि सरकारी निर्देश के मुताबिक सूर्यास्त के साथ इस किले को जन्ता के लिए बंद कर दिया जाता है
07:43भानगर्प के बारे में इतनी कहानिया हैं कि इसे भूतों का गड़ कहा जाने लगा है
07:54लोग अंधेरे तो क्या यहां उजाले में आने से भी डरते हैं
07:59एक खौफनाख खंड़हर में सदियों का इतिहास छट पटा रहा है
08:04और डर की चार दिवारी में एक अनमोल विरासत का दम घुट रहा है
08:08इसी लिए अध्भुत अविश्वस्निय अकल्पनिय की टीम भानगण प्रमची
08:14ताकि हम दुनिया की सबसे हॉंटेट जगह माने जाने वाले भानगण का सच जानपा
08:20हमारे साथ इंडियन पैरनॉर्मल सोसाइटी के सदस्य थे
08:28जो वैज्ञाने कॉजारों से उन चीजों की टोह लेते हैं जो इंसानी आँखों से दिखाई नहीं देती
08:34किले के अलग-अलग हिस्सों से कुछ अजीब और गरीब देखे जाने की कई रिपोर्ट्स थी
08:41कुछ लोगों ने रात के सन्नाटे में चीख सुनने का दावा किया था तो किसी को घुणगरूओं की आवाज आती थी
08:50भГजळ बताते हैं वैसे आने वारे कहते है किया ऐसे हुता है डांस होते हैं नाच गाना होते हैं
08:59हमने तै कि किले के इन हिस्सों में जाए और पता लगाए कि ये वहम है
09:29या इन दावों में सच्चाई है ऐसी छे जगे हमने तै की आगे बढ़ने से पहले उन जगहों से जुड़ी मान्यताएं भी आपको बताते हैं
09:38कहा जाता है कि भानगड किले के गलियारों में इनसानी आवाजें सुनाई देती हैं
09:44जिनके मंदिर में किसी अद्रिश्य शक्ति का वास है नर्तकियों की हवेली से घुंगरूओं की आहट आती हैं
09:51तो राजा के तहखाने में प्रवेश करने वाला परलोग सिधार जाता है
09:56दरबार में राजा आज भी फैसला सुनाता है
09:59और गाम के कुएं पर लोग पानी भरने आते हैं
10:03ये किस्से अविश्वस्निय हैं
10:06लेकिन इतनी बड़ी तादाद में लोग अपने अनुभव बताते हैं
10:10कि सच्चाई की कसोटी पर इन किस्सों को परखने हम आगे बढ़ी
10:14पैरनॉर्मल इंवेस्टिगेटर्स सिधार्थ और अमित के साथ मैं जिन्न मंदिर की ओर बढ़ी
10:22और राजा के तेहखाने की ओर गए गौरव और रंजीता
10:28यहां के खुश्बू क्यों बदल रही है
10:33जैसे मैंने आपको बताए यह जिन्नों का अभी भी यह जिन्नों की गुफा मानते हैं
10:37तो यहां अभी भी आज भी अगर बत्ती हो या धूप हो ऐसे कुछ यह जिन्नों को प्रसंद करने के लिए अज भी इस्तमाल किया जाए
10:43और आप लोग क्या टेस्ट करने वाले हैं कैसे करने वाले हैं
10:47किले के भीतर महल का जो मुख्य भाग है वहाँ तीसरी मंजिल पर जिन्न का एक मंदिर है
11:10तिन में जो मुठी भर लोग किले पर आते हैं वो यहां हाथ जरूर जोड़ते हैं
11:15भीतर कोई मूर्ती नहीं है हाँ दीवार पर चंद आकृतियां जरूर है
11:20इसके अलावा कमरे में पूजा पाठ का कुछ सामान भी पड़ा था और अगर बत्ती की खुश्बू आ रही थी
11:28जो शायद दिन में किसी ने पूजा के वक्त जलाई होगी
11:32मैंने कमरे के भीतर जाकर देखा
11:34बिलकुल खाली पड़े इस कमरे की बाई और एक अंधेरा सा रास्ता था
11:39गौर से देखने पर पता चला कि ये एक गुफा थी
11:42इतने अंधकार में आगे बढ़ना मुम्किन नहीं था
11:45सो कैमरे की लाइट में हमने रास्ता देखने की कोशिश थी
11:48लेकिन तबी अचानक कोई चीज मेरी ओर जपटी
11:52कुछ पल को तो मानो धड़कन ही रुप गई
11:58इस सुनसान के लिए में रात के वक्त आखिर वो क्या हो सकता था
12:03वो आंखों के आगे से इतनी तेजी से निकला कि कुछ समझ ही नहीं आया
12:08फिर जब हमने ध्यान से देखा तो पाया कि वो एक चमगादण है
12:16आगे गुफा की दीवार पर ऐसे धेरो निशाचर चिपके बैठे थे
12:25और कैमरे की लाइट से इनमें हड़कम मच गया था
12:28हम जैसे ही एक कदम आगे बढ़ाते वहां खलबली मच जाते
12:34मानो वो नहीं चाहते थे कि हम गुफा के भीतर जा
12:38हारकर हमने उसी कमरे के भीतर अपनी तप्तीश शुरू की
12:45सिदार्थ और अमित बेसिक मशीनों के साथ केवल ये देखने की कोशिश कर रहे थे
12:50कि क्या वहां किसी अद्रिश्य शक्ति की मौजूर्गी है
12:53क्योंकि जिन गुफा की मान्यता यही है कि वहां साक्षात जिन रहता है
12:57मेरा नाम सिदार्थ है और मैं काफी दूर से आपसे बात करने आयो
13:03तो मैं चाहता हूँ कि यहां जो भी कोई है जिस गुफा में
13:07चाहिए वो जिन हो या जो भी कोई हो
13:09कई जतन के बावजूद के टू मीटर की बत्तियां जल ही नहीं रही थी
13:39इसके दो मतलब हो सकते थे या तो वहां किसी तरह की कोई तरंग मौजूद ही नहीं थी
13:46या फिर उस शक्ति को परखने में ये मशीने नाकाम थी
13:51अमित में ओपरिचित तरंगों को पढ़ने के लिए ये मेफ मशीन भी लगाई
13:55लेकिन कांटा अपनी जगह से तस से मस नहीं हुआ
13:59उधर गौरव और रंजीता राजा के तहखाने की ओर बढ़ रहे थे
14:03मान्यता है कि किले के रक्षक खजाने की ओर बढ़ने वाले हर कदम को थाम लेते
14:10क्या होता है कि एक तो कहानिया उपर से अंधेरा उस पर भी अंजान जगह हर साया भूत बन जाता है
14:28हर आवाज एक रहस्य इसी भूत को तो पकड़ना था पर ग्यान के हैंकार के साथ नहीं क्योंकि अगर किसी को भी आशंका थी तो परताल जरूरी
14:39एक भव्य किला आज खंड़हर के रूप में भी राज पुताना शान की कहानी बया करता है
14:56पर किले की ये बोलती हुई दिवारें क्या वाकई अभिशप्त हैं
15:00भानगड के किले का उपरी हिस्सा ढ़ा चुका है लेकिन नीचे की मनजिले साबुत है
15:06सबसे उपरी मनजिल पर है वो कमरा जिसे मुम्किन है कभी तहखाने के तौर पर इस्तिमाल किया जाता था
15:13भानगड के रहस्य की तफ्तीश करते हुए हमारी दूसरी टीम उसी ओर आगे बढ़ रही थी
15:19इंडियन पैरनॉर्मल सोसाइटी के गौरव दिवारी और रंजीता एक गलियारे से होते हुए एक खूफिया कमरे में पहुँचे जहां घुप अंधेरा था
15:33लेकिन कैमरे की लाइट में हमको जमीन के नीचे एक रास्ता नजर आये यहां भी चमगादर लटके हुए थी बेहत सावधानी से आगे बढ़ते हुए एक जगे को देखकर गौरव को कुछ एहसास हुआ उन्होंने इलेक्ट्रो मैगनेटिक फील्ड रीडर यानी EMF रीड
16:03के जरिये अपनी मौजूद्गी दर्ज कराती है तो गौरव के मुताबिक EMF रीडर में आत्माओं की मौजूद्गी पहचानी जा सकती है
16:11शुरुवात में इस रीडर का कांटा बिल्कुल स्थिर रहा ठीक उसी तरह जैसा जिन्न के मंदिर में हुआ था लेकिन अचानक मीटर का कांटा एक बार तेजी से खुमा
16:25क्या पहँरे असपास है यहां कुछ था क्यों कि मैनमेड अटिफिशर नहीं था उस नेचरल इनर्जी ति जो आई और कहीं कि इसके रीजन काफे सारे हो सकते है
16:51और आत्मा को होना भी इसके पीछे प्रीजन हो सकता है
16:54और फिर अचानक ऐसे शांत हो गया
16:57जैसे कोई हरकत ही नहीं हुई हो
16:59ये क्या था?
17:03क्या वहाँ ऐसी तरंगे थी जिनें हम तलाश रहे थे?
17:06क्या ये हमारी आँखों का कोई धोखा था?
17:09पर कैमरे को वहम कैसे हुआ भला?
17:12फिर क्या थे ये?
17:14इसके बाद लाख कोशिशें की गई
17:16कि सुई कोई हरकत करे
17:18लेकिन वो तो ऐसे शांत पड़ी रही
17:20मानो कुछ हुआ ही नहों
17:22एक बढ़ और पुश्के देखते हैं
17:25अगर यहाँ पे हमारे साथ
17:27हमारे अलावा कोई और भी है
17:29तो आप इस मशीन के पास आके
17:32कुछ ऐसा करके बताईए जिसे हम यकीन हो जाए
17:35कि आप नहीं चाहते हम यहाँ पे रहें
17:37कि या कि इस काटे को आप
17:40जोर से हिला सकते हैं एक बढ़
17:41ताकि हमें पता चले
17:44कि आप क्या चा रहें
17:45अगर आप चाहते हम यहाँ से चले जाएं
17:50तो हमें यहाँ पे कोई भी आवाज दीजिए
17:53या इस काटे को जोर से हिला के दिख रहें
17:56लगभग आधे घंटे की तफ्तीश के बावजूद
18:01जब हमें कोई हरकत नहीं मिली
18:03तो हम आगे बढ़े
18:04दिमाग में उस हलचल को
18:07इत्तिफाक और सुबूत के पैमाने पर तोलते हुए
18:09मेरे दिमाग में एक और खयाल उठ रहा था
18:15अमूमन लोगों ने यहाँ कुछ अजीब देखने का दावा किया है
18:18तो उस वक्त वो अकेले रहें
18:20पूर्ण परताल के लिए जरूरी था
18:22कि वैसी ही स्थिती तयार की जाए
18:24मैंने फैसला किया
18:26कि रात के खौफनाक अंधेरे का सच
18:28मैं अकेले रहकर ही जानू
18:30बिना पैरनॉर्मल टीम के सदस्यों के
18:39बगैर कैमरा मैन के
18:40बिलकुल अकेले
18:41और मैं रिकॉर्डर हाथ में लेकर
18:43निकल पड़ी नर्तकियों की उस हवेली की ओर
18:45जहां से लोगों को घुंघुरूओं की आवाजें सुनाई देती हूँ
18:49अकेले अंधेरे में रहने का फैसला तो मैंने कर लिया
18:59पर मन को कड़ा करना था
19:01और सेंसेज को दुरुस्त रखना था
19:03क्या पता मेरा वहम हावी हो जाए
19:05भानगड का इतिहास लंबा है
19:07पर क्या उसमें भय की भी जगे थी
19:10तीन सौ साल पहले क्या हुआ था यहाँ
19:31इन खामोश खंड़ारों ने जरूर देखा होगा
19:48हजारों लोग लाश क्यों बन गए
19:49इन वीरान पहाडियों को जरूर पता होगा
19:58कितनी चीखे दफ्न है इन सन्नाटों में
20:06इन रहस्यमई जंगलों ने जरूर सुनी होंगी
20:09लेकिन अब यहां मौत जैसी चुपी है
20:12लेकिन जिन्दा है कहानिया
20:14चांदनी रात होने के नाते और हमारे क्यामरे लाइट सोने के नाते
20:20उतना वी घो पंधिरा यहां पर नहीं रह गया है
20:22लेकिन मैं कई इलाकों में अकेले गूम के
20:24यह महसूस करने की कोशिश कर रही हूँ
20:26कि क्या अकेले होने की स्थिती में कुछ होता है यहां पर या नहीं होता है
20:30हमने कुछ हिस्सों में जाकर यहां पर कोशिश की है
20:33ये जानने की जो scientific तरीके हैं उनसे कि वाकई कुछ है या नहीं और दूसरी तरफ जो गौरव की टीम है वो भी पहुची हुई है वो भी अलग-अलग एलाकों का जायजा ले रहे हैं और एक एक कर हम हर जगे से कुछ न कुछ ऐसा एकठा करने कोशिश कर रहे हैं कि हम सच जा
21:03के लोग ये वहम पालने कि वहां आज भी राजनर्द की नाचती होगी पर मैंने सोचा बिल्तुल सननाटे में अकेले बैठकर मैं ऐसी किसी भी आवाज को सुनू और रिकॉर्ड करूं जो सामान्य नहीं मैंने कैमरामैन से कहा कि वो कैमरा सेट कर दे और वहां से चला जाए
21:33आवाज शायद जिसका पहचान में नाए ऐसी आवाज नहीं है अवे तक
21:39तक एक घंटे यहां पर बैठकर देखते हैं क्या होता है
21:45जब तक मैं इस कमरे में आवाजें रिकॉर्ड कर रही थी गौरव किसी पुखता सबूत की तलाश में राजा के दर्वार की ओर बढ़े
21:57हमें आगाह किया गया था कि सरिस्का के जंगलों के करीब होने के नाते यहां कई दफा तेंदुए घूमते मिल जाते हैं
22:04इसी लिए सावधानी से आगे बढ़े बाकी बातें अफवाह हो सकती थी लेकिन इस चेतावनी को हम बेहद संजीद्गी से ले रहे थे मुख्य हॉल में पहुचकर गौरव में अपनी तफ्ती शुरू थी
22:17गौरव ने इन्वेस्टिगेशन के लिए सीधा सवाल किया कि अगर कोई है तो
22:47आवाज से उपस्थेती दर्ज कराए ऐसा कहते ही एक हल्की सी आवाज हुई
23:12कि नास द्रास के जैसे आप दूसरे लोगों को डराते हैं
23:15कि आप दिवाल पर ऐसी वाज कर सकते हैं
23:25एक बार फिर से जोर से आवाज कीजिए
23:36गौरब ने सवाल दोहराया और फिर पूछा
23:44लेकिन आहट दोवारा नहीं हुई
23:46कई नाकाम कोशिशों के बाद वो मजबूरन एक बार फिर आगे बढ़े
23:51किले के बीचों बीच एक हिस्सा ऐसा था
23:57जहां ऐसी आवाज आ रही थी
23:59मानो कहीं उचाई से पानी गिर रहा हो
24:01हमने काफी देर इधर उधर देगने की कोशिश की
24:05कि इसका स्रोथ क्या है
24:06क्योंकि सूखे हुए पहाडों के बीच पानी की आवाज आना सामान्य नहीं था
24:10पर रात के अंधेरे में कुछ भी तिक नहीं रहा था
24:13सो गौरव ने एक बार फिर अपने ओजारों की मदद लेनी शुरू थी
24:17अधी नहीं में एक राउच में
24:22जी
24:23इसे बुद्राया हो
24:25तो चलिए जाने देखते
24:27मेरा नाम गौरव तिवाही है
24:41करीकर में कहा अभी मैंने आवास सुनीयाओ है
24:45कि याप हमें कुछ कदाने की कोशिश करें
24:49किया आप हमें कोई झेतावनी की कोशिश करें
24:57आप देख सकते हैं यहाँपे खमशिंग परी
25:03किया इस मITY के पासपास आपा से ली
25:06अभी जगे कार्टे की लाली कुशीश रसकते हमें
25:12आप जपने इसके पास एंगे
25:15पार्टे में एक्तिटी होगे
25:16जंदंवील
25:17क्या इक बाड और करके बता सकते हिए
25:22ये मदे इसके पास आई हिए हो
25:25और कार्टे को अँदह दाइए
25:27क्या आप इस कम्रे में कोई आवास कर सकते हैं?
25:30कोई भी आवास?
25:36अगर आप चाहते हैं यह सु चले जाएं
25:38इस कम्रे में कोई भी आवास करके बताईएं
25:48क्या थाई यह पर?
25:50अगर आप चाहते हैं यहां नहीं रुके
25:56कोई भी आवास, कोई भी निशानी दीजे हैं
25:59और आप बादर करते हैं यहां से चले जाएं
26:04क्या आप इस बिवार पे अपनी आपरती दिखाने की कोशिश कर सकते हैं?
26:22गौरव के सभी सवाल सन्नाटे से टकराकर चूर हो रहे थे
26:27इससे पहले कभी नहीं हुआ था कि वो किसी इन्वेस्टिगेशन के लिए गए हो
26:31और कहीं से कुछ भी नहीं मिल रहा हो
26:33फिर भानगड की गिनती तो दुनिया के सबसे भुतहा जगहों में की जाती है
26:39अब तक केवल तीन बातें थी जो संदिक्त थी तैखाने में तेजी से घुमा एमएफ रीडर का काटा
26:52राजा के दरबार में सवाल के जवाब में वो आहट और किसी जहरने के गिरने सी आवाज
27:03लेकिन इनमें से किसी को भी पश्ट सुबूत नहीं कहा जा सकता
27:10बहुत ही विशाल किला है यह इसकी उचाईयों तक जाने की कोशिश कर रही हूं मैं
27:19और जितना भी विस्तार ले चुका है यह किला वहाँ पर जाहने की कोशिश कर रही हूं
27:23इस बीच नर्तकियों की हवेली में मैं रात की खामोशी को चीरती आवाजें पहचानने की कोशिश कर रही थी
27:53बाहर बंदरों के उचल कूद की आवाजें आ रही थी
27:55मोर के बोलने की आवाज थी
28:01यहां तक की उल्लू की डरावनी आवाजें थी
28:07लेकिन लगातार आ रही एक आवाज परिशान कर रही थी
28:16ऐसा लग रहा था मानो कोई चीज खनक रही हो
28:19जैसे कोई खुंगरू तो क्या लोगों का वहम नहीं असलियत थी
28:24एक पल को राथ के उस अंधेरे में कई खयाल कौन रही
28:28करीब एक घंटा होने को आ रहा था
28:37उस आवाज की उधेरबुन के साथ मैं हवेली के हिस्से से बाहर निकलिया
28:41बाहर आते ही मेरे सवालों का जवाब मिल गया
28:45वहाँ एक बर्गत का पुराना पेड था
28:48जिसकी बेले आपस में टकरा रही थी
28:51और धुन ऐसी सुनाई दे रही थी मानू घूलू बज रहे हैं
28:54अदभुत है सन्नाटे और अकेलेपन में कितना कुछ है
29:10जो हमारा दिमाग तयार कर लेता है
29:12मैं एक बार फिर अमित और सिद्दार्थ के पास पहुंची
29:17जो उस गलियारे में तफ्टीश कर रहे थे
29:20जहांकि एक तस्वीर इंटरनेट पर वाइरल थी
29:23ये दावा किया गया था कि इस कॉरिडोर के आखरी छोर पर एक आकरिती पाई गई थी
29:28भानगर को लेकर जितने कहानिया हैं
29:32जितने किस्से हैं यहां को लेकर
29:34वो उन्हें एक और शामिले ये कॉरिडोर दरसल लोग बोलते हैं कि ये कॉरिडोर हॉंटेड है
29:38रात के वक्त हम यहां पर मौझूद है
29:39बहुत वाइरल हुआ था कि यहां पर एक आपरिशन नजर आया
29:42लेकिन क्या ऐसा हुआ था वाकई वो जानने के लिए
29:44हम यहां पर कुछ कोशिश करने वाले हैं
29:46आज हमारे पास है ये मोशन सेंसर
29:50इन्फारेट मोशन सेंसर इसे कहते है
29:52ये चलता ऐसे है कि इसके जो रेंज है
29:54वो रेंज में अगर कोई आपजेक्ट या कोई भी
29:56एंटिटी इसे क्रॉस करे तो ये जलते है
29:59हम तस्दीक करना चाहते थे कि उस तस्वीर के साथ
30:05छेड़ छाड़ की गई थी या वाकई वहां किसी आत्मा का वास है
30:09सिद्दार्थ ने एक किनारे मोशन सेंसर लैंप लगा दिया
30:13ये एक ऐसा लैंप होता है जो आसपास जरा सी भी हलचल पर
30:17खुद वखुद जल उठता
30:19इसके बाद हम सब पीछे होकर खड़े हो गए और इंतजार करने लगए
30:23करीब दस मिनट हुए होंगे कि अंधेरे में लैंप अचानक जल रहे हमें से कोई भी अपनी जगह से जरा सा भी नहीं हिला था
30:34फिर क्या हुआ जो लैंप जल गया
30:37वहां हमने एक कैमरा भी लगा रखा था उसकी तस्वीरें छांट कर हम लैंप के जलने की वज़र तलाशने लगे
30:46लेकिन उनमें हमें केवल अंधेरा ही नजर आया
30:49दिमाग में एक एक कर सभी बातें घूम रही थी
30:53इमेफ का कांटा केवल एक बार घूम कर क्यों रुख गया
30:57दर्बार में सुनाई दी आहट किसकी आवाज थी
31:00मोशन सेंसर लैंप एक आय क्यों जल उठा
31:03क्या ये सारी चीजें इत्तिफाक थी या इशारा
31:23फिर क्या वज़य है कि 300 साल से ये कहा जाता है
31:36कि भानगड के किले में जो रात भर रह गया
31:39वो या तो मर जाता है या फिर अपना दिमागी संतुलन खो बैठता है
31:43आखिर क्या वज़य है कि किले की देख रेक के लिए जिम्मेदार
31:47आर्कियोलोजिकल सर्वे ओफ इंडिया ने किले के बाहर तख्ती पर लिख रखा है
31:52यहां रात को रहना मना है
31:54सद्यों का इतिहास उस एक रात में सिमट आया था
32:01कभी वैभवशाली रहा किला खंडहर में तबदील होकर हमारे सामने बिखरा पड़ा था
32:07बाजार के अवशेश
32:09राजकुमारी के महल के बिखरे हुए टुकडे
32:17गुफाओं के अंधेरे
32:21जिन्न का मंदिर
32:24सब कुछ किसी हारे हुए योधा की तरह हमारे सामने पड़ा था
32:33हमने हर हलचल को आधुनी कुप करणों में कैद किया था और अब बारी थी रहस्य को बेपरदा करने की
32:39समूचा अनुभव हम हासिल कर चुके हैं सुबूत हम इकठे कर चुके हैं लेकिन क्या निकल कर आया है अब ये जानने की बारी है
32:46सबसे ज्यादा क्या आपको किसी भी जगे पर लगा कि यहां पर कोई प्रेजन्स है अगर किसी एक जगे पर लगा तो हम उस एक जगे से शुरुआत करते हैं
32:56मुझे किसी भी जगे पर लगानी प्रेजन्स है कुछ जगें पर हमें इंडिकेशन मिल रहे थे लेकिन उसके काफी साइंटिफिक और नैच्रल रिजन हो सकते हैं पहले नैच्रल रिजन जो मैंने बताया था इन्वस्टिकेशन के दौरान कि जो भी मिटी और जिस चीज से
33:26जानवर थे जो वो कर सकते हैं फिर इंसेक्ट इंसेक्ट भी अगर वो मोशन सेंसर के रेडियस से पास हो तो भी वो मोशन सेंसर जल सकती है तो वैसे तो कुछ हां खास वजे मुझे लगी नहीं हमें ऐस सच कुछ नहीं मिला श्रहता कि हम उसको एकदम कॉट्रीट एविद
33:56को पूरा भरूसा था कि जो कुछ भानगड के किले में हमें सुनने या देखने को मिला था उसका कारण गैर इंसानी शक्तियां नहीं थी बल्कि आसपास के जंगलों से रात के अंधेरे में वहां भटक आये जंगली जानवर थे
34:10दरसल भानगड को लेकर एक मान्यता और है वो ये कि सदियों पहले जब ये शहर बरबाद हुआ था तब इसी मल्बे में दफ्न हो गया था सारा खजाना
34:24उस खजाने से दुनिया को दूर रखने के लिए भूतों का भ्रम पहलाया गया
34:30अब भानगड को लेकर भूताहा कहानिया सही है या खजाना बचाने के लिए जूट पहलाने का किस्सा
34:38आज दुनिया की सबसे हॉंटेट जगहों में इस किले को शामिल किया जाता है
34:43और A.S.I. की रात में यहां आने पर पावंदी लोगों के मन के डर को कुछ और उखता कर जाती है
34:50गौरव के साथ मिलकर हमने कई रहस्य सुलजाए थे पर गौरव की मौत की गुथी अंसुलजी रह गई
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