Skip to playerSkip to main content
  • 6 months ago
देहरादून जिले के चंदोऊ गांव में देवदार से बना 200 साल पुराना भवन अभी भी सुरक्षित है

Category

🗞
News
Transcript
00:00उत्तराखंड देवभूमी की रूप में प्रिसिद्ध है तो यहां की स्थापत्य और भवन निर्मान कला भी अद्विती है।
00:14पुराने जमाने में यहां के पहाड़ी इलाकों में लकडी के मकान बनाये जाते थे।
00:19जोनसार के चंदोव गाउं में देवदार की लकडियों से बना 200 साल पुराना भवन आज भी शान से खड़ा है।
00:49पुर्वजों से विरासत में मिले इस भवन के मालिक बताते हैं कि इसे बनाने में 2-3 साल लगे थे।
00:56देवदार की लकडी से बना यह भवन वातानुकुलित और भूकम परोधी है।
01:02इसलिए यह 200 साल बाद भी सुरक्षित और अच्छी अवस्था में है।
01:07यह पांच फिली से।
01:09लगबग कितना साल लगड़े है।
01:12लगबग 200 साल के उपर उपर होगा।
01:17लगबग 200 साल के उपर होगा।
01:19इक किस चीज से बनावा है।
01:21देवदार से।
01:23देवदार के लगडी से।
01:25रखली के मुकान तो भूग कैसी भी रुख जाता है।
01:29इसमें तो कोई खुरोस्नी आई।
01:31पतनी कपके बनाई हूए है।
01:33फिर भी खुरोस्नी आई।
01:34कितने भूग कमाई है।
01:35इसके दरवाजी है वोग खोटे की हूए।
01:38छोटे तो इसलिए थे पहले जबनेगे नाई।
01:42चोर चार आते थे यहां नाई।
01:45कोई पर उसमें अपनी रख्षा के लिए नाई।
01:49कोई अगर आता तो बिल्गल एक दम से नी आसकता पंदर।
01:55चाहे एक यार्मियों भी कपर कर लेता है।
01:58इस 200 साल पुराने देउदार की लकड़ी से बने मकान की खास बात ये भी है
02:15कि इसके सभी दर्वाजे काफी छोटे हैं।
02:18एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक पहुचने के लिए सभी में लकड़ी की चौड़ी सीड़िया है।
02:24200 साल है होगे होगी इसको जो है और ये लकड़ी का बना हुआ है।
02:29पहले लकड़ी भी मिलती थी जब भी माफी की लगड़ी मिलती थी।
02:33साल में डेड़ साल में जो है 8-10 लग मिलते ही थे गाउं भी पहले छोटे होते थे अब गाउं भी बढ़ रखे हैं।
02:41Now we have 5-5 years ago, we have not been able to meet the trees,
02:47and we have been making a good farm.
02:49We have also made a good farm farm, so it was 15-20 years ago.
02:55We have been asking for maintenance that the trees are coming up,
02:59and the trees are coming up, and the trees are coming up.
03:02But today we have a good farm farm farm,
03:06I am not going to make the place of the land, but when the land was not going to make the place,
03:12then the land was made.
03:15There are some kind of land that they have to make.
03:18The land was made by the land to make the place of the land with the land.
03:23Because it was made by the land of the land,
03:26the land was made by the land.
03:29Its the roots of the tree, I
03:38used to live this tree in the same place.
03:42The tree is so well known in the tree and the tree is so well known in the tree.
03:52The tree is so cold and the tree.
03:57ुशेशग्यों ने उत्राखन की सांस्कृतिक विरासत की निशानी इस भवन को संदक्षित करने की मांग की है
04:15मकान जो स्वामी है यहाँ पर लक्री जिनका ये मकान है इनके जो दो पीड़ी के तीन पीड़ी के लोग ही बैठे हैं जिसमें जो है गजंदर सिंग जी तोमर जी है और साथ में स्याम सिंग तोमर जी है और इनका जो कहना है कि ये मकान जो है इसको तयार करने में करीब दो से
04:45
05:15चंदो गाउं से टीकम बर्मा की रिपोर्ट
Comments

Recommended