00:00લેકિત દૂર્ભાગ્યોતે ચાર દ્સોકો તોપ એક છ્તો માવાદીક્તે ગ્રોસરાથા
00:07ઇસ કરોણ એહાકે નિવાસ્યોને અણેક કર્સ્ત જેલે
00:12સ્સે જાદા નુસાણ એહાં કે જ્વાઓં આદિવાસીઓ ઔર દ્લીત ભાય દેણો કો હુાં હારસ્તર કરકી
00:21માવદી આતમ કોંદ નેણાય કાર્ય આઈ ઔરણેણ બલ્ણા માસ્તરુવ્ત
00:27The joy and the joy of the love of the life of the human being is now.
00:37There are many people who have been living in the world,
00:42who live in the life of the world.
00:48मुझे ब़ताया गया है कि 343 में बड़ी संचा में पहले माववदी से प्रभावित रहे लोग रेहते थे और ओढ़ आज आत्मों समर्पन कर चुके हैं
01:02The people who are living in the middle of the country will live and live and live and live.
01:12The people who are living in the middle of the country will live.
01:18Raja Sarkar Ki Niyot Lela Chara Yejana Gramino Ke Sosakti Kuroda Me Me Me Me Me To Puno Bhumi Ka Niwaa Raha Hai
01:32Sarkar Ke Pryas Or Is Chetro Ke Loogun Ke Sohoyog Ke Bhal Por
01:37Aaj Bustar Me Dikas Ka Naya Suriyodoy Ho Raha Hai
01:43Gaham Gaham Me Vizli, Sadaq, Pani Kishu Vida Upulopd Ho Raha Hai
01:48Bursos Se Band Vidda Loi Pheer Se Khusul Raha Hai
01:52Or Bacche Padhai Kar Raha Hai
01:55Ehe Bohut Hi Shukot Tashbir Hai
01:59Jho Sabhi Dish Basiyo Me Khushi Ka Sanchar Kar Raha Hai
02:04Dhevi Yortho Junao
02:07Menei Hingsha Ka Rasta
02:10Chhod Kar Munchyodara Menei Lote Sobhi Logun Ki
02:14Bhout Bhout Saranah Karthi Ho
02:16Mera Unseye Unruh Dekhi
02:19Desh Ke Sumbidhan Or Loko Tantro Menei
02:22Bhout Saranah Karthi Ho Raha Hai
02:34foreign
02:46foreign
02:52foreign
02:58foreign
03:02ये बस्तर की संक्सिति के गरो और आत्म सम्मान के उस्ताव का दिन है
03:08बस्तर पंडुम के वले कायजे नहीं है
03:12ये बस्तर के जंजाते समाथ के जीवन
03:14उनकी आस्था, बोली, भासा, नेत, गीत, भेजभूता, खान, पान
03:20और उनके जीवन दर्शन का जीवन का प्रतिजिन है
03:24यह मंच हमारे कलाकारों को अपनी कला पर गरो करने का उसल देता है
03:29यह हाईजन पूरी दुनिया को यह संदेश देता है
03:33कि बस्तर के वल जंगलों की धरती नहीं
03:37बलकि सम्रिज संस्किति और परंपराओं की धरती है
03:41बंधू इतने वर्ष दस्तर पंडुम दोहजार पत्रीजिस में
03:46इतिहास रचा बस्तर संभा की सभी
03:49अठारह सो पच्छासी ग्राम कल्चाइकों से लगभग
03:5347,000 तलाकारों ने इसमें भाग लिया था
03:57यह आरिजन गुल्डन बुक वो आप वल्स दिकार्ड में दर्ज हुआ
04:02जन जाते नेट, गेट, नाथ, प्रदर्शन, वेश भुषा, आभुषा, शिल्फ, चित्करा, तेपजाथ, जयंजन, आंचलिक साहित और बस्तर की अमुल बन और उस्दियों भी यह बताती है कि बस्तर की संस्कित्ति कितनी जीवनत और सम्रिद है
04:20मंदू एक समय था, जब बस्तर को नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाता था, विकास यहां तक पहुंच नहीं पाता था, लोगों के मुन में भै था, भैस को लेकर अनिस्तिता थी, लेकिन आज मैं पुड़े विश्वास के साथ कर सकता हूँ, कि दर की जगा भरोसे ने मेल
04:50के दिविस अंकल से हमने 31.26 तक नक्सलवाद के संपून उन्मुलन का लक्ष तय किया है, हम उस दिशा में तेजी से आगे बर्भी रहे हैं, आज का वस्तर में बदला साथ दिखाई देता है, जहां कभी गोलियों के आवाद गुनती थी, आज नहां इस्कुल की घंटी ब�
05:20बस्तर सम्हा की अती समेंदन सिल गाओं में पहरी बाग तिरंगा फाराया गया, यह लूप कंत्र उस्वजान की जीत है
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