00:00तो सबसे पहले आपको देखाते हैं पगोडा मंदीर देखी इस तरह का रास्ता है गेट पे टिकट चेक कर रहे थे तो जो दो टिकट था उसमें से एक फाल लिया है एक रखने के लिए बोले हैं कि भाई जब जाना तो आपको काम पड़ेगा तो भाई हम लोग पहुत चुक
00:30के पास बना है यह स्थान अध्यात्मिक सांती ध्यान और बाउध परंपरा से जुड़ा एक प्रसिद्ध परेटन अस्थल है अच्छा यह वाटर किंगडम के पास होने के नाते यहां पे परेटक भी ज़्यादा आते हैं
00:43यह जो बिसाल गुंबद आप देख रहे हो यहां पे हजारों की संख्या में एक साथ लोग ध्यान कर सकते हैं
00:58इस पगोड़ा का निर्मार वर्स 2000 में चल हुआ था और 2009 में आम लोगों के लिए खोल दिया गया था
01:13महाराष्ट के साथ अजूबल में यह सामिल है
01:16यह भाई हम लोग आगे हैं बिलकुल उपर यह मारगवार हाथी के पगोड़ा और यहां से आप देखो इस तरह का सीन हमें देखने को मिल रहा है भाई
01:32और द्वार पे आप देखो तो हाथी एक उधर थी और एक हाथी इधर थी खुड़ा थोड़ा सरीर में पसीनया जैसा हो रहा है आज दोस्तों है 30 जन्वरी 2026 वाम लोग यहां पे आए हैं
01:44यहां पे आप आओगे तो कोई टिकट नहीं लगता फ्री है इंट्री आप आईए फ्री में यहां घूमिए सांत माहोल है आप देखी रहे हो ऐसा इंटरनेट पर पता लगा कि जो मुख्य पगोड़ा है वहां पर गौतम बुद्ध के आवसेश स्थापित हैं
01:58मुख्य प्रिविस बार यह भई देखो अंदर हम लोग आ गए दूस्तों पगोड़ा के अंदर यह आप मुख्य पगोड़ा जो है उसके अंदर का सीन देख रहे हैं यह आप देख रहे हैं कि कितना बड़ा है इसके अंदर लगवक 8,000 लोग 1,7 ध्यान लगा सकते हैं आ�
02:28मुख्य पगोड़ा के अंदर आपने देखा कि कैसे काफी मात्रा में लोग ध्यान लगाए बैठे थे तो यहाँ पे ध्यान के बारी में भी आप ज्यानकारी हासिल कर सकते हैं
Comments