00:00जो लोग ठक गए, विचारे चले गए, लेकिन कभी न कभी उनको जवाब देना पड़ेगा,
00:20कि देश की ऐसी हालत कैसे बना के रखती थी, कि दुनिया कोई देश हमसे डिल करने के लिए आगे नहीं आता था,
00:30आपने कोशिस की होगी, पीछे पीछे पीछे बहुत चक्तल लगाये होंगे, लेकिन किसे ने आपकी दर्ब देखा भी नहीं होगा,
00:38क्या स्थिती ऐसे पैदा था, दुनिया के देश ऐसे ही भारत के साथ दिल नहीं कर रहे हैं, आधनिय सभापती जी,
00:49इसके पीछे, सबसे बढ़ जाते हैं, डेवलप कंट्रीज, एक डेवलपिंग कंट्री के साथ,
01:03अधनिय सभापती जी, यह समसद का उच्छ सदन, यह एक प्रकार से राज्यों का प्रतेनिधीत्व करता है,
01:25और जो छर्चा की बारी के मैंने देखी, मेरा मन करत, कहता है की थोड़ा स्तर इसका उपर होना चुए था,
01:39और वहां से तो ञवे कितने साल तक सरकारों में रहे हैं, वहां से जर्चा का सतर उल्चा होना चुए था,
01:47लेकिन उन्हाने ये मोका भी घवा दिया ये सुन पर कैसे भरोपा कर सके भाए है आदेने सभाबती जी में कल एक मान्य सदस से को सुन रहा था
02:02यूँ तो वो अपने आपको राजा कहलाने में बहुत गर्व करते हैं लेकिन बे आर्थिक असमामता की चर्चा कर रहे थे बताईए जो खुद को राजा माने और वो आर्थिक असमामती बात करे तब को लगता है क्या यही देखने के बागी रहे गए थे क्या
02:25आदर यह सबबत नीजी हमारे टीमसी के साथ होने काफी कुछ कहा जरा खुद को अपने गरेवा में देखे निर्मम सरकार
02:41पतन के जितने भी परामेटर्स हैं उन सब परामेटर्स में नहीने रेकॉर्ड बनाते जा रहे हैं और यहां उपदेश दे रहे हैं
02:54क्या हाल करके रखा हुआ है ऐसी निर्मम सरकार से वहां के लोकों का भविश अंदकार के अंदर डूब रहा है लेकिन उनको कोई परवा नहीं है
03:08सब्ता सूप के सिवाए कोई अकांक्षा नहीं है और वे यहां उपदेश देते हैं
03:14गुस्पेट दुनिया का समुरुद्ध से समुरुद्ध देश भी अपने यहां गैर कानूनी नागरिकों को बहार निकाल रहा है
03:29हमारे देश में गुस्पेटियों को बचाने के लिए अदालतों को तो को प्रिस्ट पदा किया जा रहा है
03:36मेरे देश का नौजवान कैसे ऐसा लोगों को माप करेगा जो गुस्पेटियों की वकालत करने के लिए ताकट लगा रहा है
03:48और गुस्पेठिये मेरे देश के नवजवानों के हक छीन रहे हैं
03:54उनकी रोजी रूटी छीन रहे हैं
03:57आदिवाच्यों की जमीन छीन रहे हैं
04:01बेटे बेटियों के जीदिगी पर खत्रे प्यादा हो रहे हैं
04:06लेकर उनके लिए
04:08महलाव पर अत्याचार होते रहे होते रहे
04:13सत्ता नीति के स्वेख कुछ करना नहीं
04:18और वो यहाँ आपर हमें उपदेश दे रहे
04:22और ऐसे चिंता जनक सभी विशह उपर
04:27आँखे मुंद करके बैठे हुए वो लोग है
04:30एक हमारे मानिय सरदस्या
04:36कापी कुछ बोल रहे थे
04:39जिनकी पूरी सरकार सराब में डूब गई
04:43जिनके स्वेख महज घर घर में नफरता कारण बन गई
04:50और शायदे उनको ब्लैक सर्थ ज़्यादा पसंद है
04:55हर एक अपना अपना एक बुदकाल होता है
04:59पता ने ब्लैक के साथ उनका क्या पुराना रिस्ता है
05:08हदर्णे सभापती जी
05:11ऐसे सभी साथियों से
05:15मैं आज जरूर कहूंगा
05:19तुम कितना दुनिया को धोखा देगे
05:22तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे
05:28हाई ना देख लिया
05:32तो अपनी सच्चाई कहा चिपाओगे
05:38जाप मैं उल जी से वशेगे
06:01जाल जाकôt रहाद़ उनका है
06:04मैं, एतल जाद़फ़न
06:05जान का दूँनिया
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