00:00महोदय जिस
00:01अभी मानिये नेता प्रतिपक्च कर रहे थे
00:06कि गलत करने का
00:08तो गलत करने का तो सारा ठीका इनके जिम्मे था
00:13सारा ठीके दारी तो ये लिए थे महोदय
00:17आज मैं बता दूँ कि जंगल राज के जुबराज
00:20पूरे विहार नहीं देश जानता है
00:24कि जंगल राज का जुबराज कौँ जो लोग तंत्र की हत्या करने वाले के
00:31गोद में बैठ कर
00:33और जंगल राज के जुबराज
00:37लोग तंत्र को पड़िबार तंत्र में
00:42बदलने वाले संबैधानिक संस्था का अपमान करने वाले
00:47और जानवरों के चारा तक चुरा लेने वाले ऐसे मानसिक्ता के लोग उपदेश कता ही नहीं दें
00:56ये महिलाओं के पर्ती चिंतित है जो बेक्ति बारतिय संस्किर्टी और परिवेश का सम्मान नहीं करे
01:07जो अपने घर की बहु बेटी का सम्मान नहीं करे वो विहार के और देश की महिलाओं की वात करे
01:17ये कैसे संभो है विहार की जंता लोग तंत्र में आपको नकार दिया आपके नकारातमक वातों से आपको मुक्त कर दिया
01:31आपको चिंतन करना चाहिए समिक्षा करनी चाहिए कि जंता ने आपके भौकाल को खत्म कर दिया
01:40अब भौकाल से नहीं चलेगी वेबस्ता
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