00:00आपको उस खबर के बारे में बताते हैं जो भारत के चिकन नेक कॉरिडॉर से जुड़ी है
00:03आपको याद होगा कि हाली में बांगला देश के कई कटर पंती नेताओं ने भारत को ये गीदर भपकी भी दी थी
00:09कि वो चिकन ने कॉरिडॉर को बंद करके उतर पूर्फ के राजियों को भारत से अलग कर देंगे
00:15ये गीदर भबकियां भी तब दी जा रही थी जब मुहमद यूनिस ने खुद अक्टूबर दोजार पच्चिस में
00:21पाकस्तान के जॉइंट चीफ अफ स्टाफ कमिटी के ततकाली नध्यक्ष जनरल साहिर शमशाद मर्जा को एक किताब भेट की थी
00:28और ये वही किताब थी जिसके कवर पेज पर बांगलादेश के नक्षे में भारत के उत्तर पूर्फ के राजियों को दिखाया गया था
00:36और सबसे बड़ी बात ये है कि इस चिकनने कोरिडॉर पर लंबे समय से चाइना की भी नजर है
00:41पिछले हफते बांगलादेश और चाइना के बीच एक डिफेंस डील हुई है
00:45जिससे ये तह हुआ है कि चाइना की सरकारी डिफेंस कंपनी बांगलादेश के बोगुरा एर बेस पर एक नई फैक्टरी स्थापित करेगी
00:54और इसी फैक्टरी में चाइना बांगलादेश के लिए लड़ाकु ब्रोन का निर्मान करेगा
00:59और जानते हैं बांगलादेश का ये बोगुरा एर बेस भारत के चिकन नेक कोरिडोर से कितना दूर है
01:05इसकी चिकन नेक कोरिडोर से दूरी सिर्फ 200 किलोमेटर है
01:10जिसके कारण अब चिकन नेक का इलाका और भी समेद अन्शील हो गया है
01:14और इनी सारी बातों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार नेक बहुत बड़ा फाइसला लिया है
01:18और ये तैय किया है कि वो इस पूरे इलाके में एक अंडरग्राउंड रेल नेटवर्क का निर्माड करेगी
01:24अगर आप इस रक्षे को देखेंगे तो पश्चिम बंगाल में चिकन नेक या सिली गुड़ी कोरिडोर वो गलियारा है
01:31जो उत्तर पूर्फ के आठ राजियों को भारत से जोडता है
01:34इस पूरे गलियारे की चोड़ाई सिर्फ 20 किलोमेटर है और लंबाई 60 किलोमेटर
01:39और इसकी सीमा नेपाल और बांगलादेश दोनों से लगती है और आगे जाकर ये उत्तर पूर्फ के राजियों को भारत से जोड़ने का काम करता है
01:46अब भारत के सामने अब तक की सबसे बड़ी चुनौती ये रही है कि अगर किसी कारणवर्ष जमीनी रास्ते से चिकननेक कोरिडॉर बंद हो जाता है
01:56तो ऐसी स्थिती में भारत उतर पूर्फ के राजियों से अपने संपर को कैसे सापिक करेगा
02:02और यही सोचते हुए सरकार ने इस 22 किलोमेटर चुड़े चिकननेक इलाके में जमीन के नीचे अंडरग्राउंड लाइन बिचाने का फैसला किया है
02:10ये रेल लाइन पश्रमंगाल के तिन माइल हाट और रंगा पानी रेल्वे सेशन के बीच 20-24 किलोमेटर की गहराई
02:18हम आफ कीजेगा 20-24 मीटर की गहराई में बनाई जाएगी
02:2120-24 मीटर की गहराई 7-8 मंजला इमारत के बराबर होती है
02:26और हवाई हमलों इसे बचने के लिए बंकर मी लगभग इतनी ही गहराई में बनाए जाते है
02:3229 फ्रंटिय रेल्वे ने इस अंडरग्राउंड रेल लाइन के लिए 10 माइल हाट इलाके को इसलिए चुना है
02:40क्योंकि ये इलाका पश्चिम बंगाल के सिली गुरी से 10 किलोमेटर की दूरी और यहां से बांगलादेश का बॉर्डर भी ज्यादा दूर नहीं है
02:47बांगलादेश के पंचगड जिले की दूरी इस रेल लाइन से सिर्फ 68 किलोमेटर हो सकती है
02:53भारत सरकार ने इस इलाके में अंडरग्राउंड रेल नेटवर्ग बनाने का फैसला बहुत सोच समझ कर लिया है
02:58क्योंकि इस समय चिकन नेक इलाके में जानतर बुन्यादी धाचा जमीन की सतह पर है
03:03जो मिसाइल हमलो या प्राक्रितिक आपदाओं के सामने पूरी तरह खुला है
03:07लेकिन अब जब इस पूरे इलाके में अंडरग्राउंड रेल लाइन का निर्मान हो जाएगा
03:12तब रेल नेटवर्क को हवाई हमलो और ड्रोन हमलो से सुरक्षित रखना आसान होगा
03:16इसके अलावर रेल नेटवर्क भारी सामान को ढोने का सबसे तेज कारगर तरीका होगा
03:21क्योंकि एक मालगाड़ी लगभग 300 ट्रकों के बराबर सामान ढो सकती है
03:26और ऐसे में जब भारत रेल नेटवर्क के जरिये उत्तरपूर्व के राजियों को सप्लाई और सेना को रसत पहुंचाएगा
03:32तो हम काफी हद तक चिकन नेक कॉरिडॉर को सुरक्षित कर लेंगे
03:36सबसे बड़ी बात कि इस रेल कॉरिडॉर के बनने में सेना की आवाजाही एक बार बन गया ये रेल कॉरिडॉर
03:45तो सेना की जो आवाज आही है इंधन की सप्लाई है आम लोगों के लिए आम नागरिकों की जरूरी आपूर्थी के बिना रुके उनको सामान पहुचता रहेगा जारी रहेगा इन सब में मदद मिलेगी और जो दुश्मन अभी ये कहते हैं कि वो चिकन ने कॉरिडॉर को बन
04:15इसके लावा यूतो और संगर्ष की स्थिती में ये आंडरग्राउंड रेल नेटवर्क भारत के काफी काम आएगा क्योंकि इस तरह के आंडरग्राउंड रेल नेटवर्क को बहुत तक पहुचना बहुत मुश्किल होता है और इससे हम दुश्मन के खलाफ एक अडवां�
04:45स्थिती में चीनी सेना को रंडितिक गहरा ये स्ट्टीजिक डेप्थ हासिल है और इसलिए किसी भी संकट की स्थिती में ये कॉरिडॉर कई दिशाओं से दबाव छेल सकता है अला कि भारत भी यहां हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठा
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